पोस्ट

जुलाई, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

माँ बाण माता : सिसोदिया वंश की कुलदेवी

इमेज
सिसोदिया राजवंश सिर्फ मेवाड़ तक ही नहीं है , यह महाराष्ट्र में भोंसले और नेपाल में राणा वंस के रूप में विस्तृत है ! कुलदेवी बाण माता गेहलोत वंश की कुलदेवी बाण माता भरत गेहलोत (आना,राजस्थान) कुल के फलने और फूलने में कुलदेवता व कुलदेवी की असीम कृपा होती हैं। गेहलोत वंश की कुलदेवी श्री बाण माता, बायण माता या ब्राह्मणी माता के संक्षिप्त इतिहास से में आपको रूबरू करवा रहा हूँ हालाँकि यह इतिहास वेद् वर्णित हैं फिर भी अगर किसी भी प्रकार की त्रुटि हो तो में क्षमा प्राथी हूँ। सिसोदिया गेहलोत, गुहिल या गेहलोत वंश की कुलदेवी बाण माता का मुख्य मंदिर विश्व प्रसिद्ध दुर्ग चित्तोड़गढ़ में स्थित हैं। माताजी का पुराना स्थान गिरनार गुजरात में था पर कालान्तर में माँ बाण माता चित्तोड़ पधार गयी थी। और इसके पीछे कथा इस प्रकार हैं की वर्षो पूर्व चित्तोड़ के महाराणा ने गुजरात पर आक्रमण कर गुजरात जीत लिया। इस पर महाराणा ने गुजरात के राजा से कहा की वह अपनी राजकुमारी का विवाह चित्तोड़ के महाराणा से करे। हालाँकि गुजरात की राजकुमारी के मन में यह इच्छा पूर्व से ही थी की वह महाराणा की रानी बने और क्यों

राष्ट्रपति चुनाव : विस्तृत जानकारी

इमेज
भारत में कैसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव नवभारत टाइम्स | Updated: Jun 7, 2017 अखिलेश प्रताप सिंह हमारे देश में राष्ट्रपति के चुनाव का तरीका अनूठा है और एक तरह से इसे आप सर्वश्रेष्ठ संवैधानिक तरीका कह सकते हैं। इसमें विभिन्न देशों की चुनाव पद्धतियों की अच्छी बातों को चुन-चुन कर शामिल किया गया है। मसलन यहां राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज करता है, लेकिन इसके सदस्यों का प्रतिनिधित्व आनुपातिक भी होता है। उनका सिंगल वोट ट्रांसफर होता है, पर उनकी दूसरी पसंद की भी गिनती होती है। इस चुनाव प्रणाली की खूबसूरती को समझने के लिए हमें इन बिंदुओं को समझना होगा। इनडायरेक्ट इलेक्शन: प्रेजिडेंट का चुनाव एक निर्वाचक मंडल यानी इलेक्टोरल कॉलेज करता है। संविधान के आर्टिकल 54 में इसका उल्लेख है। यानी जनता अपने प्रेजिडेंट का चुनाव सीधे नहीं करती, बल्कि उसके वोट से चुने गए लोग करते हैं। यह है अप्रत्यक्ष निर्वाचन। वोट देने का अधिकार: इस चुनाव में सभी प्रदेशों की विधानसभाओं के इलेक्टेड मेंबर और लोकसभा तथा राज्यसभा में चुनकर आए सांसद वोट डालते हैं। प्रेजिडेंट की ओर से संसद में नॉमिनेटेड म

73 प्रतिशत भारतीय अपनी सरकार और उसकी नीतियों पर भरोसा करते हैं : फोर्ब्स

इमेज
इस मामले में विश्व में नंबर वन बनी मोदी सरकार,  आसपास भी नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फोर्ब्स मैगजीन में छपे ओईसीडी के सर्वे के अनुसार गर्वमेंट एट ग्लांस 2017 नाम के सर्वे में ये भी बताया गया है कि पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों की सरकारों में जनता का भरोसा बदला रहा है। जनसत्ता ऑनलाइन July 14, 2017 अपने देश के नागरिकों को भरोसे में लेने के मामले में भारत सरकार विश्व में नबंर वन साबित हुई है। भारतीय नागरिकों ने विश्व में सबसे ज्यादा मोदी सरकार और उनकी नीतियों पर भरोसा जताया है। हाल ही में प्रकाशित हुई इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन ओर्गनाईजेशन ने अपनी रिपोर्ट मे कहां कि 73 फीसदी भारतीय नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भरोसा करते हैं। ये विश्व में सबसे अधिक है। जबकि दूसरे नंबर पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो हैं जिनकी सरकार पर 62 फीसदी कनेडियन भरोसा करते हैं। वहीं तुर्की इसमें तीसरे पायदान पर है जहां 58 फीसदी लोग अपनी सरकार पर भरोसा करते हैं। रूस और जर्मनी चौथे और पांचवे नंबर हैं। जहां जनता ने दोनों देशों की सरकार पर 58 और 55 फीसदी भ

राहुल गांधी की चीन के राजदूत से गुप्त मुलाकात क्यों ?

