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नेहरू के समाजवाद से चरमराया भारतीय उद्योग - सतीश पेडणेकर

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नेहरू के समाजवाद से चरमराया भारतीय उद्योग - सतीश पेडणेकर हमारे देश में चीनी सामान जिस तेजी के साथ अपनी पकड़ बढ़ाता जा रहा है वह हैरान करने वाली है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग में इस्तेमाल हुई चटाइयां चीनी ही थीं। चीन का सामान बाजार में जितनी आसानी से उपलब्ध है उतनी आसानी से तो भारतीय सामान भी उपलब्ध  नहीं है। पिछली दीपावली पर अपने एक पड़ोसी के घर जाना हुआ। वे बहुत भक्तिभाव से और शास्त्रोक्त पद्धति से लक्ष्मी पूजन करते हैं। लेकिन उनके घर जाकर मैं हक्का-बक्का रह गया। सारे धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजन करने वाले हमारे इन पड़ोसी महाशय के यहां जिन लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमाओं का पूजन हो रहा था वे चीन में बनी थीं। उन्होंने पूजास्थल के आसपास जो छोटे बल्बों की माला लगाई थी वह भी चीन में बनी थी। हमारे देसी भारतीय त्योहारों पर चीन में बनी मूर्तियों का प्रचलन मेरे लिए एक भावनात्मक सदमा था, लेकिन इसमें कोई नई बात नहीं थी। हम भारतीय अपने त्योहारों को चीनी सामान के साथ मनाने के आदी होते जा रहे हैं। दीपावली पर हमें लक्ष्मी की मूर्ति, राखी के त्योहार पर चीन में बनी राख