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मई, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

केदारनाथ में लोग मरते रहे, और अधिकारी उड़ा रहे थे चिकन-मटन...

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उत्तराखंड त्रासदी भ्रष्टाचार: राज्य सरकार ने दिए जांच के आदेश aajtak.in [Edited by: चंदन कुमार] | नई दिल्ली, 30 मई 2015 साल 2013 में केदारनाथ में आई आपदा में एक ओर जहां हजारों लोग अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहे थे, वहीं राहत और बचाव में लगे अधिकारी भ्रष्टाचार के जरिये अपनी काली कमाई में मशगूल थे. एक आरटीआई आवेदन के जरिए यह खुलासा हुआ है. ऐसे संवेदनशील मामलों में भी भ्रष्टाचार की इस घटना से घिरी मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार ने मुख्य सचिव को जांच के आदेश दिए हैं. केदारनाथ आपदा के बाद तब के सीएम विजय बहुगुणा को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी. 200 से अधिक पेजों के आरटीआई रिकॉर्ड से यह बात सामने आई है कि आपदा के बाद राहत और बचाव के दौरान एक ओर जहां लोग खुले आसमान के नीचे भूख से परेशान थे, वहीं बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित रूद्रप्रयाग जिले में अधिकारियों ने रोजाना 900 रुपये प्रति व्यक्ति सिर्फ खाने पर खर्च किया था. आरटीआई से पता चला है कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ड्यूटी पर तैनात अधिकारी चिकन-मटन और दूध-घी उड़ा रहे थे. इतना ही नहीं अधिकारियों ने इस दौरान होटल के जो कमरे किराए पर लि

लोकलुभावन रास्ते की बजाय अधिक कठिन मार्ग चुना :मोदी

लोकलुभावन रास्ते की बजाय अधिक कठिन मार्ग चुना :मोदी नई दिल्ली, एजेंसी 28-05-15 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उन्होंने जानबूझ कर लोकलुभावन रास्ता नहीं चुना और उसकी बजाय त्रुटिपूर्ण सरकारी मशीनरी को ठीक करने के लिए अधिक कठिन मार्ग को अपनाया। यह पूछे जाने पर कि उनकी सरकार के एक साल पूरे होने पर क्या उन्हें लगता है कि वह कुछ अलग कर सकते थे, उन्होंने कहा कि उनके पास दो विकल्प थे।     एक विकल्प था सरकारी मशीनरी को लामबंद करने, व्यवस्था में आई कई त्रुटियों और खराबियों को दूर करने के लिए प्रक्रियात्मक रूप से (मथाडिकली) काम किया जाए जिससे कि देश को लंबे समय तक स्वच्छ, कुशल और निष्पक्ष शासन के रूप में लाभ दिया जा सके।     दूसरा विकल्प यह था कि जनादेश का उपयोग करते हुए नई लोकलुभावन योजनाएं घोषित की जाएं और जनता को बेवकूफ बनाने के लिए मीडिया के जरिए ऐसी घोषणाओं की बमबारी करदी जाए।। यह रास्ता आसान है और लोग इसके आदी हैं।     मोदी ने कहा कि हालांकि, मैंने इसे नहीं चुना और इसके बजाय शांत और व्यवस्थित ढंग से त्रुटिपूर्ण सरकारी मशीनरी को ठीक करने का अधिक कठिन मार्ग अपनाया। अगर मैंने

