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जुलाई, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वोट की राजनीति के लिए राष्ट्रघाती पाखंड ठीक नही .

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वोट बैंक की राजनीति के लिए ,  हिन्दुओं पर कीचड़ उछालो, सेना  पर कीचड़ उछालो, पुलिस पर कीचड़ उछालो     - अरविन्द सीसोदिया अब सी बी आई के हाथ गुजरात  के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ बड रहे हैं,बिहार चुनाव  आते आते गुजरात सरकार के गृह राज्यमंत्री अमित शाह को गिरिफ्तर कर लिया और उत्तर प्रदेश के चुनाव आते आते यह हाथ गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी को भी फंसा कर त्याग पत्र  दे ने के लिए  विवश  करने के षड्यंत्र क़ी और बड़ रहे हैं . यह खेल कांग्रेस के उन्ही खेलों में से है, जो पहले से वोट बैंक की राजनीति और सरकार को बचाए रखने के लिए विपक्ष में फुट डालो राज करो अभियान के तहत हो रही है . राजनीति में सब जायज है में इस बात का पक्ष धर  नहीं हूँ , राजनीति में वह चीज  जो देश हित के विरुद्ध हो , जो समाज हित क़ी विरुद्ध हो और जो सामान्य सामाजिक गतिविधियों के विरूद्ध हो उनका प्रोत्साहन नही करना चाहिए . कांग्रेस और कई अन्य राजनैतिक दल , दल गत फायदे के लिए इस तरह के अनेकों काम लगातार हो रहे हैं .    कांग्रेस मुस्लिम वोटों को अपनें दल के पक्ष में रखने के लिए वे सभी काम कर रही है जो सभी द्रष्

गुरु पूर्णिमा

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गुरु पूर्णिमा के पवन पर्व पर हार्दिक बधाई एवं शुभ कामनाएं  ! -अरविन्द सीसोदिया हरिहर आदिक जगत में पूज्य देव जो कोय । सदगुरु की पूजा किये सबकी पूजा होय ॥ सच्चे सदगुरु शिष्य की सुषुप्त शक्तियों को जाग्रत करते हैं, योग की शिक्षा देते हैं, ज्ञान की मस्ती देते हैं, भक्ति की सरिता में अवगाहन कराते हैं और कर्म में निष्कामता सिखाते हैं। इस नश्वर शरीर में अशरीरी आत्मा का ज्ञान कराकर जीते-जी मुक्ति दिलाते हैं। हमारे श्रध्ये श्री श्री १००८ पूज्य श्री गोमतीदास जी महाराज के चरणों में श्रद्धा वंदन !! गुरुपूनम जैसे पर्व हमें सूचित करते हैं कि हमारी बुद्धि और तर्क जहाँ तक जाते हैं उन्हें जाने दो। यदि तर्क और बुद्धि के द्वारा तुम्हें भीतर का रस महसूस न हो तो प्रेम के पुष्प के द्वारा किसी ऐसे अलख के औलिया से पास पहुँच जाओ जो तुम्हारे हृदय में छिपे हुए प्रभुरस के द्वार को पलभर में खोल दें। मैं कई बार कहता हुँ कि पैसा कमाने के लिए पैसा चाहिए, शांति चाहिए, प्रेम पाने के लिए प्रेम चाहिए। जब ऐसे महापुरुषों के पास हम निःस्वार्थ, निःसंदेह, तर्करहित होकर केवल प्रेम के पुष्प लेकर पहुँचते हैं, श्

अपने राजनैतिक स्वार्थ की रोटियां

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  हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं  हो सकता - अरविन्द सीसोदिया पूरी दुनिया में एक चर्चा  है, यह सही है क़ी धर्म कोई आतंकवाद नहीं होता, मगर लगभग हर दूसरी  घटना के पीछे कोई ना कोई मुस्लिम व्यक्ती खड़ा नजर आता है, यह बात भारत में लगभग कई वर्षों से गूंज रही है . क्यों क़ी यह एक ज्वलंत प्रश्न  है . अफगानिस्तान , पाकिस्तान और भारत में तो स्पष्टता से सामने आया है क़ी पाकिस्तानीं व्यक्तियों के द्वारा  संगठित रूप में आतंकवाद चलाया जा रहा है . उनके प्रशिकक्षण  के अड्डों की जानकारी है , हर महीने  दो महीने  में आप पाकिस्तान को धमकी देते हो , चेतावनी देते हो, बातें करते हो .. वह बड़ी बेहयाई से  तुम्हरी  बातों को हवा में उडा देता है .  भारत क़ी सरकार और उसके सुरक्षा बल ना तो उसको रोक पा रहे हैं ना ही उन्हें माकूल जबाब दे पा रहे हैं. अमेरिका में हेडली क़ी पूछताछ के बाद जो खुलासे हुए उनसे भी साफ होगया क़ी गलती पर भारत सरकार और भारतीय मीडिया में बैठे कुछ आतंकवाद के पोषक हैं .           आप उनका तो कुछ  बिगाड़ नही पा रहे जो वास्तव में आतंकवादी हैं , जो कभी आतंकवादी नही हो सकते  उनके माथे आतंकवाद मढ़  रहे हो.

