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अंग्रेजी राजा जोर्ज पंचम के गुणगान में गाया गया था : जन गण मन अधिनायक

  राष्ट्र गान या गुलामी का गीत (जन गण मन की कहानी) पोस्टेड ओन: 9 Nov, 2011 http://roshni.jagranjunction.com सन 1911 तक भारत की राजधानी बंगाल हुआ करता था। सन 1905 में जब बंगाल विभाजन को लेकर अंग्रेजो के खिलाफ बंग-भंग आन्दोलन के विरोध में बंगाल के लोग उठ खड़े हुए तो अंग्रेजो ने अपने आपको बचाने के लिए के कलकत्ता से हटाकर राजधानी को दिल्ली ले गए और 1911में दिल्ली को राजधानी घोषित कर दिया। पूरे भारत में उस समय लोग विद्रोह से भरे हुए थे तो अंग्रेजो ने अपने इंग्लॅण्ड के राजा को भारत आमंत्रित किया ताकि लोग शांत हो जाये। इंग्लैंड का राजा जोर्ज पंचम 1911 में भारत में आया। रविंद्रनाथ टैगोर पर दबाव बनाया गया कि तुम्हे एक गीत जोर्ज पंचम के स्वागत में लिखना ही होगा। उस समय टैगोर का परिवार अंग्रेजों के काफी नजदीक हुआ करता था, उनके परिवार के बहुत से लोग ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए काम किया करते थे, उनके बड़े भाई अवनींद्र नाथ टैगोर बहुत दिनों तक ईस्ट इंडिया कंपनी के कलकत्ता डिविजन के निदेशक (Director) रहे। उनके परिवार का बहुत पैसा ईस्ट इंडिया कंपनी में लगा हुआ था। और खुद रविन्द्र नाथ टैगोर की बहुत

अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न

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पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को जन्म दिन पर भारत रत्न का तोहफा By  एबीपी न्यूज़   Thursday, 25 December 2014 नई दिल्ली: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय का जन्मदिन है. जन्मदिन से पहले भारत सरकार ने दोनों को भारत रत्न दिए जाने का एलान किया है. वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी के मौके पर देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. अटल बिहारी वाजपेयी आज 90 साल के हो जाएंगे तो वहीं काशी हिंदू विश्वविधालय के संस्थापक पंडित मदनमोहन मालवीय का आज 153वां जन्मदिन है. बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी.   राष्ट्रपति  प्रणब मुखर्जी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर भारत रत्न दिए जाने का एलान किया. लोकसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बीएचयू की स्थापना करने वाले मालवीय को भारत रत्न देने का वादा किया था. आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी एनडीए के शासन काल में प्रधानमंत्री थे. मई 1996 में वाजपेयी 13 दिन के लिए पीएम बने थे फिर 1998 में 13 महीने के लिए

भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है 'भारत रत्न'

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नई दिल्ली। भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है 'भारत रत्न'। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अन्य अलंकरणों के समान इस सम्मान को भी नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, यह प्रावधान 1955 में बाद में जोड़ा गया। तत्पश्चात 12 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 11 मानी जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। पदक मूल रूप में इस सम्मान के पदक का डिजाइन 35 मिमि गोलाकार स्वर्ण मैडल था। जिसमें सामने सूर्य बना था, ऊपर हिन्दी में भारत रत्न लिखा था और नीचे पुष्प हार था। और पीछे की तरफ राष्ट्रीय चिह्न था। फिर इस पदक के डिजाइन को बदल कर तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम

