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श्रीराम जनम भूमि रथ यात्रा : लालकृष्ण आडवाणी

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श्रीराम जनम भूमि रथ यात्रा लालकृष्ण आडवाणी अयोध्यानामा : जब सोमनाथ से आयोध्या तक लालकृष्ण आडवाणी ने निकाली थी रथयात्रा लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली। | Published By: Shivendra Last updated: Fri, 08 Nov 2019 1949 से 1986 तक, करीब 37 वर्षों में राम जन्मभूमि का मामला जो जस का तस था, वह केवल तीन सालों में शिलान्यास तक पहुंच गया। आंदोलन की कमान संभाल रहे संघ परिवार के संगठन विहिप का आत्मविश्वास पूरे उफान पर था। संघ परिवार को लगने लगा था कि राम मंदिर निर्माण का स्वप्न निकट भविष्य में साकार हो सकता है। अब तो जनता ने भी इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में स्वीकार कर लिया था। लिहाजा तैयारियां और जोर पकड़ने लगीं। साधु-संतों के साथ मिलकर विहिप ने कई कार्यक्रमों की घोषणा कर दी। शास्त्रीय संगीत के अच्छे जानकार विहिप के अशोक सिंहल ने इस पूरे मामले में हिंदुओं के सम्मान का सुर मिला दिया था। राम जन्मभूमि मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल कि अयोध्या में अगर एक मंदिर नहीं बनेगा, तो क्या हो जाएगा? - पर अशोक सिंहल का स्पष्ट जवाब था- अगर अयोध्या में जन्मभूमि पर राम का मंदिर नहीं बनेगा, तो