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गरीबी से तंग पिता ने अपने तीन बच्चों को कुल्हाड़ी से काट दिया

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 इन बेवस बच्चों का हत्यारा....वह बाप नहीं ,३२ और २६ रुपये में गरीव को तौलने वाली केंद्र सरकार और अपने नागरिक की चिंता नहीं करने वाली राज्य सरकार है.... श्री राम के राज्य में एकबार एक अकाल मृत्यु हो गई..श्री राम का पूरा प्रसाशन  तंत्र कारण  और निवारण में जुट गया .., राज्य सरकार का यह दायित्व बनता है की वह जानें की कौन भूखा है कौन तंग हाल है... किसे घर में कौन सा दुःख है...! इन्ही व्यवस्थाओं के लिए देश की जनता नें उन्हें चुना है , टेक्स ,शुल्क और संसाधन सोंपें हैं ..,सरकार को अच्छी तरह समझाना चाहिए वह जनता  के  प्रति जबावदेह है...यह घटना सरकारों के स्तर पर चल रही जनता के प्रति संवेदनहीनता हे ..... उत्तर प्रदेश के रमाबाईनगर जिले में मंगलवार सुबह गरीबी से तंग पिता ने अपने तीन बच्चों को कुल्हाड़ी से काट दिया. बाद में खुद ट्रक के सामने कूदकर जान दे दी.घायल बच्चों में से एक की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. एक तरफ पूरा देश दीवाली की खुशियां मना रहा वहीं पर एक मजबूर बाप ने गरीबी की वजह से अपने तीन बच्चों का कुल्हाड़ी से मारकर काट डाला. आप सोच सकते हैं कि वह पिता कित

दीपावली : ऐ मेरे वतन के लोगों-------

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ऐ मेरे वतन के लोगों------- आज हम दीपावली मना रहे हैं....मगर यह न भूलें कि 1962 में चीन से युद्ध इसी समय चल रहा था और सीमा पर दिवाली नहीं खून की होली खेली जा रही थी। आज शुभ अवसर पर उन शहीदों को नमन... पंडित प्रदीप की इस महान और अभूतपूर्व श्रृद्धांजली में आओ हमस ब शामिल हों ...इसे लता मंगेशकर की आवाज ने और हृदृयस्पशी बना दिया है....नमन... ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर ना आए ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो पानी जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी जब घायल हुआ हिमालय ख़तरे में पड़ी आज़ादी जब तक थी साँस लड़े वो फिर अपनी लाश बिछा दी संगीन पे धर कर माथा सो गए अमर बलिदानी जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी जब देश में थी दीवाली वो खेल रहे थे होली जब हम बैठे थे घरों में वो झेल रहे थे गोली क्या लोग थे वो दीवाने क्या लोग थे वो अभिमानी जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी कोई सिख कोई जाट मराठा कोई गुरखा

दीपावली : पारिवारिक पर्सनलटी डेवलपमेंट का वार्षिक आत्म निरिक्षण

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- अरविन्द सिसोदिया  अंधकार रूपी अमावश्या में जन्मे मानव ने परिश्रम से , पुरूषार्थ से जीवन को उजाले में बदला है। अंधकार से प्रकाश की ओर के इस महान दीपोत्सव पर्व पर आपको एवं आपके परिवार को.... दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनायें एवं बहुत बहुत बधाई। यह पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धी, यश र्कीती और स्वास्थयवर्द्धक हो.... उन्नती के पथ आपके जीवन को और सुखमय बनाये.................. * कल धनतेरस अर्थात धनवंतरी तेरस थी जो स्वास्थय का प्रतिनिधित्व करती है। * आज हनुमान जयंति भी है और रूप चैहदस भी (14वीं ) हनुमान जयंति मित्र धन का प्रतिनिधित्व करती है। रूप चैहदस (14वीं ) मूल रूप से साफ सफाई और सौंदर्य धन का प्रतिनिधित्व करती है। * अमावश्या को महालक्ष्मी पूजन, अपने आय के संसाधनों का प्रतिनिधित्व करती है,इसे हम अर्थ पुरूषार्थ के रूप में भी देख सकते हैं। * पडवां के दिन गोवर्धन पूजा होती है, जो प्रकृति व अन्य जीवों के प्रति मित्रता का धन है। *इसी तरह भाई दौज रिश्ते - नातों रूपी समन्वय धन का प्रतिनिधित्व करती है। धन का मतलब जो जो बातें, संसाधन या गुणवत्तायें, हमारे जीवन सुख को बढातें हैं अर्था

