पोस्ट

जनवरी 31, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आखिरी ओवर : युवराज और रैना ने पलटा मैच : ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर क्लीन स्वीप

चित्र
आखिरी ओवर : युवराज और रैना ने पलटा मैच : 140 साल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर क्लीन स्वीप खेल डेस्क.  तीसरे और आखिरी टी-20 मैच में जीत के लिए 198 रनों के टारगेट का पीछा कर रही टीम इंडिया के सामने आखिरी ओवर में 17 रन बनाने का चैलेंज था। 19th ओवर की आखिरी बॉल पर युवराज ने एक रन ले लिया। इसका मतलब था कि 20th ओवर की पहली बॉल वही खेलेंगे। युवराज के सामने ऑस्ट्रेलिया के बॉलर टाई थे। युवी ने पहली दो बॉल्स पर 10 रन बनाकर मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया। रैना ने आखिरी बॉल पर चौका मारते हुए अपनी टीम को जीत दिला दी।   इस तरह   भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से हराते हुए सीरीज3-0 से जीत ली। 20वें ओवर में ऐसे बने रन ... पहली बॉल - इंडियन इनिंग के 19 वें ओवर में सिर्फ 5 रन बने थे। युवराज कई शॉट्स मिस टाइम कर रहे थे। इससे युवराज पर प्रेशर था। - 20 वें ओवर की पहली बॉल पर स्ट्राइक युवी के पास थी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से बॉलर टाई ने युवराज के पैड्स की तरफ लेंथ बॉल फेंकी। युवी ने फाइन लेग के ऊपर से फ्लिक करते हुए बॉल को बाउंड्री के बाहर भेज दिया। दूसरी बॉल - टाई न

दुनिया में चमक रहा है भारतीय मेधा का सितारा : शेषाद्रि चारी

चित्र
दुनिया में चमक रहा है भारतीय मेधा का सितारा तारीख: 04 Jan 2016 शेषाद्रि चारी (लेखक आर्गेनाइजर साप्ताहिक के पूर्व संपादक और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं।) भारत की विदेश नीति में अनिवासी भारतीयों की एक बड़ी भूमिका है, ठीक वैसे ही जैसी चीन में आधुनिक औद्योगिक समाज बनाने में अनिवासी चीनियों की, इस्रायल के संदर्भ में अमरीका और पश्चिमी यूरोपीय नीतियों में अनिवासी यहूदियों की भूमिका है। आज संगठित अनिवासी समूहों की नीति प्रक्रिया में प्रमुख भागीदारों के नाते भूमिका एकाएक बढ़ गई है। पश्चिम में इस प्रकिया से एकदम विपरीत, एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में अनिवासी भारतीयों का दखल सांस्कृतिक संवाद और सामाजिक-व्यावसायिक आदान-प्रदान के नाते रहा है। अनिवासियों में नस्लीय, राष्ट्रीय, पांथिक और जातीय समूह शामिल हो सकते हैं। इसमें संदेह नहीं कि अनिवासी भारतीय समाज अब खुद को अपने मूल देश यानी भारत में घटने वाली घटनाओं से जुड़ा महसूस करता है। इस देश में किसी वक्त जरूरत पड़ने पर यह समूह राजनीतिक रूप से सक्रिय हो सकता है। बीते कुछ वर्षों के दौरान अनिवासी समाज पूरी दुनिया में एक ताकतवर