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प्रताप महान, अकबर नहीं : विश्लेषण

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राजनाथ ने कहा- इतिहास ठीक होना चाहिए, अकबर महान थे तो महाराणा प्रताप क्यों नहीं? aajtak.in [Edited By: रोहित गुप्ता] | जयपुर, 18 मई 2015 | केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें अकबर को महान कहने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन यह बात उनकी समझ से परे है कि महाराणा प्रताप को महान कहने में क्या आपत्ति हो सकती है. राजस्थान के प्रतापगढ़ में महाराणा प्रताप की एक मूर्ति का अनावरण करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इतिहास को ठीक किया जाना चाहिए. CBSE के कोर्स में कराएंगे महाराणा की गाथा शामिल राजनाथ सिंह ने महाराणा प्रताप को महान बताते हुए कहा कि वह मानव संसाधन मंत्री से महाराणा प्रताप की गाथा को सीबीएसई के पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए आग्रह करेंगे. उन्होंने कहा, मैं यह मानता हूं कि महाराणा प्रताप भी महान थे और महाराणा प्रताप की चर्चा होने पर तुरंत मेवाड की धरती का स्मरण आ जाता है. महारणा प्रताप की जीवनी को विस्तार में पढाने के संबंध में राजस्थान सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सरकार भी महाराणा प्रताप की गाथा को केवल भारत में नहीं पूरे विश्व में पह

जड़ से काटने वाली 'शिक्षा' : अरुण कुमार सिंह

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जड़ से काटने वाली 'शिक्षा' :  अरुण कुमार सिंह देश की राजधानी दिल्ली सहित पूरे भारत में कुछ मजहबी और गैर-सरकारी संगठन अपने विद्यालयों में भारत की सदियों पुरानी संस्कृति के विरुद्ध शिक्षा देते हैं और अपनी-अपनी संस्कृति को सबसे श्रेष्ठ बताते हैं। इस एजेंडा आधारित शिक्षा का उद्देश्य होता है अपने अनुयायियों की संख्या बढ़ाना, अपने मजहब का प्रचार-प्रसार करना और अपनी संस्कृति को ही सबसे श्रेष्ठ बताना। इसके लिए बच्चों को पहली कक्षा से ही सम्प्रदाय विशेष की बातें पढ़ाई जाने लगती हैं। इससे बच्चे दूसरे सम्प्रदाय के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित हो जाते हैं। उम्र के साथ उनका यह पूर्वाग्रह और दृढ़ होता जाता है। वे यह मानकर चलने लगते हैं कि उनका अपना ही मजहब ठीक है, उनकी अपनी ही संस्कृति अच्छी है और बाकी बेकार। पूर्वोत्तर भारत में ईसाई मिशनरियों ने शिक्षा के नाम पर  ऐसा जाल बिछाया कि इस क्षेत्र के तीन राज्य (नागालैण्ड, मिजोरम और मेघालय) पूरी तरह ईसाई-बहुल हो चुके हैं। बाकी राज्यों में भी ये मिशनरियां बड़े जोर-शोर से इसी उद्देश्य की प्राप्ति में लगी हैं।  समाजसेवी भूषणलाल पाराशर, जो पूर्व

उप राष्ट्रपति बताएं, कौन-सा भेदभाव दूर करना है ... ?

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उप राष्ट्रपति बताएं, कौन-सा भेदभाव दूर करना होगा ? लोकेन्द्र सिंह  Source: न्यूज़ भारती हिंदी उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुशावरत के स्वर्ण जयंती समारोह से मुसलमानों को लेकर केन्द्र सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि सबका साथ-सबका विकास अच्छा, लेकिन सरकार को मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव को दूर करना चाहिए। मुसलमानों का भरोसा जीतने के लिए सरकार उन गलतियों को जल्द सुधारे, जो सरकार या उसके एजेंटों ने की हैं। किसी सांप्रदायिक राजनेता की तरह उप राष्ट्रपति ने सरकार को मुस्लिम आबादी की भी धौंस देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि देश की आबादी में 14 फीसदी से अधिक मुसलमान हैं, सरकार उनकी अनदेखी न करे। भारत के उप राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर बैठे हामिद अंसारी के बयान को लेकर सियासी और सामाजिक विरोध शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रवादी सामाजिक संगठन उप राष्ट्रपति के बयान को असंवैधानिक तथा सांप्रदायिक बताया है। मुस्लिम राजनीति करनेवाले दल, कांग्रेस और वामपंथी सहित अन्य पार्टियां उनका समर्थन भी कर रही हैं। बहरहाल, हिन्दू और मुस्लिम, दोनों की भा