राहुल गांधी की ताजपोशी - हिंदू आतंकवाद का भूत

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मुस्लिम वोट ठगी के लिए, अब हिन्दू आतंकवाद का सगूफा .... आग मत लगाओ यह तुमसे नही बुझेगी - अरविन्द सीसोदिया     राजनीती में वोट बैंक की राजनीती ना हो तो कैसे काम चलेगा.प्रेम और जंग में सब जायज है. मगर सब कुछ जायज नही है . जो चीज देश के लिए उसकी एकता और सोहार्द के लिए मुसीबत बन जाये वह ठीक नही कही जा सकती . गृहकलह और आंतरिक द्वंद  क़ी शिरू आत नही करें .पहले ही देश साम्पदायिक आधार पर बंट चुका है . सीमा पर का साम्पदायिक तमाशा आप रोक नही पा रहे हैं . आपकी गैर जिमेवाराना हरकत देश के अन्दर से भयावह परिणाम और नासूरी समस्या उत्पन्न कर सकती हैं.     मुस्लमान ने कांग्रेस को वोट देना छोड़ दिया और भी वोट बैंक थे उनने भी कांग्रेस को वोट देना छोड़ा है.वह वोट बैंक जो भाजपा पर नही है और आसानी से तोडा जा सकता है वह मुस्लमान माना जा रहा है.इसके लिए ही सारे काम हो रहे हैं,छेः वर्षों के अथक प्रयास के बाद भी उतने वोट नही आये जितने आने चाहिए थे.कई राज्यों के मुसलमानों ने कांग्रेस को वोट ही नही दिया . उसी का नतीजा है कि अब नई नीति के तहत उसे डराने के लिए हिदू आतंकवाद का सगूफा खड़ा किया  गया है .कांग्रेस

संघ - देश की सबसे बड़ी देशभक्त संस्था

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कांग्रेस की ,विकृत मानसिकता ही संघ पर मिथ्यारोप करती रहती है . भारत को निंगल जाने वाली ताकतें भीं संघ विरोधी हैं . षड्यंत्र के आगे झुकें नहीं..! - अरविन्द सीसोदिया संघ राष्ट्रभक्ति की पाठशाला और देश की सबसे बड़ी देशभक्त संस्था है। संघ के घोर विरोधी भी इसकी राष्ट्रभक्ति पर शक नहीं करते,सीबीआई के निदेशक अश्विनी कुमार  ने आन रिकार्ड कहा है कि संघ या उसके किसी पदाधिकारी से हिन्दु आतंकवादी मामले में कोई पूछताछ नहीं की गई है। कांग्रेसी नेताओं के इस तरह के गलत आरोप ध्यान बांटने की रणनीति है जिसका उद्देश्य महंगाई जैसी जनता से जुड़ी समस्याओं को पीछे करना है। संघ पर आतंकवादी होनें का आरोप,आतंकवादियों के पक्ष में खड़ी कांग्रेस और उनके नेता दिग्विजय सिंह नें लगाये हैं.आतंकवादियों से साहनुभूति रखने के आरोप से घिरी कांगेस और सिंह पहले भी अनेकों बार संघ के विरुद्ध बे-बुनियाद जहर उगलते रहे हैं .   सच यह है कि दया के पात्र तो दिग्विजय सिंह हैं,वे बहुत ही गंभीर किस्म कि उपेक्षा भुगत रहे हैं , केन्द्रीय मंत्री मंडल में आना चाहते थे,वहां आगये वीरभद्र सिंह. मंत्री मंडल विस्तार या बदलाव कि भी जब

