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परमाणु परीक्षण : 11 मई और 13 मई 1998 को पोकरण

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भारत की प्लानिंग से बौखला गया था अमेरिका, यूं किया था परमाणु परीक्षण Posted on July 27, 2016 by vijayrampatrika.Com जैसलमेर के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में खेतोलाई गांव के पास 11 व 13 मई 1998 को भारत की ओर से किए गए परमाणु परीक्षण की अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को भनक तक नहीं लगी थी। इस बात का उसे आज भी मलाल है। किस दिन किस तरह परमाणु परीक्षण करना है इसकी पूरी प्लानिंग डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने की थी। पूरे विश्व में परमाणु संयंत्रों और सैन्य गतिविधियों पर सैटेलाइट से निगरानी करने वाला अमेरिका उस समय हैरान रह गया था, जब उसे मालूम पड़ा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने 11 मई व 13 मई को पोकरण में परमाणु परीक्षण किया है। Vijayrampatrika.com यहां आपको बता रहा है भारत द्वारा किए गए एटम बम के परीक्षण के बारे में। सन् 1998 में हुए इस परीक्षण में डॉ.ए पी जे अब्दुल कलाम की भूमिका अहम थी। एक साल पहले वे आज ही के दिन हिंदुस्तान को हमेशां के लिए सूना छोड़ गए थे। ऐसे बचे अमेरिका से 1974 के बाद 11 मई 1998 को पोकरण में भारत ने परमाणु परीक्षण किया तो विश्व के सारे देश भारत के खिलाफ हो

डाटा चोरी की राजनैतिक चोर बाजारी

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डाटा चोरी की राजनैतिक  चोर बाजारी  विश्वास पर घात  दिनांक ०२-अप्रैल-२०१८ कांग्रेस ने 2014 के लोकसभा चुनावों में कैम्ब्रिज एनालिटिका की सेवाएं ली थीं, जबकि उसके एक कर्मचारी डैन मर्सीन ने किसी एनआरआई से कांग्रेस को ही हराने के पैसे ले लिए। गौरतलब है कि डैन मर्सीन 2012 में केन्या के नैरोबी स्थित एक होटल में मृत पाए गए थे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु 2012 में हो गई, वह दो साल बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हारने की वजह कैसे बन सकता है? सवाल यह भी उठता है कि जब फेसबुक के डाटा लीक के खुलासे से पहले मीडिया कांग्रेस और कैम्ब्रिज एनालिटिका में अगले चुनाव के लिए हो रही बातचीत की खबरें छाप रहा था, तब कांग्रेस कहां सो रही थी? कहीं ऐसा तो नहीं कि तब कांग्रेस को कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़ने की खबरें रास आ रही थीं? उसे लग रहा था कि इससे देश में माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी अरविंद शरण   फेसबुक प्लेटफॉर्म पर अवैध डाटा खुदाई और तमाम गैरकानूनी हथकंडों से अमेरिका समेत कई देशों की राजनीतिक सत्ता का स्वरूप तय करने के विश्वव्यापी गंदे खेल में भारत का

उपराष्ट्रपति नायडू ने CJI के खिलाफ महाभियोग के नोटिस को खारिज किया

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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को किया खारिज Publish Date:Mon, 23 Apr 2018 https://www.jagran.com By Sachin Bajpai नई दिल्ली (जेएनएन)। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव  के नोटिस को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया। इस संबंध में राज्यसभा सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कुछ संविधान विशेषज्ञों से चर्चा व सलाह मशविरा के बाद ये निर्णय लिया। कांग्रेस के इस नोटिस में जितने सांसदों के हस्ताक्षर थे उसमें से 7 सांसद रिटायर हो चुके हैं और इसी को आधार बनाते हुए उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है। साथ ही उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित भी बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रस्ताव में चीफ जस्टिस पर लगाए गए सभी आरोपों को मैंने देखा और साथ ही उसमें लिखी अन्य बातें भी देखीं। उपराष्ट्रपति के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता नलीन कोहली ने कहा कि कांग्रेस की सारी बाते हवा में होती है। न्यायपालिका का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। राजनीतिक दलों की अोर से इस बारे में नोटिस मिलने के ब

अपनी भाषा :अपने स्वत्व की अभिव्यक्ति भी है – परम पूज्य भागवत जी

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     अपनी भाषा का प्रयोग व्यवहारिक सुविधा ही नहीं,  अपने स्वत्व की अभिव्यक्ति भी  है – परम पूज्य डॉ. मोहन भागवत जी April 07, 2018 नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि अपनी भाषा का प्रयोग केवल व्यवहारिक सुविधा नहीं है, अपितु अपने स्वत्व की अभिव्यक्ति भी है. स्व की अभिव्यक्ति मातृभाषा में ही संभव है. भाव विदेशी भाषा में व्यक्त नहीं होते. लोकव्यवहार में बोली जाने वाली भाषाओं का अनुवाद भाषा के भाव के अनुरूप नहीं हो पाता. सरसंघचालक जी “जनता को जनता की भाषा में न्याय” विषय पर संबोधित कर रहे थे. शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा केदारनाथ साहनी सभागार में आयोजित सम्मलेन में मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में बिरसा मुंडा की जेल में संदेहास्पद स्थिति में मृत्यु हो गयी थी, उनके साथ पकड़े गये 241 मुन्डावी बोली बोलने वाले क्रांतिकारियों के साथ उनकी भाषा के भाषांतर करने वाले ना होने के कारण उनके साथ अन्याय हुआ, अंग्रेजों द्वारा चलाए जा रहे न्यायालय में उम्रकैद की सजा हो गई थी. लेकिन वो ब्रिटिशर्स का राज था, अब तो अपन

कैंसर का घरेलु इलाज, जो लास्ट स्टेज में भी करता है काम

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कैंसर का ऐसा घरेलु इलाज, जो लास्ट स्टेज में भी करता है काम http://rajivdixitji.com/cancer-treatment http://videominecraft.ru/watch/ कैंसर हमारे देश मे बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है । हर साल बीस लाख लोग कैंसर से मर रहे है और हर साल नए cases आ रहे है । और सभी डॉक्टर्स हाथ-पैर डाल चुके है । राजीव भाई की एक छोटी सी विनती है याद रखना के … ” कैंसर के patient को कैंसर से death नही होती है, जो treatment उसे दिया जाता है उससे death सबसे अधिक होती है ” । माने कैंसर से ज्यादा खतरनाक कैंसर का treatment है । Treatment कैसा है ? ?आप सभी जानते है .. Chemotherapy दे दिया, Radiotherapy दे दिया, Cobalt-therapy दे दिया । इसमें क्या होता है के शरीर का जो प्रतिरक्षक शक्ति है Resistance power ! वो बिलकुल ख़तम हो जाती है । जब Chemotherapy दिए जाते है तो डाक्टर ये बोलते है की हम कैंसर के सेल को मारना चाहते है लेकिन होता क्या है अच्छे सेल भी उसी के साथ मर जाते है । डॉक्टर आपको भूल-भुलैया में रखता है अभी 6 महीने में ठीक हो जायेगा 8 महीने में ठीक हो जायेगा लेकिन अंत में वो मर ही जाता है , कभी हुआ नही ह