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भारतीय नववर्ष की अनमोल वैज्ञानिकता :अरविन्द सीसौदिया

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भारतीय नववर्ष की वैज्ञानिकता अनमोल - अरविन्द सीसौदिया ईश्वर प्रदतता,  नववर्ष व्यवस्था है ; भारतीय संवत्सर.....! जब भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ला एकम की शुभ बेला आती है, तब भारतीय प्रायद्वीप का माहौल आनंदवर्द्धक हो जाता है। प्रातः का सम तापमान सभी ओर नई चेतना, नई शक्ति, नई उर्जा का संचार करता हेै। ऐसा प्रतीत होता है मानों, एक नया उल्लास, एक नई ललक प्राणी समूह में व्याप्त हो रही है। वृक्ष अपनी पुरानी पत्तियां गिरा कर नई कोंपलें ला रहे होते हैं, सागर में नऐ बादल आकाश का रूख करना प्रारम्भ करते हैं जो नई वर्षा के साथ पृथ्वी को पुनः एक वर्ष के लिए आनन्दित करने वाला वर्षक्रम होता हैं। शक्ति स्वरूपा देवी के नवों स्वरूपों की आराधना प्रारम्भ की जाती है। यह नौ दुर्गा पूजन भी नवदुर्गा पूजन कहलाता हैं। किसान अपनी फसल कोेे खलिहान से घर ला चुका होता है और अगले वर्ष की नई फसल योजनाओं के सपने बुन रहा होता है। नई खेती का शुभारम्भ करता है। खेतों की ग्रीष्मकालीन हंकाई-जुताई, खाद व कुडे-करकट को खेतों में डालना, नहरों, कुओं की सफाई तालाबों की खुदाई...... आदी आदी कार्यों के द्वारा नई शुरूआत, नया शुभारम्

वैज्ञानिक और प्रमाणिक : भारतीय काल गणना का महासत्य

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- अरविन्द सिसोदिया महर्षि दयानन्द सरस्वती ने ऋग्वेद के सृष्टि संदर्भ ऋचाओं का भाष्य करते हुए ‘‘कार्य सृष्टि’’ शब्द का प्रयोग किया है, अर्थात् सृष्टि अनंत है,वर्तमान सृष्टि की उत्पत्ति से पूर्व भी सृष्टि थी। जो सृष्टिक्रम अभी काम कर रहा है वह कार्य सृष्टि है। बृम्हाण्ड सृष्टि का पूर्व ज्ञान... - 5150 वर्ष पूर्व ,महाभारत का युद्ध, कौरवों की विशाल सेना के सेनानायक ‘भीष्म’..., कपिध्वज अर्थात् हनुमान जी अंकित ध्वज लगे रथ पर अर्जुन गाण्डीव (धनुष) हाथ में लेकर खड़े हैं और सारथी श्रीकृष्ण (ईश्वरांश) घोड़ों की लगाम थामें हुए है। रथ सेनाओं के मध्य खड़ा है। - अर्जुन वहां शत्रु पक्ष के रूप में, चाचा-ताऊ, पितामहों, गुरूओं, मामाओं, भाईयों, पुत्रों, पौत्रों, मित्रों, श्वसुरों और शुभचिंतकों को देख व्याकुल हो जाता है। भावनाओं का ज्वार उसे घेर लेता है, वह सोचता है, इनके संहार करने से मेरे द्वारा मेरा ही संहार तो होगा...! वह इस ‘अमंगल से पलायन’ की इच्छा श्रीकृष्ण से प्रगट करता है। - तब श्रीकृष्ण कहते हैं ‘‘ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं न रहा होऊं या तुम न रहे तो अथवा ये समस्त राजा न रहे हों औ