गुरू पूर्णिमा - गुरु से बड़ा संसार में कोई तत्व नहीं है

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- अरविन्द सीसोदिया         आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा कहते हैं। यह  पूर्णिमा गुरु पूजन का पर्व है। वर्ष की अन्य सभी पूर्णिमाओं में इस पूर्णिमा का महत्व सबसे अधिक है। भारतीय संस्कृति में ‘आचार्य देवो भव’ कहकर गुरु को शिष्य द्वारा असीम आदर एवं श्रद्धा का पात्र माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य के तीन प्रत्यक्ष देव हैं - 1. माता 2. पिता 3. गुरु । इन्हें ब्रह्मण, विष्णु, महेश की उपाधि दी गई है। मां जन्म देती है, जीवन की रचयिता है इसीलिए ब्रह्म हैं। पिता जीवन के पालनकर्ता हैं, इसीलिए विष्णु का रूप माने जाते हैं। गुरु माया, मोह और अंधकार का  नाश करता है.इसलिए वे महेश के रूप में माने जाते हैं .       गुरु पूर्णिमा का दिवस केवल गुरु पूजा का दिवस नहीं है, बल्कि यह दिवस प्रत्येक शिष्य के अपने-अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति का दिवस है। प्राचीन ऋषियों ने हमारे जीवन को चार भागों में बांटा था - ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुलों में जाकर विद्याध्ययन किया करते थे। उन्हें तपोमय जीवन व्यतीत करने और संयम तथा चार

आतंकवाद का प्लेटफोर्म - कांग्रेस

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आतंकवादियों के 'प्रवक्ता' - मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला - अरविन्द सीसोदिया भारत सरकार किस बात के इंतजार में है ..., भारत के प्रधान मंत्री की अपील को ठोकर मारने वाली पीडीपी की मान्यता समाप्त हो जानी चाहिए थी , उमर की सरकार भंग हो जानी चाहिए थी .   पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि उनकी पार्टी द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में प्रस्तावित स्वशासन ( भारत से अलग होना ) ही राज्य की विभिन्न समस्याओं का एकमात्र समाधान है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय गृह मंत्री मुफ्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि उनके क्षेत्र की सभी समस्याओं का समाधान करने का एकमात्र उपाय स्वशासन ( भारत से अलग होना ) है। सईद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि क्षेत्र के सभी वर्गों के लोगों की इच्छाओं एवं आकांक्षाओं को शामिल कर पार्टी द्वारा प्रस्तावित स्वशासन ( भारत से अलग  होना ) के बारे में लोगों को शिक्षित करें। इस संदेश का स्पष्ट मतलव है कि वे भारत से कश्मीर को अलग करने का षड्यंत्र चला रहे हैं , हम उन्हें उनके नापाक मंसूवे पूरा करने का अवसर दे रहें हैं. १

लौकी जूस पर यह आक्रमण

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अब लौकी निशाने  पर ...! बहु-राष्ट्रिय  कंम्पनियों का खेल  .....!! - अरविन्द सीसोदिया मेरा निश्चय यह है की वैज्ञानिक की मृत्यु की सही- सही जाँच होनी चाहिए , यह सिर्फ एक दुर्घटना है या कोई षड्यंत्र ..?  यदि   किसी मौषम के  कारण  से बदलाव  हुआ तो उसका कारण भी सामने आना चाहिए ..!! पहली खबर  - राजधानी देहली  के नानकुपरा में रहने वाले सीएसआईआर के वैज्ञानिक सुशील सक्सेना की  कथित तोर   पर लौकी और करेला का मिक्स विषैले जूस पीने से मौत हो गई। सुशील सक्सेना (59) को डायबीटीज थी इसलिए वे रोजाना करेला व लौकी का जूस पीते थे। टीवी पर योग गुरू द्वारा जूस पीने की सलाह पर उन्होंने लौकी का जूस पीना शुरू किया था। उस दिन लौकी का जूस पीते ही उन्हें उलटियां होने लगी थी तब  अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहाँ यह तथ्य  ध्यान में रखना चाहिए कि वे काफी समय से यह जूस ले रहे थे ,जो हुआ अचानक हुआ,चार साल से लौकी व करेला का जूस पी रहे थे। फिर दूसरी  खबर - लौकी का जूस पीने से दिल्ली में एक वैज्ञानिक की मृत्यु   से पहले जहां पहले लौकी 40 रुपए प्रतिकिलो बिक रही थी, अब शहर की अलग-अलग सब्जी मंडियों में यह 25 स

जनसंख्या विस्फोट से भी ज्यादा खतरनाक है , जनसंख्या असंतुलन....!

