रविवार, 28 मई 2017

जीवन उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए – परम पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी





सफल होने के साथ-साथ व्यक्ति का जीवन उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए 

– डॉ. मोहन भागवत जी

May 24, 2017

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जीवन में सफल होने के साथ-साथ जीवन को उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए. तभी मनुष्य को प्राप्त विद्या सार्थक होती है. ऐसे उत्कृष्ट कार्य को विद्या भारती पूरी मेहनत के साथ कर रही है. सरसंघचालक मोहन भागवत जी 23 मई को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबंधित समर्थ शिक्षा समिति द्वारा संचालित राव मेहर चंद सरस्वती विद्या मंदिर, भलस्वा के नए भवन के शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे.

सरसंघचालक जी ने कहा कि विद्याभारती ने अपने हाथ में एक कल्याणकारी, मंगलकारी कार्य लिया है. इसके माध्यम से विद्या भारती एक ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना चाहती है जो हिन्दुत्व निष्ठ और राष्ट्र प्रेम से ओत-प्रोत हो, अपनी वर्तमानकालीन समस्याओं से सामना करने में सफल होने के लिए सक्षम हो और अपने देश के अभावग्रस्त लोग, साधनहीन लोगों को शोषण और अन्याय से मुक्ति दिलाकर उनका उत्थान करने के लिए सेवारत हों.

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जीवनयापन करना नहीं है. शिक्षा प्राप्त करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिस समाज व जिस देश से हम हैं, उसे वापिस देने के लिए हम सक्षम बनें. शिक्षा को सार्थक बनाने के लिए इन भावों को जगाना जरूरी है. विद्या मनुष्य को शिक्षित बनाती है. वह बच्चों के मन में स्वाभिमान को बनाए रखने की क्षमता प्रदान करती है. विद्या केवल विद्यालय में जाकर नहीं सीखते हैं. इसमें अभिवावकों और परिवारों का भी बहुत बड़ा त्याग, तपस्या, और बलिदान सम्मिलित होता है.

विद्या भारती इन सब कार्यों को अच्छे ढंग से करने का प्रयास कर रहा है. विद्या भारती वास्तव में एक परिवार है, जिसमें अभिभावक, आचार्य और विद्यार्थी सभी शामिल हैं. जिस प्रकार की शिक्षा की हमें आवश्यकता है, वह विद्यार्थियों को मिल सके, इस हेतु विद्या भारती के लाखों कार्यकर्ता दिन-रात एक करके समर्पित होकर लगे हुए हैं.

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान से संबंधित समर्थ शिक्षा समिति द्वारा संचालित “राव मेहर चंद सरस्वती विद्या मंदिर, भलस्वा के नए भवन के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा, विद्या भारती के अखिल भारतीय पदाधिकारी डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी जी, दिल्ली प्रांत के संघचालक कुलभूषण आहूजा जी, विद्यालय प्रबंधन के सदस्य एवं शिक्षक उपस्थित थे.