दुनिया को मोदी जैसे और नेताओं की जरूरत : वर्ल्ड बैंक प्रमुख

दुनिया को मोदी जैसे और नेताओं की जरूरतः वर्ल्ड बैंक प्रमुख एजेंसियां| May 27, 2015 नई दिल्ली केंद्र में सरकार का एक साल पूरा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जबर्दस्त तारीफ मिली है। यह तारीफ की है विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यॉन्ग किम ने। किम ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर बधाई देते हुए कहा कि दुनिया को 'आपके जैसे और नेताओं की जरूरत है।' किम ने प्रधानमंत्री को एक साल में गरीबी समाप्त करने के लिए उठाए गए दूरदृष्टि वाले कदमों के लिए बधाई दी। विश्व बैंक प्रमुख ने ट्वीट किया, 'भारत में गरीबी समाप्त करने के लिए एक साल के दूरदृष्टि वाले कदमों के लिए बधाई। दुनिया को आप जैसे और नेताओं की जरूरत है।' मोदी ने उनके इस संदेश पर धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'जिम किम को धन्यवाद। हम सभी को दुनिया को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने को मिलकर काम करना होगा। विशेष रूप से गरीबी समाप्त करने के लिए।' बिजनस लीडर्स ने बांधे मोदी की तारीफों के पुल इकनॉमिक टाइम्स| Jan 12, 2015 गांधीनगर वाइब्रेंट गुजरात

स्मृति ईरानी : राहुल गांधी को घर में घेरा

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स्मृति ईरानी ने अमेठी से राहुल गांधी के छुड़ाए पसीने नवभारतटाइम्स.कॉम |      May 27, 2015 अमेठी 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण सीट अमेठी पर राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। इसकी वजह क्या है? बीजेपी ने 2014 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में 80 में से 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अमेठी में राहुल गांधी की जीत में वोटों को अंतर भी कम हुआ था। बीजेपी अमेठी में राहुल के वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही थी। अमेठी की लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस के बीच नाक की बन गई है। स्मृति ईरानी ने गांधी-नेहरू परिवार पर हमला करते हुए मंगलवार को कहा था कि वर्षों के खोखले वादों के बाद अमेठी और रायबरेली में अब विकास दिख रहा है। ईरानी के इस हमले पर प्रियंका गांधी ने जवाबी हमला बोला है। प्रियंका ने पूछा कि अमेठी में आईआईआईटी क्यों नहीं खुल रही। उन्होंने पूछा कि स्मृति ईरानी एचआरडी मंत्री हैं और उन्हें जवाब देना चाहिए। प्रियंका ने कहा कि यहां के युवा समस्याओं से जूझ रहे हैं और ईरानी कुछ नहीं कर रहीं। 2014 लोकसभा इलेक्शन में राहुल गांधी ने अमेठी से बीजेपी की स्मृत

मोदी ने देश का गौरव बहाल किया : अमित शाह

देश में विजिबल सरकार, मोदी ने PMO का गौरव बहाल किया : शाह Last Updated: Tuesday, May 26, 2015 दिल्ली : नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को सक्रिय और काम करती दिखने वाली करार देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज जोर देकर कहा कि सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में देश को नीतिगत पंगुता से बाहर निकालने, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, विश्वास की कमी को दूर करने और प्रधानमंत्री कार्यालय के सम्मान को बहाल करने का काम किया गया है। राजग सरकार के एक वर्ष के कामकाज के दौरान उठाये गए कदमों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने संघीय ढांचे को मजबूत करने और विदेश में भारत की स्थिति को बेहतर बनाने का काम किया है, साथ ही वह कालाधन वापस लाने और देश को तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर करने को प्रतिबद्ध है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘ पूर्ववर्ती सरकार के विपरीत यह सरकार दिख रही है जबकि पिछली सरकार कहीं नहीं दिखती थी। हमने प्रधानमंत्री कार्यालय के सम्मान को भी बहाल किया है। सरकार नीतिगत पंगुता से बाहर आई है। विश्वास की कमी दूर हो गई है और दुनिया अब भारत की प्रगति

नरेंद्र मोदी: 'शून्‍य' से 'शिखर' तक का सफर...

