पोस्ट

जनवरी 22, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जाग्रत सरकार , जाग्रत भारत : सन् 2015 नरेन्द्र मोदी:

इमेज
सन् 2015 नरेन्द्र मोदी:  जाग्रत सरकार , जाग्रत भारत  लेखक - अरविन्द सिसोदिया       भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद संभालते ही देश को स्वाभिमान से भर दिया और बहुत कुछ इस तरह का सकारात्मक हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ था । मगर फिर भी मुझे नहीं लगता कि भारतीय विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के लिये 2015 में बहुत कुछ खोज पायेगा। क्यों कि हमारी देखने की दृष्टि राष्ट्रहित न होकर पार्टीहित मात्र रह गयी। धर्मराज युधिष्टर ने एक बार भीम से कहा था हम घर में पांच पाण्डव और 100 कौरव हैं मगर दूसरे के लिये हम 105 भाई हैं। यह भाव भारतीय राजनीती में वर्षों से देखने में नहीं मिल रहा है। शत्रुता का भी एक अनुशासन होता है। किन्तु भारत में मीर जाफर और जयचंद जैसी वैचारिक सोच निरंतर बनी हुई है। जिसका फायदा बाहरी देश और हमलावर हमेशा उठाते आये हैं। अंग्रेज भी देश उन हाथों में सौंप कर गये थे, जो हमेशा ब्रिटिश क्राउन के नीचे कॉमनवेल्थ संघ में रहे अर्थात राष्ट्रीय स्वाभिमान के बजाये विदेशीयों को परमेश्वर मानने वाले तत्वों की भूमिका तब से अभी तक भी बनी हुई हैं।      यह मोदी की सफलता है कि उन्होने दुन