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स्विस बेंको में जमा काला धन पर, प्रणव की गलत बयानी ... ,

प्रणव की गलत बयानी ... , २९ अप्रेल २०१० को संसद में कहा की टैक्स हेवन देशों के साथ दोहरी संधि हो रही हे ताकि काला धन वापस लाया जा सके , मगर यह सच नही हे । सच यह हे की कांग्रेस कभी भी काला धन देश में वापिस नही लाएगी , क्यों की यह धन उनका ही हे । एक बार नाम जद इस धन का ब्यौरा एक विदेसी पत्र में छपा था , उसमें राजीव गाँधी का नाम था , तब उसका खंडन तक नही किया गया था । उस पत्र के खिलाफ कोई मुकदमा तक नही चलाया गया था । विदेस में जमा कालाधन बहुत लोगों का होगा मगर इसमें ज्यादतर कांग्रेस का ही हे , इसीलिए यह कभी वापस नही आएगा । यह धन बहुत आधिक हे ; सोच से भी हजारों गुना हे , इतना ही कहना काफी होगा की हर गरीब को २ लाख रुपया दिया जा सकता हे । ek १ भारत का १४५६ अरब डालर , २ रूस का ४७० अरब डालर , ३ ब्रिटेन का ३९० अरब डालर , ४ उक्रेन का १०० अरब डालर , ५ चीन का ९६ अरब डालर काला धन स्विस बेंको में जमा हे । भारत का काला धन भारत के बजट से ९ गुना हे साहव जी , कोण उसे वापस लता हे जी , झूठी बात हे प्रणव की । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा , कोटा २ राजस्थान ।

नक्सलवाद के अडडे ख़तम करने होंगे

नक्सल वाद के अड्डें जब तक ख़तम नही होगे , तब तक नक्सल वाद ख़त्म नही होगा । बिहार में अड्डें ११२७ हथियार १२७० छत्तीसगड अड्डें १७६० हथियार १८०० झारखंड अड्डें १७२७ हथियार ४००० महा रास्ट्र अड्डें 291 हथियार ३१५ उड़ीसा अड्डें ५२६ हथियार ३०० प बंगाल अड्डें ५५ हथियार १२५ आंध्र प्रदेश अड्डें २८७ हथियार २८१ उत्तर प्रदेश अड्डें ६९ हथियार ७४ मध्य प्रदेश अड्डें २९ हथियार २५ इनके कारन मरने वालों की संख्या २०,००० से भी आधिक हे। ४० , ००० वर्ग किलो मीटर एरिया पर इनका कब्जा हें । यदि इन पर काबू नही पाया गया तो , २०५० तक ये भारत में लोकतंत्र ख़त्म कर दंगे । इनकी आमद १४०० करोड़ रूपये से भी अधिक हे। वहू मूल्य खनिज कारीडोर पर इन्होने कब्जा कर रखा हे । अर्थार्त नक्सल वाद से निवटने ने के लिय , उनके अडडे ख़तम करने होंगे । ये आंकड़े शुक्रवार साप्ताहिक में प्रकाशित हुए हें। अरविन्द सीसोदिया राधा किशन मंदिर रोड , वार्ड ५९ , कोटा २ , राजस्थान ।

