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कोटा संभाग निकाय चुनाव परिणाम

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कोटा संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) क -  1- कोटा नगर निगम - obc महिला / 100 वार्ड   भाजपा  2- रामगन्जमंडी   सामान्य /40 भाजपा  3- सांगोद    सामान्य /35 भाजपा  4-सुल्तानपुर   सामान्य sc/25 भाजपा  5-इटावा  सामान्य महिला /35 भाजपा  6- सुकेत  सामान्यobc /25 ..... ख - बूँदी  1- बूँदी / सामान्य  भाजपा  2- के पाटन / सामान्य  भाजपा  3- कापरेन / सामान्य महिला  कांग्रेस  4- लाखेरी / सामान्य  भाजपा  5- इंद्रगढ़ / सामान्य महिला  भाजपा  6- नैनबा / सामान्य  कांग्रेस  7- हिण्डोली / सामान्य  कांग्रेस  8- देई / सामान्य sc  भाजपा  ग - झालावाड़  1- झालावाड़ / OBC जनरल  कांग्रेस  2- झालरापाटन / सामान्य  भाजपा  3- खानपुर / सामान्य महिला  कांग्रेस - कांता शाहू  4- मनोहर थाना  / सामान्य भाजपा  5- अकलेरा OBC महिला भाजपा  6- पिडावा  / सामान्य  भाजपा  7- भवानी...

निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम : अरविन्द सिसोदिया

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निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम : अरविन्द सिसोदिया कोटा, 21 सितंबर। भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने निकाय चुनाव परिणामों पर जारी विज्ञप्ति में कहा है कि, “राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में मेयर, सभापति और पालिका अध्यक्ष के चुनाव परिणामों के बाद 304 निकायों में से 301 की तस्वीर साफ हो गई है। आंकड़ों के अनुसार 197 निकायों में भाजपा, 94 में कांग्रेस, 7 में निर्दलीय तथा एक-एक निकाय में आम आदमी पार्टी, सीपीआईएम और आरएलपी के लगभग बोर्ड बने हैं। साथ ही, शेष तीन निकायों में 25 सितंबर को बोर्डों का गठन होगा, किंतु उनमें भी भाजपा की स्पष्ट विजय तय है। इस प्रकार राजस्थान में अब भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार भारी बहुमत से सेवारत हो गई है।” भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने इन परिणामों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोककल्याणकारी नीतियों, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसेवी सरकार के सुशासन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के कुशल संगठन नेतृत्व और भाजपा की राष्ट्रप्रथम की नीतियों पर जनता क...

'उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन' क्यों...?

ऑपइंडिया सरकार और नीतिसमाचार रिपोर्टराय लिंक को क्लिक करें  हाई पवार कमेटी क्यों.. क्या देश पर भारी संकट है..? प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन के गठन की घोषणा के साथ, जानिए किन राज्यों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहे हैं और इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 15 अगस्त, 2025/  श्रद्धा पांडे लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को 'उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन' की शुरुआत की घोषणा की । पीएम मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को चेतावनी देने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि भारत की जनसांख्यिकीय संरचना को बदलने के लिए देश में एक सुनियोजित साजिश चल रही है। 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने घुसपैठियों के खिलाफ चेतावनी दी, जो भारतीय युवाओं की आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं, बहनों और बेटियों को निशाना बना रहे हैं और जमीन हड़पने के लिए आदिवासी समुदायों को गुमराह कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मो...

जनसांख्यिकीय हेरफेर घुसपैठ से कहीं अधिक सामाजिक सद्भाव के लिए 'बड़ा खतरा' है: प्रधानमंत्री मोदी

जनसंख्या असंतुलन के अध्ययन हेतु वह सब कुछ जो मूल पृष्ठ भूमि में है..... पूरा पढ़ने पर ही समझ आयेगा.... एक रिपोर्ट का लिंक है इसे खोल कर पढ़ें ======1====== प्रधानमंत्री [नरेंद्र मोदी] ने जनसंख्या असंतुलन (Demographic Imbalance) और अवैध घुसपैठ की यह गंभीर आशंका लाल किले की प्राचीर से ही देश के सामने रखी थी.  79वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने इस विषय पर कड़ा रुख अपनाया था:  * लाल किले से दिया गया बयान: पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, "एक सोची-समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) को बदला जा रहा है और एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं".  * घुसपैठियों पर प्रहार: उन्होंने आगाह किया कि घुसपैठिए देश के युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं और सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा व सामाजिक स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं.  * मिशन की घोषणा: इसी ऐतिहासिक संबोधन के दौरान उन्होंने देश में अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलावों से निपटने के लिए एक 'हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन' (High-Powered Demography Mission) शुरू कर...

