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जनवरी 18, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार, जो अपना रिपोर्टकार्ड हर साल पेश कर रही है - अरविन्द सिसोदिया

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श्रीमती वसुंधरा राजे  सरकार, पहली सरकार है जो अपना रिपोर्टकार्ड हर साल पेश  कर रही है - अरविन्द सिसोदिया जब कांग्रेस को कुशासन के कारण जनता ने सत्ता से हटाया था , तब ढाई लाख करोड के लगभग का कर्जा राजस्थान पर था!  राजस्थान की कल्याणकारी मुख्यमंत्री सम्मानीय श्रीमती वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में कुशल  वित्तीय प्रबंधन के द्वारा, प्रदेश के हालात सुधारे और तेज गति का विकास राजस्थान को दिया। यह पहली सरकार जो अपना रिपोर्टकार्ड हर साल पेश कर रही है। चुनाव घोषणपत्र के कामों को पूरा करने में लगी हुई है। तीन साल में ही 80 फीसदी काम पूरा कर चुकी है। हर जिले में जिला मुख्यालय पर जा कर जनता के बीच बिना लाग लपेट के गर्व से अपनी बात रख रही है। सरकार बता रही है कि तीन साल में कितना खर्च कर दिया और क्या - क्या काम किये और आगे क्या करने जा रही है। 24 घंटे जनता के लिये जागने वाली सरकार का नाम वसुंधरा राजे सरकार है। हम उनकी मेहनत को, उनके जज्बे को, उनके हौंसले को सलाम करते हे। उनके कुशल प्रबंधन में राजस्थान पूरे देश  में गर्व सिर ऊंचा किये हुये है। इसके लिये मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी को धन्य

राष्ट्रीय विचारों का डिजिटाईजेशन आवश्यक : संघ

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राष्ट्रीय विचारों की मजबूती के लिए राष्ट्रीय साहित्य का डिजिटाईजेशन आवश्यक : जे. नंद कुमार नई दिल्ली, 12 जनवरी (इंविसंके). इन्द्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र तथा नेशनल बुक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पुस्तक मेले में आज राष्ट्रीय साहित्य एवं डिजिटल मीडिया विषय पर विचार गोष्टी आयोजित की गयी. इस अवसर पर सुरुचि प्रकाशन द्वारा 'कल्पवृक्ष' नाम से पुस्तक का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री जे. नन्द कुमार द्वारा किया गया. श्री नन्द कुमार ने इस विषय पर कहा कि राष्ट्र क्या है, राष्ट्रीय क्या है, यह चर्चा बहुत सालों से भारत में चल रही है. देश में कुछ लोगों के विचार में राष्ट्र जैसी कोई चीज नहीं है, ऐसे विचार रखने वाले इंटैलैक्चुअल, तथाकथित लेखकों की लिखी हुई पुस्तकें भी हमें मिलती हैं. उन्होंने बताया कि भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र है, हिमालय से समुद्र तक का भाग एक राष्ट्र है. इस राष्ट्र की कल्पना वेदकाल से ही यहां मौजूद है. यह कोई नया या बनावटी विचार नहीं है. यह राष्ट्र राजनीतिक अथवा मिलिट्री के आधार के बिना भी एक ही है. कश्म

संघ पर समाज का भरोसा, संघ के नित्य कार्यों के कारण हैं - डॉ. मोहनराव भागवत जी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 90 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संग्रहणीय विशेषांकों का लोकार्पण संघ पर भरोसा समाज को प्रचार के कारण नहीं है. भरोसा संघ के नित्य कार्यों के कारण हैं - डॉ. मोहनराव भागवत जी नई दिल्ली (इंविसंके). संघ पर भरोसा समाज को प्रचार के कारण नहीं है. भरोसा संघ के नित्य कार्यों के कारण हैं. संघ की निष्ठा सत्य है. तभी इतने वर्षों में इसका अंत न होकर बल्कि निरंतर आगे बढ़ता ही रहा है और आज 90 वर्षों का सफर तय करके सबसे आगे है. संघ की जानकारी और जिज्ञासा को बढ़ाने वाला यह अंक भारत प्रकाशन (दिल्ली) लिमिटेड ने संघ के कार्यों को कालखण्डों में बाँट कर प्रकाशित किया है. जो एक सराहनीय कार्य है. उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 90 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संग्रहणीय विशेषांकों के लोकार्पण कार्यक्रम में कहा. उन्होंने कहा कि संघ की ये पद्धति नहीं रही है कि भारतवासियों तुम आश्वत हो जाओ कि तुम्हें कुछ नहीं करना है हम सारे कार्य कर देंगें. बल्कि, संघ की पद्धति रही है और है कि हम सब मिलकर कार्य करेंगे. सबको साथ