विदेशमंत्री को तो इस्तीफा देना चाहिए

नेता बिकाऊ , दल बिकाऊ और अफसर बिकाऊ। इस्लामाबाद में भारत की उच्चायुक्त माधुरी गुप्ता को पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए पाया गया , सरकार ने ग्रिफ्तार कर पूझताझ कर रही हे । वह आई ऍफ़ एस राजनयिक थी । देस के लिए ये गंभीर बात हे । मगर इससे बड़े बड़े कारनामे तो देस में रोज रोज हो रहे हें । उन्हें देस के नेता और राजनेतिक दल कर रहे हें । बड़े स्तर पर देस से सरेआम धोका जिस शासन व्यवस्था में हो वह अपने नीचे ईमानदारी केसे रख सकती हे । सरे कुए में ही भ्रस्टाचार घुला हुआ हे । नेतिकता के नाते तो , कम से कम विदेश मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए । यह घटना सामन्य नही हे , बहुत गंभीर हे , शत्रु रास्ट्र को सारी जानकारी देना बहुत बड़ा गुनाह हे । यह बहुत बड़ा नेट वर्क हे , कई बड़ी बड़ी हस्तिया कमा रहीं हें । हमारे देस में तो संसद तक में विदेसी जा सकते हें , संसद , मंत्री और सर्वेसर्वा बन सकते हें । जो दुनिया में नही हो सकता वह हमारे यहं संभव हे । जिस सावचेतना की जरूरत संविधान को रखनी चाहिए थी वह उनने भी नही रखी । अभी भी जरूरी बदलाव नही हें । जासूसी के कारन न जाने किन किन की जानें गई होंगी , कितना ब

कुम्भं एक पवित्र विचार एक पवित्र उर्जा ...

कुम्भं एक पवित्र विचार एक पवित्र उर्जा ... । पावन धाम हरिद्वार की यात्रा हुई , बहुत से विचारों का आदान प्रदान हुआ । समझमें आया कुम्भं विचारों का प्रवाह जन जन को देने की व्यवस्था थी । खोजों को बाटने की एक दुसरे को जानने समझाने की व्यवस्था का प्रवंधन था । आश्रम अनुसंधान शाला होते थे , उनमें समाज की उपयोगिता के प्रयोग होते थे । उपयोगी जानकारी एकत्र कर इन माध्यमों से सरे देश में पहुचाई जाती थी । साधू शोधर्थी होते थे , चिंतन के द्वारा मन के द्वारा बहस के द्वारा तथ्य और तत्व पर निर्णय लिए जाते थे । समाज में धर्म का बड़ा दर्जा उनकी उच्च स्तर के कारण हे , वह सु व्यवस्था का निर्माता हे, शन्ति का और सद विचारों का प्रेरक हे । संतोष का स्रोत हे । सब को सुख देने वाली व्यवस्था का हमेशा ही समाज में स्वगत होता हे । यही हिंदुत्व की विशेषता हे । सनातन का मतलव सदेव नूतनता लिए हुए । सदेव सत्यता लिए हुए । अपनी खिड़की दरवाजे खुले रखना , प्रदूषित बहार , शुद्ध अंदर । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , वार्ड ५९ , कोटा २ , राजस्थान ।

लूटतन्त्र जीता और लोकतंत्र हारा

कांग्रेस जीती , मंहगाई जीती , डकेत जीते , जमाखोर जीते , पूंजीवाद जीता कुल मिला कर लूटतन्त्र जीता और लोकतंत्र हारा ... । सोदेवाजी के द्वारा कांग्रेस ने एक वार फिर से सरकार बचाली । मंहगाई का मुद्दा धरा रह गया । जनता के शुभ चिन्तक होने का मुखोटा उतर गया । जनहित का नकाब कांग्रेस की एक तिरछी नजर में जाने कहाँ उड़ गया । कांग्रेस ने इन्हे जब इनकी दोलत जयदात और अकूत धन का आइना दिखाया तो मुलायम , माया , लालू के होश उड़ गये । मंहगाई का मुद्दा छोड़ा धन दोलत बचाव में लग गये । जरा भी शर्म नही की कि कल क्या ख रहे थे , आज क्यों पलट रहे हें । कुल मिला कर जनता के विस्वास से धोका किया गया हे । राजनीती को इन धोकेबाजों नें चुल्लू भर पानी में डूब मरने लायक नहीं छोड़ा । मुलायम ने हमेशा कांग्रेस को गलत वक्त पर साथ दिया और फिर कांग्रेस ने मुलायम को लात मरने में देर नही लगाई यही इतिहास हे । येसा ही माया और लालू के साथ भी हुआ । काग्रेस जानती हे कि कोन बिकाऊ हे । वह इनके भाव ताव भी जानती हे । कट मोसन लोक सभा में मंहगाई कम करने के लिए था किसी कि सरकार बनाने के लिए नही था । महंगाई का मुद्दा हर नागरिक का हे , क्या