मोहनजी भागवत : समाज में सभी को परस्परावलम्बी होना चाहिये

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समाज में सभी को परस्परावलम्बी होना चाहिये - सम्मानीय भागवत जी कोटा / कसार 24 अक्टूबर । राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सरसंघचालक माननीय डाॅ.मोहन मधुकरराव भागवत ने कहा ” विकास की गति धर्म युक्त नियंत्रित होनी चाहिये । मर्यादाहीन विकास तरक्की तो बहुत करता है किन्तु साथ ही बहुत सी विसंगतियां उत्पन्न करता है। इसमें पर्यावरण रक्षा का भी ध्यान रखा ही जाना चाहिये।“ वे गोयल प्रोटीन्य लिमिटेड ,कसार, जिला कोटा उद्योग समूह की द्वितीय इकाई उदघाटन समारोह के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे। सम्मानीय भागवत ने अपने सम्बोधन में कहा ” मनुष्य ही एक मात्र इस तरह का प्राणी है जिसकी क्षमतायें इतनी विस्तृत हैं कि वह पशुओं से भिन्न, दूसरों के बारे में भी सोच - समझ सकता है और परमार्थ करते हुए नर से नारायण पद को प्राप्त कर सकता है ।“ उन्होने कहा ” हिन्दू संस्कृति में परस्पर सहयोग और परोपकार को ही सर्वोच्च प्राथमिकता है वह संकुचित विचारों की अनुमति नहीं देती है बल्कि सभी प्रकार क्रियाकलापों में समन्वय और सद्भाव को स्थापित्य करती है। “  उन्होने कहा समाज सभी गतिविधियों को और सभी गतिविधियां समाज को प्रभावित करती हैं ।

Bhairon Singh Shekhawat : 11th Vice-President of India

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भैरोंसिंह शेखावत , जनसंघ से लेकर भाजपा तक के सफ़र में , विपक्ष  की राजनीती के प्रमुख धुरी थे... उनकी जयंती पर उन्हें बहुत बहुत नमन और श्रद्धांजलि ...!!! साभार इस लिक के,  अंग्रेजी में सामग्री प्रस्तुत है..... http://en.wikipedia.org/wiki/Bhairon_Singh_Shekhawat Bhairon Singh Shekhawat  (  भैरों सिंह शेखावत )  (23 October 1923 – 15 May 2010) was the  11th   Vice-President of India . He served in that position from August 2002, when he was elected to a five-year term by the electoral college following the death of Krishan Kant. He served as the  Chief Minister  of  Rajasthan  three times, from 1977 to 1980, 1990 to 1992 and 1993 to 1998. Personal Life... His father was Shri Devi Singh Shekhawat and his mother was Shrimati Banne Kanwar. He was born in the village of  Khachariawas  in the district of  Sikar  in  Rajasthan . He was married to Shrimati Suraj Kanwar and they had a daughter Shrimati Ratan Kanwar. She is married to the senior B.J.P leader  Narpat Singh Rajvi  and the

चीन रूपी दुश्मन के बडते कदम रोकनें होंगें

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चीन पर दो पोस्टर सामने आये हैं इन्हे हम भी प्रकाशित कर सकते हें और दूसरों को भी प्रेरित कर सकते हैं। चीन रूपी दुश्मन के बडते कदम हमें ही आगे बढ कर रोकनें होंगें। आओ आगे बडें......

आध्यात्मिक कविता.........उठ जाग मुसाफिर ..

