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"हिन्दू साम्राज्य दिवस" : छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक

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प्रेषक - अरविन्द सिसोदिया "हिन्दू साम्राज्य दिवस" : छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक  बहुत कम लोगों को पता होगा आज के दिन की पावनता और पवित्रता । आज ही वो दिन है जब हिंदवी साम्राज्य के स्वप्न को ले कर एक महान हिन्दू शासक छत्रपति शिवाजी महराज का राज्याभिषेक हुआ था और मुगलों को उखाड़ फेंकने के लिए हिन्दुओ ने एक नए जोश से वार करना शुरू कर दिया था जिसका प्रतिफल ये रहा था की अत्याचार का दूसरा रूप औरंगज़ेब दक्षिण में ही दफन हो गया था . आज के पावन दिन को नकली और चाटुकार इतिहासकार किसी हालत में भी जनमानस में प्रसिद्ध नहीं होने देना चाहते थे क्योकि उनको खुद के बनाये तथाकथित धर्म निरपेक्षता के नकली सिद्धांतो को जीवित भी रखना था और अपनी बिकी कलम के लिए मिलने वाली स्याही को भी भीख में लेना था .। हिंदू साम्राज्य दिवस ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी यह छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक का दिवस है।वो पावन दिन आज ही था . शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक होना यह केवल शिवाजी महाराज के विजय की बात नहीं है। काबूल-जाबूल पर आक्रमण हुआ तब से शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के समय तक

भारत हिन्दु राष्ट्र

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भारत हिन्दु राष्ट्र था, है और रहेगा https://www.vskbihar.com/2020/06/02 - नरेंद्र सहगल  हिन्दूपद पादशाही की स्थापना विजयी हिन्दू सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज ने ज्येष्ठ शुक्ल, त्रयोदशी (सन 1674) के दिन हिन्दुपद पादशाही की स्थापना करके सारे संसार में रणभेरी बजा दी– भारत हिन्दु राष्ट्र था, है और रहेगा. भीषणतम एवं विपरीत परिस्थितियों में हिन्दू समाज जीवित रहेगा. भारत का राष्ट्र जीवन विजय का उपासक है, पराजय का नहीं. वह समय ऐसा था जब चारों ओर घोर निराशा का अंधकार व्याप्त था. हिन्दुत्व विरोधी मुगलिया आतंकवाद अपनी चरम सीमा पर था. मंदिर तोड़े जा रहे थे, विद्या के केंद्र जलाए जा रहे थे, तलवार के जोर पर धर्मान्तरण किया जा रहा था, हिन्दुओं पर जजिया टैक्स लगाकर अमानवीय उत्पीड़न किया जा रहा था. पूर्णतया मरणासन की स्थिति में पहुंच चुका था हिन्दू समाज. ऐसी घोर विकट एवं निराशाजनक परिस्थितियों में शिवा जी द्वारा हिन्दुपद पादशाही की घोषणा करके भगवा ध्वज को लहराने का कार्य भारत के गौरवशाली इतिहास का एक और स्वर्णिम अध्याय बन गया. अपने पौरूष, सैन्य रणकौशल और सामरिक बुद्धिमता के आध