यमराज - सावित्री संवाद Dialogue between Yamaraj and Savitri

महाभारत के वन पर्व में वर्णित यम-सावित्री संवाद सनातन इतिहास की सबसे प्रेरणादायक और नीतिपूर्ण चर्चाओं में से एक है। जब यमराज सत्यवान के प्राण लेकर जाने लगे, तो सावित्री उनके पीछे-पीछे चल दीं। इस दौरान सावित्री ने धर्म, कर्तव्य, और नीति पर ऐसे गहरे तर्क दिए कि यमराज अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्हें बार-बार वरदान देने के लिए विवश होना पड़ा। अंततः सावित्री की बुद्धिमत्ता और पतिभक्ति के आगे मृत्यु को भी झुकना पड़ा और यमराज ने सत्यवान के प्राणों को पुनः लौटा दिया। यम और सावित्री संवाद हिंदू पौराणिक कथाओं (महाभारत के वन पर्व) का एक अत्यंत प्रसिद्ध और प्रेरणादायक प्रसंग है, जिसमें पतिव्रता सावित्री अपने तर्कों, बुद्धिमानी और धर्म ज्ञान से मृत्यु के देवता यमराज को पराजित कर अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस ले आती हैं।  यह संवाद केवल एक भावनात्मक गुहार नहीं था, बल्कि यह धर्म, नीति, कर्तव्य और ब्रह्मांडीय नियमों पर आधारित एक उच्च बौद्धिक चर्चा (तर्क-वितर्क) थी।  ## संवाद की मुख्य बातें और वरदान: जब सत्यवान की मृत्यु के बाद यमराज उसके सूक्ष्म शरीर (प्राण) को लेकर जाने लगे, तो सावित्री भी उ...

भारत की युवा शक्ति राष्ट्रवाद के साथ दृढ़ता से खड़ी है - अरविन्द सिसोदिया

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भारतीय युवाओं ने अराजकता और गालीबाज़ राजनीति को सिरे से नकारा — अरविन्द सिसोदिया भारत की युवा शक्ति राष्ट्रवाद के साथ दृढ़ता से खड़ी है - अरविन्द सिसोदिया  कोटा, 20 सितंबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने पंजाब और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ तथा कोटा नगर निगम चुनाव में राष्ट्रवादी विचारधारा की प्रचण्ड विजय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, “भारत की युवा शक्ति राष्ट्रवाद के साथ दृढ़ता से खड़ी है। युवाओं और जागरूक मतदाताओं ने अराजकता, गंदी गाली-गलौज, हास्यास्पद और जोकरटाइप हरकतों की नकारात्मक राजनीति को सिरे से नकारते हुए भारतीय संस्कृति के जीवनमूल्यों पर आधारित राष्ट्रहित, विकास और सकारात्मक राजनीति को सर्वोच्चता प्रदान की है।” सिसोदिया ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव तक सामने आए परिणामों को युवाओं की राजनीतिक सोच के राष्ट्रहित के साथ मजबूती से खड़े होने के साक्ष्य के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, “नई पीढ़ी के राजनीतिक विमर्श में सद्गुण, आदरभाव, अनुशासन सहि...