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आध्यात्मिक कविता......... उठ जाग  मुसाफिर .... - मोहनलाल गालव ( ग्राम कोयला जिला बांरा, राजस्थान।) उठ जाग मुसाफिर सोच जरा, तेरे मौत कि नौबत बाज रही। कोई आज मरा कोई कल को मरा, कोई मरने को तैयार पडा।। 1 ।। धन दौलत और ऐश्वर्य सब, कोई न होगा साक्षी तेरा। जीवन साथी सब छूटेंगें, जिसका तुछकों है न,मलाल जरा।। 2 ।। करनी धरनी सब तेरे हाथ में, व्यर्थ समय क्यों गवां रहा ।  पशु तुल्य जीवन व्यतीत कर, मानव जीवन क्यों पतित करा।  दुखः रूपी क्रीडा स्थल में, तुम परोपकारी जीव बनों। मन्थर गति से चलते चलते , तुम गूढ आध्यात्म प्राप्त करो। सत्य अहिंसा मार्ग पकड तुम, कोटि - कोटी जन के परित्राण हरो। सर्वस्व अर्पण कर ईश्वर को तुम, जीवन लक्ष्य प्राप्त करो। जीवन मृत्यु एक रहस्य है,इसको तुम अंगीकार करो। जीवन के दिवसों का भी तुम , शुद्ध सात्विक विचार करो।

आत्मा में खंजर की तरह उतरती है मंहगाई..

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- अरविन्द  सिसोदिया , कोटा , राजस्थान - 09414180151  आत्मा में खंजर की तरह घाव करती उतरती है मंहगाई... आदमी को जीते जी मार देती है मंहगाई..... मन मरता आशायें मरतीं,घर परिवार में होती मुरझााई.., दर्द यह नहीं है कि बडती ही जा रही है मंहगाई..., दर्द यह है कि.................................. सरकार खुद खडी हो कर, बडबा रही है मंहगााई...!!!   भयानक मंहगाई.... दीपावली पर श्रीमति सोनिया गांधी,मनमोहनसिंह और मोंटेकसिंह को आम व्यक्ति की तरह बाजार में जाना चाहिये, एक किलो मावा की मिठाई और आध किलो नमकीन, कुछ फटाके और कुछ मोमबत्ती खरीदनी चाहिये ताकि इन्हे बाजार के भाव भी पता चल सकें...कि जनता कि किस तरह लुटाई हो रही है। यह मंहगााई का महा भ्रष्टाचार कांग्रेस सोनिया गांधी और मनमोहनसिंह को अब हर चुनाव में तीसरा नम्बर और जमानत जप्ति का आईना दिखायेगी। पेट की भूखने साफ कर दिया कांग्रेस को ..... रोज रोज बडती मंहगाई...कभी डीजल..... कभी पैट्रोल.....कभी रसोई गैस..... और हाल ही में डीएपी खाद में बढाई भयंकर मंहगाई...निहत्थी जनता को एक ही अवसर वोट का....सौ सुनार की एक लुहार की....जनता अपना रंग द

सूचना के अधिकार कानून से सरकार घबरा गई है..

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- अरविन्द सिसोदिया  सूचना के अधिकार कानून से बहुत से राज बाहर आये और इस कारण कई कार्यकताओं को जान से भी हाथ धोना पडा, नेता , नौकरशाह और लुटेरों की मिली भगत को ,इस कानून ने काफी हद तक उजागर किया है। पोलें बाहर आनें से सरकार घबरा गई है, उसने चोर को मारने के बजाये....चोर को पकडने वाले कानून को ही मारने का फैसला कर लिया है। अब कांग्रेस सरकार सूचना के अधिकार कानून को बाधित करने की योजना में लग गई है, कांग्रेस सरकार के केंद्रीय कारपोरेट मामलों के मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने सोमवार को कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम बनाने के समय में जो ” खामियां “ रह गई थीं, उन पर विचार करने की जरूरत है। “ आरटीआई का इस्तेमाल कुछ राजनीतिक दलों के एजेंडे के लिए नहीं किया जा सकता। कुछ लोगों का एजेंडा निर्माण न होकर विध्वंस है। ऐसे लोग देश को अस्थिर देखना चाहते हैं।” कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर आदर्श घोटाले तक के ज्यादातर पहलुओं का खुलासा इसी कानून के इस्तेमाल से हुआ। अत: सरकार का इससे परेशान होना लाजिमी है। यह विडंबना ही है कि जो आरटीआई यूपीए के ताज का एक चमकता हीरा रहा है, वही आज उसे चुभने लगा है।

