कविता - में भी मोदी, वह भी मोदी, हम सब तो मोदी हैं,
में भी मोदी, वह भी मोदी, हम सब तो मोदी हैं, राष्ट्र प्रथम है हम सबको, समझ लो सब गद्दारों। एक मोदी की कब्र खोद के क्या कर लोगे, बच्चा बच्चा मोदी है, हम है करोड़ो मोदी वाले। में भी मोदी, वह भी मोदी, हम सब तो मोदी हैं। ===1=== भारत माँ के सपूत हैं हम, ज्वाला सी पहचान लिए, सीने में तूफान लिए, हाथली पर जान लिए । जो आँख उठाए भारत पर, मिट्टी में मिला देंगे, शेरों की इस धरती पर, सियार कहाँ टिक पाएंगे। में भी मोदी, वह भी मोदी.......... ===2=== हर घर में अब चिंगारी है, हर दिल में अंगारों की आग, देशभक्ति की इस धड़कन से, काँपे झूठ के सारे ख्वाब। ना बिकेंगे, ना झुकेंगे, ना डरेंगे हथियारों से, हम निकले हैं प्रलय बनकर, अत्याचारों के विरुद्ध प्रहारों को । में भी मोदी, वह भी मोदी....... ===3=== कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, राष्ट्रधर्म का ही नारा गूँजेगा, भारत माता की जय बोलेगा, वन्देमातरम बोलेगा, एक विधान, एक निशान, अब हर दिल की आवाज़ बने, मोदी युग में भारत माता फिर से विश्व सिरमौर बनी । में भी मोदी, वह भी मोदी...... ===4=== गरीब के आँसू पोंछे जिसने, उसको कहते मोदी हैं, सीमा पर जो डटा हुआ है,...