शुक्रवार, 26 मई 2017

संवेदनशील, पारदर्शी एवं निर्णायक सरकार:अमित शाह






भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भाजपा सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इन तीन वर्षों में कई क्षेत्रों में असाधारण काम करके मील का पत्थर स्थापित किया है और एक महान भारत की नींव डालने का काम किया है: अमित शाह
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लोकतंत्र में सरकार के कामकाज का सबसे बड़ा पैमाना जनादेश होता है। 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद देश में हुए सभी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने जनाधार को बढ़ाया है और ज्यादातर चुनावों में विजय प्राप्त की है: अमित शाह 
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देश की जनता यह मानती है कि मोदी सरकार गरीबों की सरकार है, देश के गौरव को बढ़ाने वाली सरकार है, पारदर्शी व निर्णायक सरकार है। देश की जनता मानती है कि श्री नरेन्द्र मोदी जी आजादी के बाद देश के सबसे लोकप्रिय लोकनेता बन कर उभरे हैं: अमित शाह
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इन तीन सालों में देश की जनता का आत्मविश्वास बढ़ाने, दुनिया में देश की प्रतिष्ठा व मान-सम्मान में वृद्धि करने और देश की सोच के स्केल को बदलने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सफल हुए हैं: अमित शाह
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इन तीन वर्षों में देश की राजनीति से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण के अभिशाप को ख़त्म करने का काम हुआ है जो देश की राजनीति के लिए एक शुभ संकेत है: अमित शाह 
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आजादी के 70 सालों में जो चीजें हम अचीव नहीं कर पाए, मोदी सरकार ने इन तीन वर्षों में इसे अचीव किया है, इसलिए हमने तीन साल के पूरे होने पर अपने लोकसंपर्क अभियान का नारा बनाया है - साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार एक निर्णायक सरकार है, त्वरित फैसले लेने वाली सरकार है और योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली सरकार है: अमित शाह 
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सभी दलों को साथ लाकर जीएसटी के माध्यम से ‘एक राष्ट्र, एक कर' के स्वप्न को साकार करके दिखाया है जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है: अमित शाह
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सर्जिकल स्ट्राइक करके सेना के जवानों ने जो वीरता दिखाई और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिस राजनीतिक दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया, उससे भारत दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है: अमित शाह
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स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, स्किल इंडिया और मुद्रा योजना के माध्यम से देश भर में लगभग 8 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है: अमित शाह
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आजादी के 70 साल बाद भी बिजली से वंचित देश के 18 हजार गाँवों में से लगभग 13 हजार से अधिक गाँवों में बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, बाकी बचे गाँवों में भी 2018 तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में भारत आज दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, महंगाई काबू में है, विदेशी मुद्रा भंडार अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, सेंसेक्स 31000 को पार कर गई है, निफ्टी भी अपने उच्चतम स्तर पर है: अमित शाह
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सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने के लिए और चुनावी राजनीति में से काले-धन के दुष्प्रभाव को निरस्त करने के लिए कैश में लिए जाने वाले चंदे की रकम को दो हजार रुपये तक सीमित करने का साहस भी नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज, शुक्रवार को भाजपा के केन्द्रीय मुख्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भाजपा सरकार के तीन बेमिसाल वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया और मोदी सरकार की उपलब्धियों और गरीब-कल्याण की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इन तीन वर्षों में कई क्षेत्रों में असाधारण काम करके मील का पत्थर स्थापित किया है और एक महान भारत की नींव डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में देश की जनता का आत्मविश्वास बढ़ाने, दुनिया में देश की प्रतिष्ठा व मान-सम्मान में वृद्धि करने और देश की सोच के स्केल को बदलने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन तीन वर्षों में देश की राजनीति में आमूल-चूल परिवर्तन आया है, इन तीन वर्षों में हमारे विरोधी भी हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सकते। उन्होंने कहा कि इन तीन वर्षों में देश की राजनीति में से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण के अभिशाप को ख़त्म करने का काम हुआ है जो देश की राजनीति के लिए एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 सालों में जो चीजें हम अचीव नहीं कर पाए, मोदी सरकार ने इन तीन वर्षों में उन चीजों को हासिल करने में सफलता अर्जित की है और इसलिए हमने भाजपा सरकार के तीन साल के पूरे होने पर लोकसंपर्क अभियान का नारा बनाया है - साथ है, विश्वास है, हो रहा विकास है।
संवेदनशील, पारदर्शी एवं निर्णायक सरकार
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक मान्यता देने की 1955 से लंबित मांग को पूरा कर के देश के करोड़ों पिछड़े लोगों को सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि 40 सालों से लंबित पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (ओआरओपी) को पूरा करके संवेदनशील भाजपा सरकार ने लगभग 8000 करोड़ रुपये की राशि को पूर्व सैनिकों के खाते में सीधा पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करके भारत एक ग्लोबल लीडर के रूप में दुनिया में उभरा है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक करके सेना के जवानों ने जो वीरता दिखाई और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिस राजनीतिक दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया, उससे भारत दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एक राष्ट्रवादी सरकार का परिचय देते हुए शत्रु संपत्ति बिल को क़ानून बनाकर इसपर एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी, फर्जी कंपनियों के खिलाफ एक्शन और बेनामी संपत्ति का क़ानून लाकर मोदी सरकार ने काले-धन को ख़त्म करने की दिशा में निर्णायक पहल की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने चुनाव सुधार की एक नई सोच देश की जनता और सभी राजनीतिक दलों के सामने रखने का काम किया ताकि पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के सारे चुनाव एक ही दिन कराया जा सके और जनता के ऊपर से चुनाव खर्च के बोझ को कम किया जा सके।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सभी दलों को साथ लाकर जीएसटी के माध्यम से ‘एक राष्ट्र, एक कर' के स्वप्न को साकार करके दिखाया है जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ग्यारह सौ से ज्यादा अप्रासंगिक कानूनों को ख़त्म करके मोदी सरकार ने क़ानून के जंगल में मंगल का काम किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के लिए 48000 करोड़ रुपया आवंटित करके गरीबों की जिन्दगी को आसान बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर भीम एप शुरू करके गरीबों को डिजिटल ट्रांजेक्शन का सबसे पॉपुलर एप उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि विकलांगों को दिव्यांग का नाम देकर और उनकी भलाई के लिए कई योजनायें लाकर मोदी सरकार ने एक संवेदनशील सरकार होने का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि मैटरनिटी की छुट्टी को 26 सप्ताह तक बढ़ा कर मोदी जी ने इस देश के करोड़ों गर्भवती महिलाओं को खुद के और बच्चे की स्वास्थ्य की देखभाल करने का मौक़ा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार एक निर्णायक सरकार है, त्वरित फैसले लेने वाली सरकार है और योजनाओं को समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में हमने देश को पॉलिसी पैरालिसिस वाली सरकार के स्थान पर एक निर्णायक सरकार देने का काम किया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नार्थ-ईस्ट के विकास के लिए भी मोदी सरकार ने काफी कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति को पूरी दुनिया में सम्मान दिलाने का काम मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि हलके लड़ाकू विमान ‘तेजस' को वायु सेना में सम्मिलित करके ‘मेक इन इंडिया' इनिशिएटिव को बहुत बड़ा बल प्रदान किया गया है, साथ ही, सेना के आधुनिकीकरण को भी बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि पेरिस जलवायु सम्मेलन में भारत की भूमिका को पूरी दुनिया ने सराहा है और भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले में भी ग्लोबल लीडर के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि लाल बत्ती के वीआईपी कल्चर को बदलने का काम भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', नमामि गंगे और स्वच्छता अभियान के माध्यम से जनसमस्याओं को जन-भागीदारी से सुलझाने की पहल भी मोदी सरकार ने की है।
उपलब्धियों भरा वर्ष
श्री शाह ने कहा कि मैं यह गर्व के साथ कहना चाहता हूँ कि पिछला वित्तीय वर्ष कई मायनों में बेमिसाल उपलब्धियों वाला वर्ष रहा। उन्होंने कहा कि 2016-17 वित्तीय वर्ष में यूरिया का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, इस वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा इथेनॉल का उत्पादन हुआ, सबसे ज्यादा घरेलू गैस कनेक्शन वितरित किये गए, सबसे ज्यादा कोयले का उत्पादन हुआ, सबसे ज्यादा विद्युत् उत्पादन हुआ, सबसे ज्यादा पूंजी रेलवे के विकास के लिए दी गई, सबसे ज्यादा राजमार्ग बनाए गए, सबसे ज्यादा तेज गति से ग्रामीण सड़कें बनाई गयी, सबसे ज्यादा सॉफ्टवेयर का निर्यात किया गया और सबसे ज्यादा मोटर गाड़ी व टू व्हीलर का उत्पादन हुआ। उन्होंने कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर है, यही बताता है कि श्री नरेन्द्र मोदी सरकार किस तरह से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन तीन वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने न्यू इंडिया की नींव रखने का काम किया है, वे देश को महान भारत बनाने की दिशा में आगे लेकर बढ़े हैं।
सोशल सेक्टर में सुधार
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत देश भर में लगभग साढ़े 28 करोड़ से अधिक लोगों के बैंक अकाउंट खोले गए हैं और उन्हें देश के अर्थतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और जीवन सुरक्षा बीमा के अंतर्गत लगभग 13 करोड़ नागरिकों को सुरक्षा कवच दिया गया है, उज्ज्वला योजना के माध्यम से देश के दो करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, गिव इट अप के तहत लगभग एक करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ी है, जेनेरिक दवाओं के माध्यम से देश के गरीब लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने का काम किया गया है, स्टैंट के दाम 80% तक कम किये गए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी बिजली से वंचित देश के 18 हजार गाँवों में से लगभग 13 हजार से अधिक गाँवों में बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, बाकी बचे गाँवों में भी 2018 तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुद्रा बैंक के माध्यम से साढ़े साथ करोड़ युवाओं को स्वरोजगार के लिए काफी आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 2018 तक लेप्रोसी और कालाजार से मुक्त होने का लक्ष्य रखा है, 2020 तक चेचक से मुक्ति पाने का लक्ष्य तय किया है, इस दिशा में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा देश भर में लगभग साढ़े चार करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है, मिशन इन्द्रधनुष के माध्यम से साढ़े सात करोड़ बच्चों के टीकाकरण का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि स्किल इंडिया के माध्यम से युवाओं के स्किल अपग्रेडेशन का कार्य तेज गति से प्रगति पर है। स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, स्किल इंडिया और मुद्रा योजना के माध्यम से देश भर में लगभग 8 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में 42% की वृद्धि हुई है, यूनिवर्सल पीएफ अकाउंट के माध्यम से मजदूरों की बहुत सारी समस्याओं का अंत किया गया है। उन्होंने कहा कि एक गरीब और बूढ़े मजदूरों के पेंशन को न्यूनतम एक हजार करके सम्मान देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ग तीन और वर्ग चार की नौकरी में से इंटरव्यू को ख़त्म करने का काम भी मोदी सरकार ने किया है, भाजपा की सभी राज्य सरकारों ने भी इस पारदर्शी मॉडल को अपनाया है।
भारत: दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में भारत आज दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, महंगाई काबू में है, विदेशी मुद्रा भंडार अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, एक साल में विदेशी मुद्रा सेंसेक्स 31000 को पार कर गई है और निफ्टी भी अब तक के सबसे उच्च स्तर पर है। उन्होंने कहा कि बिजली उपलब्धता में भारत 2014 में दुनिया में 99वें स्थान पर था जबकि आज हम 76 स्थान ऊपर उठ कर 26वें स्थान पर आ गए हैं जो कि एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास दर पांच प्रतिशत से ऊपर रहा है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ के अनुसार भारत का विकास दर 7.2 फीसदी रहने की संभावना है जबकि कांग्रेस की यूपीए सरकार 2014 में इसे 4.8 फीसद में छोड़ कर गई थी। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष कृषि विकास दर में वृद्धि दर्ज की गई है, कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय कृषि विकास दर ऋणात्मक थी जबकि मोदी सरकार में यह लगातार 4% से ऊपर है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल कॉम्पिटिटिव इंडेक्स में हम 71वें स्थान से 39वें स्थान पर आ गाये हैं। उन्होंने कहा कि नेमुरा के अनुसार, निर्यात में शुरुआती गिरावट के बात लगातार वृद्धि का दौर जारी है और मार्च महीने में यह सालाना आधार पर 27.6 प्रतिशत बढ़ा है। एफडीआई में 45% की वृद्धि हुई है, एक्सपोर्ट में तेजी आई है, ब्याज दरों में कटौती करने में हमें सफलता मिली है, राजकोषीय खाते को 3.9 प्रतिशत तक रखने में हम सफल हुए हैं और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर संग्रह में लगभग 20% की वृद्धि दर्ज की गई है जो आजादी के बाद से सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष जहां भारत में प्रति व्यक्ति आय 93,293 रुपये थी, वहीं इस वित्त वर्ष यह 103,007 रुपये रहने का अनुमान है।
काले धन पर प्रहार
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इन तीन वर्षों में काले-धन के रास्ते को बंद करने के लिए कई कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लेते हुए काले-धन के खिलाफ लड़ाई की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई, फर्जी कंपनियों के खिलाफ एक्शन और बेनामी संपत्ति का क़ानून लाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की मोदी सरकार ने काले-धन को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल की। उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन और स्पेक्ट्रम की पारदर्शी नीलामी सुनिश्चित की गई और इससे भ्रष्टाचार को ख़त्म करने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्डरिंग के जरिये अर्जित की गई बेनामी संपत्ति में से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति सीज की गई है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई की कटिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि लगभग 9.36 लाख करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई है, साइप्रस, सिंगापुर और मॉरीशस रूट बंद करके काले धन को वापिस लाने को अर्थतंत्र में वापस लाने के रास्ते बंद किये गए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता लाने के लिए और चुनावी राजनीति में से काले-धन के दुष्प्रभाव को निरस्त करने के लिए कैश में लिए जाने वाले चंदे की रकम को दो हजार रुपये तक सीमित करने का साहस भी नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है।
किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध सरकार
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए मोदी सरकार ने कई इनिशिएटिव लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए स्वायल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, ई-मंडी इत्यादि योजनाओं के माध्यम से किसानों के जीवन-स्तर को ऊपर उठाने के लिए कार्य किये गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से खेत से लेकर खलिहान तक किसानों की फसल को सुरक्षित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ फसलों के मिनिमम सपोर्ट प्राइस में सरकार द्वारा लगातार तीसरी बार वृद्धि की गई है, दलहन फसलों को एमएसपी पर खरीद कर सरकार ने दाल उत्पादक किसानों को काफी राहत प्रदान की गयी है, किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये किसानों की सुविधा में बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय किसानों को सहायता देने के सभी पैमानों में बढ़ोत्तरी की गई है। किसानों को दी जाने वाली आवंटित राशि को लगभग दोगुना कर दिया गया है, गन्ना किसानों का भुगतान लगभग - लगभग पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नीम कोटेड यूरिया के मदद से पेस्टीसाइड के उपयोग और खाद के उपयोग में कमी लाई गई है, साथ ही खादों के दाम में भी आजादी के बाद पहली बार कमी आई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज प्रगति
श्री शाह ने कहा कि आजादी के बाद सबसे तेज गति से राजमार्गों का निर्माण मोदी सरकार में हो रहा है, राजमार्गों को लेवी फ्री एवं क्रोसिंग फ्री बनाने का काम किया जा रहा है, जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ी सुरंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया, आज ही प्रधानमंत्री जी ने असम को अरुणाचल प्रदेश से जोड़ने वाली देश की सबसे लंबी सड़क पुल भूपेन हजारिक का उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि विद्युत् उत्पादन क्षमता में एक तिहाई जबकि विद्युत् ट्रांसमिशन में एक चौथाई बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में लगभग 30 करोड़ एलइडी बल्ब बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष लगभग 28 लाख विदेशी पर्यटकों को देश में लाने का काम किया गया है, इसमें लगभग 13% की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सड़क योजना में लगभग 130 किलोमीटर सड़क रोज बनाया गया है, उड़ान के माध्यम से सस्ती हवाई यात्रा की शुरुआत की गई है, सागरमाला में कार्य प्रगति पर है और नाविक नेविगेशन में भी दुनिया के कई देश भारत के साथ आ रहे हैं, होम लोन की दर को कम करके लोगों को राहत दी गयी है और सस्ते घर के सपने को साकार करने का काम हुआ है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के कामकाज का सबसे बड़ा पैमाना जनता का जनादेश होता है। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद देश में हुए सभी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने जनाधार को बढ़ाया है और ज्यादातर चुनावों में विजय प्राप्त की है, यह मोदी सरकार को जनता का सर्टिफिकेट है। उन्होंने कहा कि देश की जनता यह मानती है कि मोदी सरकार गरीबों की सरकार है, देश के गौरव को बढ़ाने वाली सरकार है, पारदर्शी व निर्णायक सरकार है। उन्होंने कहा कि देश की जनता मानती है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी आजादी के बाद से देश के सबसे लोकप्रिय लोकनेता बन कर उभरे हैं।
(महेंद्र पांडेय)
कार्यालय सचिव


