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देश को सशक्त तकनीकी राष्ट्रवाद की आवश्यकता : डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा

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आज देश को सशक्त तकनीकी राष्ट्रवाद की आवश्यकता है: डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा जोधपुर 22 अगस्त . स्वदेशी जागरण मंच जोधपुर प्रांत द्वारा ‘‘भारतीय औद्योगिक विकास के लिए स्वदेशी अवधारणा’’ विषय पर जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में प्रांतीय संगोष्ठी आयोजित की गयी।     संगोष्ठी में क्षेत्रीय संघचालक राजस्थान व अखिल भारतीय सह संयोजक स्वदेशी जागरण मंच के डाॅ. भगवती प्रकाश शर्मा ने बताया कि देश के उद्योगो को बढाने के लिए तकनीकी राष्ट्रवाद की आवश्यकता है। अमेरीका, चीन इसी राष्ट्रवाद के कारण वैश्वीकरण के लीडर है। देश में उद्यमता को अनुकूल वातावरण देने की जरूरत है। तभी हम विश्व के अगुवा राष्ट्र बन पायेगे। आज विश्व की कुल जीडीपी में हमारा योग मात्र 2.04 प्रतिशत है जबकि 1500 वर्ष पहले 32 प्रतिशत था। उस समय हमारे देश में सभी उद्योग फलफूल रहे थे। राजाओं द्वारा उन्हें प्राश्रय देने की आवश्यकता है। इसके लिए जोधपुर में भी अलग-अलग उद्योग सहायता समूह बनाकर आर एण्ड डी विकसित करने की जरूरत है। सोलर ऊर्जा, स्टील उद्योग, ग्वारगम, हैण्डीक्राफ्ट आदि में इसके द्वारा जोधपुर देश का शीर्ष औद्योगिक शहर बनने

बहन की सुरक्षा के लिये भाई रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री जीवन रक्षा बीमा पालिसी भेट करें

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बहन की सुरक्षा के लिये भाई रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री जीवन रक्षा बीमा पालिसी भेट करें। मात्र 12 रूपये प्रीमियम या 210 में आजीवन !! रक्षा बंधन पर बीमा योजना का उपहार दें : नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि वे इस बार रक्षा बंधन के पहले ग़रीब महिलाओं को प्रधानमंत्री जन सुरक्षा बीमा योजना का उपहार दें. उन्होंने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि ऐसा करने से करोड़ों महिलाओं को बीमा का फ़ायदा मिलेगा और उनका जीवन सुरक्षित हो जाएगा. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल रक्षा बंधन के मौके को महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से खास बनाने का खाका तैयार कर लिया है। उन्होंने कहा है कि इस मौके पर लोग समाज की महिलाओं को सुरक्षा बीमा योजना भेंट करें। उनकी इस अपील के बाद अब आम लोगों के साथ ही भाजपा विधायकों व सांसदों से लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की ओर से भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। सुरक्षा बीमा योग दिवस की सफलता के बाद अब प्रधानमंत्री अगले दो महीने महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाना चाहते हैं। पिछले महीने उन्होंन

जिंदा सबूत से भागा पाकिस्तान

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दोटूक बोलीं सुषमा :  बातचीत नहीं,  Aug 23, 2015   विशेष प्रतिनिधि, नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत होने की उम्मीद शनिवार को उस समय लगभग टूट गई, जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दोटूक कहा कि पाकिस्तान अगर कश्मीर पर चर्चा पर दबाव बनाएगा और कश्मीरी अलगाववादियों से संपर्क करेगा तो बातचीत नहीं हो पाएगी। इससे पहले, पाकिस्तानी एनएसए सरताज अजीज ने इस्लामाबाद में कहा कि कश्मीर पर चर्चा के बिना भारत के साथ कोई गंभीर वार्ता संभव नहीं है। दोनों तरफ से साफ संकेत दिए गए कि मौजूदा हालात में वार्ता संभव नहीं है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी ने वार्ता रद्द करने का ऐलान नहीं किया। अगर सरताज आए तो आज दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली उनका प्लेन दिल्ली में उतरेगा। शाम को पाकिस्तानी उच्चायोग में रिसेप्शन होगा। कल सुबह 10 बजे उनकी भारतीय एनएसए अजीत डोभाल से वार्ता प्रस्तावित है। शनिवार दोपहर को सरताज अजीज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह दिल्ली जाने को तैयार हैं, लेकिन भारत कोई शर्त न लगाए। भारत उनके रिसेप्शन की गेस्ट लिस्ट को सीमित करना चाह रहा है। हुर्रि