विक्रमी संवत 2069 : भारतीय नव वर्ष

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23 March 2012  आओ मनाऐं नया साल-विक्रमी संवत 2069  > विनोद बंसल  पाश्चात्य देशों के अंधानुकरण व अंग्रेजियत के बढते प्रभाव के बावजूद भी आज चाहे बच्चे के जन्म की की बात हो या नामकरण की बात हो या शादी की, गृह प्रवेश की हो या व्यापार प्रारम्भ करने की, सभी में हम एक कुशल पंडित के पास जाकर शुभ लग्न व मुहूर्त पूछते हैं। और तो और, देश के बडे से बडे राजनेता भी सत्तासीन होने के लिए सबसे पहले एक अच्छे मुहूर्त का इंतजार करते हैं जो कि विशुध्द रूप से विक्रमी संवत् के पंचांग पर आधारित होता है। भारतीय मान्यतानुसार कोई भी काम यदि शुभ मुहूर्त में प्रारम्भ किया जाये तो उसकी सफलता में चार चांद लग जाते हैं। वैसे भी भारतीय संस्कृति श्रेष्ठता की उपासक है। जो प्रसंग समाज में हर्ष व उल्लास जगाते हुए एक सही दिशा प्रदान करते हैं उन सभी को हम उत्सव के रूप में मनाते हैं। राष्ट्र के स्वाभिमान व देश प्रेम को जगाने वाले अनेक प्रसंग चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से जुडे हुए हैं। यह वह दिन है जिस दिन से भारतीय नव वर्ष प्रारम्भ होता है। आइये इस दिन की महानता के प्रसंगों को देखते हैं :- ऐतिहासिक महत्व

वीर सावरकर : सबल समाज से अच्छे-अच्छे उद्दण्ड कांपते हैं

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विनायक दामोदर सावरकर (जन्म: २८ मई १८८३ - मृत्यु: २६ फ़रवरी १९६६) २६ फरवरी, वीर सावरकर की पुण्यतिथि / जयंती पर विशेष सबल समाज से अच्छे-अच्छे उद्दण्ड कांपते हैं - अरविन्द सीसौदिया नामर्दी के बुतों को चौराहों से उतार फैंकना होगा, देश को दिशा दे सकें, वें तस्वीरें लगानी होगी। उन विचारों को खाक पढ़े, जो कायरता में डूबे हों, पढें वह,जो ज्वालामुखी सा तेज हर ललाट पर लाये। स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका न केवल महत्वपूर्ण थी, अपितु अंग्रेजों की असल नींद हराम  इसी रास्ते पर चले महान योद्धाओं ने की थी। स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर इस यशस्वी श्रृंखला की एक प्रमुख कडी थे। उनके ओजस्वी लेखन से ब्रिटिश सरकार कांपती थी। उन्हंे राजद्रोह के अपराध में, दो जन्मों की कैद की सजा सुनाई गई थी, अर्थात कम से कम 50 वर्ष उन्हें काले पानी की जेल में कोल्हू फेरते-फेरते और नारियल की रस्सी बनाते-बनाते बिताने थे। महाराष्ट्र के नासिक जनपद में एक छोटा सा स्थान भगूर है। इसी में दामोदर पंत सावरकर एवं उनकी              धर्मपत्नि राधादेवी के चार संताने थीं। बडे पुत्र का नाम गणेश, द

लोकतंत्र तार - तार : अजित की सभा में महिला कलाकारों के कपड़े फाड़े

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लोकतंत्र तार - तार चुनाव प्रचारों का यह पतन बताता है कि हमारे नेताओं में अब जनता को आकर्षित करने का दम चुक गया जो हल्के  किस्म के तरीकों से भीड खींचने के उपाय  अपनाकर लोकतंत्र को तार - तार कर रहे है। चुनाव आयोग को इस तरह के बेवुनियद आयोजनों पर रोक लगाना चाहिए..जो लोकतंत्र का स्तर नीचे गिराते हों .... अजित की सभा में महिला कलाकारों के कपड़े फाड़े http://navbharattimes.indiatimes.com मेरठ।। राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह की चुनावी सभा में, सरधना के फलावदा में 23-2-2012{गुरुवार} को आरएलडी-कांग्रेस उम्मीदवार हाजी याकूब के समर्थन में अजित सिंह की सभा थी। सभा में भीड़ जुटाने के लिए महिला रागिनी कलाकारों को बुलाया गया था। अजित के भाषण देकर मंच से उतरने के बाद गीत-संगीत का कर्यक्रम शुरू हो गया। इस दौरान भीड़ बेकाबू हो गई और कुछ लोगों ने महिलाओं से छेड़खानी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने कलाकारों को खींचने का प्रयास किया। इस पर महिलाएं इधर-उधर भागने लगीं, तो अराजक तत्वों ने उन्हें दबोच लिया और कपड़े फाड़ दिए। बीच-बचाव में आए उनके साथी कलाकारों को भी पीटा गया। आरोप है कि उनसे 50 हजार