ANNEXURE

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्त्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनायें
1. प्रधानमंत्री जन धन योजना
2. प्रधानमंत्री आवास योजना
3. प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना
4. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
5. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
6. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
7. अटल पेंशन योजना
8. सांसद आदर्श ग्राम योजना
9. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
10. प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना
11. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
12. प्रधानमंत्री जन औषधि योजना
13. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
14. मेक इन इंडिया
15. स्वच्छ भारत अभियान
16. किसान विकास पत्र
17. सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम
18. डिजिटल इंडिया
19. स्किल इंडिया
20. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
21. मिशन इन्द्रधनुष
22. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
23. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना
24. पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना
25. अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत योजना)
26. स्वदेश दर्शन योजना
27. पिल्ग्रिमेज रेजुवेनशन एंड स्पिरिचुअल ऑग्मेंटशन ड्राइव (प्रसाद योजना)
28. नेशनल हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ऑग्मेंटशन योजना (ह्रदय योजना)
29. उड़ान स्कीम
30. नेशनल बाल स्वछता मिशन
31. वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम
32. स्मार्ट सिटी मिशन
33. गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम
34. स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया
35. डिजिलॉकर
36. इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम
37. श्यामा प्रसाद मुखेर्जी रुर्बन मिशन
38. सागरमाला प्रोजेक्ट
39. ‘प्रकाश पथ’ – ‘वे टू लाइट’
40. उज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना
41. विकल्प स्कीम
42. नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च स्कीम
43. राष्ट्रीय गोकुल मिशन
44. पहल – डायरेक्ट बेनिफिट्स ट्रांसफर फॉर LPG (DBTL) कंस्यूमर्स स्कीम
45. नेशनल इंस्टीटूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग)
46. प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना
47. नमामि गंगे प्रोजेक्ट
48. सेतु भारतं प्रोजेक्ट
49. रियल एस्टेट बिल
50. आधार बिल
51. क्लीन माय कोच
52. राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
53. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
54. प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना
55. उन्नत भारत अभियान
56. टी बी मिशन 2020
57. धनलक्ष्मी योजना
58. नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम
59. गंगाजल डिलीवरी स्कीम
60. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
61. विद्यांजलि योजना
62. स्टैंड अप इंडिया लोन स्कीम
63. ग्राम उदय से भारत उदय अभियान
64. सामाजिक अधिकारिता शिविर
65. रेलवे यात्री बीमा योजना
66. स्मार्ट गंगा सिटी
67. मिशन भागीरथ
68. विद्यालक्ष्मी लोन स्कीम
69. स्वयं प्रभा
70. प्रधानमंत्री सुरक्षित सड़क योजना
71. शाला अश्मिता योजना
72. प्रधानमंत्री ग्राम परिवहन योजना
73. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान – National Health Protection Mission
74. राईट टू लाइट स्कीम (आने वाली योजना)
75. राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव
76. उड़ान – उडे देश का आम नागरिक
77. डिजिटल ग्राम
78. ऊर्जा गंगा
79. सौर सुजाला योजना
80. एक भारत श्रेष्ठ भारत
81. शहरी हरित परिवहन योजना (GUTS)
82. नोटबंदी
83. प्रधानमंत्री युवा योजना
84. भारत नेशनल कार असेसमेंट प्रोग्राम (NCAP)
85. अमृत OR AMRIT (अफोर्डेबल मेडिसिन एंड रिलाएबल इम्प्लांट्स फॉर ट्रीटमेंट)
86. राष्ट्रीय आदिवासी उत्सव
87. प्रवासी कौशल विकास योजना
88. प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना
89. गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना
90. वरिष्ठ नागरिकों के लिए Fixed Deposit स्कीम – वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017
91. प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान
92. यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम
93. जन धन खाता धारकों के लिए बीमा योजना
94. महिला उद्यमियों के लिए स्टार्ट-अप इंडिया योजना
95. मछुआरों के लिए मुद्रा लोन योजना
96. ग्रीन अर्बन मोबिलिटी स्कीम
97. राष्ट्रीय वयोश्री योजना
98. MIG के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लोन स्कीम
99. पॉवेरटेक्स इंडिया स्कीम
100. भारत के वीर पोर्टल
101. व्यापारियों के लिए भीम आधार एप
102. भीम रेफेरल बोनस स्कीम और कैशबैक स्कीम
103. शत्रु सम्पति कानून
104. डिजिधन मेला
105. राष्ट्रीय जनजातीय कार्निवल
106. यूनिवर्सल बेसिक आय योजना

