संदेश

जुलाई 29, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हम क्यों गुलाम हुये - अटल बिहारी वाजपेयी

चित्र
   मत भूलो, पग-पग पर बलिदानों की गंगा बहाई है..! - अरविन्द सिसौदिया     कहने को कह दिया जाता है कि भारत बहुत ही शांतिप्रिय ढंग से आजाद हो गया और अहिंसा और सत्याग्रह के द्वारा कहीं कोई खून नहीं बहा, कहीं कोई हिंसा नही हुई।   “देदी हमें आजादी बिना खडग ढाल सावरमती के संत तूने कर दिया कमाल” मगर सच यह है कि ये बात सिर्फ गीत गाने और झूठ फैलाने से अधिक कुछ नहीं है। 20 लाख से अधिक निर्दोष नागरिकों के खून से हमारी स्वतंत्रता के हाथ सनें हे। 1.5 करोड़ से अधिक लोगों के घर छूटे । पाकिस्तान बनें भारत से 75 लाख लोग भारत आये और लगभग इतने ही भारत से पाकिस्तान गये । आंकडों के कई गुणा भी हो सकती है असलियत ।     मगर सच बहुत खौफनाक है, विश्व की जनसंख्या सम्बंधी सबसे बडी अदला बदली हुई। जो लोग इस विभाजन से प्रभावित हुये, उनकी जायदादें चलीं गईं, परिवार के सदस्य मारे गये, महिलाओं की इज्जत लूट ली गई, दुनिया में कहीं ऐसी मिसाल नहीं होगी कि लाशों से भरी रेल गाडियां आई हों! और सरकार खामोश सब देखती रही हो। मगर हमारी आजादी ऐसी ही थी, जिसमें नेहरूजी के हाथ में सत्ता थी और देशवासियों के हाथ में मायूसी, विक्षोभ और नफरत

हिन्दुत्व को नई तेजस्विता प्रदान करने वाले गोस्वामी तुलसीदास

चित्र
      तुलसीदास जी रामभक्ति शाखा के विश्व विख्यात कवि हैं। इन्होंने सम्पूर्ण विश्व के महत्वपूर्ण ग्रंथ “रामचरितमानस” को लिखा है। ये ग्रंथ भारत कोे ही नहीं वरन सम्पूर्ण विश्व के मनुष्यों को प्रभावित करता है। ये भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म का सबसे महत्व पूर्ण ग्रंथ है। रामचरितमानस सम्पूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। तुलसीदास जी भारत के ही नहीं वरन सम्पूर्ण जगत के आदर्श कवि हैं। - अरविन्द सीसौदिया चन्दन है इस देश कि माटी, तपोभूमि हर ग्राम है । हर बाला देवी कि प्रतिमा, बच्चा बच्चा राम है । इन पंक्तियों को किसी ने वास्तव में अपने कर्म - कौशल से सिद्ध किया है तो उस महान राष्ट्रभक्त का नाम पूज्य श्रीगोस्वामी तुलसीदास जी है,  श्रीरामचरित मानस वह ग्रंथ जिसने, मुगलों के आततायी हिंसक साम्राज्य में अपने अस्तित्व की लडाई लड़ रहे हिन्दुओं में नये विश्वास और नई ऊर्जा का संचार किया था, वह मौन धर्म क्रांति जो कलम से लिखी गई, सहास व आत्मोत्थान की अखण्ड ज्योती थी, जो सम्पूर्ण विश्व को आज भी प्रकाशमान किए हुये है।  जिसनें हिन्दुत्व को नई तेजस्विता प्रदान की। करोडों-करोड योद्धाओं जैसा काम उन्हो