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कुछ बाजारू लोग सीना तानकर चुनाव सर्वे करा रहे हैं - नरेंद्र मोदी

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                           दिल्ली चुनाव में मोदी की आखिरी रैली, कहा- झूठे साबित होंगे सभी सर्वे प्रेषित Wed, Feb 4th, 2015 नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार पूरे जोरों पर है. बीजेपी की ओर से नरेंद्र मोदी ने चुनावों से पहले अपने आखिरी रैली यहां के अंबेडकर नगर में संबोधित की. मोदी ने अपने संबोधन के शुरूआत में सभा में मौजूद सभी लोगों का अभिवादन किया. इस दौरान मोदी ने बीजेपी के खिलाफ आ रहे चुनावी सर्वे पर जमकर हमला बोला. कुछ बाजारू लोग सीना तानकर चुनाव सर्वे करा रहे हैं. लोकसभा चुनावों में भी ऐसा हुआ था, लेकिन नतीजे सभी ने देखे थे. बनारस में भी ऐसे सर्वे आए थे कि मोदी बुरी तरह हारेगा. ये लोग पता नहीं कौन है जो ये सर्वे कराते हैं. भारत में राजनेताओं की कमी नहीं है. जो लोग खुद को सर्वे में 50 सीटें देते थे उन्हें चुनावों के नतीजों में केवल 28 सीटें मिली हैं. जनता बहुत समझदार है और झूठे वादे जनता को रास नहीं आते. जो लोग खुद को इमानदार बताते हैं उनका कच्चा चिट्ठा लोगों के सामने खुल गया है. ऐसे लोगों को खासतौर से दिल्ली की जनता जान चुकी है. उन्होंने कहा, लोकसभा चुनावों मे

लोकतंत्र के पहरुओं ने दाव पर लगाया सब कुछ

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लोकतंत्र के पहरुओं ने दाव पर लगाया सब कुछ तारीख: 21 Jun 2014 प्रस्तुति : अनिल सौमित्र आपातकाल में जेल गए पत्रकार- केवल रतन मलकानी,कुलदीप नैयर,दीनानाथ मिश्र,वीरेन्द्र कपूर व विक्रमराव प्रमुख। 50 पत्रकारों की गई नौकरी। 100 से अधिक बड़े नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी,जिनमें जयप्रकाश नारायण, विजयाराजे सिंधिया, राजनारायण, मुरारजी देसाई, चरण सिंह कृपलानी,अटल विहारी वाजपेयी,एल.के. आडवाणी,सत्येन्द्र नारायण सिन्हा, जार्ज फर्नांडीस,मधु लिमये,ज्योतिर्मय बसु,समर गुहा एवं चन्द्रशेखर प्रमुख थे। आज भले ही मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने मीसाबंदी सम्मान निधि का प्रावधान कर अन्य राज्य सरकारों के लिए अनुकरणीय प्रयास किया हो, लेकिन आपातकाल की त्रासद यादें आज भी दिल में रह रहकर शुल चुभाती रहती हैं। दमन, अपमान और प्रताड़ना की यादें भुलाये नहीं भूलतीं। अनुशासन के नाम पर कांग्रेस ने स्वराज्य और लोकतंत्र का गला घोंटा था। ऐसे में देश भर में आजादी, स्वराज्य और लोकतंत्र के पहरुये आगे आये। उन्होंने लोकतंत्र की पहरेदारी की, अपना सबकुछ दांव पर लगा कर। मध्यप्रदेश में आपातकाल का विरोध करने वाले बड़े-बड़े नाम