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इशरत जहां मामले में कांग्रेस पर उंगली उठी

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उंगली उठी, चिंता बढ़ी तारीख: 27 Apr 2016 इशरत जहां मामले में भाजपा के तीखे तेवरों के आगे कांग्रेस को जवाब देना भारी पड़ गया है। इशरत के खतरनाक षड्यंत्र को छुपाने के तथ्य चिदंबरम को 10 जनपथ से शह मिलने की तरफ संकेत कर रहे हैं इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले का भूत फिर से लौट आया है। ताजा खुलासे में केंद्रीय वाणज्यि व उद्योग मंत्री नर्मिला सीतारमन ने 18 अप्रैल को अपने बयान में कहा, ''कांग्रेसी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी तत्कालीन गृहमंत्री पी़ चिदंबरम के साथ इस मामले में शामिल हैं। इस मामले को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया था।'' सीतारमन ने कहा, ''कांग्रेस ने आतंकी साजिश को दबाया जो (प्रधानमंत्री) मोदी को समाप्त कर सकती थी। आप साफ तौर पर मान रहे हैं कि आप राजनीतिक तौर पर यह लड़ाई नहीं लड़ सकते इसलिए उस नेता का खत्मा किया जाए या उसके लिए उकसावा ही दिया जाए जिससे राजनीतिक तौर पर आप जीत नहीं सकते। ऐसा प्रयास हर संभव किया गया जिससे यह पता चले कि वह एक वर्ग के खिलाफ हैं और उनको कोई आतंकी

भारत 'माता' वेदकाल से - साधु प्रो़ वी़ रंगराजन

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तारीख: 25 Apr 2016  - साधु प्रो़ वी़ रंगराजन दुर्भाग्य से आज भारत के ही कुछ लोग कहते हैं कि प्राचीन भारत में 'भारत माता की जय' बोलने की प्रथा नहीं थी, इन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने 3 मार्च, 2016 को कहा था, 'अब समय आ गया है कि हम नई पीढ़ी को कहें कि वह 'भारत माता की जय' का उद्घोष करे।' उनके इस बयान पर गैर जिम्मेदाराना तरीके से टीका-टिप्पणी की गई। श्री भागवत द्वारा स्पष्टीकरण देने के बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा, 'हमें ऐसे महान भारत का निर्माण करना है जिसमें लोग स्वयं ही 'भारत माता की जय' का नारा बुलंद करें। इसे किसी पर थोपा न जाए। यह वास्तविक और स्वत: स्फूर्त हो।' इसलिए भारत को मातृभूमि के तौर पर समझने और महसूस करने की जरूरत है। श्री भागवत के बयान के जवाब में कई बयान सामने आए। एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर उनके गले पर चाकू भी रख दिया जाए तो भी वह भारत माता की जय नहीं बोलेंगे। 'भारत माता की जय' न बोलने पर महाराष्ट्