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अगस्त, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

प्रतिनिधि प्रणाली का सबसे बडा दोष है......भ्रष्टाचार..!!!

-अरविन्द सीसौदिया एक तरफ पूरा देश अन्ना की जीत के जश्न में ढूबा है....!! दूसरी तरफ राजस्थान में कृषि उपज मण्डी समितियों के 11 संचालकों के लिये चुनाव के लिये हुये...., कृषक वर्ग के 8 वार्डों के लिये मतदाता पंचायतीराज के जनप्रतिनिधि थे.....!!! पंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक..., कृछ चुनाव लडने वाले मेरे मित्र भी थे..!! उन्होने बताया कि वोट के लिये जम कर खरीद फरोफत हुई..., एक वोट पर खर्चा 20 हजार रूपये तक हुआ ।...कहीं 55 - 60 वोट थे तो कहीं 150 के लगभग ....!!  वोट हुए 25 अगस्त को ,गिनती हुई 29 अगस्त को .., अध्यक्ष का चुनाव 14 सितम्बर को ..., यानी खरीद फरोख्त अब चुने संचालकों की होगी....., बोली लगेगी...!! जैसी मण्डी वैसी बोली...!!! इसी तरह से कुछ दिन पहले चम्बल के सिंचाई तंत्र के अध्यक्ष के चुनाव थे..!! न जिलावाद चला .., न क्षैत्रवाद चला.., न पार्टीवाद चला..., अध्यक्ष वहां का बना जंहा के सबसे कम वोट थेकृ।। क्यों कि भारी बोली में जिसने 50 लाख खर्च किये वह पद ले गया....!!!  प्रतिनिधि प्रणाली का यह सबसे बडा दोष है कि मुखिया चुनने का सौदा होता है। मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुनने के बदले

समाज की एकता में ” फूट डालो राज करो “

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प्रस्तावित साम्प्रदायिक और लक्षित हिंसा विधेयक 2011 सत्ता के स्वार्थ के लिये, देश को आराजकता में छोंक देनें की कोशिश कोटा 26 अगस्त । कांग्रेस अपनी सत्ता स्वार्थ के लिये, ठीक उन्ही अंग्रेज पद चिन्हों ” फूट डालो राज करो “ पर चल रही है । जिससे पूरे समाज में वैमनस्यता और आराजकता फैल जाये । यह तथ्य प्रशिद्ध शिक्षाविद, लेखक और कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डाॅ.सुभाष कौशिक ने 26 अगस्त शुक्रवार को राष्ट्रचेतना अभियान समिति कोटा महानगर के द्वारा  ” प्रस्तावित साम्प्रदायिक और लक्षित हिंसा विधेयक 2011 “ विषय पर आयोजित बुद्धिजीवी वर्ग की विचार गोष्ठी में कहे ।  उन्होने इस असंवैधानिक कानून को बनाये जाने के यूपीए की अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गांधी और केन्द्र सरकार के राजनैतिक स्वार्थ पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुय बताया कि जिस तरह से 1857 के प्रथम भारत स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात अंग्रेजों ने सत्ता को बनाये रखने के लिये समाज को आपस में लडानें और विभाजित करने की नीति को अपनाया था, उसी तरह से वर्तमान कांग्रेसनीत केन्द्र सरकार अपनी सत्ता को बनाये रखने और आगे बढाने के लिये वही अंग्रेज नीति फूट डालो राज

अग्निवेश एक बार फिर से पकडे गये...