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार : तीन वर्ष पूर्ण







भारतीय जनता की सेवा करने का मूल उद्देश्य लेकर बनी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई वाली जनहितकारी भाजपा सरकार को आज तीन वर्ष पूर्ण हुऐ है और निरंतर जनहित हेतु कार्यरत इस सरकार के प्रति जनता को है विश्वास कि आगे भी होता रहेगा हमारा सही मायने में विकास , आप सभी के अवलोकनार्थ जनहितकारी केन्द्र सरकार के अबतक के कार्यों का एक सक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहा हूँ
मोदी सरकार के बेमिसाल तीन साल: 156 हफ्ते, 156 उपलब्धियां
कालेधन पर पीएम मोदी का वार, पस्त हुआ भ्रष्टाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला देश के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ। नोटबंदी ने भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद को जड़ से कम करने का काम किया।
कालेधन पर एसआईटी के गठन के साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग की शुरुआत हो गई।
2015 में ही इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलने लगे, जब कालेधन वालों पर नकेल कसी जाने लगी।
बैंकों से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए मोदी सरकार ने साइप्रस, मॉरीशस और सिंगापुर जैसे देशों के साथ समझौते किए।
बेनामी ट्रांजेक्शन्स को रोकने के लिए 2016 में कड़े कानून बनाए गए। इसे कालेधन का एक बहुत बड़ा श्रोत माना जाता है। सरकार कठोर जुर्माने के साथ कालेधन की घोषणा करने की योजना भी लेकर आई।
मोदी सरकार ने कोल ब्लॉक और स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए एक बहुत ही सफल और पारदर्शी तरीका इस्तेमाल किया। ये भविष्य में भी एक उदाहरण साबित होगा।
मोदी सरकार ने सुलझाए लंबित मुद्दे
करीब तीन दशकों से पड़े बेनामी संपत्ति कानून को संसद से संशोधन कराकर लागू करवाया। ये कानून कालाधन के खिलाफ सरकार के पास बहुत बड़ा हथियार है।
रिटायर्ड सैनिकों के हित में मोदी सरकार ने उठाया ऐतिहासिक कदम, चार दशकों से लंबित ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की मांग को पूरा किया।
बांग्लादेश के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को मोदी सरकार ने सुलझाया, सीमा विवाद को लेकर ये मोदी सरकार का ऐतिहासिक कार्य था।
आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब बजट फरवरी के आखिर में पेश न होकर एक फरवरी को पेश किया गया। सरकार के कामकाज को बेहतर करने के हिसाब से यह बहुत ही सराहनीय कदम है।
लंबे समय से अटके पड़े जीएसटी बिल जैसे संविधान संशोधन को संसद से पारित करवाया। आधे से ज्यादा राज्य सरकारों को भी अपनी-अपनी विधानसभाओं से पास कराने के लिए प्रेरित कर देश के विकास का रास्ता खोल दिया।
रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को मिली कामयाबी
‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है भारत
2 साल में 60 प्रतिशत से ज्यादा पूंजीगत खर्च भारतीय कंपनियों पर खर्च किया गए हैं।
3 साल में भारतीय विक्रेताओं से खरीद पर 1.05 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय।
भारतीय कंपनियों को 2.46 लाख करोड़ रुपये के 96 बड़ी खरीद को स्वीकृति।
रक्षा हथियार उत्पादन के लिए मेक इन इंडिया के तहत 116 इंडस्ट्रियल लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं।
ऑटोमेटिक रूट द्वारा 49 प्रतिशत तक FDI की स्वीकृति मिली।
मेक इन इंडिया की धमक आज दूसरे देशों में भी देखने को मिल रही है जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था बेहद गिरी है।
सर्वोपरि है देश की सुरक्षा
मोदी राज में सेना ने आतंकी देश पाकिस्तान के टट्टुओं को उसके घर में घुसकर मारा, सर्जिकल स्ट्राइक से विश्व में देश की साख बढ़ी।
मोदी सरकार में म्यांमार में घुसकर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन किया गया जिसमें आतंकियों को भारी नुकसान हुआ।
युवाओं के लिए काम करती मोदी सरकार
मोदी सरकार में युवाओं को मिल रही है वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन।
युवाओं की दी जा रही है कानूनी सलाह और मदद।
युवाओं को पहले 3 साल तक के मुनाफे पर आयकर में छूट दे रही है मोदी सरकार।
पूंजीगत मुनाफे पर कर में छूट मिल रही है।
देश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त माहौल बना रही है मोदी सरकार।
मोदीराज में युवाओं को बेहतर प्रोत्साहन और फायदा मिला है जिससे अब वह अपना व्यवसाय आदि कर रहे हैं।
गांव और गरीब को सशक्त और मजबूत बनाती मोदी सरकार
वित्तीय सहायता से गरीबों के जीवन में आया बदलाव
मोदी सरकार में आजादी के बाद पहली पर घर-घर तक पहुंचाई गई बैंकिंग सेवा, जनधन योजना के तहत खोले गए 28 करोड़ से अधिक बैंक खाते।
13 करोड़ से अधिक लोग मामूली दरों पर सरकार के पैसे लेकर सशक्त हो रहे हैं और लाभ उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 7.45 करोड़ से अधिक छोटे उद्यमियों को 3.17 लाख करोड़ रुपये लोन के तौर पर दिये जा चुके हैं।
एससी / एसटी वर्ग को रोजगार के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन बैंकों द्वारा दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 से स्वस्थ होगा गरीब
गरीबों के लिए सस्ती दवा अब जन औषधि स्टोर से ली जा सकती है, इसके साथ ही मुफ्त जांच की सुविधा भी दी जा रही है।
मोदी सरकार द्वारा यौन हिंसा के पीड़ितों को सरकारी और निजी अस्पतालों में दी जाएगी मुफ्त चिकित्सा सुविधा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में अब उपचार और स्थिति की जानकारी रोगियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
सभी राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पब्लिक प्रबंधन कैडर का गठन किया गया है।
गरीब के लिए स्टैंट की कीमत को घटाया गया जिससे उसका इलाज काफी किफायती हो गया है।
मोदी सरकार में खुशहाल हैं गरीब
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से 2 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उप्लब्ध कराया गया है, जिससे गरीब महिलाएं राहत महसूस कर रही हैं।
मोदी सरकार का सपना, सबको मिले घर अपना, 2022 तक सबको घर देना मोदी सरकार का लक्ष्य है जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
देश में मिशन इंद्रधनुष के तहत 2.6 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण हुआ है जिससे बच्चों में होने वाली बीमारियों में भारी गिरावट आई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2016-17 में 48,000 किमी सड़क निर्माण हुआ और हर रोज 133 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। 2013-14 में रोजाना 69 किमी सड़क का ही निर्माण होता था।
मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक 1,20,000 किमी सड़क का निर्माण हुआ है।
मोदी सरकार में देश का गांव-गांव हो रहा है रोशन, छंट रहा है अंधेरा।
पीएम मोदी की UDAN योजना से आज आम नागरिक भी हवाई सफर कर रहा है, ऐसा पहले किसी सरकार ने नहीं किया।
मोदी राज में हुआ शोषण का खात्मा
Direct Benefit Transfer से निम्न और मध्यम वर्ग के शोषण का हुआ खात्मा, मोदी सरकार के 19 मंत्रालयों और विभागों की 92 योजनाओं में Direct Benefit Transfer लागू होने से 49,560 करोड़ की बचत हुई।
देश में ह्रदय रोग के मरीजों की सहायता के लिए मोदी सरकार ने स्टेंट की कीमतों में 85% तक की कटौती करवाई जिससे गरीबों को राहत मिली।
गरीबों के लिए सस्ती और सुलभ दवाइयां सुनिश्चित करना मोदी सरकार की प्रार्थमिकता रही है और आज इससे लोगों को लाभ मिल रहा है। गरीबों के लिए आवश्यक दवाओं की 489 राष्ट्रीय सूची (एनएलईएम) में डाला गया है।
मोदी सरकार द्वारा आज जन औषधि केंद्रों पर गरीबों के लिए सस्ती दरों पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध हैं।
केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ देने के लिए कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 42% की वृद्धि की गई, जिससे गरीब मजदूरों को लाभ मिल रहा है।
2015-16 के दौरान निष्क्रिय खातों से लाभार्थियों को 5826.89 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मजबूत और ईमानदार सरकार
इरादे नेक, काम अनेक
कालेधन और भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले को पूरा देश का समर्थन प्राप्त हुआ। ये नये भारत की शुरूआत है।
दशकों से लटका पड़ा बेनामी संपत्ति अधिनियम लागू करके मोदी सरकार ने चोरों पर एक और कड़ा प्रहार किया।
राजनैतिक फंड में पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति 2 हजार रुपये तक ही कैश में दे सकता है, ये सीमा मोदी सरकार ने तय की।
मोदी सरकार के कार्यकाल को तीन साल हो गये हैं और आज तक भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा, यह एक ईमानदार सरकार का प्रमाण है।
मोदी सरकार, जिसको है हर एक भारतीय की परवाह
मोदी सरकार, जिसके कारण है दुनिया के हर कोने में सुरक्षित हैं भारतीय
2014 में मोदी सरकार द्वारा यूक्रेन से 1,100, लीबिया से 3,750 और इराक से 7,200 लोगों को संकट के समय सुरक्षित निकाला गया।
2015 में सरकार द्वारा यमन से 6,710 (4,748 भारतीय) और 2016 में दक्षिण सूडान से 153 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया।
कठिन परिस्थितियों में हर नागरिक के लिए खड़ी होती है मोदी सरकार
सूखा हो या बाढ़, किसानों का हो कोई दुख या दुर्घटना मोदी सरकार हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे खड़ी होती है।
मोदी सरकार ने रेलवे मार्ग के माध्यम से महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित क्षेत्र में
6 करोड़ लीटर से अधिक पानी पहुंचाया ऐसा पहली बार किसी सरकार द्वारा किया गया।
पहले किसान को 50 प्रतिशत फसल नुकसान होने पर ही सरकारी मदद मिलती थी। लेकिन मोदी सरकार ने इस सीमा को घटाकर 33 प्रतिशत कर दिया है, जिससे हर किसान खुश हैं।
मोदी सरकार में सभी को मिल रहा है सशक्तिकरण का समान अवसर
मोदी सरकार ने सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण 4% तक बढ़ा दिया, जो कि एक सराहनीय कदम है।
मई 2014 से पूरे देश में आयोजित हुए 4,700 विशेष सहायता कैंपों से अब तक 6 लाख से अधिक दिव्यांगों को लाभ मिला।
दिव्यांगों को लाभ देने के लिए उनकी 7 से बढ़ाकर 21 श्रेणियां करके सरकारी सहायता दी जा रही है।
मोदी सरकार में श्रमिकों का कल्याण हुआ सुनिश्चित
कृषि और गैर-कषि क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी में की गई 42 प्रतिशत की वृद्धि।
कैलकुलेश की सीमा को दोगुना कर 7,000 रुपये किया गया।
पात्रता सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दी गई।
अतिरिक्त 55 लाख श्रमिकों को मिलेगा लाभ।
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से करोड़ों श्रमिकों के लिए अपना ईपीएफ खाता ट्रांसफर करना हुआ आसान।
eNAM से आई कृषि क्षेत्र में क्रांति
eNAM एक राष्ट्र,एक कृषि बाजार की ओर अग्रसर।
eNAM के तहत 36.43 लाख किसान और 84,631 व्यापारी पंजीकृत हुए।
लेन-देन की राशि 14,202 करोड़ रुपये और कुल उत्पादन 54.24 लाख टन रहा है।
किसानों के हित में काम करती है मोदी सरकार
केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए अनेकों काम किये जा रहे हैं जिससे किसान बेहद खुश हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से आज हर गरीब किसान के खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। योजना पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे ।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन से स्वदेशी नस्ल के जानवरों का विकास करने का सरकार का लक्ष्य है। इसके तहत पशु चिकित्सा महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। पहले ये 36 थे जिनको बढ़ाकर 46 किया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से गरीब किसानों की मदद की जा रही है और जरूरत के समय किसान को सरकार द्वारा लोन दिया जा रहा है।
किसान चैनल की शुरूआत मोदी सरकार द्वारा की गई, जिसका लाभ किसान भाई उठा रहे हैं और नई-नई तकनीक सीख रहे हैं।
सॉयल हेल्थ कार्ड के द्वारा मिट्टी की जांच कर आज किसान इसका लाभ ले रहे हैं और उत्पादन काफी बेहतर हो रहा है।
मोदी सरकार में हुआ महिलाओं का सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से करोड़ लोगों को लाभ मिला है, जिनमें 79 प्रतिशत महिलाएं हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना से 1 करोड़ खाते खोले गए और कुल 11,000 करोड़ रुपये जमा किये गए।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए शुरू किया गया बेटी बचाओ, बेची पढ़ाओ कार्यक्रम काफी सफल रहा है।
उज्ज्वला योजना से पीएम मोदी ने गरीब की रसोई को धुआं मुक्त कर दिया है और अब तक 2 करोड़ 20 लाख गरीब परिवार की माताएं-बहनें इसका लाभ ले रही हैं।
केंद्र में भाजपा की सरकार के तीन साल पूरे होने को हैं। इस पर केंद्र सरकार ने अपने इन तीन साल के कार्यकाल के दौरान किये गए बदलावों को एवं सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा।
सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनसे देश में बड़े बदलाव देखे गए हैं।
अर्थव्यवस्था में बदलाव
सरकार की अहम और बड़ी योजनाओं में ‘जन धन’, आधार और भीम एप शामिल हैं। केंद् सरकार की यह तीनों योजनाएं देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
‘जन धन योजना’ से सरकार ने देश के आम नागरिकों को बैंक से जोड़ा, जिससे देश के गरीब और असहाय नागरिकों को लाभ मिल सके।
पीएम मोदी का सपना, सबको मिले घर अपना
मोदी सरकार में गरीबों को यूपीए सरकार के 10 साल के कार्यकाल से ज्यादा घर मिले हैं।
17,73,533 किफायती घरों के निर्माण को मोदी सरकार ने दी स्वीकृति।
2,008 शहरों और कस्बों के गरीबों को मिलेगा मोदी सरकार में अपना घर।
केंद्र ने राज्य/ केंद्र शासित राज्यों के लिए 27,883 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है।
योजना के लिए निवेश की कुल 96,266 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
मोदी सरकार में मिला पर्यटन को बढ़ावा
161 देशों के 24 एयरपोर्ट और 3 बंदरगाह पर ई-वीजा की सुविधा मोदी सरकार पर्यटकों को दे रही है।
ई-वीजा की वैधता की सीमा 30 से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है।
इंटर्नशिप के लिए आने वाले विदेशियों को इंटर्न वीजा की सुविधा मोदी सरकार द्वारा दी जा रही है।
आपात स्थिति में मेडिकल और व्यवसाय वीजा 48 घंटे के अंदर ही मिल जाएगा।
देश के गरीबों के लिए मोदी सरकार
28 करोड़ खाते धारकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
‘आधार योजना’ के तहत केन्द्र सरकार ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के सभी नागरिकों को आधार से जोड़ कर भ्रष्टाचार व बिचौलियों को खत्म करने का प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप सरकार की योजनाओं का सभी को लाभ मिल सके। सरकार के इसी प्रयास से करीब 49,560 रु करोड़ की राशि, खाता धारकों तक सीधे पहुंच चुकी हैं।
पीएम मोदी के ‘डि़जिटल इंडिया’ अभियान के तहत ‘भीम एप’ को 2 करो़ड़ से भी अधिक लोगों ने डाउनलोड किया। सरकार की यह पहल देश के नागरिकों को कैशलेस की ओर प्रेरित करता है। इस एप से जुड़ कर डि़जिटल बैंकिंग की जा सकती है। इस योजना से सरकार अधिक से अधिक नागरिकों को ‘डि़जिटल इंडिया’ अभियान से जोड़ना चाहती है।
वर्तमान सरकार ने ‘ एक देश, एक कर‘ और एक मार्केट के उद्देश से देश में एक समान कर को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। गुड एंड सर्विस टैक्स (GST) के नाम से यह बिल पास हुआ, जिसका सीधा फायदा सभी नागरिकों और व्यापारियों को मिलेगा।
केंद्र सरकार ने व्यापार हेतु अनुकूल वातावरण तैयार किया, जिससे अधिक से अधिक व्यापारियों व विदेशी कंपनियों को देश में व्यापार हेतु उचित माहौल मिल सके।
देश में मोदी सकार की ऐसी ही नीतियों के चलते व्यापार जगत को विशेष लाभ मिला,जिसके परिणाम स्वरुप-
भारत में व्यापार करने की स्थिति को वर्ल्ड बैंक ने 2015 में 142 रैंकिग के मुकाबले 2017 में 130 रैंकिंग दी है।
सरकार की नीतियों के तहत वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमोदन कराने के 600 दिनों की अवधि को घटा कर 180 दिन कर दिये हैं। साथ ही निर्यात के लिए आवश्यक दस्तावेजों की संख्या भी 7 से घटा कर 3 और आयात करने के लिए 10 से घटाकर 3 कर दी गई है।
भारत सरकार ने ‘श्रम सुविधा पोर्टल ‘ की शुरुआत की, जिससे कर्मचारी नियोक्ता व प्रर्वतन ऐजेंसियों के बीच सामंजस्य हो सके और उसमें पार्दशिता व काम की जवाबदेही तय हो सके। साथ ही साथ दिन – प्रतिदिन की जानकारी पोर्टल के माध्यम से मिल सके और लेबर इंसपेक्टर पर भी निगरानी रखी जा सके।
गरीब के कल्याण के लिए धन
मोदी सरकार द्वारा पीएम गरीब कल्याण योजना के लिए कर और निवेश व्यवस्था प्रस्तावित।
योजना के तहत अघोषित आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर का भुगतान करना होगा।
10 प्रतिशत अघोषित आय पर 10 प्रतिशत की दर से दंड।
अतिरिक्त 33 प्रतिशत पीएम गरीब कल्याण के तहत जमा होगा।
इस राशि का उपयोग गरीबों को बेहतर संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और शौचालय देकर किया जाएगा।
आयात और निर्यात में मोदी सरकार ने नियमों में लाई सरलता
आवेदन के लिए अब सिर्फ 2 दस्तावेज के साथ एक फोटो की जरूरत होगी। साथ ही सुविधा के लिए सरकार ने टोल फ्री लाइन एवं 3 अलग नंबरों की व्यवस्था की है जिससे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सरकार ने Ebiz पोर्टल की शुरु्आत की है जिसमें गर्वमेंट- टू- बिजनेस (G2B) सर्विस को ऑनलाइन करके तेजी दी जा सके। इस पोर्टल की मदद से व्यापार को शुरू करने एवं चलाने में होने वाली असुविधा को कम किया जा रहा है। साथ ही यह पोर्टल विनियामक से जुड़ी जानकारियां भी प्रदान करता है जिसमें व्यापार शरू करना, संचालन और व्यापार को बंद करने से संबंधित जानकारियां शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने व्यापार शुरू करने के लिए कई छूट दी हैं, जैसे कि कम दरों पर लोन देना और खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए आसानी से आवेदन का प्रावधान। सरकार की इस योजना के तहत करीब 29 लाख व्यवसायियों ने आवेदन दर्ज कराया है।
भारत सरकार की सफल व्यापार नीति से रक्षा, रेलवे, फार्मा और खाद्य जैसे क्षेत्रों में FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) में बढोत्तरी हुई है।
केंद्र सरकार के कदमों ने रियल एस्टेट पर भी अंकुश लगाया है। नियमों में बदलाव करके मोदी सरकार ने 2016 में विनियम और विकास एक्ट में बड़े परिवर्तन किये हैं। इस एक्ट के तहत गलत दस्तावेज देकर जमीन खरीदना अपराध की श्रेणी में माना जाएगा और उस पर कड़े दंड का प्रावधान भी शामिल है।
सरकार के ऐसे कड़े कदम से भू-माफियों और बिल्डरों पर लगाम लग सकेगी।
प्रधानमंत्री जी ने अपनी कुशल नीतियों से भारत को दुनिया में सबसे सफल एवं उदार अर्थव्यवस्था वाला देश बना दिया है जिसका लाभ निर्माण, रेलवे, बीमा और रक्षा क्षेत्र में देखने को भी मिल रहा है।
केंद्र सरकार ने जहां निर्माण, रक्षा और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी दी है। वहीं बीमा के क्षेत्र में FDI को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दिया है।
केंद्र सरकार की इस प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति से रेलवे को विशेष लाभ होगा। जिससे हाई स्पीड ट्रेन और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके रेलवे को मजबूती प्रदान किया जा सके।
दिवालियापन और बैंकरप्ट नीति- केंद्र में भाजपा सरकार की यह नीति, GST बिल के बाद अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक नीतियों में से एक मानी जा रही हैं।
रियल स्टेट का विनियमन– केंद्र सरकार ने रियल स्टेट विनियमन और विकास अधिनियम 2016 के तहत बड़े बदलाव किए हैं। इसमें आवासीय योजनाओं के अंर्तगत प्लॉट साइज 500 Sq मीटर सें अधिक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। साथ ही अधूरी और गलत जानकारी देने पर योजना की रकम का 5% दंड लगाया जाएगा। नियमों का पालन न करने पर योजना को बंद भी किया जा सकता है।
सरकार की ऐसी कठोर नियमों से परियोजना की मार्केटिंग और क्रियान्वयन में पारर्दशिता आएगी साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग सकेगा।
इस अधिनियम के तहत घर खरीदार को सुरक्षित करना है और डेवलपर को परियोजना की 70 प्रतिशत राशि जमा करने को बाध्य करना है।
FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) – केंद्र सरकार के प्रयासों और बदलावों की श्रंखलाओं ने देश को विश्व में FDI के लिए सबसे प्रभावशाली व खुली अर्थव्यवस्था बनाया है।
निर्माण – सरकार ने निर्माण क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी है।
रक्षा – केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी। इसके तहत सरकार से मंजूरी लेकर छोटे हथियार और गोला एवं बारूद का निर्माण किया जा सकता है।
बीमा– सरकार ने बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा को 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दिया है।
रेलवे– केंद्र सरकार के अहम फैसलों में से एक रेलवे की आधारिक संरचना में 100 प्रतिशत FDI को लागू करना है। जैसे कि हाई स्पीड ट्रेन का ट्रैक बिछाना आदि।
रेलवे में FDI के 100 प्रतिशत मंजूरी से बुलेट ट्रेन, हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट का काम आसान होगा। साथ ही रेलवे के दूसरे विभागों जैसे- सिग्नल, टेस्टिंग और मेन्युफैक्चरिंग में भी सरकार ने 100 प्रतिशत FDI को मंजूरी दी है।
स्पेक्ट्रम नीलामी – सरकार को 2015 में स्पेक्ट्रम्स की नीलामी से 1.10 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि 2016 में स्पेक्ट्रम्स की नीलामी से 66,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसका उपयोग देश के विकास में किया जा रहा है।
डीजल के दामों को डीरेग्युलराइज किया– सरकार ने 2014 में डीजल के दामों का डीरेग्युलराइज किया जिससे उपभोक्ता को सीधा लाभ मिल सके, साथ ही राजकोषीय घाटे पर लगाम लगाई जा सके।
औद्योगिक लाइसेंस की अवधि को बढाना– केंद्र सरकार ने व्यापार करने की प्रकिया को सरल किया और औद्योगिक लाइसेंस की अवधि को 2 साल से बढ़ा कर 3 साल कर दिया।
कोयला क्षेत्र में निजीकरण और विदेशी निवेशकों को बढ़ावा– भारत सरकार ने कोयला खनन के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर के एकाधिकार को खत्म कर दिया है।
फैक्टरी एक्ट में संशोधन– सरकार ने 2016 में फैक्टरी एक्ट में संशोधन करते हुए कुछ अहम बदलाव किए हैं जिसमें फैक्ट्री की उत्पादकता की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से त्रैमासिक ओवर टाइम को 50 घंटों से बढ़ाकर 100 घंटे कर दिया गया है।
प्रेषक
डॉक्टर आलोक भारद्वाज