माओवादियों की विदेशी सहायता को रोकना होगा

माओ वाद की हिंसा से निवटने में नाकाम रहे केंद्रिया मंत्री चिदम्बरम ने पहले तो इस्तीफा फेंका ,फिर जाँच कमेटी बिठाई , मगर वे भूल गए की बी एस ऍफ़ के पूर्व आध्यक्छ इ एन राम मोहन बी एस ऍफ़ के नजरिये से बहार नही जा पायेगे । वहि सम्भवता सामने आयेगे । कहा जएगा राज्य की पुलिस साथ नही दे रही थी , अर्थार्थ राज्य को लपेटा जाये , केंद्र को बिचारा साबित किया जाया । रिपोर्ट भी यही कहने बलि हे । जब की जाँच की जरूरत यह हे की माओ वादियें के पास इतनी बड़ी मात्र में असलाह , शस्त्र , सम्पर्क ,सुचना तन्त्र की सुविधा कहाँ से आई । एक सच सब जानते हें , की चीन की कब्जा करो योजना का हिस्सा हे माओवाद । जब तक उस पर प्रहार नही होगा , तब तक समस्या के मूल पर प्रहार नही होगा . इसलिय आप को वास्तव में कुछ करना हे तो माओ वादियो, नक्सल वादियो के सच्चे सच को स्वीकारना होगा । उस देस से कहने का साहस करना होगा , दूर हटो ये दुनिया वालों यह हिदोस्ता हमारा हे , कहने का साहस करो । बहर पिट कर आओ और अंदर घरवालों को पिटा ..... , जो दुनिया को दिख रहा हे , वह भारत सरकार को क्यों नही दिख रहा हे । सबसे पहले चीन का दखल रोको ।

आई पी एल की, सही जाँच जरूरी हे

सही जाँच जरूरी हे आई पी एल की ...., अभी जो भी आई पी एल में हुआ , वह बहुत कम सच हे , सारा सच अभी छुपा हुआ हे । देश का अभी में सबसे बड़ा घोटाले बाज , शरद पंवार केसे पाक साफ हो सकता हे , बिना जाँच उसे केसे बरी कर दिया जी , मेरी चित्त मेरी पट्ट , वाह..., क्या बात , असली सच तो सारा ही छुपा रखा हे , सिर्फ ललित मोदी को शिकार कर चुप करने से मामला ख़त्म नही होता हे ।जहाँ अलीबाबा चलिस चोरों के साथ हो ,उसे एक चोर से केसे ख़त्म कर दोगे ॥ सब कुछ सरे आम सालों पहले हुआ , केंद्रिया मंत्री की मोजुदगी में हुआ , मिडिया के सामने हुआ , सभी विभागों ने इन ख़बरों को पड़ा , सुना , टी बी पर देखा , तब मोंन क्यों ..., गलती की सजा उन्हें क्यों नही । उन्हों ने भी मोटी मोटी तनखाह उठाई ही हे । सारी जाँच गेर सरकारी तन्त्र से होनी जरूरी हे । क्यों की थरूर के पकड़ में आनें से सारा मामला उजागर हुआ , अबतो बदले की कार्यवाही जारी हे ,सत्ता के वरद हस्त से सांप छोड़े जा रहे हें । बोलना बंद कर ,नहीं तो काटेंगे ॥ कानून को पलंग के पाए से बांध कर बदमासी दे रहे हें । न्यायलय को हस्त छेप करना चाहिए , जब गुजरात के लिए विशेस जाँच दल हो