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स्वामी अग्निवेश एक बार फिर से पकडे गये.......उन पर विश्वास करना ही नहीं चाहिये, ये व्यक्ति जहां भी रहा वहीं गद्दारी की है उसने......!!!! -------- अन्ना हजारे के करीबी रहे स्वामी अग्निवेश आंदोलन के दौरान दोहरी भूमिका में थे। यू ट्यूब और कई समाचार चैनलों पर रविवार को जारी वीडियो में इसका खुलासा हुआ है। वीडियो में अग्निवेश किसी कपिल नाम के व्यक्ति से मोबाइल पर बात करते हुए अन्ना को पागल हाथी कह रहे हैं। साथ ही सरकार की ओर से सख्ती दिखाने की भी मांग कर रहे हैं। इस बीच स्वामी अग्निवेश ने तमाम आरोपों से इनकार किया है। हालांकि अन्ना की मददगार किरण बेदी ने कहा कि स्वामी जी की हकीकत सामने आ गई है। अग्निवेश ने कहा कि वीडियो फुटेज को छेड़छाड़ कर तैयार किया गया है। यह उनके खिलाफ दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है। वे केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से बात नहीं कर रहे थे। किरण बेदी ने आरोप लगाया कि अग्निवेश रंगे हाथों पकड़े गए हैं। यह महाराज कौन है? क्या ये कपिल सिब्बल हैं? बेदी ने आरोप लगाया कि अग्निवेश ने टीम अन्ना को तोड़ने का प्रयास किया। वे ही इसका जवाब दे सकते हैं। हमें कोई संदेह नहीं है। अग्न

अमर सिंह के खिलाफ आपराधिक मुकदमा....

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- अरविन्द सिसोदिया  नई दिल्ली.  अमर सिंह के खिलाफ नोट फॉर वोट मामले में शिकंजा कसता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता के खिलाफ इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अमर सिंह पर 2008 में बीजेपी के तीन सांसदों को घूस देने के आरोप है। इसके मुताबिक तीनों सांसदों को एक करोड़ रुपये दिए गए थे। मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक सिर्फ अमर सिंह के खिलाफ ही नहीं बल्कि सुधींद्र कुलकर्णी के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है।   2008 में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सलाहकार सुधींद्र कुलकर्णी पर इस पूरे ऑपरेशन के जरिए तत्कालीन यूपीए सरकार की बहुमत जुटाने की कोशिश को उजागर करने का आरोप है। कुलकर्णी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के आसार हैं। इसमें उकसाने का आरोप भी लग सकता है। बीजेपी के तीन सांसद-अशोक अर्गल, फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा- नोट लेकर लोकसभा में पहुंच गए थे और वहां नोट लहराए थे। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अमर सिंह ने एक बिचौलिये के जरिए सांसदों को घूस देने की कोशिश की थी। उस समय अमर सिंह समाजवादी पार्टी के नेता थे और पार्टी ने स

सबसे बडा प्रश्न,सरकार की अयोग्यता !!

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- अरविन्द सिसोदिया  आज सबसे बडा प्रश्न सरकार की अयोग्यता का है। यदि कोई ड्राईवर कार चलाने की योग्यता का वायदा कर नौकरी हांसिल करता है और ड्राइविंग नहीं जानता तो उसे हटाना ही पडता है। केन्द्र सरकार कहती है कि वह भ्रष्टाचार ए मंहगाई नहीं रोक सकती विदेशों में जमा काला धन वापस नहीं ला सकती तो अपनी अयोग्यता के आधार पर स्वंय हट जाना चाहिये। या कोई इस तरह का रास्ता भी होनेा चाहिये कि अयोग्य को हटाया जा सके या उसे वापस बुलाया जा सके। अन्ना की बात केन्द्र सरकार मानती है उनके साथ पांच मंत्रियों को बिठाती है उनके अन्स चार सहयोगियों के साथ उन्हे भी ड्राफट कमेटी में शामिल करती है। और फिर उन्हे ही जेल में डाल देती है और फिर ठोड देती है। क्या मजाक है। ऐसा ही बाबा रामदेव के साथ किया जाता है चार चार मंत्री उनकी अगुवाई के लिये हवाई अडडे पर पहुचते हैंए उनसे सीधे होटलों में बाम चीत की जाती है। और फिर आधी रात में उन्हे अपराधियों की तरह खदेडा जाता हे। क्या कहीं भी लगता है कि सरकार के पास सही नैतिकतापूर्ण दिमाग है घ् आंध्रप्रदेश में जगन के पिता कांगेेसी मुख्यमत्री थे उनने कोई आय से अधिक सम्पत्ति जमा की थ

21वि सदी का काला कानून - साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक-2011

