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जुलाई 9, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नेशनल हेराल्ड केस:सोनिया, राहुल गांधी को कोर्ट ने समन जारी

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नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया, राहुल गांधी की पेशी पी7 ब्‍यूरो/नई दिल्‍ली 09 July 2014 http://www.p7news.tv हेराल्ड नेशनल अखबार मामले में पटियाला कोर्ट में बुधवार को सुनवाई है। इस मामले में कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को समन जारी किया है। अगर मामला साबित होता है तो कांग्रेस को चंदे पर मिलने वाली आयकर छूट से वंचित किया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी और ऑस्कर फर्नांडिज इस मामले में कोर्ट में आज पेश हो सकते है। बता दें कि इस मामले में 26 जून को कोर्ट ने समन दिया था, जबकि विपक्ष इस मामले मे सत्ता पक्ष पर बदले की राजनीति का आरोप लगा रहा है। क्‍या है मामला कांग्रेस ने नवंबर 2012 में एसोसिएट जर्नल को 90 करोड़ रुपये का ब्याज रहित कर्ज दिया था और नियमों के मुताबिक राजनैतिक पार्टी इस तरह का कर्ज नहीं दे सकती। हालांकि इस मामले में कांग्रेस ने कहा है कि कर्ज सभी कानूनों का पालन करते हुए दिया गया है। कांग्रेस को राजनैतिक पार्टी होने के नाते चंदे पर आयकर से छूट प्राप्त है। लेकिन आरोप है कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएट जर्नल को 90 करोड

महंगाई पर चर्चा : राहुल की आँखें बंद

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राहुल गांधी का उंघना , सोना या आँखें बंद करना गलत नहीं हे , क्यों की उनकी सरकार ने आलू चीनी और चावल सहित लाखों टन खाद्द्य वस्तुओं का निर्यात किया था ताकी मंहगाई बनी रहे ! जब तक नई फसल नहीं आये तब तक के लिए ये महंगाई का इंतजाम करके गए हैं । कोई इनकी पोल नहीं खोल दे इस लिए आँखें बंद किये हुए थे । महंगाई पर चर्चा के दौरान ऊंघ रहे थे राहुल Date:Wednesday,Jul 09,2014 नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। विपक्ष के जोरदार हंगामे के बाद जब लोकसभा में महंगाई पर चर्चा चल रही थी, उस समय कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ऊंघ रहे थे। यह वाकया उस वक्त हुआ जब सांसद महंगाई पर वक्तव्य दे रहे थे। यह वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल होने के बाद भाजपा ने जब इस पर तंज कसा तो कांग्रेस भड़क। महंगाई पर चर्चा के दौरान जब माकपा के सांसद पी. करुणाकरण बोल रहे थे तो ठीक उनके पीछे ऊंघते हुए राहुल गांधी कैमरे में कैद हो गए। सोशल साइट्स पर फैले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ देर बाद उनकी आंख खुलती है तो वह बहुत सुस्त हैं और उबासी ले रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने मौका न गंवाते हुए कहा कि

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, राजनीतिक सफर...

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बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने अमित शाह आईबीएन-7 | Jul 09, 2014 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खासमखास अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। बीजेपी दफ्तर में हुई पार्टी की संसदीय दल की बैठक में सर्वसम्मति से अमित शाह के नाम पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई बड़े नेता मंच पर आए और राजनाथ सिंह ने अमित शाह को पार्टी का अध्यक्ष बनाए जाने का ऐलान किया। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और दूसरे नेता मौजूद थे। सबने मिठाई खिलाकर अमित शाह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की बधाई दी। डेढ़ साल के लिए बनेंगे अध्यक्ष! हाल के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी मिली चमत्कारिक सफलता का श्रेय पार्टी प्रभारी रहे अमित शाह को ही दिया जाता है। अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खास सिपहसालार हैं जिन्होंने लोकसभा चुनाव में यूपी को पूरी तरह भगवा रंग में रंग डाला। पार्टी ने भी इनाम के तौर पर उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। हांलाकि जेपी नेड्डा और ओ.पी.माथुर जैसे दिग्गजो