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नरेंद्र मोदी: 'शून्‍य' से 'शिखर' तक का सफर... साल 1950 में वाडनगर, मेहसाना, गुजरात में बेहद साधारण परिवार में जन्‍मे नरेंद्र मोदी भारी मतों से भारत के प्रधानमंत्री बने. एक चाय बेचने वाले कभी देश का पीएम भी बनेगा ये किसी ने सोचा नहीं था. मोदी ने राजनीति शास्त्र में एमए किया. बचपन से ही उनका संघ की तरफ खासा झुकाव था और गुजरात में आरएसएस का मजबूत आधार भी था. वे 1967 में 17 साल की उम्र में अहमदाबाद पहुंचे और उसी साल उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली. इसके बाद 1974 में वे नव निर्माण आंदोलन में शामिल हुए. इस तरह सक्रिय राजनीति में आने से पहले मोदी कई वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे. 980 के दशक में जब मोदी गुजरात की भाजपा ईकाई में शामिल हुए तो माना गया कि पार्टी को संघ के प्रभाव का सीधा फायदा होगा. वे वर्ष 1988-89 में भारतीय जनता पार्टी की गुजरात ईकाई के महासचिव बनाए गए. नरेंद्र मोदी ने लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में अहम भूमिका अदा की. इसके बाद वो भारतीय जनता पार्टी की ओर से कई राज्यों के प्रभारी बनाए गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपके लिए लिखी खास चिट्ठी, पढ़ी क्या ?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपके लिए लिखी खास चिट्ठी, पढ़ी क्या ? टीम डिजिटल मंगलवार, 26 मई 2015 अमर उजाला, नई दिल्ली केंद्र की सत्‍ता में एक वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अपनी सरकार की उप‌ल‌ब्धियां गिनाई हैं। लोकसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत पाने के बाद नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष आज ही के दिन प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने पिछले वर्ष नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। 30 सालों बाद किसी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत पाया और राजग को 300 से अधिक सीटे मिलीं। पिछले एक साल में कई वादों को पूरा न कर पाने और काला धन वापस लाने जैसे वादों को जुमला बता देने के कारण मोदी सरकार की आलोचना भी होती रही। हालांकि मोदी सरकार ने उन अलोचनाओं को दरकिनार अपनी उप‌ल‌ब्धियां गिनाने का 'मेगा प्लान' बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशवासियों के नाम लिखा पत्र उसी मेगा प्लान का हिस्सा है। मोदी ने गिनाई एक साल की उप‌ल‌ब्धियां मेरे प्यारे देशवासियों, पिछले वर्ष आज के दिन जनता-

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के भाषण के मुख्य बिन्दु

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के भाषण के मुख्य बिन्दु मैं सबसे पहले राजस्थान भाजपा अध्यक्ष और राजस्थान की नेता हमारी मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी को हृदय से बधाई देना चाहता हूं कि राजस्थान 75 लाख के सदस्यता के आंकडे को पार कर गया है। और इस समय कार्यकर्ताओं का समूह जो मैं सामने देख रहा हूं मुझे भरोसा है कि आने वाले वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी के अलावा यहां किसी की कोई जगह नहीं होगी। 75 लाख के आंकड़े को यहां के गांव-गांव और कूचे-कूचे में फैले हुए हमारे लाखों कार्यकर्ताओं ने कठिन परिश्रम करके इस कार्य को सिद्ध किया है। मुझे मालूम है कि कितना कठिन काम था मगर जिस तरह का परिश्रम भाजपा के कार्यकर्ता ने किया है उसको दो हाथ जोड़कर वंदन करने के अलावा कोई पुरस्कार नहीं दिया जा सकता। मैं मंच से भाजपा राजस्थान के सबसे छोटे से छोटे कार्यकर्ता को मंच से वंदन करता हूं। आज देश में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है। और मुझे कहने में कोई झिझक नहीं है कि राजस्थान की जनता के आशीर्वाद से ही पूर्ण बहुमत मिला है। राजस्थान में 25 की 25 सीटें राजस्थान की जनता