विनोद बंसल  अभी हाल  ही में यूपीए अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद द्वारा एक विधेयक का मसौदा तैयार किया गया है। इसका नाम सांप्रदायिक एव लक्षित हिंसा रोकथाम (न्याय एवं क्षतिपूर्ति) विधेयक 2011  [‘Prevention of Communal and Targeted Violence (Access to  Justice and Reparations) Bill,2011’]  है। ऐसा लगता है कि इस प्रस्तावित विधेयक को अल्पसंख्यकों का वोट बैंक मजबूत करने का लक्ष्य लेकर, हिन्दू समाज, हिन्दू संगठनों और हिन्दू नेताओं को कुचलने के लिए तैयार किया गया है। साम्प्रदायिक हिंसा रोकने की आड़ में लाए जा रहे इस विधेयक के माध्यम से न सिर्फ़ साम्प्रदायिक हिंसा करने वालों को संरक्षण मिलेगा बल्कि हिंसा के शिकार रहे हिन्दू समाज तथा इसके विरोध में आवाज उठानेवाले हिन्दू संगठनों का दमन करना आसान होगा। इसके अतिरिक्त यह विधेयक संविधान की मूल भावना के विपरीत राज्य सरकारों के कार्यों में हस्तक्षेप कर देश के संघीय ढांचे को भी ध्वस्त करेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि इसके लागू होने पर भारतीय समाज में परस्पर अविश्वास और विद्वेष की खाई इतनी बड़ी और गहरी हो जायेगी जिस

विदेशी ताकतों से प्रेरित.. हिन्दुओं को समूल समाप्त करने की योजना !!

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-चम्पतराय संयुक्त महामंत्री-विश्व हिन्दू परिषद 1. भारत सरकार के सम्मुख प्रस्तुत किए गए इस बिल का नाम है ‘‘साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक – 2011’’ 2. इस प्रस्तावित विधेयक को बनाने वाली टोली की मुखिया हैं श्रीमती सोनिया गांधी और इस टोली में हैं सैयद शहाबुद्दीन जैसे मुसलमान, जॉंन दयाल जैसे इसाई और तीस्ता सीतलवाड़ जैसे धर्मनिरपेक्ष, इसके अतिरिक्त अनेक मुसलमान, इसाई और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष हिन्दू हैं। सोनिया गांधी के अतिरिक्त टोली का कोई और व्यक्ति जनता के द्वारा चुना हुआ जनप्रतिनिधि नहीं है। विधेयक तैयार करने वाली इस टोली का नाम है ‘‘राष्ट्रीय सलाहकार परिषद’’। 3. विधेयक का क्या उद्देश्य है, यह प्रस्तावना विधेयक में कहीं लिखी नहीं गयी। 4. विधेयक का खतरनाक पहलू यह है कि इसमें भारत की सम्पूर्ण आबादी को दो भागों में बाँट दिया गया है। एक भाग को ‘‘समूह’’ कहा गया है, तथा दूसरे भाग को ‘‘अन्य’’ कहा गया है। विधेयक के अनुसार ‘‘समूह’’ का अर्थ है धार्मिक एवं भाषाई अल्पसंख्यक (मुसलमान व इसाई) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्ति, इसके अतिरिक्त देश की सम्पूर्ण आबादी ‘‘अन्य’’ है।

