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सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों को जैनरिक से परहेज क्यों ?

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जैनरिक से परहेज, ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं डॉक्टर Bhaskar News NetworkJun 10, 2015 http://www.bhaskar.com जिला अस्पताल में दवाओं के नाम पर मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की पर्ची पर दवा का सॉल्ट लिखा होना चाहिए। दवा का ब्रांड नेम नहीं लिखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज लगातार गरीब मरीजों को बेहतर सुविधा दिलाने का दावा करते हैं। लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीजों को महंगे ब्रांड की दवा लिखने की रस्म शुरू कर दी है। पैसों के अभाव में लोग सुबह सात बजे से ही सामान्य अस्पताल में लाइन में लग जाते हैं। इसके बाद आठ बजे रजिस्ट्रेशन कराने के बाद डॉक्टर को दिखाते हैं। लेकिन डॉक्टर जैनरिक दवाओं के स्थान पर ब्रांडेड दवाएं लिखते हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। दैनिक भास्कर ने सुबह 8 बजे से 11 बजे तक करीब 50 मरीजों के पर्चे चेक किए। इनपर डॉक्टरों ने मरीजों को दवा का सॉल्ट लिखकर दवा का ब्रांड नाम लिखा था। इसमें भी करीब 90 प्रतिशत दवाएं मरीज को बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। नहींहै सस्ता इलाज : रामनगर निवासी प्रभा जैन न