मिडिया नक्सलवाद की ढाल न बने

मिडिया नक्सलवाद की ढाल न बने भारत के मिडिया को आजादी के बाद न जाने किसकी नजर लग गई । वह देश की चिंता ही भूल गया, स्वतन्त्रता का संग्राम लड़ने वाला वह मिडिया कहाँ चला गया । जब भी नक्सलवादी , आतंकवादी , उग्रवादी , अलगाववादी या घुसपेठ की घटना होती हे , अचानक नामी लेखकों के ध्यान हटाने वाले लेख छप जाते हें । अखवार भी जेसे इसी प्रतिच्छा में थे । आप नागरिक की सही सोच को मोड़ देने के पीछे क्या मकसद रखते हें समछ से परे हे । मगर इतना तय हे की आप सरकार को सही कदम उठाने से रोक देते हें । अब युध के तरीके बदल गय हें , देश की कमजोरी का फायदा उठाना भी युध का अंग हे । आपस में लड़ाना भी युध का अंग हे , छुपे तोर पर हथियार और पैसा देना भी युध का अंग हें । आब सेन्यं युध नहीं , समस्या के नाम से युध होतें हें , आधिकार के नाम से युध होते हें । मांग के नाम से , नुकसान के नाम से , विकास के नाम से , उथान के नाम से युध हो रहें हें । इन्हे पहचाना होगा , समछना होगा । यदि वे भुखमरी से मुक्ति चाहते तो ओधोगिकी करन होने देते , मगर यह स्वीकार नहीं । नरेगा चलने देते, सड़कें बनने देते। स्कूल, अस्पताल, कार्य चलने देते

दंतेवाडा हमारी सम्पूर्ण राजनेतिक विफलता हे .

दंतेवाडा हमारी सम्पूर्ण राजनेतिक विफलता हे , इसे सुरक्छा बलों की या राज्य की विफलता नही कहा जा सकता । हमारे राजनेतिक दल देश द्रोही तत्वों से स्यवं के फायदे के लिय हाथ मिला लेते हें , चुनाव जितने के लिय धन देते हें , सरकारी धन भी लुटवाते हें , जनता पर इनके जुल्मो को नजर अंदाज कर देते हे । कॉग्रेस ने भिंडरवाला से हाथ मिलाया फिर वे ही जन के दुसमन बनें , लंका के विरूद्ध लिट्टे को सहयता दी , वह भी जान पर बनी । कांग्रेस ने करुणानिधि की सरकार लिट्टे के समर्थन के कारन बर्खास्था की थी , चुनाव और सरकार बनाने में फिर उसकी मदद ली , उन्हें मंत्री बनाया । चन्द्र बाबु नायडू के खिलाफ नक्सल वादियों को उपयोग कांग्रेस ने किया । लाल पर्चा किसी से छुपा नही हे । और दल भी हाथ मिलते होगे ... ,जो भी हाथ मिलये उसकी मान्यता समाप्त का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को हो । राज्य की सरकार यदि संगठित आपराधियो के खिलाफ कार्यवही नही करे तो संविधान ने केंद्र सरकार को अधिकार दिया हे । करुणानिधि सरकार को कांग्रेस ने इसी तरह के आरोप में बर्खास्त किया था । अब भी यदि कोई हे तो उस पर कर्यवाही करो । मगर बात तो कांग्रस के भीतर से उठ र

थरूर का सच सामने,ईसाई होने से बचते रहे.

केन्द्री मंत्री थरूर का सच सामने आ हि गए उसने स्वीकार किया हे की केरल की टीम की उसने मदद की हे । इसका मतलब वे केरल को टीम दिलाना चाहते थे , इससे यह तो स्वंय सिधा हे की वे दखल दे रहे थे । अब वे यह नही कह सकते की उनका दखल नही था । परोछ अपरोछ वे इससे जुड़े रहे इसकी स्वीकारोक्ति उनका बयान ही हे । बात इतनी सी हे की उनके प्रभाव का इस्तमाल हुआ की नही , तो यह भी मिडिया की रिपोट ही बता रही हे की सुगंधा उनकी महिला मित्र हे , उस विधवा को कियो साथ लिया यह तो उनको ही बताना हे । उसी के नाम हिस्सा क्यों निकला , वह भी बिना पेशा लगे , इस तरह तो बात बनती नही हे , जरुर थरूर का शरूर हे। थरूर को लेकर सोनिया जी इतनी महरवान क्येओ हे , क्यों की वे ईसाई होने से बचते रहे हें , इसी कारण फिर से बचगें , यदि कोई और मंत्री यह करता तो कभी का बाहेर हो गया होता । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा , वार्ड ५९, कोटा २ , राजस्थान । ०९४१४१ ८०१५१