स्विट्ज़रलैण्ड भौतिकी प्रयोगशाला में भगवान शिव

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- सलिल ज्ञवाली  एवं विश्व मोहन तिवारी, Air Vice Marshal (Retd), Delhi                                                   कुछ माह पहले ही 'ईश्वरकण' की खोज के प्रयोग से हलचल पैदा करने वाली 'नाभिकीय अनुसंधान यूरोपीय संगठन' (CERN) का नाम तो विज्ञान प्रेमियों को याद होगा। ११३ देशों के ६०८ अनुसंधान संस्थानों के ७९३१ वैज्ञानिक तथा इंजीनियर इस संस्थान में अनुसंधानरत हैं। यह फ़्रान्स और स्विट्ज़रलैण्ड दोनों देशों की‌ भूमि में १०० मीटर गहरे में स्थित है। यह अनेक अर्थों में विश्व की विशालतम भौतिकी‌ की प्रयोगशाला है।             १९८४ में यहां के दो वैज्ञानिकों को बोसान कणों की खोज के लिये नोबेल से सम्मानित किया गया। १९९२ में ज़ार्ज शर्पैक को कणसंसूचक के आविष्कार के लिये नोबेल से सम्मानित किया गया।१९९५ में यहां 'प्रति हाइड्रोजन ' अणुओं का निर्माण किया गया। वैसे तो इसकी उपलब्धियों की सूची लम्बी है, किन्तु इस समय यह फ़िर गरम चर्चा में है क्योंकि इसके एक प्रयोग से ऐसा निष्कर्ष- सा निकलता दिखता है कि एक अवपरमाणुक कण ने प्रकाश के वेग को हरा दिया है।         यह तो आइन्स्टाइन क

मंत्री मदेरणा की मुक्ति में विलम्ब क्यों....?

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- अरविन्द सिसोदिया  आज तक के चैनल ” तेज “ पर सूचना आ रही है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने , जल संशाधन मंत्री महीपाल मदेरणा से भंवरी गुमसुदगी प्रकरण के चलते पद से इस्तीफा मांगा है...नैतिकता तो यह कहती है कि जिस दिन श्री मदेरणा का नाम आया था तभी उन्हे इस्तीफा देकर निष्पक्ष जांच की बात कहनी चाहिये थी। और राजधर्म यह कहता है कि जानकारी आते ही एक दो दिन की फोरी जांच के बाद स्वंय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मंत्रीमण्डल से उन्हे मुक्त कर देना चाहिये था। मुख्यमंत्री और मंत्री दोनों ही जांच प्रभावित करने के दोषी तो हैं ही ...,अब डेढ माह बाद....पूरे मामले के सबूत मिटवा कर.... गहलोत उन्हे मंत्री पद से हटातें हैं तो भी अर्थहीन है और वे अब हटते भी है तो अपना काम तो वे पूरी सफाई से कर ही चुके.....!!!! अब जेल में भी जाना पडे और वहां आराम करने का मौका मिले तो क्या हर्ज .... --- भंवरी देवी के मामले में : मंत्री महिपाल मदेरणा को मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता .. जयपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा कस्बे की नर्स भंवरी देवी के लापता होने के मामले में फंसे जन स्वास्थ्य अभियात्रिकी मंत्री महिपाल मदेरणा

देश सुरक्षा पर गंभीर गफलत..

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  - अरविन्द सीसौदिया ,  इस देश को इस सरकार ने, हर सफे पर नाकामी और देश के साथ बुरा करने जैसा किया है। यह खबर 31 जुलाई 2011 के अखबार में छपी है। 45 हजार करोड की सुरक्षा सम्बंधि खरीदारीयां अटकी हैं। मेरी नजर में यह खबर आज आई सो आपसे आज ही शेयर कर रहा हूं। एक तरफ चीन हमारी सीमाओं पर आखडा हुआ है और हम लगभग निहत्थे जैसे, कांग्रेस सरकार को देश हित में तुरंत रक्षा आवश्यकताओं की जरूरतों की खरीददारी पूरी करनी चाहिये।  