पाकिस्तान के लिए 10 कड़े संदेश : सुषमा स्वराज

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हुर्रियत से मिलना या कश्‍मीर पर बात करनी है, तो न आएं पाक NSA : सुषमा Reported by NDTVKhabar.com team , Last Updated: शनिवार अगस्त 22, 2015 नई दिल्‍ली: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली NSA वार्ता पर छाए संशय के बादल आज और गहरा गए। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पाकिस्तान को आज रात तक का वक्त देते हुए उससे हुर्रियत से मुलाकात या कश्‍मीर पर बात ना करने का आश्वासन मांगा। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि पाक अगर इन दो मुद्दों पर आश्वासन नहीं देता, तो राजधानी दिल्ली में रविवार को होने अहम वार्ता नहीं होगी। वहीं पाकिस्तान सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत की बताई शर्तों के बाद बातचीत गई सी हो गई है। सुषमा स्वराज ने कहा, 'अगर शिमला समझौते और उफा में बनी सहमति की भावना का सम्‍मान करते हुए पाकिस्‍तान आतंकवाद पर बातचीत चाहता है और हुर्रियत से बातचीत न करे, तो भारत वार्ता को राजी है। अगर पाक ये दोनों शर्तें मानता है तो वह आज रात तक जवाब दे। इसके बाद कल से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बातचीत शुरू हो जाएगी।' भारत के इस सवाल के बाद अब पाकिस्‍तान की तरफ से जवाब

सुषमा स्वराज के एक दाव से कांग्रेस पस्त - साप्ताहिक पाञ्चजन्य

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आवरण कथा -  सुषमा स्वराज के एक दाव से कांग्रेस पस्त  तारीख: 14 Aug 2015 12 अगस्त। पूरा देश लोकसभा की कार्यवाही को एकटक देखता रहा। जो नहीं देख रहे थे, उन्हें उनके मित्र-संबंधी फोन करके टीवी देखने की सलाह दे रहे थे। सुषमा स्वराज स्वयं पर लगे आरोपों का उत्तर दे रही थीं। कैमरा सुषमा स्वराज का भाषण दिखाते हुए अचानक सोनिया गांधी की ओर चला जाता है। सुषमा स्वराज ने उस समय सवाल उठाए थे- एंडरसन को भागने में मदद किसने की? क्वात्रोकी को भागने में मदद किसने की? टीवी स्क्रीन पर सोनिया गांधी की भंगिमाएं दिख रही हैं। चेहरा अचानक उतरा हुआ, प्रकट तौर पर हल्की चिंता, सामान्य दिखने की जबरदस्त कोशिश, लेकिन नाकाम। पीछे कांग्रेस सदस्य लगातार शोर कर रहे हैं, सिर्फ इस कोशिश में कि सुषमा स्वराज की आवाज को जहां तक हो सके, दबाया जा सके। आवाज नहीं दबी। इस एक क्षण को देश और देश का लोकतंत्र हमेशा याद रखेगा। कांग्रेस के प्रथम परिवार के कारनामे इस देश में कई लोग जानते हैं। लेकिन लोग अक्सर इन्हें दबे सुरों में कहने के आदी हो चुके थे। निस्संदेह डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने बहुत बार बहुत बेलाग शब्दों में इस परि

