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राजस्थान में पालिका वार्डों का पुर्न गठन

राजस्थान में पालिका वार्डों का पुर्न गठन  स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देश के अनुसार वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर चुनाव से पूर्व वार्डों का पुर्नगठन किया जाएगा। 2011 में पुष्कर की जनसंख्या 21, 626 थी। नतीजतन पुष्कर में मौजूदा 17 वार्डों को बढ़ा कर 20 किए जाएंगे। मालूम हो कि 2011 में ग्राम पंचायत देवनगर के अधीनस्थ गांव कानस, नेडलिया, डांग पालिका सीमा में शामिल थे तथा 20 वार्ड किए गए थे। इन्हें ग्रामीणों के विरोध के चलते वर्ष 2013 में पालिका सीमा से वापस बाहर कर दिया गया था। इस कारण पालिका के 20 में से 3 वार्डो का अस्तित्व समाप्त हो गया तथा वर्तमान में 17 वार्ड अस्तिव में है। गत विधानसभा लोकसभा चुनाव में भी पालिका के 17 वार्डों के अनुसार मतदान हुआ था। जुलाई तक करना होगा वार्डों का गठन : स्वायत्त शासन विभाग के उप शासन सचिव द्वारा घोषित किए गए कार्यक्रम के अनुसार वार्ड गठन 30 जून से 19 जुलाई तक किया जाएगा। इसके तत्काल बाद वार्ड गठन का प्रकाशन, परिसीमांकन, आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। इसके के लिए 20 से 30 जुलाई निर्धारित की गई है। इसी अवधि के दौरान जिला कलेक्टर क

सौ से ज्यादा जरूरी दवाएं सस्ती होंगी

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व्यापारिक क्षैत्र में कब कहां उपभोक्ता से लूट कर ली जाये, इसकी पूरी स्वतंत्रता है। इनकी राजनीति पर भारी पकड भी है। इस कारण अभी तक न तो मुनाफे की उच्चतम सीमा तय है और नही स्टाक की उच्चतम सीमा तय है। इसका फायदा उठा कर हर तरफ लूट का साम्राज्य बना हुआ हे। इस मामले में राज्य सरकारें अधिक दोषी हैं उनको कोई चिन्ता ही नहीं है। केंद्र का प्रयास सराहनीय है किन्तु राज्य सरकारों को भी अपनी जिम्मेवारी निभानी चाहिए ।  सौ से ज्यादा जरूरी दवाएं होंगी सस्ती Date:Monday,Jul 14,2014  नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। हृदय रोग और मधुमेह सहित कई गंभीर बीमारियों की दवाएं अब सस्ती हो जाएंगी। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 108 और दवाओं का अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर दिया है। ये दवाएं आवश्यक औषधि सूची (ईएलएम) में शामिल नहीं हैं। दवा कंपनियों ने इसे दवा उद्योग का गला घोटने वाला कदम बताया है। एनपीपीए ने औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) 2013 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अब उन दवाओं की भी अधिकतम कीमत तय कर दी है जो आवश्यक औषधि सूची में शामिल नहीं रही हैं। इसने बीते बृहस्पति

87 हजार श्रद्धालुओं ने किया नीलकंठ में जलाभिषेक

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नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश Neelkanth Mahadev Temple  नीलकंठ महादेव मंदिर temple dedicated to Nilkanth (Lord Shiva).The temple is situated at 32 kms from Rishikesh नीलकंठ महादेव मंदिर- लगभग 5500 फीट की ऊंचाई पर स्वर्ग आश्रम की पहाड़ी की चोटी पर नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इसी स्थान पर समुद्र मंथन से निकला विष ग्रहण किया गया था। विषपान के बाद विष के प्रभाव के से उनका गला नीला पड़ गया था और उन्हें नीलकंठ नाम से जाना गया था। मंदिर परिसर में पानी का एक झरना है जहां भक्तगण मंदिर के दर्शन करने से पहले स्थान करते हैं। 87 हजार श्रद्धालुओं ने किया नीलकंठ में जलाभिषेक Date:Monday,Jul 14,2014 जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : श्रावण मास के पहले सोमवार को नीलकंठ महादेव मंदिर में रात्रि 10 बजे तक 87 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। पंचक काल को देखते हुए देर रात मंदिर से भीड़ छंट गई थी। सोमवार से श्रावण मास की नीलकंठ यात्रा का शुभारंभ हुआ। बीती रात से ही कांवड़ियों का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। भगवान महादेव के विशेष श्रृंगार के बाद रात्रि 12 बजे सोमवार लग