मंगलवार, 23 मई 2017

बर्बरता का बदला: पाक चौकी को उड़ाया




बर्बरता का बदला: पाक चौकी को उड़ाया, 

लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली 23 मई, 2017

पाकिस्तान की घुसपैठ के खिलाफ भारतीय सेना ने कार्रवाई करते हुए तोप से पाकिस्तान की चौकी तबाह कर दिया है। मेजर जनरल अशोक नरूला ने मंगलवार को बताया कि इस चौकी को आतंकवादियों की घुसपैठ मे मदद करने पर ये कार्रवाई की गई है। 6 मई को पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के साथ मिलकर एलओसी पार करके गश्त कर रहे भारतीय जवानों पर हमला किया था और इस हमले में दो जवान शहीद हुए थे। इसके बाद शहीद जवानों के शव के साथ बर्बरता की थी। इसका बदला लेते हुए भारतीय सेना ने नौ मई पाकिस्तान के नौशेरा में पाक की चौकी को तबाह कर दिया था। सेना ने 9 मई को किए गए इस ऑपरेशन में रॉकेट लॉन्चर्स, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, ऑटोमेटेड ग्रैनेड लॉन्चर्स का इस्तेमाल किया गया।

वहीं भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने नियंत्रण रेखा के नजदीक नौशेरा सेक्टर के पास स्थित पाकिस्तानी सेना के पोस्ट को तबाह करने के भारतीय सेना के दावे को खारिज कर दिया है। बासित ने एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि पाकिस्तान सरकार की ओर से इस बारे में कोई रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इसलिए शेखी बघारने की जरूरत नहीं है। दोनों देशों को चाहिए कि वह शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दे को हल करे।

एक्सपर्ट का कहना है कि भारतीय सेना के इस हमले में पाकिस्तान के 20 से 25 सैनिकों के मारे जाने की संभावना है, क्योंकि अमूमन एक पोस्ट में एक वक्त में तकरीबन इतने ही सैनिक रहते हैं।

अशोक नरूला ने बताया कि एलओसी पर हमारा कब्जा है और नौशेरा में हुई कार्रवाई का 24 सेंकेड का वीडियो जारी कर दिया है। सेना का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से 100 किलोमीटर दूर नौशेरा में सेना ने पाकिस्तानी चौकियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पाकिस्तान की ओर से बर्फ पिघलने से और दर्रें पिघलने से घुसपैठ की आशंका है।

सर्जिकल स्ट्राइक: भारतीय सेना ने PoK में 3KM घुसकर 38 आतंकियों को किया ढेर

सेना ने इस मामले में 24 सेकंड का वीडियो जारी किया है। जिसमें यह दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार सेना ने पाकिस्तानी पोस्ट को ध्वस्त कर दिया हैं। इस दौरान करीब 21 ब्लास्ट हुए और पाकिस्तान की पोस्ट पूरी तरह बर्बाद हो गई।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी की तरफ से हो रही गोलाबारी से भारत के गांवों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की सीमा पर घुसपैठ रोके। नरूला ने बताया कि हमने हाल में नौशेरा में जो कार्रवाई की है वह घुसपैठियों के खिलाफ ही थी। यह कार्रवाई हमारी आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा है।

सेना का कहना है कि हम कश्मीर में अमन और शांति चाहते हैं। हम इसके लिए सीमा पर घुसपैठ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आतंकियों की संख्या कम से कम हो और राज्य के युवा गलत राह पर न चलें। हम आतंकियों को रोकने के लिए सीमा पर इस तरह की कार्रवाई करते रहते हैं।

गौरतलब है कि 6 मई की सुबह पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के साथ मिलकर एलओसी पार करके गश्त कर रहे भारतीय जवानों पर हमला किया था और इस हमले में दो जवान शहीद हुए थे। भारतीय शहीदों के शवों के साथ पाकिस्तान ने बर्बरता की थी। उस वक्त सेना ने साफ किया था कि इस हमले का माकूल जवाब जरूर दिया जाएगा।

- कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पाक की चौकियों को तबाह करने के लिए मैं भारतीय सेना के साहस को सल्यूट करता हूं।

- शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने कहा, देर आए दुरुस्त आए, अब नहीं रुकना है। अब सोचो लाहौर जाकर तिरंगा लहराना है।

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24 सेकेंड में भारतीय सैनिकों ने दागे 16 गोले, और बर्बाद हो गया LoC से सटा पाकिस्तानी पोस्ट

Tuesday, May 23, 2017

नई दिल्ली: सेना ने मंगलवार (23 मई) को दावा किया कि सीमा पार से हमला रोकने के लिए आतंकवाद-रोधी रणनीति के तहत हालिया कार्रवाई में जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटी पाकिस्तानी सेना की कई चौकियों को नष्ट कर दिया गया. मेजर जनरल अशोक नरूला ने संवाददाताओं से कहा, "पाकिस्तानी सेना सशस्त्र घुसपैठियों की सहायता करती है.. नौशेरा (राजौरी जिले का सीमा सेक्टर) में हालिया कार्रवाई में हमने पाकिस्तानी सेना की कई चौकियों को तबाह कर दिया."

यह पूछे जाने पर इन हमलों को कब अंजाम दिया गया, नरूला ने कहा कि यह 'हाल का, बेहद हाल का' अभियान है. उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन एक वीडियो क्लिप साझा किया, जिसमें एक जंगल क्षेत्र में बमबारी और विस्फोट के बाद धुआं उठता दिख रहा है.

भारतीय सेना के एडीजीपीआई मेजर जनल अशोक नरुला ने कहा कि आतंकियों को रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. भारतीय सेना ने नौशेरा सेक्टर से सटे पाकिस्तानी सेना की पोस्ट की तबाही का वीडियो जारी करते हुए कहा कि जिन पोस्ट को तबाह किया वहां से घुसपैठ होती थी.

मेजर जनरल नरूला ने कहा, "नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में कार्रवाई की गई. यह हमारे आतंकवाद रोधी रणनीति का हिस्सा है, ताकि (राज्य में) आतंकवादियों की संख्या में कमी लाई जा सके और कश्मीरी युवा गलत राह न पकड़ें." उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इस बात से अवगत है कि बर्फ पिघलने के साथ ही घुसपैठ के प्रयास में वृद्धि होगी. उन्होंने कहा, "भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर पूरी सक्रियता से तैनात है. हम जम्मू एवं कश्मीर में शांति चाहते हैं."

इससे पहले पाकिस्तान रेंजर्स ने बुधवार (17 मई) को जम्मू-कश्मीर के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर गोलीबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था. रक्षा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सेना ने बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा की अग्रिम चौकियों पर आधी रात को 12 बजकर 50 मिनट पर गोलीबारी करना शुरू की थी.’’ प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा पर कल रात अग्रिम चौकियों एवं असैन्य इलाकों में भी गोलीबारी की. यह गोलीबारी देर रात डेढ़ बजे तक लगातार चली.