नई करवट ले रहा है अपना राष्ट्र - पाथेयकण

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नई करवट ले रहा है अपना राष्ट्र - पाथेयकण केन्द्र में नई सरकार बन भी गई है और उसने काम भी शुरू कर दिया है। पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं, उसी प्रकार नई सरकार भी जनता के उसमें जताये विश्वास पर खरी उतरती दिखाई पड़ रही है। भारत का इतिहास एक नई करवट लेता दृष्टिगोचर हो रहा है। परिणामस्वरूप लोगों में उत्साह, आत्मविश्वास और सामर्थ्य प्रकट होता दिख रहा है। यूं तो परिवर्तन की हवा काफी पहले से चल रही थी लेकिन चुनाव परिणामोें ने इसे नई गति प्रदान कर दी । चुनाव परिणाम रहे भी ऐतिहासिक और उत्साहवर्द्धक। कई कीर्तिमान इस बार बने। पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी दल को लोकसभा में पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ । भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार अखिल भारतीय स्वरूप प्रकट किया। कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामरूप तक भाजपा ने उपस्थिति दर्ज की। सुदूर उत्तर में लद्‌दाख लोकसभा सीट से भाजपा का प्रत्याशी विजयी हुआ हैतो धुर दक्षिण में कन्याकुमारी में भी भगवा परचम फहरा है। पश्चिम में गुजरात में सभी 26 सीटें भाजपा की झोली में गई हैंतो एक एकदम पूर्व में अरुणाचल प्रदेश में भी दो में से एक सांसद भाजपा का बना है।

गुरु पूर्णिमा : गुरु के बिना, राष्ट्र धर्म भी नहीं : तरुण विजय

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गुरु पूर्णिमा गुरु के बिना राष्ट्र धर्म भी नहीं : तरुण विजय तारीख: 05 Jul 2014 http://panchjanya.com मगध  के छिन्न-भिन्न हो रहे साम्राज्य को कौन बचाता अगर चन्द्रगुप्त के चाणक्य ना होते? बर्बर मुस्लिम आक्रमणकारियों से हिन्दू राष्ट्र की रक्षा कौन करता अगर छत्रपति शिवाजी के समर्थ गुरु रामदास ना होते? गुरू गोदिं सिंह का खलसा पंथ कैसे सिरजा जाता तथा भारत और समाज की रक्षा कैसे होती अगर गुरु ग्रंथ साहिब की अमर बाणी ना होती? वर्तमान भारतवर्ष की पराधीनता की बेडि़यां तोड़कर स्वतंत्रता और हिन्दू स्वाभिमान की क्रांति कैसे प्रारंभ होती अगर डा. हेडगेवार के साथ भगवा ध्वज की शाश्वत बलिदानी परम्परा का गुरु-बल ना होता? भारत के प्राण सभ्यतामूलक संस्थाओं में बसे हैं। माता, पिता और गुरु-ये वे संस्थान हैं जिन्होंने इस देश की हवा, पानी और मिट्टी को बचाया। रामचरित मानस में श्रीराम के बाल्यकाल के गुणों में सबसे प्रमुख है मात-पिता गुरु नाविही माथा। वे माता-पिता और गुरु के आदेश से बंधे थे और जो भी धर्म तथा देश के हित में हो वही आदेश उन्हें माता-पिता और गुरु से प्राप्त होता था। जब वे किशोरवय

संघ साधना : परम गुरु : परम पवित्र भगवाध्वज

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संघ साधना में गुरु का महत्व - पृथ्वी सिंह"चित्तौड़" (श्री गुरु पूर्णिमा 12 july 2014 पर विशेष, स्वयंसेवक बंधुओं से निवेदन है इसका पूरा अध्ययन करें) रामराज्य अर्थात इस भारत भूमि के परम वैभव की साधना में लीन कर्मयोगियों के लिये साधना अनुरूप मार्गदर्शन की समय समय पर आवश्यकता पडती हैं ।इस अनिवार्य आवश्यकता को ध्यान में रख कर प.पू.डा.हेडगेवारजी (संघ rss संस्थापक) ने परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु रूप में हम सभी के समक्ष रखा । संघ कार्य में गुरु के महत्व पर आज कुछ विचार करें । ॐ गुरु के महत्व पर संत शिरोमणि तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा है – गुर बिनु भवनिधि तरइ न कोई। जों बिरंचि संकर सम होई।। भले ही कोई ब्रह्मा, शंकर के समान क्यों न हो, वह गुरु के बिना भव सागर पार नहीं कर सकता। धरती के आरंभ से ही गुरु की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला गया है। वेदों, उपनिषदों, पुराणों, रामायण, गीता, गुरुग्रन्थ साहिब आदि सभी धर्मग्रन्थों एवं सभी महान संतों द्वारा गुरु की महिमा का गुणगान किया गया है। गुरु और भगवान में कोई अन्तर नहीं है। संत शिरोमणि तुलसीदास जी रा