आयकर विभाग दोषी

आयकर विभाग ने थुरुर प्रकरण सामने आते ही , आई पी एल कमिश्नर मोदी को फंसाने के लिए , छापे पर छापे डाले , मिडिया स्टंट छापे , कोशिश यह किए की मोदी आपराधी हे , मगर आई पी एल तो , तीन साल से चालू हे , इसकी हर गति विधि सब की नजर में हे । कुछ छुपा नही था । समय से नोटिस जारी करते , सबने टीमों की नीलामी देखि ही हे , रुपयाँ की बरसात देखि हे ,सब कुछ खुले में हुआ , बड़े राजनेतन के खिलाफ आयकर विभाग छोटा हे। तब चुप रहा ; दूम हिला कर देस लुट वाया । सब कुछ लूट रहा था , सभ्यता , संस्क्रती , नेतिकता । राजनेता और अति सम्पन्न जम कर लूट रहे थे । अब एक पोल खुली तो तमासा चालू हो गया । पहले तो सी बी आई का दूरउपयोग होता था , यह आयकर विभाग का दूरउपयोग हे , थरूर को दूध का दुला घोषित करने हेतु , मोदी को फफेदा जा रहा हे, आयकर विभाग छू होते ही दोडा पड़ा, इससे सरकार की इज्जत गिरी हे , असल में अपराधी आयकर विभाग हे , जिसने इतने बड़े घोटाले पर पर्दा ढल रखा था । अरविन्द सीसोदिया , राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा , कोटा २ , राजस्थान । ०९४१४१ ८०१५१

मानवअधिकार वादी भी माओवादियो जेसे ,

मानव अधिकार वादी अब क्यों चुप हे , उनकी चहक चहक खामोश हे। कहं हे तिस्ता , कहा हे सरदेसाई । नक्सल वाद के आगे सब चुप हें । नक्सल वाद के बेरहम नर संहार की निंदा के लिय इनके होठ सिलगय । अपराधियो के पैरोकार शांत चित हिंदुत्व के विरुद तो तूफान उठा ले ते हें । मगर तब सच में कोई बंदूक हो तो , ख़ामोशी जिन्दावाद .... , तथाकथित मानवता वादी असल ने कोन हे ..., यह पता लगाना चाहिए , क्यों की इनकी गति विधि तो माओवादियो जेसा हे, हिंदुत्व को बदनाम करो , उन्हें गलत सवित करो , तमाम हिसक आतंक वादियो , उग्र वादियो ,नक्सल वादियो , माओ वादियो के आगे चुप रहना । सच तो यह हे की बुधि के अजीर्ण से पीड़ित मानवता वाद खुद संदेह में हें । इन लोगों को , हिदू को बदनाम करने की ही तनाख्ह मिलती हें । के छुपे दुसमन हें, इनके नाकाव नोच लेने चाहिए । ये ओट से माओवाद हे । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा ; कोटा जन २ , राजस्थान ।