पकडे अन्ना-छोडे अन्ना,क्या मखौल है देश में।

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-मोहनलाल गालव (कोयला जिला बांरा,राजस्थान) पकडे अन्ना-छोडे अन्ना,क्या मखौल है देश में। धूर्तों का दिवाला निकला , खाकी वर्दी वेष में।। 1।। सरकार गृहमंत्रालय , देखो करते मनमानी। दूरदर्शिता बिलकुल नहीं है,बन गये ऐशे अभिमानी।। 2।। गांधीमार्ग कलंकित कर रहे , देखो आज संसद में। रावण की लंका में जैसे, पग रोपा हो अंगद ने।। 3।। ईमानदारी,सत्य,अहिंसा की, शपथ जो ये खाते है। घर भरने में नहीं चूकते,रिश्वत खूब कमाते हैं।। 4 ।। उपर से करते हैं थोथी बातें, भ्रष्टाचार मिटाने की। मंशा इनकी तीव्र होती है,कालाधन कमानें की ।। 5 ।। भ्रष्टाचारी कालेधन को , लेकर आवे देश में। देश समृद्धि की गणना हो,सम्पूर्ण विश्व में।। 6 ।। देशवासियों जागों अब तो, माता तृम्हे पुकारती। देख कर इनके करतब सारे,इनको वह दुत्कारती ।। 7।। भारतमाता - कालेधन पर परत पडी है,उसको में तुडवा दूंगी। तुम मुझे अहिंसा दो , में तुम्हे वैभव दूंगी।। 8 ।। अन्ना के लिये - कत्तव्य मार्ग पर अडे रहो, सत्य मार्ग मिल जावेगा। जीवन लक्ष्य प्राप्त करो तुम, काल कभी न आवेगा।। 9 ।।

सोनिया गांधी की हिन्दू विरोधी मानसिकता

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- अरविन्द सिसोदिया               श्रीमती  सोनिया गांधी की अध्यक्षता में बनाई गई राष्ट्रीय सलाहकार परिषद द्वारा तैयार किया गया प्रस्तावित साम्प्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक यदि संसद द्वारा पारित कर दिया गया तो मुस्लिम, ईसाई आदि अल्पसंख्यक समूहों को हिन्दुओं के प्रति घृणा फैलाने, हिन्दुओं को प्रताड़ित करने और हिन्दू महिलाओं से बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहन मिल जाएगा | क्योंकि इस प्रस्तावित कानून के अन्तर्गत यदि बहुसंख्यक वर्ग अर्थात हिन्दू किसी अल्पसंख्यक समूह के प्रति घृणा फैलाएं या हिंसा करें या यौन उत्पीड़न करें तो हिन्दुओं को दंडित करने का प्रावधान है | किन्तु मुस्लिम, ईसाई आदि अल्पसंख्यक समूहों द्वारा हिन्दुओं के प्रति घृणा फैलाई जाए या हिंसा की जाए या बलात्कार आदि यौन शोषण किया जाए, तो उन अल्पसंख्यकों को किसी प्रकार का दंड देने का कोई प्रावधान नहीं है।                 इतना ही नहीं यदि कोई अल्पसंख्यक उपरोक्त अपराधों के  लिए किसी बहुसंख्यक व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध शिकायत करता है तो उसकी जांच किए बिना ही उस व्यक्ति एवं संगठन को अपराधी मानकर उसका संज्ञान लिया जाएगा। इस अपराध की अ

अन्ना के साथ जन आक्रोश क्यों , देश के प्रमुख घोटाले......

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. अरविन्द सीसौदिया 1. 2 जी स्पैक्ट्रम घोटाला, देश का सबसे बडा घोटाला,  1.76 लाख करोड का,मुख्य आरोपी दूरसंचार संचार मंत्री ए राजा...! 2. कामनवेल्थ गेम घोटाला। देश को शर्मसार करने वाला 70 हजार करोड का,मुख्य आरोपी सुरेश कलमाडी,शीला दीक्षित 3. आदर्श हाउसिंग घोटाला। कारगिल शहीदों के नाम पर मुंम्बई के कोलाबा के पाॅश इलाके में सोसाइटी के नाम पर जमीन का आवंटन करने के बाद आवंटियों ने करीब 9 अरब का फायदा उठाया। 4.एस बैंड स्पैक्ट्रम आवंटन लगभग 2 लाख करोड के अनुमानित फायदा आवंटियों उठाना चाहते थे,यह मामला सीधे प्रधानमंत्री से जुडा हे। 5.यूपी खाद्यान्न घोटाला सन् 2001 से 2007 तक के बीच 35 हजार करोड का घोटाला है, यह जनता की राहत योजनाओं जैसे कि अंत्योदय,अन्नपूर्णा,मिड डे मील के नाम पर मिले खाद्यान्न को बेच कर किया गया हे।  इनके अलावा इन पिघले 20 सालों में कम से कम 36 घोटाले और भी हैं जिनमें जनता के धन की जम कर लूट हुई है। फायदा उठाने वोले फायदा उठा चुका,नुकसान पाने वाला रोता रहा हे। सबसे अहम सवाल यह है कि इन घोटालों ने देश की आम जनता को गरीब बनाने के साथ साथ,उनको मिलने वाली राहत तक को छीना है

अन्ना की रिहाई में भी राजनीती ...

