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‘प्रधानमंत्री’ शब्द से ज्यादा ताकतवर ‘कार्यकर्ता’ शब्द : नरेंद्र मोदी

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‘प्रधानमंत्री’ शब्द से ज्यादा ताकतवर ‘कार्यकर्ता’ शब्द : मोदी मोदी ने कार्यकत्र्ताओं को बांटा ३-३ माह का बोनस http://loktej.com/2014/06/02/prime-more-powerful-than-the-word-worker-words-modi/ नई आशा के लिए लोगों ने चुनी नई सरकार: नई दिल्ली। विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में मेहनत करने वाले भाजपा कर्मचारियों के लिए अच्छे दिन आ गए है। बंपर जीत की खुशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रविवार को उन्हें ३-३ महीने का बोनस मिला। पीएम बनने के बाद पहली बार पार्टी मुख्यालय पहुंचे मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से पहले मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं। प्रधानमंत्री पांच अक्षर वाला शब्द है जबकि कार्यकर्ता ४ अक्षरों वाला, लेकिन ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से ज्यादा ताकतवर ‘कार्यकर्ता’ शब्द हैं। -कार्यकर्ताओं की मेहनत से बना पीएम कार्यकर्ताओं की मेहनत के चलते ही मैं प्रधानमंत्री बना। मैं कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करता हूं। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने पू्र्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से की। उन्होंने कहा कि जब अटलजी प्रधानमंत्री बने थे तो मैंने उनसे कहा था वो प

कांग्रेस की हार का कारण : शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से मिलना - कांग्रेस सांसद मौलाना असरारुल हक

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सोनिया-बुखारी की मुलाकात से हुई दुर्गतिः मौलाना हक हार को लेकर सोनिया पर सवाल टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Jun 2, 2014 नई दिल्ली/मुंबई लोकसभा चुनाव में करारी हार पर राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भी पार्टी के अंदर विरोध के सुर सुनाई देने लगे हैं। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मौलाना असरारुल हक ने चुनाव के दौरान सोनिया गांधी के जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से मिलने को पार्टी की हार का एक बड़ा कारण बताया है। हक के मुताबिक सोनिया गांधी को यह नहीं करना चाहिए था। काग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा, 'मैं हमेशा से इमाम बुखारी को सांप्रदायिक विचारधारा का व्यक्ति मानता रहा हूं, क्योंकि उन्होंने 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी के पक्ष में फतवा दिया था। मैं उन्हें सेक्युलर शख्स नहीं मानता हूं।' ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर और बिहार से दो बार के सांसद हक ने हमारे सहयोगी अखबार 'इकनॉमिक टाइम्स' से कहा, 'सोनिया गांधी को चुनाव से पहले शाही इमाम से नहीं मिलना चाहिए था। इसका मतदाताओं तक गलत संदेश गया।' बकौल ह