कांग्रेस के दस वर्ष के मुकाबले मोदी का एक वर्ष बेहतर

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मोदी सरकार का एक वर्ष ---------------------------- पिछले एक साल में मोदी सरकार ने दुनिया भर में बढ़ाया भारत का मान: जेटली केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को यहां कहा कि पिछले एक साल में देश में शासन में आमूलचूल बदलाव देखा गया है। यह बदलाव सिर्फ निर्णायक रूप से ही नहीं, बल्कि तेजी, स्पष्टता और पारदर्शिता के संदर्भ में भी है, जिससे वैश्विक स्तर पर देश को सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पूरे होने जा रहे एक वर्ष के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जेटली ने कहा कि विकास और वृद्धि दर बढ़ाने के लिए लगभग रोजाना और साप्ताहिक आधार पर फैसले किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल 26 मई को पदभार संभाला था। उन्होंने कहा,'विरोध की स्थिति में भी निर्णय लेने की क्षमता मोदी सरकार की विशेषता है। सरकार को किस दिशा में आगे बढ़ना है, उसके बारे में पूरी स्पष्टता है और यह रास्ता वृद्धि और विकास की ओर जाता है।' उन्होंने कहा कि रेलवे, बिजली, कोयला, खनन, ग्रामीण सड़कें, दूरसंचार, राजमार्ग, शहरी विकास, वित्तीय सेवाएं, सब्सिडी और पेट्रोलियम जैसे

भाजपा ने कांग्रेस पर देश को लूटने का आरोप लगाया

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19 May 2015 05:05:35 PM IST     भाजपा ने कांग्रेस पर देश को लूटने का आरोप लगाया         भाजपा ने कांग्रेस पर देश को लूटने का आरोप लगाया कांग्रेस पर हमला बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पूर्व संप्रग सरकार पर आरोप लगाया कि उसने घोटालों के जरिए देश को ‘लूटने’ का काम किया. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने एक साल के शासन में बड़ी मात्रा में राजस्व जुटाया है. शाह ने कहा, ‘‘संप्रग सरकार ने जहां 76 घोटाले कर देश के 10 लाख करोड़ रूपये लूटे, वहीं नरेंद्र मोदी नीत राजग सरकार ने 230 खदानों की नीलामी कर दो लाख करोड़ रूपये और स्पेक्ट्रम आवंटन से एक लाख करोड़ रूपये का राजस्व जुटाया है.’’    वह शासन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर यूडीएफ सरकार के खिलाफ पार्टी के आंदोलन के तहत भाजपा के ‘सचिवालय घेराव’ कार्यक्रम की शुरूआत कर रहे थे.शहर में भारी बारिश के बावजूद बैठक हुई.    प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कांग्रेस के ताने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मोदी को विदेश यात्राओं के दौरान मिला सम्मान किसी खास व्यक्ति या भाजपा के लिए नहीं, बल्कि देश के लोगों के लिए है. उन्होंने कहा, ‘‘

लुप्त हो चुकी प्राचीनतम सरस्वती नदी की जलधारा बह निकली'

14 मई 2015 लुप्त हो चुकी प्राचीनतम सरस्वती नदी की जलधारा बह निकली' लुप्त हो चुकी प्राचीनतम सरस्वती नदी की जलधारा बह निकली' यमुनानगर के मुगलवाली गांव के पास खुदाई में मिला जल प्रवाह डा. गणेश दत्त (हरियाणा) प्राचीनतम और हजारों साल पहले लुप्त हो चुकी सरस्वती नदी अपने उद्गम स्थल से फिर जलधारा के रूप में उस समय बह निकली, कई दिनों से नदी के उद्गम स्थल आदिबद्री क्षेत्र में गांव मुगलवाली के पास चल रही खुदाई में गत दिवस अचानक जलधारा फूट पडी। खुदाई का शुभारंभ हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवरपाल ने 21 अप्रैल कोशुरू किया था। जल प्रवाह  निकलने का समाचार मिलते ही जिला उपायुक्त डा.एस.एस. फुलिया सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। यहां उपायुक्त की उपस्थिति में एक अन्य स्थान पर खुदाई की गई। वहां भी 8-9 फुट पर पानी निकला, सरस्वती नदी जिसे अब तक सैटलाइट के माध्यम से ही देखा जा रहा था और हजारों साल पहले धरा से लुप्त हो चुकी माना जाता रहा। लेकिन इसकी उपस्थिति की पुष्टि पुराणों में स्पष्ट बताई गई कि सरस्वती नदी का वजूद है। लेकिन उस समय यह सपना साकार हो गया जब यह जलधा

