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आतंकवादी की बरसी बनाम मौलिक कर्तव्य Fundamental Duties

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- अरविन्द सिसोदिया, जिला महामंत्री,  भाजपा, कोटा, राजस्थान । जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में जो कुछ हुआ वह आतंकवाद की पाठशाला से कम नहीं , आश्चर्य ही है कि विश्वविद्यालय प्रशासन भारत की संसद पर आतंकी हमले के लिये जिम्मेदार आतंकवादी की बरसी मनाने की इजाजत कैस दे देता हे। यह कृत्य भारतीय संविधान के मौलिक कर्तव्यों  का उल्लंघन तो है ही। अन्य कानून की बहुत सी धाराओं के अनुसार अपराध भी है। एक बहुत ही सामन्य सी बात है, जो भी नागरिक संविधान के मूल कर्तव्यों की पालना नहीं करता , वह संविधान विरोधी तो हो ही गया। जो संविधान विरोधी है उसे भारत में रहने का हक क्या हे।   मेरा बहुत स्पष्टमत है कि धार्मिक , सरकारी और गैर सरकारी तथा व्यक्तिगत तक की शिक्षाओं में कोई भी भारत विरोधी शिक्षा भारत में देता है या इस तरह के कृत्य के अवसर प्रदान करता है। तो उसकी मान्यता तत्काल निरस्त की जाये और उन चिन्हित व्यक्तियों के विरूद्ध प्रभावी आपराधिक कार्यवाही की जाये। \\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\\ मौलिक कर्तव्य Fundamental Duties सामान्य परिचय अनुच्छेद 51 (क) के अंतर्गत व्यवस्था है कि, प्रत्येक भा