Lord Dattatreya's 24 Gurus and the Teachings Received from Them

श्रीमद्भागवत पुराण के एकादश स्कंध (11वें अध्याय) के अनुसार, भगवान दत्तात्रेय ने राजा यदु को अपने सभी 24 गुरुओं और उनसे मिली शिक्षाओं के बारे में विस्तार से बताया था। ****भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरुओं की कथा श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार ज्ञान, अनासक्ति और आत्म-साक्षात्कार का एक अद्भुत संदेश देती है, जिसके तहत उन्होंने किसी एक व्यक्ति को नहीं बल्कि प्रकृति (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, सूर्य, चंद्रमा, समुद्र), जीव-जंतुओं (कबूतर,अजगर, पतंगा, मधुमक्खी, भौंरा, हाथी, हिरण,मछली,सांप, मकड़ी, भृंगी, टिटहरी और विभिन्न इंसानी रूपों पिंगला वेश्या, कुमारी कन्या, तीरगर, बालक को अपना गुरु बनाया। इन सभी से उन्होंने सीखा कि संसार में रहते हुए भी कैसे धैर्य, सहनशीलता, एकाग्रता और संतोष को अपनाया जाए, तथा इंद्रियों के झूठे आकर्षण, अत्यधिक मोह, धन-संचय और अहंकार का त्याग करके कैसे ईश्वर में मन लगाया जाए। संक्षेप में, दत्तात्रेय जी की यह शिक्षा हमें बताती है कि यदि हमारे भीतर सीखने की सच्ची जिज्ञासा हो, तो ब्रह्मांड का कण-कण हमें आत्मज्ञान और परम शांति का मार्ग दिखा सकता है। ====== यहाँ भगवान दत्तात्रेय ...

जाति व्यवस्था: कौशल विकास और धार्मिक सुरक्षा कवच

जाति व्यवस्था: कौशल विकास और धार्मिक सुरक्षा कवच या विदेशी दुष्प्रचार ?  — अरविन्द सिसोदिया वर्तमान दौर में जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को पुनः स्थापित कर रहा है, तब यह आवश्यक हो जाता है कि हम अपने अतीत के सामाजिक ताने-बाने का निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन करें। लंबे समय से भारतीय समाज को पिछड़ेपन और कुरीतियों का पर्याय बनाकर प्रस्तुत किया जाता रहा है। विशेषकर भारत की पारंपरिक जाति (वर्ण) व्यवस्था को हमेशा एक शोषक तंत्र के रूप में ही रेखांकित किया गया। परंतु, यदि हम औपनिवेशिक चश्मे को उतारकर भारतीय दृष्टिकोण से देखें, तो यह व्यवस्था वास्तव में अपने समय की सबसे अनूठी कौशल विकास योजना (Skill Development Program) होने के साथ-साथ समाज का एक अभेद्य धार्मिक और सांप्रदायिक सुरक्षा कवच भी थी। जिसे बाद में विदेशी आक्रांताओं और ब्रिटिश नीतिशिल्पियों द्वारा एक सोचे-समझे षड्यंत्र के तहत दुष्प्रचारित किया गया। पारिवारिक गुरुकुल और शत-प्रतिशत रोजगार की गारंटी प्राचीन भारत में ज्ञान, शिल्प और हुनर का हस्तांतरण आज की तरह महंगे विश्वविद्यालयों या कागजी डिग्रियों पर निर्भर नहीं ...

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति 25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 17 सितंबर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी की 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा केवल सत्ता संचालन की यात्रा नहीं, बल्कि स्वाभिमानी, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण के संकल्प की ऐतिहासिक यात्रा है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई शासन-नेतृत्व की यह यात्रा आज देश के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल तक पहुंच चुकी है। इन 25 वर्षों में विकास, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने देश की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान की है। सिसोदिया ने कहा कि गुजरात से लेकर भारत और भारत से वैश्विक मंच तक मोदीजी की यात्रा ने शासन की प्राथमिकताओं को जनभागीदारी, परिणामोन्मुखी प्रशासन और अंतिम व्यक्ति तक विकास प...

भजनलाल शर्मा सरकार पर जनता की संतुष्टि की मोहर — अरविन्द सिसोदिया

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भजनलाल शर्मा सरकार पर जनता की संतुष्टि की मोहर — अरविन्द सिसोदिया  कोटा, 15 सितंबर । भाजपा मीडिया विभाग के कोटा संभाग संयोजक एवं राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया नें कहा कि "राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली शानदार सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के सुशासन, विकास और जनहितकारी कार्यों पर जनता के विश्वास की स्पष्ट अभिव्यक्ति है।" उन्होंने कहा कि " यह विजय भाजपा की कार्यशैली और सरकार की उपलब्धियों पर जनता की संतुष्टि की मोहर है।"  भाजपा के वरिष्ठ नेता सिसोदिया ने निकाय चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " राजस्थान की जनता ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की राजनीति के साथ खड़ी है। निकाय चुनावों में भाजपा का मजबूत प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकास की गारंटी और मुख्यमंत्री भज...