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जनसंख्या विस्फोट से भी ज्यादा खतरनाक है , जनसंख्या असंतुलन....!  - अरविन्द सिसोदिया         भारत में 1950 के दशक में प्रति महिला बच्चों का औसत छह था.  भारत ने जनसंख्या विस्फोट की समस्या को समझा और जनसंख्या नियंत्रण के सुनियोजित प्रयास करने वाला पहला देश बना. तब से आधी सदी बाद आज भारत में जन्म दर घट के आधी रह गई है, लेकिन देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती, अब भी भारी जनसंख्या ही है. 20 वीं सदी के प्रारम्भ में जन्म दर और मृत्यु दर दोनो अधिक थीं, भारत में 1960 और 1970 के दौरान जनसंख्या विस्फोट हुआ जबकि मृत्यु दर में अचानक कमी आई क्यों कि महा संक्रामक बीमारियों पर काबू पा लिया गया , परन्तु जन्म दर अधिक (उच्च) ही बनी रही। इस अवधि के दौरान, भारत की जनसंख्या जो 1950 में थी उससे दुगुनी हो गई। तब लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया गया कि वे अपने परिवार का आकार घटाएं और प्रति महिला 6 बच्चों के स्थान पर दो बच्चों को ही जन्म दे। उस समय एक लोकप्रिय अभियान जैसे कि "हम दो हमारे दो " चलाया गया जिसका उद्देश्य छोटे परिवार की वांछनीयता पर ध्यान केन्द्रित करना था।     मगर इस जनसंख्या नियन्त्रण क

इशरत जहां - वोट बैंक कि राजनीति है असली आतंकवाद...!!!

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सुरक्षातन्त्र हतोत्साहित नहीं  हों  ...! आतंकी सरकारी  रिश्तेदार नहीं, देश के  दुश्मन है..!! - अरविन्द सीसोदिया   देश पर जब-जब भी हमले और षड्यंत्र पूर्ण आक्रमण हुए तब ही इस देश की रक्षा पंक्ति  ने ही दुश्मन का मुंह  तोडा है, चाहे सीमा पर सेना हो या राज्य में पुलिस हो या खुफिया  एजेंसी हों , इनके कार्यों को बिना सही जाँच पडताल के हतोत्साहित नही करना चाहिए ..! विशेषकर साम्प्रदायिकता के दवाव में , जब तक पाकिस्तान है, उसके दुश  -  परिणाम  भी हैं. कांग्रेस से यह विशेष शिकायत है कि वह वोट बैंक कि राजनीति में देश को ही समाप्त करने  की गलती कर रही है आपकी अभी तक की निति यह कह रही है की मुस्लिम है तो दोषी नही है और है तो दोषी है. यह चलने वाला नहीं है ना ही यह चलने दिया गायेगा .       अमेरिकी एजेंसी एफबीआई द्वारा पकड़े गए लश्‍कर-ए-तैयबा तथा मुंबई के 26/11 के आतंकवादी हमले के मुख्य आरोपी डेविड हेडली ने माना  है कि गुजरात में  मुठभेड़ में मारी गई   मुंबई की इशरत जहां खास मंसूबों को अंजाम देने वाली थी।  उसकी नियुक्तिटॉप लश्कर कमांडर मुजम्मिल ने की थी।वह भारत में संगठन के अभियानों का प्रभारी