इमेज
कांग्रेस की कभी पाकिस्तान से और कभी चीन से वार्ता करना अनुचित है। चीन से वार्ता करने में जिस तरह की गुप्तता वर्ती गई उससे दाल में काला प्रतीत हेता है। कांग्रेस की बचकानी हरकतों से देश के दुश्मनों की हिम्मत बढती है। - अरविन्द सिसौदिया, जिला महामंत्री भाजपा , कोटा । भारत में चीन के राजदूत लिओ झाओहुई के साथ राहुल गांधी (फोटो-Twitter/@iarunmani) राहुल गांधी की चीन के राजदूत से हुई गुप्त मुलाकात का खुलासा  MONDAY, JULY 10, 2017 नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के दौरान राहुल गांधी ने चीन के राजदूत लू झाओहुई से मुलाकात की। यह मुलाकात 8 जुलाई को हुई। चीनी दूतावास ने इसकी जानकारी अपनी बेवसाइट पर अपडेट की, फिर हटा दी। अब इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने पहले ऐसी किसी भी मुलाकात से इंकार किया था अब स्वीकार कर लिया है कि मीटिंग हुई थी। लोग सवाल कर रहे हैं कि ऐसे तनाव भरे माहौल में राहुल गांधी चीन के राजदूत से क्या बात करने गए थे। इधर कांग्रेस ने कहा है कि मुद्दा यह नहीं है कि राहुल गांधी ने मुलाकात क्यों की बल्कि मुद्दा यह है कि मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से मुला

संघ में श्री गुरुदक्षिणा पर्व

इमेज
संघ में गुरू दक्षिणा पर्व  संघ में कोई भी व्यक्ति गुरु नहीं रहेगा- परम पवित्र भगवा ध्वज ही हमारा गुरु है। - संघ संस्थापक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार संघशाखा प्रारम्भ होने के बाद प्रारंभिक दो वर्षों तक तो धन की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हुई। कार्यक्रम भी सामान्य और छोटे स्वरूप के होते थे, इसलिए खर्चा भी विशेष नहीं होता था। जो कुछ थोड़ा बहुत खर्च होता उसकी पूर्ति डॉक्टरजी का मित्र-परिवार करता। उनके मित्रों को यह पूरा विश्वास था कि डॉक्टरजी निरपेक्ष देश सेवा का कार्य कर रहे हैं। इसलिए वर्ष भर में एक या दो बार वे बड़ी खुशी से संघ कार्य के लिए आर्थिक मदद देते थे। 1927 तक संघ के जिम्मेदार स्वयंसेवक डॉक्टरजी के इन विश्वासपात्र मित्रों के यहां जाकर धन ले आते थे। द्रुत गति से बढ़ने वाले संघ कार्य के लिए, कार्यक्रमों तथा प्रवास हेतु जब अधिक खर्च करना अपरिहार्य हो गया तब डॉक्टरजी ने इस संबंध में स्वयंसेवकों के साथ विचार-विमर्श प्रारंभ किया। आज तक तो धनराशि एकत्रित होती उसका पाई-पाई का हिसाब डॉक्टरजी स्वयं रखते थे और यही आदत उन्होंने स्वयंसेवकों में भी डाली। परिणम स्वरूप स्वयंसेवकों

GST : 22 राज्यों ने हटाए चेक पोस्ट

इमेज
GST : 22 राज्यों ने हटाए चेक पोस्ट, 2300 करोड़ बचेंगे टाइम्सऑफइंडिया.कॉम | Updated: Jul 3, 2017 रामार्को सेनगुप्ता, नई दिल्ली एक देश, एक टैक्स के नारे के साथ शुक्रवार की आधी रात से लागू किए गए गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स से भारत की अर्थव्यवस्था को सालाना 2,300 करोड़ रुपये की भारी बचत होगी। अब तक राज्यों के चेक पोस्ट्स पर ट्रकों को जगह-जगह रुकना पड़ता था। वित्त मंत्रालय के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक 22 राज्य चेक पोस्ट्स खत्म कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अब जीएसटी के चलते ट्रकों की आवाजाही तेज होगी और रास्ते की बाधाएं हटने से भारी बचत होगी। वर्ल्ड बैंक की 2005 की रिपोर्ट के मुताबिक, 'चेकपॉइंट्स पर ट्रकों को होने वाली देरी के चलते सालाना 9 अरब रुपये से लेकर 23 अरब रुपये तक का नुकसान होता है।' ऑपरेटिंग आवर्स के इस नुकसान को टालकर इस स्थिति से बचा जा सकता है। हालांकि इस आंकड़े में तमाम चेक पोस्ट्स से निकलने के लिए ट्रकों की ओर दी जाने वाली घूस को शामिल नहीं किया गया है, वरना यह आंकड़ा 900 करोड़ रुपये से 7200 करोड़ तक पहुंच सकता है। स्टडी के मुताबिक इस