आज अटलजी से बेहतर भारत रत्न कौन : डा. वेदप्रताप वैदिक

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आज अटलजी से बेहतर भारत रत्न कौन ! लेखक - डा0 वेदप्रताप वैदिक  लिंक  http://www.vpvaidik.com/atalji-se-behtar-bharat-ratan-kyon नया इंडिया, 25 दिसंबर 2014:  आज के दिन भारत रत्न के लिए श्री अटलबिहारी वाजपेयी से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था और उनको यह सम्मान कॉंग्रेस सरकार देती तो उससे बेहतर क्या होता? लेकिन यह श्रेय मोदी सरकार को ही मिलना था। अब तक कॉंग्रेसी अटल बिहारी वाजपेयी को ‘गलत पार्टी में सही आदमी’कहते रहे| उन्होंने वह मौका खो दिया, कि वे इस ‘सही आदमी’ के सिर पर ताज़ रख देते| अटलजी अभी भाजपा में हैं या नहीं, इसका कोई खास मतलब नहीं रह गया है और अब वे सक्रिय राजनीति करेंगे, इसकी भी कोई संभावना नहीं रह गई है| ऐसे में कॉंग्रेस अपने पुराने व्यंग्य को उलट सकती थी| वह कह सकती थी कि ‘सही आदमी सही जगह’ पर है याने अटलजी भारत-रत्न हैं| वैसे भी आज देश में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कद का कोई नेता नहीं है| इन दोनों महान नेताओं का कोई सच्चा उत्तराधिकारी है तो वह अटलबिहारी वाजपेयी ही है| नेहरू की पहचान लोकतंत्र से और इंदिरा गॉंधी की पहचान शक्ति-पूजा से है| अटलजी नेहरू के

पाकिस्तान तो भारत भूमि ही है - परम पूजनीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवतजी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी ने कलकत्ता में विश्व हिन्दू परिषद् के स्वर्ण जयंती वर्ष समारोह के अन्तरगत आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमने पूरी दुनिया का मंगल करने का संकल्प किया है | उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज जब-जब मन से संकल्प करता है, उस संकल्प को अवरुद्ध करने की शक्ति दुनिया में किसी की नहीं होती | क्योंकि हिन्दू समाज का संकल्प सत्य संकल्प होता है | सबका मंगल करने वाला संकल्प होता है | किसी के विरोध में वह संकल्प नहीं होता है | अपने पवित्र हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति व् हिन्दू समाज के संरक्षण तथा उसकी सर्वांगींण उन्नति का वह संकल्प होता है | और इतिहास साक्षी है, कि जब-जब हिन्दू समाज की उन्नति हुई है, तब-तब सब प्रकार के संत्राशो से आसमानिया सुलतानी संकटो से त्रस्त दुनिया को सुख-शांति का नया रास्ता मिला है | हम लोगो ने आज जो संक्ल्प लिया है वो सत्य संकल्प है | हम लोग संकल्प करते है, उल्टी-सीधी चर्चा करने वाले दुनिया में लोग है | उससे अपने मन में शंका नहीं लाना | यहाँ पर हम लोग सम्मलेन कर रहे है | हमारे कार्यकर्तागन हमारे लि

Vande Mataram: Language of every Bhartiya's heart-Param Poojniya SarSanghchalak Shri Mohan Bhagwat ji

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Param Poojniya SarSanghchalak Shri Mohan Bhagwat ji releasing the book "Samagra Vande Matram". The book is a detailed account of Bankim Chandra Chatterjee's works.          "We should definitely read this book. We keep the Bhagwad Gita at home. Similarly this tome should also be kept at home and read daily," said Bhagwat ji. He added that Vande Mataram is not merely two words rather a mantra which remained on the lips of our freedom fighters till their end. "Vande Mataram is a term that denotes the language of every Bhartiya's heart. And this is why everyone understands it," he said. Bankim Chandra's descendant Shantanu Chattopadhyay was honoured on the occasion.

चित्तौड़गढ़ दुर्ग को बचाने की मांग

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                                   चित्तौड़गढ़ दुर्ग को बचाने की मांग तारीख: 20 Dec 2014 हिन्दू जागरण मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने गत दिनों जयपुर में राजस्थान के विधि मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, खनन मंत्री राजकुमार रिणवा और धरोहर संरक्षण संस्थान के अध्यक्ष औंकारसिंह लखावत से मिलकर विश्व संरक्षित धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग को बचाने की मांग की है। मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रतापभानु सिंह शेखावत ने बताया कि दुर्ग के चारों ओर अबाध गति से खनन हो रहा है। खनन में भारी मशीनरी और बेहताशा विस्फोटक के उपयोग से हो रहे कम्पन से दुर्ग की दीवारों में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यदि तत्काल खनन नहीं रोका गया तो ऐतिहासिक दुर्ग कुछ वषोंर् में पूरी तरह से ढह सकता है। चित्तौड़गढ़ दुर्ग करीब एक हजार वर्ष पुराना है। इसी दुर्ग में कई शौर्य एवं पराक्रम की गाथाएं लिखी गई हैं। यह मेवाड़ के महानायक जैसे-महाराणा हमीर, महाराणा सांगा, महाराणा प्रताप, पन्ना धाई, मीरा बाई इत्यादि की कर्मभूमि रहा है।