जीवन रहस्य - २

जीवन रहस्य-1

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योग विवेचन - जीवन रहस्य-1 - मोहनलाल गालव   ( ग्राम -  कोयला , तहसील व जिला  बारां , राजस्थान.)  योग का पहला सूत्र , जीवन ऊर्जा है. (लाईफ़ इज  एनर्जी) जीवनी   शक्ति है, जीवन का चिर लक्षण प्रजनन है.  सोम व अग्नि  शक्ति पंचभूतों के रूप में परिवर्तित हो कर शरीर का संवर्धन करती है ,  गर्भ विज्ञान / एम्ब्र्योलोजी , शास्त्र में शरीर निर्माण प्रक्रिया का विस्तृत विवेचन मिलता   है. जिसका आरंभ गर्भित भ्रूण  से होता है.  इस प्रकार सृष्टि  की  प्रजनात्मक  प्रक्रिया ही काल  तत्व की  शक्ति द्वारा नवीनतम रूपों में भासित हो रही है.  बीज काल,  काल गणनानुसार बीज का बीज तक पहुंचना  है . जितनी अवधि में बीज आरोपण  तक  पहुंच   पाता   है . वह ही उसका बीज काल है .  प्रत्येक  गर्भित कोष फर्टीलाईज्ड - सेल  में जो स्पन्दन होता हे , वह बाहर से पंच तत्वों को केंद्र में खींच  कर उसका संवर्धन  करता हे .  वैज्ञानिकों के अनुसार एसिमिलेशन और एलिमिनेशन प्रक्रिया द्वारा पोषण प्राप्त करने के बाद संवर्धन होता है ,जिसे वैज्ञानिक   सेल - फिशन , सेल - डिविजन या ग्रोथ कि संज्ञा  देते हें. जीवन प्रजनन च

भारत बंद नही,प्रचंड महाबंद....!

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कांग्रेस का हाथ गरीव कि गर्दन  पर ...!! दलगत राजनीती से उपर उठें मंहगाई के मुद्दे पर !!! सरकारी मानसिकता काली इमरजेंसी कि और ...!!!! - अरविन्द सीसोदिया ५ जुलाई का भारत बंद सिर्फ ओपचारिकता नही थी बल्कि इसमें जनता कि भागेदारी  ने इसे महाबंद बना दिया .कम से कम २१वी सदी में इतना सफल बंद कभी नही रहा . मिडिया के  कुछ बन्धु दबे  स्वर और कुछ मुखर हो कर समाचार कि सत्यता के साथ खड़े हुये हैं.  यह सही है कि १९७४/७५ में तत्कालीन प्रधान मंत्री  इंदिरा गाँधी के विरोध  जयप्रकाश नारायण के नेत्रत्व में समग्र क्रांति के उस आन्दोलन कि याद इस महाबंद ने ताजा करदी हैं.    आज सवाल यह नही है कि बंद किसने आयोजित किया है,सवाल यह है कि बंद के प्लेटफोर्म पर आम व्यक्ति कि उपस्थिति हुई.घर से निकल कर आम आदमी सडक पर आया . क्यों को आम आदमी के मान में भी सवाल यह है कि क्या यह मन्हगाई बडाई जानी जरुरी थी? यदि आम आदमी को यह मन्हगाई वाजिव लगती तो इस  बंद का भी वही हाल होता जो पहले अन्य बन्दों के हुआ करते थे. मागार इस महंगी ने उसकी साँस रोकी है , जीना मुहाल किया है.   बंद कि एक भी तस्वीर ऐसी नही थी जिससे कांग्रेस को

मुख्यमंत्री अब्दुल्ला सरकार भंग कि जाये

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   हो जाने दो एक और तांडव नृत्य      हिन्दुओं को अमरनाथ यात्रा पर आने से हतोत्साहित करने कि सोची समझी चाल  --अरविन्द सीसोदिया हिदुओं के पवित्र तीर्थ बाबा अमरनाथ कि यात्रा प्रारंभ होने के ठीक पूर्व , कश्मीर में पाकिस्तान प्रेरित  अलगाववादी संगठनों के द्वारा , पूर्व नियोजित तरीके से  अशांति   का वातावरण बनाया जाना , एक सोची समझी चाल है. इस के पीछे मूलरूप से हिन्दुओं को अमरनाथ यात्रा पर आने से हतोत्साहित करना हे . यह सब जानते हें कि जब तक कश्मीर में सेना हे तब तक ही कश्मीर हे ..! कश्मीर से सेना को खदेड़ने कि और हिन्दुओं को अमरनाथ जाने से रोकने कि साजिस के तहत ही यह सब कुछ हो रहा हे .   कम उम्र बच्चों के द्वारा,  भारतीय सेना पर पत्थर   फेंकना , घायल करना और इसके लिए ५०० रूपये  का इनाम देना, ट्रकों के ट्रक पत्थर एकत्र कर के उसे सेना के विरुद्ध इस्तेमाल करना , मानव अधिकार उलंघन के आरोप लगाना यह सब सरकार कि सह  पर हो रहा हे . राज्य सरकार कि सह के बिना  यह हो ही नही सकता, जरूरत हे कि उमर अबुदूलाह सरकार भंग कि जाये  . .   कश्मीर में फिर वही आग कि लपटने उठने लगीं हें , फिर से स्वायतत्त