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नीरा कि जवानी,सारे भरते पानी ...!

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- अरविन्द सीसोदिया  नीरा कि जवानी,  सारे  भरते पानी ... पूंजीपतियों कि शैतानी... सरकार करे गुलामी... शरमाते महात्मा गांधी...!         *****१ *****  भ्रष्टाचार की गंगा,  ऊपर से नीचे आती.. सबसे ऊपर सोनिया जी  उनके नीचे मनमोहन जी  नीचे नीचे आते हैं पटवारी जी     ***** २  *****  गये साल तो नीरा ने किये थे तमाम इंतजाम .. अब तो वो कर नहीं सकती मगर याद आती ... राजा का बजा बाजा , टाटा का हुआ भाटा ..  किश्मत भी खूब खेल खिलती .... ***** ३  ***** सामने आई मीडिया कि कहानी बिकाऊ मण्डी बन गये अखबारी  दलालों की सामने दलाली  शर्म  फिर भी नहीं आती....!!  

दिल्ली बदनाम हुई .., खूब बदनाम हुई .., कांग्रेस तेरे राज में ......

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- अरविन्द सीसोदिया   यह अंग्रेजी साल का अंतिम दिन है , मगर इसका कोई अर्थ नहीं है क्यों कि हम बजट में साल १ अप्रेल से प्रारंभ करते हैं और हमारा अपना वर्ष चैत्र सुदी एकम से प्रारंभ होता है !! खै सन के रूपमें हम इसे विदा कर रहे हैं और अखबार साल के किस्से छाप  रहे हैं कौन कितना बदनाम हुआ या कौन कितना मशहूर हुआ !! कौन खास रहा और खासियत से गिर गया !! घोटालों गिनाने की जरुरत नहीं है..आप सब जानते हैं रोज चर्चा में हैं .... दिल्ली इसलिए भी बदनाम हुई की प्रधानमंत्री तो रिवोट प्रधानमंत्री थे ही मगर ... भारत के राष्ट्रपति से करवाई गईं दो नियुक्तियां भी सरकार के नैतिक पतन के बखेड़े  की लिस्ट को लंबा करते हैं ..! में राजनीति कि कुछ समझ रखता हूँ ..,  मेरी दृष्टि में दिल्ली का नैतिक पतन अवश्य इस साल में सन में सबसे विचारणीय  प्रश्न  है! * इटली के लोग भारतीय नैतिकताओं को नहीं समझ सकते..ठीक हे  !! * ...मगर जिम्मेवार पदों पर तो भारतीय ही हैं...?  * वे क्यों यह नहीं समझते या समझाते की इतिहास सब कुछ याद रखता है !! * प्रणव  दा या मनमोहन सिंह को यह याद क्यों नहीं है कि बोफोर्स घोटाले के बाद आज तक क

१ जनवरी : यह तो अंगेजों का कामकाजी साल है

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भारतीय नव वर्ष ही ईश्वरीय है ....... - अरविन्द सीसोदिया   सामान्यतः सभी धर्मो और पंथों में , मानव आचरण  के दो पहलू  सामनें आते हैं , वे हैं अच्छाई और बुराई ...! इनके पक्ष में चलने वाले क्रमशः अच्छे और बुरे लोग माने जाते हैं ..! जो कुछ ३१ दिसम्बर  की रात  और १ जनवरी के प्रारंभ को लेकर यूरोप - अमेरिका और ईसाई समुदाय सहित अन्य लोग देख देखी करते हैं वह अच्छाई तो नहीं है !!! यथा शराब पीना , अश्लील नाचगाना ,  सामान्य मर्यादाओं को तिलांजली देना  ! होटल , रेस्तरां   और पब में जा कर मौज  मजे के नाम पर जो कुछ होता है !! वह न तो सभ्यता का हिस्सा है और न ही उसे अच्छा होने का सर्टिफिकेट दिया जा सकता है | इसलिए सभ्यातानुकूल यह नया साल नहीं है इसमें सृष्टि जानी या नक्षत्रिय सरोकार भी नहीं है | बल्की यह सामान्यतः  दिन - प्रतिदिन के  क्रिया कलापों  को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया में  निर्मित सत्रारंभ है ! इसकी तुलना कभी भी भारतीय नववर्ष से नहीं की जा सकती , क्यों कि वह ईश्वरीय है , सृष्टिजन्य है ,  नक्षत्रिय  है  इसी कारण सम्पूर्ण हिन्दू समाज में सभी धार्मिक आयोजन , कार्यशुभारंभ महूर्त , मानव जीवन