यूएई में मंदिर बनाने का वादा लेकर दिल्ली लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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PM मोदी के UAE दौरे की सबसे खास बातें एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने आतंकवाद और कट्टरता के सभी रूपों के खिलाफ मिल कर लड़ने का संकल्प लिया है। इसमें आतंकवाद को सही ठहराने के लिए धर्म का इस्तेमाल करने वालों और दूसरे देशों के खिलाफ आतंकवाद को प्रश्रय देने वालों का विरोध भी शामिल है। इसे पाकिस्तान के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की वार्ता के बाद जारी साझा बयान में ये बातें कही गई हैं। दोनों देशों ने चरमपंथ को खारिज करते हुए आतंकवाद के धर्म से संबंध की बात को भी खारिज किया। इसमें कहा गया है कि दोनों देश आतंकवाद को जायज ठहराने के लिए धर्म के इस्तेमाल के प्रयास का, किसी देश द्वारा ऐसी कोशिश करने का, किसी देश के खिलाफ किसी अन्य देश द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिशों का विरोध करते हैं। संयुक्त बयान के तमाम बिंदुओं को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट के जरिए बताया है। उन्होंने टूगेदरआनटेरर हैशटैग का इस्तेमाल किया है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि भा

बिहार की प्रगति ही एकमात्र लक्ष्य है - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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बिहार की प्रगति ही एकमात्र लक्ष्य है - प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी भारत माता की जय ये जो कोई ऊपर हैं, अगर आप में से कोई नीचे गिरा तो मेरा क्या होगा। मैं देख रहा था कि एयरपोर्ट से यहाँ तक पूरे रास्ते भर ऐसा ही लोगों का हुजूम जमा था  गया वालों से मेरी एक शिकायत है। शिकायत करूं, आप बुरा नहीं मानोगे न। पक्का नहीं मानोगे। मैं गया लोकसभा के चुनाव के समय भी आया था, इसी मैदान में आया था और करीब-करीब इसी समय आया था और चुनाव पीक पर थे तब आया था। मैं ख़ुद चुनाव लड़ रहा था, लोकसभा का चुनाव था, प्रधानमंत्री बनाने का निर्णय करना था लेकिन उस सभा में तो इससे आधे लोग भी नहीं आये थे और आज उससे डबल से भी ज्यादा मैं देख रहा हूँ। हवा का रुख़ मुझे पता चल रहा है। लेकिन मेरी ये शिकायत प्यार की है, नाराजगी की नहीं है। ये शिकायत आपको अभिनंदन करने के लिए है, आपको बधाई देने के लिए है। कमाल कर दिया है आज गया वालों ने। ये हमारे जीतन राम जी की कर्मभूमि है ना।   मंच पर विराजमान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान अमित भाई शाह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्रीमान मंगल पांडेय जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे वरिष्ठ सा

स्वतंत्रता दिवस 2015 : प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के भाषण का मूल पाठ

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स्वतंत्रता दिवस 2015 के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण का मूल पाठ  प्रधानमंत्री जी श्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्‍वतंत्रता दिवस 2015 के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से देश को संबोंधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ इस प्रकार है - भारत के सवा सौ करोड़ मेरे प्‍यारे देशवासियों, आजादी के पावन पर्व पर आप सबको हृदय से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 15 अगस्‍त का यह सवेरा मामूली सवेरा नहीं है। यह विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र का स्‍वातंत्र्य पर्व का सवेरा है। यह सवेरा, सवा सौ करोड़ देशवासियों के सपनों का सवेरा है। यह सवेरा सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्‍प का सवेरा है और ऐसे पावन पर्व पर जिन महापुरूषों के बलिदान के कारण, त्‍याग और तपस्‍या के कारण सदियों तक भारत की अस्मिता के लिए जूझते रहे, अपने सर कटवाते रहे, जवानी जेल में खपाते रहे, यातनाएं झेलते रहे, लेकिन सपने नहीं छोड़े, संकल्‍प नहीं छोड़े। ऐसे आजादी के स्‍वतंत्रता सेनानियों को मैं आज कोटि-कोटि वंदन करता हूं। पिछले दिनों हमारे देश के अनेक गणमान्‍य नागरिकों ने, अनेक युवकों ने, साहित्‍यकारों ने, समाजसेवियों ने, चाहे वो बेटा ह