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- अरविन्द सिसोदिया  अन्ना हजारे की गलत तरीके से गिरफतारी और उन्हे छोडनें में राहुल  गांध को श्रेय देनें के पीछे साजिश यह है कि भारतीय राजनेताओं को  अयोग्य साबित किया जाये और इटालियन माता के राजकुमार को  योग्य साबित किया जाये।      नई दिल्ली.  दिल्ली पुलिस ने अन्ना हजारे का रिलीज़ वारंट तिहाड़ जेल भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार अन्ना अबसे थोड़ी देर में जेल से रिहा हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक रिहाई के बाद उन्हें पुणे ले जाया जा सकता है। इधर किरण बेदी ने कहा है कि अन्ना ने रिहाई के लिए कोई शर्त नहीं रखी है। अन्ना को बिना शर्त छोड़ा जा रहा है। अन्ना की रिहाई पर प्रशांत भूषण ने प्रतिक्रिया देते हुए  कहा कि देर आए दुरुस्त आए। सूत्र के अनुसार टीम अन्ना रिहाई को लेकर थोड़ी नर्म पड़ी है जिसके बाद सरकार ने उन्हें रिहा करने का फैसला लिया है।  टीम अन्ना के सदस्यों का कहना है कि रिहा होने के बाद अन्ना सीधे जेपी पार्क जाएंगें। मगर सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस उन्हें सीधे एअरपोर्ट ले जाने का प्रयास कर रही है। उनके टिकट का भी बंदोबस्त किया जा रहा है। गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्त

अन्ना को जगह नहीं ...खुद के लिए मेला लगाया ...

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कांग्रेस ने पिछले ही साल अपना ८३ वां राष्ट्रिय महा अधिवेशन दिल्ली के पास बुराड़ी गाँव में हुआ .., तीन दिवसीय इस महा अधिवेशन में लगभग २० हजार लोग सम्मिलित हुए.., १८ से २० दिसंबर २०१० के इस अधिवेशन में हजारों चार पहिया वाहन आये..मेला लगा रहा .., मगर इसी कांग्रेस को देखिये कि वह अन्ना हजारे  को अनशन के लिए जगह तक नहीं दे रही ..!! यह अघोषित आपातकाल है जो भी कोंग्रेस सरकार के विरोध में कुछ बोलेगा , उसी के खिलाफ झूठा मुक़दमा बना देंगे या कोई दुष्प्रचार प्रारंभ कर देते हैं ...!!! कोंग्रेस के अधिवेशन में पुलिस दुमदवाये थे ...मगर यही अन्ना की टीम के पीछे दुश्मन की तरह पीछे पड़ गई है...   ------- साम्प्रदायिकता को देश के समक्ष खतरा करार दिया था। कांग्रेस महाधिवेश शुरू होने से ऐन पहले राहुल गांधी से जुड़े कथित विकीलीक्स खुलासे का भी सत्र पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है जिसकी आरएसएस और भाजपा ने कड़ी आलोचना की है। राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर को कट्टरपंथी हिन्दू संगठनों से लश्कर ए तैयबा के समान खतरा बताया था। कांग्रेस ने इस विषय पर स्पष्टीकरण जारी किया है जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि राहुल ने