राम लला हमेशा ही जीतें हैं - उमाशंकर

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- अरविन्द सीसोदिया        कोटा राजस्थान में, श्री हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति कि और से आयोजित धर्म सभा  को संबोधित करते हुए , विश्व हिन्दू  परिषद् के केन्द्रीय मंत्री माननीय उमाशंकर जी ने कहा " राम लला कभी भी हारे नहीं है हमेशह उनकी ही जीत हुई है और आगे भी वे ही जीतेंगे ! क्योंकि वे सत्य हैं ! " उन्होंने कहा " इस सरकार नई मानसिकता का पाता इसी से लगता है कि इन्होने शपथपत्र द्वारा ही राम के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाया और फिर जनशक्ती के प्रतिरोध से घबरा कर वापस भी हुए | " उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्टता  से कहा कि " व्ययालय को २४ सितम्बर को ही निर्णय दे देने  दिया होता तो राम लला के भक्तों को और आनंद  दायक होता " आगे उमाशंकर जी ने कहा " फैसले के  निकट आते ही इस तरह का साम्प्रदायिक  माहौल सरकार और अन्य तरीके से  खड़ा कर दिया गया कि न्यायालय ने धर्म निरपेक्षता के पक्ष में झुकते हुए,  रामजी का पूर्ण पक्ष रोक कर १/३ मस्जिद के पक्ष में बंटवारा करना पड़ा ! "          उन्होंने कहा " जिस न्यायालय ने दोनों पक्ष

भारत परमाणु समपन्न महाशक्ति

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- अरविन्द सीसोदिया      भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के ८७वें जन्म दिन ( २५ दिसम्बर २०१० )को भारतीय जनता पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मना रही है जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता विभिन्न स्थानों पर अटलजी के जन्म दिन के कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। अटल जी काफी समय से अस्वस्थ  हैं वृद्धवस्था में इस तरह की अस्वस्थता आजाती है सो आश्चर्य भी नहीं है ! सब कुछ समय गति है |      अटल जी नें  ही प्रधान मंत्री रहते हुए, भारत को परमाणु शस्त्र समपन्न देश के रूप में गौरवानिवित करवाया , यह उसी करिश्में का फल है कि हाल ही में साल २०१०में विश्व कि सभी परमाणु शक्तियाँ आपके दरवाजे पर नमस्कार करने आईं ..! भारत को एक महा शक्ति के रूप में स्थापित करने का श्रेय सिर्फ और सिर्फ अटल जी को जाता है !!! भगवान उन्हें खुश रखे यही देश इस अवसर पर शुभकामना कर सकता है | उन्होंने भारत माता के एक एसे सपूत का कर्तव्य पूरा किया जो मातृ भूमी को परम वैभव के सिंहासन पर आरुड़ करने के सपने देखता था ...!            भारतीय परमाणु आयोग ने पोखरण में अपना पहला भूमिगत परिक्षण १८ मई, १९७४ को किया था। हलाकि उ

पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार , चुप भारत सरकार

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- अरविन्द सीसोदिया   पाकिस्तान और बांगलादेश सहित दुनिया भर में हिन्दुओं पर होने वाले  अत्याचारों और शोषण के विरुद्ध भारत सरकार का प्रतिक्रिया में उतना उत्साह नहीं होता जिस की आवश्यकता है ! भारत सरकार हमेशा ही इस तरह का रोल अदा करती है जैसे उसे भारत वंशियों से कोई लेने देना ही नहीं है ! ठंडी और आधी अधूरी कोशिशें कभी भी परिणाम प्राप्त नहीं कर पाती  और भारतीयों  या भारतीय मूल और भारतीय पंथों के लोगों का उचित संरक्षण नहीं हो पाता जो कुल मिला कर हिंदुत्व से जुड़े लोगों पर घातक प्रभाव छोड़ रहा है ! भारत सरकार को इस और सही और जबाव देही से कोशिशें करनीं चाहिए आखिर वह ८५ प्रतिशत हिन्दुओं के वोट से ये सरकार   बनती है !   पाकिस्तान का हालिया घटना क्रम ... ***       इस्लामाबाद.पाकिस्तान में हिंदुओं के धार्मिक नेता लखीचंद गर्जी का अपहरण कर लिया गया है। वे बलूचिस्तान प्रांत के कलात जिले में स्थित काली माता मंदिर से जुड़े हुए हैं। उनके अपहरण की घटना के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोगों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किए। इस बीच तालिबान द्वारा दो सिखों के अपहरण और उनका सिर धड़ से अलगर करने के बाद एक हिंदू युवक के

भाजपा नहीं कांग्रेस देश से माफ़ी मांगे...