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सेना ने नौशेरा सेक्टर में मंगलवार (16 मई) शाम साढ़े छह बजे अंधाधुंध छोटे हथियारों, स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की और 82 एमएम और 120 एमएम के मोर्टार दागे. यह हमला मंगलवार रात नौ बजे तक जारी रहा.

पाकिस्तान रेंजर्स ने 15 और 16 मई की दरमियानी रात को भी राजौरी जिले के तीन क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम चौकियों एवं असैन्य इलाकों में गोले दागे थे. नौशेरा सेक्टर में 13 मई को नियंत्रण रेखा के पास असैन्य इलाके में मोर्टार दागे जाने की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य लोग घायल हो गए थे.

सीमा-पार से हो रही गोलीबारी एवं गोलेबारी में करबी 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं. पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में नियंत्रण रेखा पर प्रभावित कस्बों से करीब 1700 लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है.

डीसी ने बताया कि सीमा पार से लगातार हो रही गोलाबारी में 2,694 परिवारों के करीब 10,042 लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने मृतकों के निकटतम रिश्तेदार को तत्काल एक-एक लाख रुपए राहत राशि देने और घायलों को भी आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

चौधरी ने बताया कि प्रशासन और अधिक राहत शिविर बनाने को तैयार है और इसके लिए 25 इमारतों को भी निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि शिक्षा प्रभावित न हो यह सुनिश्चित करने के लिए स्कूल की कक्षाएं भी इस सप्ताह से बहाल की जाएगीं.

गृह मंत्रालय के एक आरटीआई को दिए जवाब के अनुसार पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा वर्ष 2015 में 405 की तुलना में वर्ष 2016 में 449 संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और दो साल में 23 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई है.

तीन साल बाद भी देश में मोदी लहर : अरविन्द सिसौदिया


26 मई को प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार के तीन साल पूरे हो जायेंगे और चौथा साल लग जायेगा। देश के तमाम बडे अखवारों एवं मीडिया हाउसेज ने अपने अपने तरीके से जनता के मन को टटोला हे। और घोषण की हैं कि जनता इस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ हे। यह सब यूं ही हो रहा है ऐसा नहीं है। बल्कि प्रधानमंत्री मोदी जी 18 - 18 घंटेे काम कर तेजी से कामों को निंबटा रहे है। परिणाम देने के लिये परिश्रम कर रहे है। इसलिये यह सर्वे आ रहे हैं। आओ हम सभी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक इस महान अवसर को अपने - अपने परिश्रम से और  महान तथा यशस्वि बनानें में जुट जायें। 
- अरविन्द सिसौदिया, जिला महामंत्री भाजपा 
जिला कोटा राजस्थान   9509559131



तीन साल बाद भी देश में मोदी लहर, अभी चुनाव हुए तो NDA को मिल सकता है पूर्ण बहुमत : सर्वे
By Digital Live News Desk | Updated Date: May 23 2017
http://www.prabhatkhabar.com

नयी दिल्ली : नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र में NDA सरकार ने अपना तीन साल पूरा कर लिया है. तीन साल पूर्ण करने के बाद मोदी सरकार लोगों के सामने अपनी तीन साल की उपलब्धियों को गिना रही है वहीं दूसरी ओर विपक्ष मोदी सरकार की नाकामियों को उजागर करने में लगी है. विपक्ष का दावा है कि मोदी सरकार ने तीन साल में कुछ भी विकास का काम नहीं किया है

इधर मोदी सरकार के तीन साल पूरा होने के मौके पर एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति ने सर्वे कराया है और केंद्र सरकार को लेकर लोगों का मूड जानने का प्रयास किया है. सर्वे के अनुसार तीन साल बाद भी लोगों ने नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार का समर्थन किया है. सर्वे के अनुसार अभी अगर लोकसभा के चुनाव होते हैं तो फिर से केंद्र में मोदी सरकार की संभावना है.

एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति सर्वे के अनुसार अभी चुनाव हुए तो एनडीए को 331 सीटें मिल सकती है. हालांकि 2014 की तुलना में एनडीए को 4 सीट का नुकसान होने की संभावना है. 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी की अगुआई में एनडीए को 335 सीटें मिली थीं. सर्वे के अनुसार राहुल गांधी की अगुआई में यूपीए के लिए भी राहत की खबर है. सर्वे के अनुसार अभी चुनाव हुए तो यूपीए को 104 सीटें मिल सकती है.

एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति की सर्वे के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में एनडीए को 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है.

* बिहार-झारखंड में NDA को हो सकता है नुकसान
एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति सर्वे के मुताबिक पूर्वी भारत में भले ही एनडीए को फायदे मिलने का अनुमान है लेकिन बिहार और झारखंड में उसे कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है. सर्वे के मुताबिक लालू यादव को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचेगा. ओडिशा, बंगाल और असम में एनडीए को फायदा हो सकता है.

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'नमो' का जलवा कायम, आज चुनाव हुए तो फिर मोदी सरकार का अनुमान: सर्वे

नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: May 22, 2017
http://navbharattimes
नई दिल्ली
करीब 3 साल पहले 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की सरकार केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई। इस समय जहां केंद्र सरकार 3 साल में अब तक किए गए काम का प्रचार करने में लगी है, वहीं विपक्ष सरकार की नाकामियों को उजागर करने का दावा कर रहा है। इस बीच एक सर्वे के मुताबिक 2014 की तरह मोदी लहर चल सकता है। अगर आज चुनाव हुए तो मोदी सरकार फिर से सत्ता में आ सकती है।

आज हुए चुनाव तो NDA फिर 300 के पार
एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे के मुताबिक अगर आज चुनाव हुए तो एनडीए को 331 सीटें मिल सकती हैं जबकि 2014 में इसे 335 सीटें मिली थीं। यूपीए को 104 सीटों का अनुमान लगाया गया है जो 2014 से 44 ज्यादा है। अन्य के खाते में 108 सीटें आ सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 40 कम है। एनडीए के वोट शेयर में 7 फीसदी का इजाफा हो सकता है।

पूर्वी भारत में NDA को पहले से ज्यादा सीटों का अनुमान

एबीपी न्यूज-सीएसडीएस-लोकनीति की सर्वे के मुताबिक बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में एनडीए को 2014 से भी ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है। इन राज्यों में लोकसभा की कुल 142 सीटें हैं। सर्वे में एनडीए को 71 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जो 2014 के मुकाबले 16 ज्यादा है। यूपीए को थोड़ा नुकसान हो सकता है और उसे 25 सीटें मिल सकती हैं। 2014 में यूपीए को 28 सीटें मिली थीं। अगर आज चुनाव हुए तो पूर्वी भारत में अन्य के खाते में 46 सीटें आ सकती हैं जो 2014 से 19 कम है। पूर्वी भारत में एनडीए के वोट शेयर में करीब 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

बिहार और झारखंड में NDA को हो सकता है नुकसान
सर्वे के मुताबिक पूर्वी भारत में भले ही एनडीए को फायदे मिलने का अनुमान है लेकिन बिहार और झारखंड में उसे कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है। सर्वे के मुताबिक भ्रष्टाचार के आरोपों से लालू यादव को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचेगा। ओडिशा, बंगाल और असम में एनडीए को फायदा हो सकता है।

उत्तर भारत में फीका पड़ सकता है मोदी का जादू
सर्वे के मुताबिक यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब जैसे उत्तर भारत के राज्यों में कुल मिलाकर एनडीए को कुछ सीटों का नुकसान हो सकता है। उत्तर भारत की कुल 151 सीटों में एनडीए को 116 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 15 कम है। यूपीए को 15 सीटें मिल सकती हैं जो पहले से 9 ज्यादा है। सर्वे में अन्य के खाते में 20 सीटों का अनुमान किया गया है जो 2014 के मुकाबले 6 ज्यादा है। सर्वे के मुताबिक हरियाणा और पंजाब में एनडीए को नुकसान हो सकता है। सर्वे के मुताबिक उत्तर भारत में एनडीए को 50 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं जबकि यूपीए को 18 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।

पश्चिम-मध्य भारत में NDA को मामूली नुकसान
गुजरात, एमपी, जैसे पश्चिम-मध्य भारत के राज्यों में एनडीए को मामूली घाटा हो सकता है। पश्चिम-मध्य भारत में कुल 118 सीटें हैं जहां एनडीए को 105 सीटें मिलने का अनुमान है जबकि 2014 में उसे यहां 109 सीटें मिली थीं। इस तरह एनडीए को 4 सीटों का घाटा हो सकता है। इस क्षेत्र में यूपीए को 12 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 3 ज्यादा है। अन्य के खाते में भी 1 सीट आ सकती है। 2014 में यहां अन्य के खाते में एक भी सीट नहीं गई थी। पश्चिम मध्य भारत में एनडीए का वोट शेयर बढ़ सकता है। सर्वे में इस क्षेत्र में एनडीए को 56 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है जो 2014 के मुकाबले 3 प्रतिशत ज्यादा है।

दक्षिण भारत में UPA को फायदा
सर्वे के मुताबिक दक्षिण भारत की कुल 132 सीटों में एनडीए को 39 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले सिर्फ एक कम है। एनडीए को आंध्र प्रदेश और केरल में फायदा हो सकता है। दक्षिण भारत में यूपीए को जबरदस्त फायदा मिल सकता है। यहां उसे 52 सीटें मिल सकती हैं जो 2014 के मुकाबले 29 ज्यादा है।

कैसे हुआ सर्वे
एबीपी न्यूज के मुताबिक सर्वे 1 मई से 15 मई के बीच किया गया। इसके लिए 19 राज्यों की 146 विधानसभा सीटों की 584 पोलिंग के 11373 लोगों से बातचीत की गई है।
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सर्वे:अभी हुए चुनाव तो बनेगी मोदी की NDA सरकार, वोट बैंक में भी इजाफा
लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
http://www.livehindustan.com

केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को 26 मई को तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन सालों में मोदी सरकार की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लोकनीति-CSDS-एबीपी न्यूज के सर्वे के मुताबिक, अगर आज चुनाव हुए तो एनडीए को 331 सीटें मिलेगी। 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले एनडीए को सिर्फ 4 सीटों का नुकसान हो रहा है।

वहीं यूपीए को 104 सीटें मिलने का अनुमान है और उसे 44 सीटों का फायदा हो रहा है। वहीं अन्य को 108 सीटें मिलेंगी और उन्हें 40 सीटों का नुकसान हो रहा है।

बीजेपी के वोट बैंक में इजाफा
2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले बीजेपी के वोट बैंक में पिछले तीन सालों में आठ प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 31 फीसदी वोट मिले थे जो सर्वे के मुताबिक, 2017 में 39 फीसदी हो गया है। वहीं बीजेपी सहयोगियों के वोट प्रतिशत में सिर्फ एक फीसदी का इजाफा हुआ है।

सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस के वोट बैंक में भी दो फीसदी का इजाफा हुआ है। 2014 में कांग्रेस को 19 फीसदी वोट मिला था जबकि सर्वे के मुताबिक अभी चुनाव हुए तो कांग्रेस को 21 फीसदी फोटो मिलेंगे। यूपीए के वोट बैंक में एक फीसदी का इजाफा हुआ है।