अन्ना हजारे ने राजघाट में गांधी जी की समाधि के समाने मौन धारण कर लिया

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नई दिल्ली।   गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके समथर्कों को 16 अगस्त से दिल्ली के जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय उद्यान में आमरण अनशन करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद स्थिति में नया मोड़ आ गया है। अन्ना हजारे ने राजघाट में गांधी जी की समाधि के समाने मौन धारण कर लिया है। उनके साथ उनके समर्थक भी साथ हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस भी वहां पहुंच गई है। इस बीच कोई भी यह नहीं समझ पा रहा है कि कहीं अन्ना आज से ही अपना अनशन न शुरू कर दें। अन्ना के राजघाट पर पहुंचने के बाद फिर से माहौल गरमा गया है। राजनीतिक सरगर्मी फिर से तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस अपने दल-बल के साथ राजघाट पर पहुंच गई है। पुलिस का अनशन की अनुमति देने से इंकार गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनके समथर्कों को 16 अगस्त से दिल्ली के जयप्रकाश नारायण राष्ट्रीय उद्यान में आमरण अनशन करने की अनुमति नहीं दी गई। अन्ना हजारे व उनके सहयोगियों द्वारा पुलिस की ओर से रखी गई कुछ शर्तों को मानने से इंकार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने यह कदम उठाया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त सुधीर यादव ने कहा कि इसके बावजूद यदि अन्ना हजारे व उनके

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की...

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   भारत की स्वतंत्रता हो और कवि पंडित प्रदीप को याद नहीं किया जाये तो लगता है कि हम कुछ भूल रहे हैं .......उनके लिखे राष्ट्र भक्ति गीतों ने परतंत्र भारत में भी धूम मचा दी थी......,आजादी के बाद भी उनका सबसे ज्यादा चर्चित राष्ट्र भक्ति  गीत ये मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भरलो पानी ..रहा ...!!  एक गीत यद्यपि कवि प्रदीप ने स्वयं गाया नहीं था, लेकिन उनकी लिखी इस रचना ने ब्रिटिश शासकों को हिला दिया था, जिसके बोल हैं - आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है, दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिंदुस्तान हमारा है। ब्रिटिश अधिकारी ढूंढ़ने लगे कवि प्रदीप को। जब उनके कुछ मित्रों को पता चला कि ब्रिटिश शासक कवि प्रदीप को पकड़कर कड़ी सजा देना चाहते हैं तो उन्हें कवि प्रदीप की जान खतरे में नजर आने लगी। मित्रों और शुभचिंतकों के दबाव में कवि प्रदीप को भूमिगत हो जाना पड़ा। ----- फ़िल्म - जागृति (Jagriti) गायक- प्रदीप संगीत - हेमंत कुमार आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम ... उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है दक्षिण में चरणों को धोता साग

रक्षाबंधन : रक्षा सम्बन्धी संदभों का गंभीरता से विवेचना करनीं चाहिए

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रक्षाबंधन का त्यौहार मुख्यतः भाई और बहन का है .., किन्तु पौराणिक और अन्य सन्दर्भ इसे सुरक्षा के महत्व से ही जोड़ते हैं ...! बहन की रक्षा से लेकर राष्ट्र की रक्षा तक इसके महत्व को स्मरण करने वाले इस पर्व पर हमें रक्षा सम्बन्धी संदभों का गंभीरता से विवेचना करनीं चाहिए !!! ------- गाना / Title: ये राखी बंधन है ऐसा - ye raakhii ba.ndhan hai aisaa चित्रपट / Film: बेईमान संगीतकार / Music Director: शंकर - जयकिशन-(Shankar-Jaikishan) गीतकार / Lyricist: Varma Malik गायक / Singer(s): मुकेश-(Mukesh) , लता मंगेशकर-(Lata Mangeshkar) (ये राखी बंधन है ऐसा \-३   जैसे चँदा और किरण का   जैसा बदरी और पवन का   जैसे धरती और गगन का) \-२  ये राखी बंधन है ऐसा \-३  दुनिया की जितनी बहनें हैं  उन सबकी श्रद्धा है इसमें है  धरम करम भैया का ये  बहना की रक्षा इसमें है  जैसे सुभद्रा और किशन का  जैसे बदरी और पवन का  जैसे धरती और गगन का ये राखी बंधन ...   म: आज खुशी के दिन  भाई के भर\-भर आए नैना \-२   कदर बहन की उनसे पूछो   जिनकी नहीं है बहना   मोल नहीं कोई इस बंधन का   जैसे बदरी और पवन का  जैसे धर