डा अम्बेडकर अमर रहे

डा अम्बेडकर अमर रहे , कुछ फुलमाले और कुछ नारे , मगर उनके लक्छ्य, उनके सपने कौन पूरे करेगा , आरक्छन का फायदा जिन्हें मिला, उन्हें अन्य पिछड़ों को लाभ दिलाना होगा , सम्पन्न दलितों को अपना कब्जा निति छोड़ कर, अपने ही अन्य पिछड़ों को साथ लेना और उन्हें आगे बढ़ाना होगा । अम्बेडकर मेरी कुर्शी अमर रहे नहीं हें , मेरी नोकरी अमर रहे नहीं हें । अम्बेडकर समाज का उठान अमर रहे हें, रास्ट्र का उठान अमर रहें हें । एक भी व्यक्ति जब तक गरीव हे , अम्बेडकर के सपने अधूरे हें । भारत के सपने अधूरे हें , संविधान की आत्मा अधूरी हें । हम सब मिल कर संकल्प लें , जब तक एक भी भूखा हें ,पिछड़ा हे , अशिछित हे , अम्बेडकर जेसी हिम्मत से संघर्स करें । बी पि एल को नर्क से उबारना होगा , उनकी भूख दूर करनी होगी , उनका जीवन खुशाल बनाना हे , उनकी चिंता करो , अम्बेडकर आशीर्वाद देंगे । अरविन्द सीसोदिया राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा कोटा २ राजस्थान । ०९४१४१ ८०१५१

नक्सलवाद का नासूर

नक्सल वाद का नासूर नक्सलवाद जब चालू हुआ तब ही मालूम था , की यह देश की आन्तरिक सुरक्षा के लिए खतरा हें । मगर टालने की निति का यह दुस परिणाम हे , जब आग लग जाए तब कुआ खोदो की निति नुकसान पहुचाती हे , नक्सल वाद देश पर हमला हे , यह सा सस्त्र हमला हे । धर्मंतार्ण , आतंकवाद , घुस पेठ , नकली मुद्रा भी विदेशी हमले हे ॥ देशा को एक दमदार नेता चाहिया , जो सरदार वल्लभ भाई पटेल की तरह हो , जिस में बिखराव को एक करने की छमता हो , साम , दाम , दंड , भेद की दकछ्ता हो । अन्दर बहार दोनों और संघर्स हे , विसवास से आगे बदना होगा । विकल्प । पड़ोसियों से घिघियाना छोड़े , मर्द की तरह बात करें , इजराइल की तरह आगे बड़े । अरविन्द सीसोदिया राधा krishan रोड , ददवारा वार्ड ५९ कोटा ( raj) ०९४१४१ ८०१५१

शाहिद का झूठ सामने आ गया

शाहिद का झूठ सामने आ गया , सानिया की गद्दरी सामने हे , पूरे देश को गुमराह किया , मिडिया को गुमराह किया , दोनोने अपने अपने देश को लज्जित किया, इतनी आजादी का अर्थ क्या हे , क्या यह अपराध नहीं हे , कम से कम यह बड़ा न्यूसेंस कार्यवाही की श्रेणी में आता हे । पूरा मिडिया सत्ते की बात बी कह रहा हे , तो फिर कार्य वाही क्यों नही हो रही , क्या भारतीय पुलिस कोई भी अपराध नही मानती । कोई आया कुछ भी कर के चला जाये , वह रे हिन्दुस्थान ॥ _ अरविन्द सिसोदिया राधा किशन मंदिर रोड , ward 59 kota (raj) ०९४१४१ ८०१५१

सानिया देश की मिटटी से धोका

सानिया ने देश की मिटटी के साथ धोका किया हे। जिस मिट्टी से उशका सरीर बना, जिस वायु से उसकी साँस चली , उशी की वह सगी नहीं हुई । जिश की वह मित्री थी उसी से धोका , उसने दश के मान का भी ध्यान नही रखा, वह कपूत हे , देश, परिवार और शहर को निचा दिखाया हे। - अरविन्द सिसोदिया , राधा क्रिशन मंदिर रोड , द्दद्दवारा , कोटा । ०९४१४१ 80151

६ अप्रल भाजपा का जन्मदिन

६ अप्रल भाजपा का जन्मदिन हे । देश वाशियों को बधाई । आजादी तो मिली मगर वह नेहरु के घर कैद हो कर रह गई । गाँधी की भूल को देश वाशियों ने भुगता । न रास्ट्र का विचार रहा न संस्क्रती का ॥ विदेशी chale गए स्वदेशी ban gay. - ARVIND SISODIA DADWARA; KOTA Jn 094141 80151 .