कश्मीर हमारा था, है और रहेगा : अन्ना हजारे

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कश्मीर हमारा था, है और रहेगा : अन्ना हजारे - अरविन्द सिसोदिया  अन्ना हजारे ने जन लोकपाल के मुद्दे पर लड़ाई लड़ रही अपनी टीम के सदस्य और प्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण की आलोचना करते हुये कहा है कि कश्मीर पर प्रशांत भूषण के विचार सही नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर हमारे देश का अभिन्न अंग है. अन्ना ने यह भी कहा कि प्रशांत भूषण को टीम में रखने पर विचार किया जाएगा| हजारे ने अपनी बात कह कर ये बात जाहिर कर दी कि उनके विचार उनके प्रशांत भूषण से बिल्कुल भी इफ्तेफाक नहीं रखते हैं। प्रशांत भूषण जो कुछ भी कश्मीर के लिए कह रहे हैं ये उनकी अपनी निजी राय है। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मैं मानता हूं कि कश्मीर भारत का अंग था, है और हमेशा रहेगा। किसी के कहने से वो अलग नहीं हो जायेगा। मैंने भी कश्मीर को बचाने के लिए वहां का दौरा किया था। १४ अक्तूबर , शुक्रवार को अन्ना हजारे ने मीडिया से बातचीत करते हुये कहा कि कश्मीर को लेकर प्रशांत भूषण ने जो विचार व्यक्त किये थे, ये प्रशांत भूषण के विचार थे और वे उससे सहमत नहीं है. अन्ना हजारे ने कहा कि प्रशांत भूषण के विचार ठीक नहीं हैं. बात यहीं नहीं रुकी. अन्ना हजार

गमों के बादल....kavita

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- अरविन्द सिसोदिया  गमों के बादलों ने, फिर घटाओं का रूप धर कहा,  हम आ गये, हमें बरसना है। बेवसी के लवादे को,  उसकी तरफ उछाल हमनें भी कहा, जिन्दगी एक बार मिली है प्यारे... और हमनें उसे जीना सीख लिया है !! चल भागजा जहां से भी आया है।  ====== - अरविन्द सीसौदिया, कोटा,राजस्थान,  मर्यादा के दिये में, पावनता का तेल भरा, निष्चल प्रेम की बाती से, आशाओं का दीप जला, विष्वास का प्रकाश हुआ, हम जल का बुझ जायें तो क्या, जग देखे भोर का उजियाला....!!  ====== -अरविन्द सीसौदिया जो रात रात भर जाग कर,रात को दिन बना लेते हें।  वे ही फिर उंनींदी आंखों से पूछतें हें कि क्या आप भी जागे थे ??? यदि कोई हमारा सो नहीं पा रहा ..., तो नींद हमें भी कैसे आ पाती !!! फेसबुक ने रातों को दिन बना दिया.. क्या करें? वे भाग्यवान हैं जो काली रात को भी दिन में बदल देते हैं।  उनके साहस को प्रणाम !!!! ======

भैरोंसिंह शेखावत : सम्पूर्ण राजनैतिक व्यक्तित्व के धनी

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- अरविन्द सिसोदिया , कोटा  २३ अक्टूवर भा ज पा के वरिष्ठ  नेता एवं पूर्व उप राष्ट्रपति रहे माननीय भैंरो सिंह शेखावत की जयंती   है...इस अवसर पर उन्हें शत शत नमन........  **** यदि आपके पास कोई प्रकाशित करने योग्य संस्मरण है तो मेरे नीचे लिखे ई मेल पर भेजें चित्र सहित इस ब्लॉग पर प्रकाशित किया जाएगा....  भाजपा की वरिष्ठ त्रिमूर्ति , अटल जी , शेखावत जी और अडवानी जी .... .  सम्मानीय भैरोंसिंह शेखावत सम्पूर्ण राजनैतिक व्यक्तित्व के धनी  - रघुवीरसिंह कौशल     सबसे पहले में एक संस्मरण से अपनी बात प्रारम्भ करता हूं,में बांरा विधानसभा क्षैत्र से विधानसभा का चुनाव बांरा को जिला बनाने की घोषणा के साथ लडा और जीता, हमारी सरकार बनीं,मेंने विधानसभा में प्रश्न पूछा कि सरकार के पास कितने नये जिले बनाने का विचार विचाराधीन हैं ? विधानसभा में उत्तर प्राप्त हुआ कि सरकार के पास नये जिले बनाने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस उत्तर से में उत्तेजित हो गया और सदन में मैंने सरकार की कडी आलोचना की...! पार्टी के ही कुछ कार्यकता तत्कालीन मुख्यमंत्री भैंरोसिंहजी शेखावत के पास पहुचे और उनसे कहा रघुवीरसिंह