भारत की जमीन है पाकिस्तान - संघ प्रमुख परमपूज्य मोहनजी भागवत

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     भारत की जमीन है पाकिस्तान- आरएसएस प्रमुख परमपूज्य मोहन जी भागवत aajtak.in [Edited By: रंजीत सिंह] | कोलकाता, 20 दिसम्बर 2014 http://aajtak.intoday.in/story/rss-top-boss-adds-fuel-to-the-conversion-fire-mohan-bhagwat धर्मांतरण पर संघ की ओर से अब तक का सबसे बड़ा बयान आया है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने घर वापसी को सही ठहराया. उन्होंने पाकिस्तान को भारत की जमीन बताया और कहा कि पाकिस्तान परमानेंट नहीं है. केंद्र द्वारा प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी बिल की वकालत करते हुए भागवत ने विपक्षी दलों से कहा कि अगर वे धर्म परिवर्तन पसंद नहीं करते तो संसद में कानून बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू नहीं बनना चाहता तो इसी तरह हिंदुओं का भी धर्म परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए. भागवत ने यहां एक हिंदू सम्मेलन में कहा, 'हम हिंदू समाज बनाने का प्रयास कर रहे हैं. जो लोग भटक गए हैं वे खुद से नहीं गए. उन्हें लालच दिया गया और उन्हें जबरन ले जाया गया. जब चोर पकड़ा जा रहा है और मेरी संपत्ति बरामद हो गई है, जब मैं अपनी संपत्ति वापस ले रहा हूं तो इसमें नया क्या है?' उन्होंन

पंडित मदनमोहन मालवीय - अनिता शर्मा

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                                    पंडित मदनमोहन मालवीय  - अनिता शर्मा  http://www.achhikhabar.com_madan-mohan-malviya अनेक महापुरुषों एवं विभूतियों ने भारतवर्ष को अपने श्रेष्ठ कार्यों एवं सद्व्यवहार से गौरवान्वित किया है। युगपुरुष मदन मोहन मालवीय उन्ही में से एक महापुरूष, अपनी विद्वता, शालीनता, और विनम्रता की असाधारण छवी के कारण जन-जन के नायक थे। अंग्रेज जज तक उनकी तीव्र बुद्धि पर आश्चर्य प्रकट करते थे। अपने जीवन-काल में पत्रकारिता, वकालत, समाज-सुधार, मातृ-भाषा तथा भारतमाता की सेवा में अपना जीवन अर्पण करने वाले महामना, मदन मोहन मालवीय जी इस युग के आदर्श पुरुष थे। उनकी परिकल्पना ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षित करके देश सेवा के लिए तैयार करने की थी, जो देश का मस्तक गौरव से ऊचा कर सकें। ऐसी महान विभूती पंडित महामना मदनमोहन मालवीय का जन्म भारत के उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद शहर में २५ दिसम्बर सन १८६१ को एक साधारण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम ब्रजनाथ और माता का नाम भूनादेवी था। चूँकि ये लोग मालवा के मूल निवासी थे, अतः मालवीय कहलाए। राष्ट्रीय नेताओं में अग्रणी मालवीय जी को शिक्ष

