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अटल बिहारी वाजपेयी : अनमोल विचार

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भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है । हिमालय इसका मस्तक है, गौरीशंकर शिखा है । कश्मीर किरीट है, पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं । दिल्ली इसका दिल है । विन्ध्याचल कटि है, नर्मदा करधनी है । पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघाएं हैं । कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है । पावस के काले-काले मेघ इसके कुंतल केश हैं । चांद और सूरज इसकी आरती उतारते हैं, मलयानिल चंवर घुलता है । यह वन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है । यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है । इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु गंगाजल है । हम जिएंगे तो इसके लिए, मरेंगे तो इसके लिए ।~ अटल बिहारी वाजपेयी *** अटल बिहारी वाजपेयी के 150+ अनमोल विचार! आज परस्पर वैश्विक निर्भरता का मतलब है कि विकासशील देशों में आर्थिक आपदायें, विकसित देशों पर एक प्रतिक्षेप पैदा कर सकता है। ~ अटल बिहारी वाजपेयी किसी भी देश को खुले आम आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक गठबंधन के साथ साझेदारी, सहायता, उकसाना और आतंकवाद प्रायोजित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।~ अटल बिहारी वाजपेयी गरीबी बहुआयामी है यह पैसे

ईवीएम पुराण - अरविन्द सिसौदिया

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नई दिल्ली : ईवीएम हैकिंग के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. चुनाव आयोग ने इस मामले पर कोर्ट में कहा है कि अमेरिका की वोटिंग मशीन से भी बेहतर है भारत की ईवीएम, इसे हैक करना नामुमकिन है. आयोग ने ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इसे कोई हैक कर ही नहीं सकता है. चुनाव आयोग ने ईवीएम को फुलप्रूफ बताया है और कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पेपर ट्रेल के साथ 16 लाख से ज्यादा ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा. चुनाव आयोग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि ये तकनीकी रूप से सक्षम ईवीएम मशीनों से आम चुनाव प्रक्रिया और भी पारदर्शी होगी. हालांकि चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा है कि दिसंबर में होने वाले गुजरात चुनाव में EVM के साथ VVPAT का इस्तेमाल होगा या नहीं. EVM में गड़बड़ी के आरोपों पर आयोग ने कहा है कि तकनीकी सुरक्षा फीचर्स के साथ आयोग की ओर से प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदम की वजह से EVM ना सिर्फ मतदान के वक्त फुलप्रूफ है बल्कि निर्माण के वक्त, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के वक्त भी सुरक्षित है. चुनाव आयोग ने कहा है कि राजनीतिक पार्टियों ने

बुजुर्गों की सम्पत्ति हड़पने वाले बच्चों को अब मिलेगी सजा

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अंतिम अरण्य में जीवन केपी सिंह जनसत्ता 1 अक्तूबर, 2014: महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के लव-कुश प्रकरण में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को राजधर्म का पाठ पढ़ाते हुए कहा था कि स्त्रियों, वृद्धों और बच्चों की सुरक्षा का प्रमुख दायित्व राजा पर ही होता है। भारत में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अनेक कानून जनसत्ता October 1, 2014 केपी सिंह जनसत्ता 1 अक्तूबर, 2014: महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के लव-कुश प्रकरण में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को राजधर्म का पाठ पढ़ाते हुए कहा था कि स्त्रियों, वृद्धों और बच्चों की सुरक्षा का प्रमुख दायित्व राजा पर ही होता है। भारत में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अनेक कानून बनाए हैं। सामाजिक चेतना के कारण महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार से जुड़े मसले समाचार माध्यमों के जरिए सार्वजनिक बहस का भी विषय बनते रहते हैं। पर यह हकीकत है कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति हम उतने संवेदनशील नहीं हो सके हैं जितने होने चाहिए। देश में पैंसठ प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या पैंतीस वर्ष से कम उम्र के लोगों की है।

दुख को भूलें, सुख को भूलने न दें : प्रधानमंत्री मोदी

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भारत का संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा: ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी Quoteहमारा संविधान व्यापक, सभी के लिए समानता और सभी के प्रति संवेदनशीलता इसकी विशेषता: ‘मन की बात’ में पीएम मोदी Quoteसंविधान का मसौदा तैयार करते वक्त बाबा साहेब अंबेडकर ने समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित किया: प्रधानमंत्री #मनकीबात Quoteभारत 9 साल पहले 26/11 को मुंबई में हुए उस आतंकवादी हमले को कभी नहीं भूलेगा जिसने देश को हिलाकर रख दिया था: प्रधानमंत्री मोदी #मनकीबात Quoteआतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इससे न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को खतरा है। विश्व को इस खतरे से लड़ने के लिए एकजुट होने की जरुरत: पीएम मोदी #मनकीबात Quoteभारत भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु नानक, और महात्मा गांधी की भूमि जिसने हमेशा से विश्व भर में अहिंसा का संदेश प्रसारित किया है: प्रधानमंत्री Quoteहमारी नदियां और समुद्र हमारे देश के लिए आर्थिक और रणनीतिक तौर पर महत्त्वपूर्ण: ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी Quoteज़रा सोचिए, क्या होगा अगर विश्व में कहीं भी उपजाऊ मिट्टी नहीं बचे? मिट्टी नहीं होगी तो न कोई

मारवाड़ का रक्षक वीर दुर्गादास राठौड़ : जोधपुर

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मारवाड़ का रक्षक वीर दुर्गादास राठौड़ : जोधपुर ऐतिहासिक तथ्यों से परिपूर्ण लेख :- अपनी जन्मभूमि मारवाड़ को मुक्त कराने वाले वीर दुर्गादास राठौड़ का आज 22 नवंबर को निर्वाण दिवस है। उनका जन्म जन्म 13 अगस्त, 1638 को ग्राम सालवा में हुआ था। उनके पिता जोधपुर राज्य के दीवान श्री आसकरण तथा माता नेतकँवर थीं। आसकरण की अन्य पत्नियाँ नेतकँवर से जलती थीं। अतः मजबूर होकर आसकरण ने उसे सालवा के पास लूणवा गाँव में रखवा दिया। छत्रपति शिवाजी की तरह दुर्गादास का लालन-पालन उनकी माता ने ही किया। उन्होंने दुर्गादास में वीरता के साथ-साथ देश और धर्म पर मर-मिटने के संस्कार डाले। आसकरण जी उज्जैन की लड़ाई में धोखे से मारे गये। उस समय दुर्गादास केवल पंद्रह वर्ष के थे पर ऐसे होनहार थे कि मारवाड़ के तत्कालीन राजा जसवन्त सिंह (प्रथम) अपने बड़े बेटे पृथ्वीसिंह की तरह इन्हें भी प्यार करने लगे। एक बार महाराज के एक मुँह लगे दरबारी राईके ने कुछ उद्दण्डता की। दुर्गादास से सहा नहीं गया। उसने सबके सामने राईके को कठोर दण्ड दिया। इससे प्रसन्न होकर राजा ने उन्हें निजी सेवा में रख लिया और अपने साथ अभियानों में ले जाने लगे। एक