कांग्रेस के कमाईखोर : कृपाशंकर सिंह

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कांग्रेस के कमाईखोर    पूरी फिल्‍मी है कृपाशंकर की कहानी : आलू बेचने से लेकर अरबपति राजनेता बनने तक http://www.mediadarbar.com/4842/kripa/ हाई कोर्ट के आदेश के बाद कुचर्चा में आए कृपाशंकर सिंह की कहानी किस फिल्‍म की स्क्रिप्‍ट से कम नहीं है। चार दशक पहले जौनपुर से चलकर मुंबई पहुंचे कृपाशंकर सांताक्रूज में आलू बेचने से लेकर मायानगरी में कांग्रेस के अध्‍यक्ष के पद पर काबिज होने तक की कहानी बहुत ही दिलचस्‍प है। इस सफर में ना जाने किसी स्‍याह-सफेद कारस्‍तानियां दफन हैं। इस फिल्‍मी कहानी का सच एक जनहित याचिका के बाद उजागर हुई है। जिसके बाद हाई कोर्ट ने कृपाशंकर तथा उनके परिजनों की सम्‍पत्ति जब्‍त करने का निर्देश दिया है। बीएमसी में पार्टी की हार के बाद परेशानियों में आए कृपाशंकर के लिए हाई कोर्ट का आदेश जले पर नमक छिड़कने जैसा है। कृपाशंकर भले ही कह रहे हों कि यह मामला पूरी तरह से राजनीति प्रेरित है, लेकिन हाई कोर्ट ने इस मामले में जिस तरह से कड़ा रुख अपनाया है, उससे नहीं लगता कि इस तरह की दलीलें काम आने वाली हैं। कृपाशंकर के वकील मुकुल रोहतगी भी याचिका दायर करने वाले संजय तिवारी को

रामलीला मैदान में लाठीचार्ज गलत, दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाए : सुप्रीम कोर्ट

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"इस घटना से सरकार की ताकत का पता चलता है, जिसने पूरी ताकत से लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार किया. ये घटना सरकार और जनता के बीच टूटते विश्वास का जीता जागता उदाहरण है. पुलिस का काम शांति बहाल करना है, लेकिन उस दिन पुलिस ने खुद ही शांति भंग करने का काम किया. दिल्ली पुलिस ने अपनी ताकत का ग़लत इस्तेमाल किया और जनता के बुनियादी अधिकारों को रौंदा. इस घटना में शामिल पुलिस वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी ओहदे पर हों." रामलीला मैदान में लाठीचार्ज गलत: सुप्रीम कोर्ट Thursday, 23 February 2012 नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चार और पांच जून की आधी रात में रामलीला मैदान में हुई पुलिसिया कार्रवाई को ग़ैर-जरूरी करार देते हुए इस पूरे घटनाक्रम में बाबा रामदेव को भी जिम्मेदार ठहराया.अदालत ने गुरुवार ने अपने फैसले में कहना है कि रामलीला मैदान में लाठीचार्ज किया जाना गलत था और दिल्ली पुलिस को निर्देश किया कि दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाए. कोर्ट का साफ कहना था कि पुलिस का लाठीचार्ज करना और आँसू गैस के गोले दाग़ना गलत था. कोर्ट ने इस कार्रवाई को संविधान की मू

देवास-एंट्रिक्स घोटाले : सरकार है सौदे की जिम्मेदार

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- अरविन्द सिसोदिया  2 जी  स्पेक्ट्रम  से भी कई गुना बड़ा घोटाला , एस बैंड   स्पेक्ट्रम आबंटन है   तथा  स्वंय  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अंतर्गत रहने वाले अन्तरिक्ष विभाग का यह मामला बेहद गंभीर है और केंद्र सरकार पूरी तरह से इसमे  लिप्त है .... इसकी पूरी जाँच पड़ताल संसद की लोक  लेखा समिति से होनी चाहिए... .................................. 2जी से बड़ा एस-बैंड घोटाला, घेरे में पीएम मंगलवार, फरवरी 8, 2011 http://hindi.oneindia.in/news नई दिल्ली। 1.76 लाख करोड़ के घोटाले के बाद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा चारों तरफ से घिर गए। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है, जिसमें राजा से भी बड़े बेताज बादशाह के होने की खबर आयी है। घोटालों का यह बादशाह कौन है, यह तो अभी नहीं पता चला है, लेकिन हां इस बार घोटाले की रकम 2जी से ज्‍यादा 2 लाख करोड़ रुपए है। यह है एस-बैंड स्‍पेक्‍ट्रम घोटाला। खास बात यह है कि इस घोटाले के घेर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आ गए हैं।  कैग की रिपोर्ट एस-बैंड स्पेक्ट्रम की बिक्री में हुए 2 लाख करोड़ रुपये का यह घोटाला देश की सुरक्षा