'ड्रग्स फ्री इंडिया' - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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पीएम ने की 'ड्रग्स फ्री इंडिया' अभियान चलाने की अपील नवभारतटाइम्स.कॉम | Dec 14, 2014 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर 'मन की बात' में ड्रग्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने 'ड्रग्स फ्री इंडिया' का आह्वान करते हुए कहा कि नशे की लत से परिवार के साथ-साथ समाज भी बर्बाद हो रहा है। पीएम कहा कि नशे की रोकथाम के लिए एक हेल्पलाइन भी बनाई जाएगी। उन्होंने ड्रग्स के तीन नुकसान बताए -  D-डिस्ट्रक्शन, डिवस्टेशन और डार्कनेस लेकर आता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्सर नशा करने वाले बच्चों को खराब इंसान मान लिया जाता है, लेकिन असल में बच्चों में कोई कमी नहीं होती। कुछ विशेष कारणों के चलते वे नशे की गिरफ्त में चले जाते हैं। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चा अगर नशा कर रहा है तो उसे फटकार लगाने के बजाय प्यार से समझाएं। आतंकियों के पास जाता है ड्रग्स का पैसा पीएम ने कहा, 'नशे की हालत में युवाओं को कुछ देर के लिए जरूर सुकून का अहसास होता होगा। लेकिन क्या आपने यह सोचा है कि ड्रग्स का यह पैसा कहां जाता है। यह पैसा आतंकवादियों के हथिया

लोंगेवाला पोस्ट पर 2000 पाकिस्तानी सैनिकों पर भारी पड़े थे 120 भारतीय जवान

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1971: लोंगेवाला पोस्ट पर 2000 पाकिस्तानी सैनिकों पर भारी पड़े थे 120 भारतीय जवान dainikbhaskar.com | Dec 07, 2014 नई दिल्ली: 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच छिड़ी जंग में राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट पर हुआ संघर्ष एक टर्निंग प्वाइंट माना जाता है। भारत ने पाकिस्तान को यहां ऐसी धूल चटाई, जिसका दूरगामी असर उसके मनोबल पर पड़ा था। राजस्थान के थार के रेगिस्तान में भारत और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच यह संघर्ष 4-5 दिसंबर को हुआ। लोंगेवाला पोस्ट आज 'इंडो पाक पिलर 638' के नाम से जाना जाता है। पाकिस्तान ने यहां सीमा से घुसने की कोशिश तो की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। इस जंग को 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बॉर्डर' में भी दिखाया गया है। इस फिल्म में सनी देओल ने जंग के हीरो रहे मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का किरदार निभाया था। कुलदीप सिंह चांदपुरी को उनकी बहादुरी के लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इस जंग में भारतीय पक्ष से 2 जवान शहीद हुए, जबकि पाकिस्तान को अपने 200 सैनिक गंवाने पड़े। इसके अलावा, उसके 34 टैंक और 500 से ज्यादा हथियारबंद वाहन बर्बाद हो गए। 2000 सैनिकों के साथ पाक ने क

अब रामलला को आजाद देखना चाहता हूं - हाशिम अंसारी

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बाबरी के मुकदमे से हटे मुद्दई हाशिम अंसारी नवभारत टाइम्स| Dec 3, 2014, फैजाबाद बाबरी मस्जिद मुकदमे के पैरोकार और मुद्दई हाशिम अंसारी अब केस की पैरवी नहीं करेंगे। उन्होंने मंगलवार को यह कहते हुए सबको चौंका दिया कि वह रामलला को आजाद देखना चाहते हैं। हाशिम ने यह भी साफ कर दिया कि वह छह दिसंबर को मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित यौमे गम (शोक दिवस) में भी शामिल नहीं होंगे। वह छह दिसंबर को दरवाजा बंद कर घर में रहेंगे। हाशिम बाबरी मस्जिद पर हो रही सियासत से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि रामलला तिरपाल में रह रहे हैं और उनके नाम की राजनीति करने वाले महलों में। लोग लड्डू खाएं और रामलला इलायची दाना यह नहीं हो सकता...अब रामलला को आजाद देखना चाहता हूं। हालांकि, बाबरी मस्जिद ऐक्शन कमिटी के संयोजक और यूपी के अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी को भरोसा है कि वह अंसारी को मना लेंगे। हाशिम ने कहा, 'बाबरी मस्जिद ऐक्शन कमिटी बनी थी मुकदमे की पैरवी के लिए। आजम खां तब साथ थे, अब वे सियासी फायदा उठाने के लिए मुलायम के साथ चल रहे हैं। मुकदमा हम लड़ें और फायदा आजम उठाएं! क्या जरूरत थी आजम को यह कहने