अन्य राजनीतिक दलों का हाल

पार्टी        2014 लोकसभा चुनाव       सर्वे 2017
बसपा                4                           3
लेफ्ट पार्टी          5                           3
अन्य दल           27                          22


सर्वे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'अच्छे दिन' को पांच में से तीन लोगों अच्छा बताया है।

नरेंद्र मोदी प्रतिशत
अच्छे दिन सफल 63
अच्छे दिन फेल 27
कुछ भी कहने से मना किया 10



पीएम मोदी के अच्छे दिन को लेकर हिन्दुओं में जहां आज भी विश्वास कायम है। 66 फीसदी हिन्दू मानते है कि अच्छे दिन आए है। वहीं मुस्लिम समुदाय में मिली जुली प्रक्रिया देखने को मिली। 43 फीसदी मुसलमानों का मानना है कि अच्छे दिन आए हैं तो 45 फीसदी मुसलमानों का मानना है कि अच्छे दिन नहीं आए हैं।



  मोदी अच्छे दिन लाए मोदी अच्छे दिन लाने में विफल   कोई प्रतिक्रिया नहीं
हिन्दू        66 24 10
मुस्लिम 43 45 12
क्रिश्चन 51 37 12
सिख 54   38 8


सर्वे में हिस्सा लेने वाले 25 फीसदी लोगों का मानना है कि इस वक्त देश के सामने सबसे बड़ी समय बेरोजगारी है। वहीं कालाधन सबसे अब कोई मुद्दा नहीं है। सिर्फ दो प्रतिशत लोगों ने इसको देश की समस्या बताया।

देश के सामने समस्या प्रतिशत
बेरोजगारी 25
गरीबी          16
कीमत बढ़ना   8
विकास की कमी, बुनियादी सुविधाएं 8
काला धन           2
अन्य मामले 16
कोई प्रतिक्रिया नहीं 12


सर्वे के मुताबिक, पिछले तीन सालों में पीएम मोदी की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। कोई दूसरा नेता उनके आसपास भी नहीं ठहराता है। उनको छोड़कर किसी भी नेता की लोकप्रियता दहाई का आकंडा नहीं छू पाती है। लोकप्रियता के मामले में राहुल गांधी नौ फीसदी के साथ दूसरे पायदान पर हैं।

नेता प्रतिशत
नरेंद्र मोदी 44
राहुल गांधी 9
सोनिया गांधी 3
मायावती         3
नीतिश कुमार 2
मनमोहन सिंह 2
अखिलेश यादव 2
ममता बनर्जी 1

सोमवार, 22 मई 2017

योग से आयुर्वेद तक, विरासत पर गर्व है: प्रधानमंत्री मोदी



योग से आयुर्वेद तक हम भारतीयों को अपनी विरासत पर गर्व है: प्रधानमंत्री मोदी

May 03, 2017

हमें हमारे पूर्वजों के इनोवेशन, नई-नई खोज करना और समय के अनुकूल उसे ढालते रहने आदि भाव को कभी भूलना नहीं चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी
Quoteयोग को लेकर विश्व भर के लोगो में जिज्ञासा बढ़ रही है: प्रधानमंत्री मोदी
Quoteअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हमें जितने संभव हो सके उतने लोगों को एकजुट करने का प्रयास करना चाहिए: पीएम मोदी Quoteसरकार की नई स्वास्थ्य नीति स्वास्थ्य और कल्याण के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है: पीएम मोदी Quoteस्वच्छता आरोग्य एवं प्रिवेंटिव हेल्थ केयर का सबसे महत्तवपूर्ण पहलू है: पीएम मोदी

विशाल संख्या में पधारे प्यारे भाईयो और बहनों,

आज, ये मेरा सौभाग्‍य था कि केदारनाथ जा करके बाबा के दर्शन करने का मुझे सौभाग्‍य मिला, और वहां से आप सबके बीच आने का और आप सबके आशीर्वाद पाने का सौभाग्‍य मिला। मुझे पता नहीं था, बाबा ने surprise दे दिया। बड़ी भावुकता के साथ मुझे विशेष सम्‍मान से आभूषित किया, अलंकृत किया। मैं स्‍वामी जी का, इस पतंजलि पूरे परिवार का अंत:करणपूर्वक आभार व्‍यक्‍त करता हूं।

लेकिन, जिन लोगों के बीच में मेरा लालन-पालन हुआ है, जिन लोगों ने मुझे संस्‍कारित किया है, मुझे शिक्षा-दीक्षा दी है, उससे मैं इस बात को भली-भांति समझता हूं कि जब आपको सम्‍मान मिलता है, तो उसका मतलब ये होता है कि आपसे ये, ये, ये प्रकार की अपेक्षाएं हैं, जरा भी आगे-पीछे मत हो; इसको पूरा करो। तो एक प्रकार से मेरे सामने मुझे क्‍या करना चाहिए, कैसे जीना चाहिए, इसका एक do's and don'ts का बड़ा दस्‍तावेज गुरूजी ने रख दिया है।

लेकिन सम्‍मान के साथ-साथ आप सबके आशीर्वाद, सवा सौ करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद की ताकत पर मेरा पूरा भरोसा है। मेरा अपने पर उतना भरोसा नहीं है, मुझ पर इतना भरोसा नहीं है, जितना की मुझे आपके और देशवासियों के आशीर्वाद की ताकत पर भरोसा है। और इसलिए वो आशीर्वाद ऊर्जा का स्रोत है, संस्‍कार उसकी मर्यादाओं में बांध करके रखते हैं, और राष्‍ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने के लिए नित्‍य नई प्रेरणा मिलती रहती है।

मैं आज जब आपके बीच में आया हूं, तो आप भी भली-भांति अनुभव करते होंगे कि आप ही के परिवार का कोई सदस्‍य आपके बीच में आया है। और मैं यहां पर पहली बार नहीं आया हूं, आप लोगों बीच बार-बार आने का मुझे सौभाग्‍य मिला है, एक परिवार के सदस्‍य के नाते आने का सौभाग्‍य मिला है। और ये भी मेरा सौभाग्‍य रहा है कि मैंने स्‍वामी रामदेव जी को, किस प्रकार से वो दुनिया के सामने उभर करके आते गए; बहुत निकट से मुझे देखने का सौभाग्‍य मिला है। उनका संकल्‍प और संकल्‍प के प्रति समर्पण, यही उनकी सफलता की सबसे बड़ी जड़ी-बूटी है। और ये जड़ी-बूटी बालकृष्‍ण आचार्य जी की खोजी हुई जड़ी-बूटी नहीं है; ये स्‍वामी जी ने खुद ने खोजी हुई जड़ी-बूटी है। बालकृष्‍ण जी की जड़ी-बूटी शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए काम आती हैं, लेकिन स्‍वामी रामदेव जी वाली जड़ी-बूटी हर संकटों को पार कर-करके नैया को आगे बढ़ाने की ताकत देने वाली होती है।

आज मुझे Research Centre के उद्घाटन का सौभाग्‍य मिला। हमारे देश का, अगर भूतकाल की तरफ थोड़ी नजर करें; तो एक बात साफ ध्‍यान में आती है, हम इतने छाये हुए थे, इतने पहुंचे हुए थे, इतनी ऊंचाइयों को प्राप्‍त किए हुए थे, कि जब दुनिया ने इसे देखा तो उनके लिए तो वहां तक पहुंचना शायद संभव नहीं लगता था और इसलिए उन्‍होंने मार्ग अपनाया था, जो हमारा श्रेष्‍ठ है उसे ध्‍वस्‍त करने का, उसको नेस्‍तनाबूद करने का। और गुलामी का पूरा कालखंड, हमारी पूरी शक्ति, हमारे ऋषि, मुनि, संत, आचार्य, किसान, वैज्ञानिक, हर किसी को; जो श्रेष्‍ठ था उसको बचाए रखने के लिए 1000, 1200 साल के गुलामी कालखंड में उनकी शक्ति खत्‍म कर दी।

आजादी के बाद जो बचा था उसे पनपाते, उसे पुरष्‍कत करते, समयानुकूल परिवर्तन करते, नए रंग-रूप के साथ सज्‍जा करते, और आजाद भारत की सांस के बीच उसे विश्‍व के सामने हम प्रस्‍तुत करते; लेकिन वो नहीं हुआ। गुलामी के कालखंड में नष्‍ट करने का प्रयास हुआ, आजादी का एक लम्‍बा कालखंड ऐसा गया जिसमें इन श्रेष्‍ठताओं को भुलाने का प्रयास हुआ। दुश्‍मनों ने नष्‍ट करने की कोशिश की, उससे तो हम लड़ पाये, निकल पाये, बचा पाये, लेकिन अपनों ने जब भुलाने का प्रयास किया तो हमारी तीन-तीन पीढि़यां दुविधा के कालखंड में जिंदगी गुजारती रहीं।

मैं आज बड़े गर्व के साथ कहता हूं, बड़े संतोष के साथ कहता हूं कि अब भुलाने का वक्‍त नहीं है, जो श्रेष्‍ठ है उसका गौरव करने का वक्‍त है, और यही वक्‍त है जो विश्‍व में भारत की आन-बान-शान का परिचय करवाता है। लेकिन हम इस बात को न भूलें कि भारत दुनिया में इस ऊंचाई पर कैसे था। वो इसलिए था कि हजारों वर्ष पूर्व हमारे पूर्वजों ने लगातार innovation में अपनी जिंदगी खपाई थी। नई-नई खोज करना, नई-नई चीजों को प्राप्‍त करना, और मानव-जाति के कल्‍याण के लिए उसको प्रस्‍तुत करना समय, अनुकूल ढालते रहना। जब से innovation की, research की उदासीनता हमारे भीतर घर कर गई हम दुनिया के सामने प्रभाव पैदा करने में असमर्थ होने लगे।

कई वर्षों के बाद जब IT Revaluation आया, जब हमारे देश के 18, 20, 22 साल के बच्‍चे mouse के साथ खेलते-खेलते दुनिया को अचरज करने लगे, तब फिर से दुनिया का ध्‍यान हमारी तरफ गया। IT ने दुनिया को प्रभावित किया। हमारे देश के 18, 20 साल की उम्र के नौजवानों ने विश्‍व को प्रभावित कर दिया। Research, Innovation, इसकी क्‍या ताकत होती है, हमने अपनी आंखों के सामने देखा है। आज पूरा विश्‍व Holistic Health Care, इसके विषय में बड़ा संवेदनशील है, सजग है। लेकिन रास्‍ता नहीं मिल रहा है। भारत के ऋषि-मुनियों की महान परम्‍परा, योग, उस पर विश्‍व का आकर्षण पैदा हुआ है, वे शांति की तलाश में हैं। वो बाहर की दुनिया से तंग आ करके भीतर की दुनिया को जानना, परखने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

ऐसे समय हम लोगों का कर्तव्‍य बन जाता है कि आधुनिक स्‍वरूप में Research & Analysis के साथ योग एक ऐसा विज्ञान है; तन और मन की तंदुरूस्‍ती के लिए, आत्‍मा की चेतना के लिए, ये शास्‍त्र कितना सहज उपलब्‍ध हो सकता है। मैं बाबा रामदेव जी को अभिनंदन करता हूं, उन्‍हें योग एक आंदोलन बना दिया। सामान्‍य मानवी में विश्‍वास पैदा कर दिया कि योग के लिए हिमालय की गुफाओं में जाने की जरूरत नहीं है, अपने घर में kitchen के बगल में बैठ करके भी योग कर सकते हो, फुटपाथ पर भी कर सकते हो, मैदान में भी कर सकते हो, बगीचे में भी कर सकते हो, मंदिर के परिसर में भी कर सकते हो।

ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। और आज उसका परिणाम है कि 21 जून को जब विश्‍व अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाता है, दुनिया के हर देश में योग का उत्‍सव मनाया जाता है, अधिकतम लोग उसमें जुड़ें, उसके लिए प्रयास होता है। मुझे विश्‍व के जितने लोगों से मिलना होता है, मेरा अनुभव है कि देश की बात करेंगे, विकास की बात करेंगे, Investment की चर्चा करेंगे, राजनीतिक परिदृश्‍य की चर्चा करेंगे, लेकिन एक बात अवश्‍य करते हैं, मेरे साथ योग के संबंध में तो एक-दो सवाल जरूर पूछते हैं। ये जिज्ञासा पैदा हुई है।

हमारे आयुर्वेद की ता‍कत, थोड़ा-बहुत तो हमने ही उसे नुकसान पहुंचा दिया। आधुनिक विज्ञाण का जो medical science है उनको लगा कि आपकी सारे बातें कोई शास्‍त्र आधारित नहीं हैं; आयुर्वेद वालों को लगा कि आपकी दवाइयों में दम नहीं है, अब आप लोगों को ठीक कर देते हो लेकिन ठीक होते नहीं हैं। तुम बड़े कि हम बड़े, इसी लड़ाई में सारा समय बीतता गया। अच्‍छा होता कि हमारी सभी ज्ञान, आधुनिक से आधुनिक ज्ञान भी, उसको भी हमारी इन परम्‍पराओं के साथ जोड़ करके आगे बढ़ाया होता तो शायद मानवता की बहुत बड़ी सेवा हुई होती।

मुझे खुशी है पतंजलि योग विद्यापीठ के माध्‍यम से बाबा रामदेव जी ने जो अभियान चलाया, आंदोलन चलाया है, उसमें आयुर्वेद का महिमा-मंडन, वहां अपने-आपको सीमित नहीं रखा है। दुनिया जो भाषा में समझती है, research के जिन आधारों पर समझती है, medical science में प्रस्‍थापित व्‍यवस्‍थाओ के तहत समझती है; बाबा रामदेव ने बीड़ा उठाया है, उसी भाषा में भारत के आयुर्वेद को वो ले करके आएंगे और दुनिया को प्रेरित करेंगे। एक प्रकार से ये हिन्‍दुस्‍तान की सेवा कर रहे हैं। हजारों साल से हमारे ऋषियों-मुनियों ने तपस्‍या की है, जो प्राप्‍त किया है वो दुनिया को बांटने के लिए निकले हैं, वैज्ञानिक अधिष्‍ठान पर निकले हुए हैं, और मुझे विश्‍वास है और आज मैंने जो Research Centre देखा, कोई भी आधुनिक Research Centre देखिए; बिल्‍कुल उसकी बराबरी में खड़ा हुआ है, मां गंगा के किनारे पर ये काम।

और इसलिए मैं बाबा को हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। भारत सरकार, जब अटल जी की सरकार थी देश में, तब हमारे देश में एक Health Policy आई थी। इतने सालों के बाद जब हमारी सरकार बनी, तो‍ फिर से हम देश के लिए एक Health Policy ले करके आए हैं। Holistic Health Care का view ले करके आए हैं। और अब दुनिया सिर्फ Healthy रहना चाहती है ऐसा नहीं है, बीमारी न हो वहां तक अटकना नहीं चाहती है; अब लोगों को Wellness चाहिए, और इसलिए solution भी holistic देने पड़ेंगे। Preventive Health Care पर बल देना पड़ेगा, और Preventive Health Care का उत्‍तम से उत्‍तम रास्‍ता जो है, और सस्‍ते से सस्‍ता रास्‍ता है, वो है स्‍वच्‍छता। और स्‍वच्‍छता में कौन क्‍या करता है, वो बाद पे छोड़े हम। हम तय करें, सवा सौ करोड़ देशवासी तय करें‍ कि मैं गंदगी नहीं करूंगा। कोई बड़ा संकल्‍प लेने की जरूरत नहीं, इसमें जेल जाने की जरूरत नहीं है, फांसी पर लटकने की जरूरत नहीं है, देश के लिए सीमा पर जा करके जवानों की तरह मरने-मिटने की जरूरत नहीं है; छोटा सा काम- मैं गंदगी नहीं करूंगा।

आपको कल्‍पना है एक डॉक्‍टर जितनी जिंदगी बचा लेता है, उससे ज्‍यादा बच्‍चों की जिंदगी आप गंदगी न करके बचा सकते हैं। आप एक गरीब को दान-पुण्‍य दे करके जितना पुण्‍य कमाते हो, गंदगी न करके एक गरीब जब स्‍वस्‍थ रहता है, तो आपका दान रुपयों में देते हैं, उससे भी ज्‍यादा मूल्‍यवान हो जाता है। और मुझे खुशी है कि देश की जो नई पीढ़ी है, आने वाली पीढ़ी; छोटे-छोटे बालक, हर घर में वो झगड़ा करते हैं। अगर परिवार के वृद्ध व्‍यक्ति ने, बुजुर्ग ने कोई एक अगर छोटी सी चीज फेंक दी, कार में जा रहे हैं अगर पानी का bottle बाहर फेंक दिया तो बेटा कार रुकवाता है, छोटा पोता- पांच साल का, कार रुकवाता है, ठहरो, मोदी दादा ने मना किया है ये bottle वापिस ले आओ; ये माहौल बन रहा है। छोटे-छोटे बालक भी मेरे इस स्‍वच्‍छता आंदोलन के सिपाही बन गए हैं। और इसलिए Preventive Health Care, इसको हम जितना बल देंगे, हम हमारे देश के गरीबों की सबसे ज्‍यादा सेवा करेंगे।

गंदगी कोई नहीं करता है, गंदगी हम करते हैं। और हमीं फिर गंदगी पर भाषण देते हैं। अगर एक बार हम देशवासी गंदगी न करने का फैसला कर लें, इस देश से बीमारी को निकालने में, तदुरूस्‍ती को लाने के लिए हमें कोई सफलता पाने में रुकावटें नहीं आएंगी।


हमारी उदासीनता इतनी है कि हम इतना बड़ा हिमालय, हिमालय की जड़ी-बूटी, भगवान रामचंद्र जी और लक्ष्‍मण जी की घटना से परिचित, हनुमान जी जड़ी-बूटी के लिए क्‍या-क्‍या नहीं करते थे, वो सारी बातें परिचित, और हम इतने सहज हो गए थे कि दुनिया के देश, जिनको जड़ी-बूटी क्‍या होती है, ये मालूम नहीं था; लेकिन जब उनको पता कि इसका बड़ा commercial value है, दुनिया के और देशों ने patent करवा दिया। हल्‍दी का patent भी कोई और देश करवा देता है, इमली का patent भी कोई और देश करवा देता है। हमारी ये उदासीनता, अपनी शक्ति को भुला देने की आदतें, इसने हमारा बहुत नुकसान किया है।

आज विश्‍व में Herbal Medicine, उसका एक बहुत बड़ा मार्केट खड़ा हुआ है। लेकिन जितनी मात्रा में दुनिया में इस Herbal Medicine को पहुंचाने में भारत को जो ताकत दिखानी चाहिए, अभी बहुत कुछ करने की बाकी है।

इस पतंजलि संस्‍थान के द्वारा ये जो Research और Innovation हो रहे हैं, ये दुनिया के लोगों को Holistic और Wellness के लिए जो structure है, उनको ये दवाइयां आने वाले दिनों में काम आएंगी। हमारे देश में बहुत वर्षों पहले भारत सरकार ने आयुर्वेद का प्रचार कैसे हो, उसके लिए एक हाथी कमीशन बिठाया था, जयसुखलाल हाथी करके, उनका एक कमीशन बिठाया था। उस कमीशन ने जो रिपोर्ट दी थी, वो रिपोर्ट बड़ी interesting थी। उस रिपोर्ट के प्रारंभ में लिखा है कि हमारे आयुर्वेद इसलिए लोगों तक नहीं पहुंचता है क्‍योंकि उसकी जो पद्धति है, वो आज के युग के अनुकूल नहीं है। वो इतनी सारी थैला-भर जड़ी-बूटी देंगे और फिर कहेंगे इसको उबालना, इतने पानी में उबालना, फिर इतना रस रहेगा, एक चम्‍मच में लेना, फिर इसमें फलाना जोड़ना, ढिकना जोड़ना; और फिर लेना। तो जो सामान्‍य व्‍यक्ति होता है उसको लगता है कि भई ये कौन कूड़ा-कचरा करेगा, उसके बजाय चलो भाई medicine ले लें, दवाई की गोली खा लें, अपनी गाड़ी चल जाएगी। और इसलिए उन्‍होंने कहा था कि सबसे पहली आवश्‍यकता है, बहुत साल पहले का report है ये। सबसे पहली आवश्‍यकता है आयुर्वेदी दवाओं का packaging. अगर उसका packaging, modern दवाइयों की तरह कर देंगे, तो लोग ये Holistic Health Care की तरफ मुड़ जाएंगे। और आज हम देख रहे हैं कि हमें वो उबालने वाली जड़ी-बूटियां कहीं लेने के लिए जानी नहीं पड़ती है, हर चीज ready-made मिलती है।

मैं समझता हूं कि आचार्य जी ने अपने-आपको इसमें खपाया हुआ है। और आज जिस किताब का लोकापर्ण करने का मुझे अवसर मिला, मुझे विश्‍वास है कि दुनिया का इस किताब पर ध्‍यान जाएगा। Medical Science से जुड़े हुए लोगों का ध्‍यान जाएगा। प्रकृतिदत्‍त व्‍यवस्‍था कितनी सामर्थ्‍यवान है, उस सामर्थ्‍य को अगर हम समझते हैं तो जीवन कितना उज्‍ज्‍वल हो सकता है, ये अगर व्‍यक्ति को एक खिड़की खोल करके दे देता है, आगे बढ़ने के लिए बहुत बड़ा अवसर दे देता है।

मुझे विश्‍वास है कि बालकृष्‍ण जी की ये साधना, बाबा रामदेव का mission mode में स‍मर्पित ये काम और भारत की महान उज्‍ज्‍वल परम्‍परा, उसको आधुनिक रूप-रंग के साथ, वैज्ञानिक अधिष्‍ठान के साथ आगे बढ़ाने का जो प्रयास है, वो भारत के लिए विश्‍व में अपनी एक जगह बनाने का आधार बन सकता है। दुनिया का बहुत बड़ा वर्ग है जो योग से जुड़ा है, आयुर्वेद से भी जुड़ना चाहता है, हम उस दिशा में प्रयास करेंगे।

मैं फिर एक बार आप सबके बीच आने का मुझे सौभाग्‍य मिला, विशेष रूप से मुझे सम्‍मानित किया, मैं सिर झुका करके बाबा को प्रणाम करता हूं, आप सबका अभिनंदन करता हूं, और मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। धन्‍यवाद।