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रेल्वे और देश को डुबानें वालों से सावधान

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रेल्वे और देश को डुबानें वालों से सावधान  देश बचाने वालों के साथ चलो । कांग्रसे ने देश के 200 से ज्यादा सार्वजनिक उपक्रम डुबा दिये, राज्यों में बिजली बोर्ड डूब गये, रोडबेजों के निगम डूब गये । अब पिछले दस साल से रेल्वे डूब रही है। रेल लाईने ं डल नहीं पा रहीं, नये रेल रूट बन नहीं पा रहे, यात्री रेलगाडियां पर्याप्त हैं नहीं । आखिर इसे बचाना और फिर से खडा करना तो पडेगा ही ! लालू प्रसाद ने पहले बिहार निंबटाया, फिर रेल्वे को निंवटाया और इसके बाद कांग्रेस को निबंटा दिया ! रेल्वे को भी न्याय मिले ! लालू प्रसाद यादव, नितिष कुमार और ममता बनर्जी ने रेल्वे इस तरह नुकसान पहुचाया कि मानों इनकी मिल्कियत का माल हो। आज रेल्वे की हजारो योजनाओं को पूरा करने के लिये धन नहीं है। क्यों कि सस्ती लोकप्रियता के लिये लगातार किराया नहीं बढ़ाया गया , जबकि हर चीज दिन दूनी रात चैगुनी मंहगी होती चली गई । रेल्वे टी बी का मरीज बन कर रह गई। इसे यदि बचाना है तो वाजिव किराया दिया जाना चाहिये। बस में हम 200 रूपये देने तैयार हैं और रेल्वे को 100 रूपये भी न देना नाइंसाफी नहीं जो क्या है। -------------- जानि‍ए वो 7