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- अरविन्द सीसोदिया        विपक्ष के लोग इटली से आये हुए नहीं जो कांग्रेस पार्टी और सरकार उसका इतना अपमान करनें में लगे  है ! विपक्ष के लोग इस देश कि अनादी संस्कृती के वंशज हैं जरा यह ध्यान रहे , सरकार और कांग्रेस अपने व्यवहार को लोकतान्त्रिक बनाये , आश्चर्यजन लूट हुई है हिसाब तो देना ही पडेगा ..! इसमें झुन्झलानें से काम थोड़े ही चलता है !    मुझे कई बार देश के महामहिम मीडिया पर तरस आता है कि उसकी वह वीरता कहाँ खो गई जो देश के स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान मुखर हो कर राष्ट्र स्वाभिमान  के लिए प्रज्वलित थी ! वह रचनात्मक विश्लेष्ण , विचार विनिमय सब कुछ गिरवी थोड़े ही रखा जाता है ! हमने नैतिक मूल्यों  पर हो रहे आक्रमण पर ठोस  प्रहार क्यों नहीं करने चाहिए ..? इसलिए हम कोंन नजर अंदाज करें कि कुछ मीडिया कर्मी इस में शामिल हैं ? मीडिया पर जिस तरह से पूंजीवादियों के सिकंजा कसा है उसे तोड़ कर बाहर आना होगा , मालिक  लोग राष्ट्रहित , सत्य और नैतिकता से खिलवाड़ नहीं कर पायें इस हेतु मीडिया को ही सशक्त होना होगा ! आज  मीडिया को यह पूछना ही चहिये की केंद्र सरकार नैतिकता और मर्यादा कि किसा पायदान पर क

अटल जी : जिनके मुखसे बोलती थी, भारत की अंतरात्मा

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- अरविन्द सीसोदिया ( कोटा )       श्री अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मई, 1996 और दूसरी बार 19 मार्च, 1998 से 13 मई, 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद वे ऐसे अकेले प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने लगातार तीन जनादेशों के जरिए भारत के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया। श्री वाजपेयी, श्रीमती इन्दिरा गांधी के बाद ऐसे पहले प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने निरन्तर चुनावों में विजय दिलाने के लिए अपनी पार्टी का नेतृत्व किया।        श्री वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर, 1924 को ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री कृष्ण बिहारी वाजपेयी और माता का नाम श्रीमती कृष्णा देवी है। श्री वाजपेयी के पास 40 वर्षों से अधिक का एक लम्बा संसदीय अनुभव है। वे 1957 से सांसद रहे हैं। वे पांचवी, छठी और सातवीं लोकसभा तथा फिर दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं तेरहवीं और चौदहवीं लोकसभा के लिए चुने गए और सन् 1962 तथा 1986 में राज्यसभा के सदस्य रहे। वे लखनऊ (उत्तरप्रदेश) से लगातार पांच बार लोकसभा सांसद चुने गए। वे ऐसे अकेले सांसद हैं जो अलग-अलग समय पर च

तारीखवार अटल जी की राजनातिक यात्रा

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अरविन्द सीसोदिया निम्नलिखित पदों पर आसीन रहे  1951 - भारतीय जनसंघ के संस्थापक-सदस्य (B.J.S) 1957 - दूसरी लोकसभा के लिए निर्वाचित 1957-77 - भारतीय जनसंघ संसदीय दल के नेता 1962 - राज्यसभा के सदस्य 1966-67 - सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष 1967 - चौथी लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (दूसरी बार) 1967-70 - लोक लेखा समिति के अध्यक्ष 1968-73 - भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष 1971 - पांचवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (तीसरी बार) 1977 - छठी लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (चौथी बार) 1977-79 - केन्द्रीय विदेश मंत्री 1977-80 - जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य 1980 - सातवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (पांचवीं बार) 1980-86 - भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष 1980-84, 1986 और 1993-96 - भाजपा संसदीय दल के नेता 1986 - राज्यसभा के सदस्य; सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य 1988-90 - आवास समिति के सदस्य; कार्य-संचालन सलाहकार समिति के सदस्य 1990-91 - याचिका समिति के अध्यक्ष 1991 - दसवीं लोकसभा के लिए पुन: निर्वाचित (छठी बार) 1991-93 - लोकलेखा समिति के अध्यक्ष 1993-96 - विदेश मामलों सम्बन्धी समिति के अध्य

अटल जी : आज़ादी अभी अधूरी है...

