सानिया देश की मिटटी से धोका

सानिया ने देश की मिटटी के साथ धोका किया हे।
जिस मिट्टी से उशका सरीर बना,
जिस वायु से उसकी साँस चली ,
उशी की वह सगी नहीं हुई ।
जिश की वह मित्री थी उसी से धोका ,
उसने दश के मान का भी ध्यान नही रखा,
वह कपूत हे , देश, परिवार और शहर को निचा दिखाया हे।
- अरविन्द सिसोदिया ,
राधा क्रिशन मंदिर रोड ,
द्दद्दवारा , कोटा ।
०९४१४१ 80151

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

भारत रत्न बाबा साहब की बात कांग्रेस मानती तो भारत अखण्ड और तिब्बत स्वतंत्र रहता - अरविन्द सिसोदिया

God is within us and also beyond us — Arvind Sisodia

कविता - पूरे ब्रह्माण्ड में एक अकेली, अपनी धरती माता है

माँ बाण माता : सिसोदिया वंश की कुलदेवी

राजस्थान प्रदेश में अब 48 संगठनात्मक जिले बनें

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे