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स्वस्मित्व योजना बनाम स्वामित्व का कोई प्रश्न सिविल मुकदमे द्वारा तय होगा

  मध्यप्रदेश राजस्व न्यायालयों को बंटवारे का अधिकार  मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय नागजीराम बनाम मांगीलाल एवं अन्य। 21 अप्रैल, 1976 को समतुल्य उद्धरण: एआईआर 1977 एमपी 8 लेखक: एस दयाल बेंच: एसडी वर्मा, बी दुबे निर्णय शिव दयाल, सी.जे 1. एक डिवीजन बेंच ने पैत्रम बनाम राजस्व बोर्ड (1968 जब एलजे 304) और गंगाराम बनाम कन्हैयालाल (1971 जब एलजे 819) के बीच 'विवाद को सुलझाने' के लिए इस मामले को हमारे पास भेजा है। उन मामलों का निर्णय दो अलग-अलग खंडपीठों द्वारा किया गया। उन दोनों में सवाल यह था कि तहसीलदार क्या कर सकता है और उसे मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता की धारा 178 (1) के तहत उसके समक्ष किए गए विभाजन के आवेदन पर कैसे आगे बढ़ना चाहिए। 1959 (इसके बाद संहिता के रूप में संदर्भित) जब स्वामित्व का कोई प्रश्न उठाया जाता है। संहिता की धारा 178 इस प्रकार है:-- " धारा 178 जोत का विभाजन:-- (1) यदि धारा 59 के तहत कृषि के प्रयोजन के लिए मूल्यांकन की गई किसी भी जोत में एक से अधिक भूमिस्वामी हैं, तो ऐसा कोई भी भूमिस्वामी जोत में अपने हिस्से के विभाजन के लिए तहसीलदार को आवेदन कर सकता है: बशर्ते कि ...

मात्र कब्जा होनें से मालिकाना हक नहीं हो जाता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल लंबे समय तक किसी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा रहने मात्र से उस पर कोई कानूनी अधिकार या मालिकाना हक प्राप्त नहीं होता है。  वैध अधिकार साबित करने के लिए आवंटन पत्र, लीज डीड या पट्टा जैसे ठोस कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत करने अनिवार्य हैं。 मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:न्यायालय:  यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार) ने अलीगढ़ नगर निगम से जुड़े एक मामले में दिया था。 अवैध कब्जा: अदालत ने माना कि बिना किसी आवंटन के, या बिना किसी पट्टे/किरायानामे के केवल दशकों तक कब्जा जमाए रखने से सरकारी संपत्ति आपकी नहीं हो जाती。 दस्तावेजों का महत्व: फ्रीहोल्ड अधिकार या वैध किरायेदार होने का दावा करने वालों को संबंधित सरकारी विभाग का रिकॉर्ड और वैध रसीदें पेश करनी होती हैं。कानून के अनुसार सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना सभी का दायित्व है。  यदि वैध दस्तावेज मौजूद न हों, तो ऐसे अनधिकृत कब्जों को बेदखली नोटिस जारी कर हटाया जा सकता है。 यदि आप इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं या किसी विशिष्ट कानूनी संपत्ति विवा...