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कवि ह्रदय अटलबिहारी वाजपेयी - अरविन्द सीसोदिया     आज यदि अटल जी स्वस्थ होते तो विपक्ष की धर न केवल तेज होती बल्की अभी तक तूफ़ान भारतीय राजनीति में आ गया होता , जिन्दा कौमें पांच साल तक शोषण सहन नही सहती !! शयद वे इस शब्दों में वर्तमान का बयान कर रहे होते ........ सूर्य गिर गया अन्धकार में ठोकर खाकर भीख माँगता है कुबेर झोली फैलाकर कण कण को मोहताज कर्ण का देश हो गया माँ का अँचल द्रुपद सुता का केश हो गया ******** आज़ादी अभी अधूरी है... पन्द्रह अगस्त का दिन कहता - आज़ादी अभी अधूरी है। सपने सच होने बाक़ी हैं, रावी की शपथ न पूरी है॥ जिनकी लाशों पर पग धर कर आजादी भारत में आई। वे अब तक हैं खानाबदोश ग़म की काली बदली छाई॥ कलकत्ते के फुटपाथों पर जो आंधी-पानी सहते हैं। उनसे पूछो, पन्द्रह अगस्त के बारे में क्या कहते हैं॥ हिन्दू के नाते उनका दुख सुनते यदि तुम्हें लाज आती। तो सीमा के उस पार चलो सभ्यता जहाँ कुचली जाती॥ इंसान जहाँ बेचा जाता, ईमान ख़रीदा जाता है। इस्लाम सिसकियाँ भरता है, डालर मन में मुस्काता है॥ भूखों को गोली नंगों को हथियार पिन्हाए जाते हैं। सूखे क

आचार्य रजनीश

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आचार्य रजनीश (रजनीश चन्द्र मोहन) अर्थात  ओशो के नाम से प्रख्यात हैं जो अपने विवादास्पद नये धार्मिक (आध्यात्मिक) आन्दोलन के लिये मशहूर हुए और भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में रहे। रजनीश ने प्रचलित धर्मों की व्याख्या की तथा प्यार, ध्यान और खुशी को जीवन के प्रमुख मूल्य माना। ओशो रजनीश (११ दिसम्बर, १९३१ - १९ जनवरी १९९०) का जन्म भारत के मध्य प्रदेश राज्य के जबलपुर शहर में हुआ था। भारत व विदेशों में जाकर प्रवचन दिये।          रजनीश अर्थात ओशो हैं , उनके धरा प्रवाह भाषणों के आधार पर ६५० से भी अधिक पुस्तकें २० भाषाओं में छप चुकी हैं , उनकी एक पुस्तक "भारत : एक अनूठी संपदा " है , उसमें उन्होंने ईसा मसीह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि ईसा ज्ञान कि प्रकाश भारत से लेकर गए थे और उनकी मृत्यु भी भारत में ही हुई है ! *** अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई वेव पेज को पढ़ें ... http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2010/09/blog-post_28.html

