पोस्ट

फ़रवरी 18, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारत सरकार ने डिजीटल लॉकर लांच किया

इमेज
लिंक http://digitallocker.gov.in/ प्रिय साथियों   अब आपको अपने जरूरी दस्तावेज साथ लेकर घूमने की जरूरत नही है। इसके लिए सरकार ने डिजीटल लॉकर लांच कर दिया है। जहां आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिnक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं। यह सुविधा पाने के लिए बस आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए। आधार का नंबर फीड कर आप डिजीटल लॉकर अकाउंट खोल सकते हैं। इस सुविधा की खास बात ये है कि एक बार लॉकर में अपने दस्तावेज अपलोड करने के बाद आपको कहीं भी अपने सर्टिफिकेट की मूल कॉपी देने की जरूरत नहीं होगा। इसके लिए आपके डिजीटल लॉकर का लिंक ही काफी होगा। डिजिटल लॉकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का अहम हिस्सा है। डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (डीईआईटीवाई) ने डिजिटल लॉकर का बीटा वर्जन लॉन्च किया है। कैसे मिलेगा डिजीटल लॉकर डिजीटल लॉकर को खोलने के लिए आपको http://digitallocker.gov.in/ वेबसाइट पर जाकर अपनी आईडी बनानी होगी। आईडी बनाने के लिए आपको अपना आधार कार्ड नंबर से लॉगिन करना होगा। लॉगिन होने के बाद आ

स्वामी रामकृष्ण परमहंस - सुरेन्द्र दुबे

इमेज
                                                स्वामी रामकृष्ण परमहंस - सुरेन्द्र दुबे  साभार  http://hindi.webdunia.com एक मनुष्य जिसने भाषण और वक्तव्य दिए बिना, सभा-सम्मेलनों में शास्त्रार्थ किए बिना, केवल अपने आचरण और अपनी अनुभूतियों के बल पर सिद्ध कर दिया कि हिन्दुत्व का केवल वेद-उपनिषद् वाला ही नहीं बल्कि वह रूप भी पूर्ण सत्य है जिसका आख्यान पुराणों व संतों की जीवनियों में मिलता है। उसने हिन्दुत्व की रक्षा अन्य धर्मों को पछाड़कर नहीं, प्रत्युत उन्हें अपना बनाकर की। हिन्दुत्व, इस्लाम और ईसाइयत पर उसकी श्रद्धा एक समान थी। ऐसा इसलिए क्योंकि उसने बारी-बारी से सबकी साधना करके एक ही परम-सत्य का साक्षात्कार किया था। साथ ही नरेन्द्र नामक एक नौजवान को स्वामी विवेकानंद बनाकर विश्वमंच पर प्रकाशित करने का पुरुषार्थ कर दिखाया। इसी गुण की वजह से उनके जीवन-काल में ही उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैल गई। फलस्वरूप मैक्समूलर और रोम्यां रोला जैसे सुप्रसिद्ध पाश्चात्य विद्वानों ने उनकी जीवनी लिखकर स्वयं को धन्य कर लिया। गदाधर से सनातन परंपरा की साक्षात प्रतिमूर्ति रामकृष्ण परमहंस बनने तक की सा