नकारात्मक पत्रकारिता समाज के लिए घातक- केतकर

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देश के समग्र विकास के लिये मीडिया का सकारात्मक होना आवश्यक – जे नंद कुमार जी मेरठ (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे नंद कुमार जी ने कहा कि देश के समग्र विकास के लिये मीडिया का सकारात्मक होना अत्यंत आवश्यक है. तथ्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो पत्रकार को समाचार लेखन के दौरान इसका विशेष ध्यान रखना चाहिये. जे नंद कुमार जी विश्व संवाद केंद्र मेरठ द्वारा नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ लोग जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक प्रकार से कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग समाचार को तोड़ मरोड़कर केवल टीआरपी के लिये ही लेखन एवं वाचन कर रहे हैं जो राष्ट्रहित एवं पत्रकारिता के लिये ठीक नहीं है. आज देश के एक बड़े वर्ग को मीडिया से अपेक्षा है कि मीडिया उनके लिये समाज प्रहरी का कार्य करेगा. उन्होंने कहा कि नारद जी इस दृष्टि से बहुआयामी व्यक्तित्व वाले सृष्टि के प्रथम संवाददाता थे. वे सर्वश्रेष्ठ सम्प्रेषणकर्ता माने गये हैं. वे सर्वत्र संचार करते थे तथा सर्वत्र ही विश्वसनीय थे. वर्तमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया , सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी तीन योजनाओं का उद्घाटन

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कोलकाता.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी  तीन योजनाओं  का उद्घाटन कर दिया। ये योजनाएं हैं-प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा, 'इन तीनों योजनाओं की औपचारिक शुरुआत एक जून से होनी है। लेकिन औपचारिक शुरुआत से पहले ही बैंकों ने इन योजनाओं को लागू कर दिया है। मैं आपको बताना चाहूंगा कि इस साल एक मई से 7 मई के बीच ही 5 करोड़ 5 लाख लोगों ने इन तीनों योजनाओं का लाभ उठा लिया है।' पीएम ने कहा कि देश में जन धन योजना के तहत 15 करोड़ बैंक खाते खोले गए। देश के 115 शहरों में इन योजनाओं का एक साथ लॉन्च किया गया। इसके लिए एनडीए सरकार के 10 मंत्री बिहार और सात मंत्री उत्तर प्रदेश में मौजूद रहे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मुंबई में इसकी शुरुआत की। इन योजनाओं पर नजर डालिए: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) कौन ले सकता है फायदा?  जो लोग 18 से 50 साल के हैं और जिनके पास बैंक खाते हैं। इसके तहत 55 साल की उम्र तक बीमा कवर रहेगा। प्रीमियम  330 रुपए सालाना। एक

पोखरण 2 : प्रधानमंत्री वाजपेयी का देश को दिया सुरक्षा कबच

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पोखरण 2 भारत के परमाणु परीक्षण प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने पूरे विश्व  की चुनौती तथा प्रतिबंधों  की चिंता किये बिना परमाणु परिक्षण कर देश को स्वाभिनं और सुरक्षा प्रदान की   भारत ने सन् १८ मई, १९७४ में पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया। दूसरा परमाणु परीक्षण सन् 1998 में पोखरन में ही हुआ। उस समय भारत सरकार ने घोषणा की थी कि भारत का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यो के लिये होगा और यह परीक्षण भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये किया गया है। बाद में ११ और १३ मई, १९९८ को पाँच और भूमिगत परमाणु परीक्षण किये और भारत ने स्वयं को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। इनमें ४५ किलोटन का एक तापीय परमाणु उपकरण शामिल था जिसे प्रायः पर हाइड्रोजन बम के नाम से जाना जाता है। ११ मई को हुए परमाणु परीक्षण में १५ किलोटन का विखंडन उपकरण और ०.२ किलोटन का सहायक उपकरण शामिल था। भारत ने मई 11 और मई 13, 1998 को राजस्थान के पोरखरण परमाणु स्थल पर पांच परमाणु परीक्षण किये थे जिनमें 45 किलोटन का एक तापीय परमाणु उपकरण शामिल था जिसे आमतौर पर हाइड्रोजन बम के नाम से जाना जाता है