टूजी घोटाले की महाभारत : कैग, जेपीसी, पीएसी

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- अरविन्द सीसोदिया कुल मिला कर सोनिया - मनमोहन कहते फिर रहे हैं कि उन पर छुपाने के लिए कुछ नहींहै , मगर हम जांच वह नहीं करवाएंगे जो जनता के बीच  तथ्यों  को सही ढंग से रख पाए ..! जहाँ झुपाया जा सके और तथ्यों को दफनाया जा सके जांच वहीं करवाएंगे ? मतलव क्या है ?? देश के मालिक तो सोनिया और मनमोहन हो नहीं गये ..!! जे पी सी भी एक व्यवस्था है .., जब आप चोर नहीं हैं तो डर कैसा ..?        लोक लेखा समिति (पीएसी) के सामने पेश होने की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पेशकश के बाद भाजपा ने अपनी मांग से पीछे नहीं हटते हुए कहा कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच के लिए सरकार को संयुक्त संसदीय समिति का गठन करना चाहिए. पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री अगर पीएसी का सामना करने को तैयार हैं तो फ़िर उन्हें जेपीसी से जांच कराने में क्या एतराज है. अगर जांच की आवश्यकता है तो सरकार द्वारा खुद जज तय करना गलत है.       उन्होंने कहा कि पीएसी की तरह जेपीसी में कांग्रेस के प्रतिनिधि होंगे. ऐसे में विपक्ष की मांग को मानने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. गडकरी ने कहा, संसदीय समिति होने के कारण पीए

संघ ; हिन्दुओं के लिए पोप की तरह पवित्र और आदरणीय

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- अरविन्द सीसोदिया          बुरारी में हुए कांग्रेस के ८३ वें अधिवेशन से बुराई ही बुराई सामनें आई हैं , पूरा अधिवेशन सिर्फ और सिर्फ हिन्दुओं को कोसनें में ही ब्यतीत किया गया ..! यदी इस समय का उपयोग  रचनात्मक  दृष्टिकोण  से किया होता तो देश को भी और कांग्रेस को भी नया रास्ता मिलता ...! मगर अनुभव हीन और निरंतर राजकाज में अनुतीर्ण हो रही कांग्रेस ने पुराना ढर्रा ही सामने रखा , घरमें बुरे दिन हो तो पडौसी से लड़ने लगो ..!        हिन्दू आमतौर पर शांत और अभडकाऊ व्यक्तित्व है , इसी कारण तो :- १- राम राम जाप कर गांधीजी ने हिंदुओंकी दम पर स्वतंत्रता आन्दोलन चलाया और जब जब हिन्दू हित की बात आई कांग्रेस मुकर गई , देश का विभाजन किसने स्वीकार किया ..? ये दुष्कर्म भाजपा ने तो नहीं किया ..! २- हिन्दुओं के  आराध्य श्री राम वर्षों तक तालें में बंद रहे , सिखों के पवित्र धर्म स्थल पर आप टैंक लेकर जा पहुंचे..! श्री लंका में वहां कि सिहल उन्हें वैध्य अधिकार भी नहीं दे रहे , उनके साथ दुर्भाग्यतम नाइंसाफी हो रही है , आप शांती सेना के नाम से उन्हें मारने जा पहुचें...?  इस तरह का व्यवहार और किसी पंथ के खिल

डंडा और बेंत : अधिवेशन खिसयाहट

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- अरविन्द सीसोदिया कांग्रेस : मुर्गों को लड़वाओ ; वोट बैंक बनाओ मुसलमान को डरानें  के लिए हिन्दू का भय खड़ा करना  कांग्रेस का महा अधिवेशन हुआ , अधिवेशन में अपनी अपनी परिपक्वता पूरी पूरी बघारी जाती है , सो यही यहाँ हुआ ! हम पूरी तरह  योग्य हैं , विपक्ष बेबकूफ है इतना ही नहीं अपराधी भी है... यह साबित करने की कोशिस की गई ... मगर ताज्जुब यह है कि सरकार आपकी है , सीबीई आपकी है अपराधी हैं तो जेल में क्यों नहीं डालते ...! प्रतिबंधित क्यों नहीं करते ! रिपोर्ट क्यों नहीं लिखाते  , अदालत क्यों नहीं जाते ! मुसलमान अब समझनें लगा है उसनें बिहार में मुस्लिम बहुलता के द्वारा ही सबसे ज्यादा बीजेपी को ही आगे बढाया है ! करारी हर के सामने हुआ यह अधिवेशन खिसयाहट युक्त था |          यूं तो मुसलमान को डरानें   के लिए हिन्दू का भय खड़ा करना कांग्रेस की पुरानी आदत है | हिन्दू और मुसलमानों में एक न हो जाये यही कोशिस करना कांग्रेस का एजेंडा है ! यही सब कुछ अंग्रेज अपना राज बनाये रखने के लिए करते थे ! राज हम करेंगे तुम डरते और लड़ते रहो ...! बिहार के बाद ये बोखला गये .., मानसिक संतुलन खो बैठे हैं .., अनर्गल कु