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अप्रैल, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लोक लेखा समिति के काम में बाधा पहुचाना आपराधिक कृत्य

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- अरविन्द सिसोदिया           भारतीय संसद अपना बहुत सा कार्य समितियों के माध्यम से करती है | इन समितियों की नियुक्ति ;कार्य की कुछ ऐसी विशेष मद निपटान   के लिए की जाती है ,जिन पर विशेष गहराई से विचार किये जानें की आवश्यकता होती है | संसदीय समितियों का गठन लोक सभा और राज्य सभा अलग अलग करतीं हैं | बहु चर्चित लोक लेखा समिति लोकसभा की समिति है , इसमें राज्य सभा की सहमति से राज्यसभा से भी कुछ सदस्य सम्मिलित किये जाते हैं |          लोकलेखा समिति का भी अन्य समितियों की भांति प्रति वर्ष चुनाव लोकसभा सदस्यों के द्वारा किया  जाता  है | यह लोकसभा के अध्यक्ष के प्रति जबावदेह रहती है |  अतः - १- कांग्रेस , डी एम् के,समाजवादी पार्टी और बसपा  के द्वारा मुरली मनोहर जोशी की जगह राज्यसभा के सैफुद्दीन सोज को सभापति बिना प्रक्रिया के चुना जाना , स्वतः गलत है और संसदीय नियम व पद्धति से यह अस्वीकार्य है | जो बर्ताव कांग्रेस के नेतृत्व में लोकलेखा समिति के दौरान किया गया ,वह एक सोची समझी साजिस के तहत किया गया अपराध मात्र है |            लोक सभा देशवाशियों के पैसे की बहुत बड़ी धनराशी के व्यय किये जानें की मं

चोर चोर , मौसेरे भाई: प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के पितामह हैं ..!

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- अरविन्द सिसोदिया    जिस तरह से लोक लेखा समिति के द्वारा दी जा रही सही जानकारी को रोकनें के लिए कांग्रेस ने जो  तमाशा किया गया वह संसदीय लोकतंत्र में शर्मनाक है | सत्य तो साफ है की प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के पितामह हैं ..! एक नहीं अनेक मामलों में साफतौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की संलिप्तता  भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेवार है | इसमें आग में पेट्रोल का काम आय से अधिक सम्पत्ति जुटा लेने वाले मुलायम सिंह और मायावती ने उन पर चल रहे सी बी आई के प्रकरणों के दवाब में , कांग्रेस की हांजी हांजी कर एक गुलाम के रूपमें प्रस्तुत किया है | अपने को दम हिलाऊ .. की तरह ही निन्दा का पात्र बना लिया है | इससे यह तो साबित हो गया की चोर चोर मौसेरे भाई..... ------- पीएसी की गुरुवार २८.०४.२०११ को हुई हंगामेदार बैठक के बाद इसके अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी भाजपा, अन्नाद्रमुक, बीजद और वाम सदस्यों के सहयोग से 2जी स्पेक्ट्रम पर तैयार विवादास्पद मसौदा रिपोर्ट को शनिवार को समिति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को पेश करने की संभावना पर गौर कर रहे हैं। बताया जाता है कि जोशी ने शुक्

कांग्रेस गुंडागर्दी का बेनकाव चेहरा : पीएसी में उपद्रव

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- अरविन्द सिसोदिया        २८ अप्रेल २०११ को एक सुनियोजित तरीके से , निहित स्वार्थ हेतु ,संसद की गरिमा पर ,कांग्रेस के नेतृत्व में यू पी ए ने हमला किया ..! प्रधान मंत्री अपने को लाख पाक साफ बताते हों .., असल में ये ही  देश के लुटेरों का दलाल है ! चाहे २ जी का मामला हो ,चाहे  एस बैंड स्पेक्ट्रम का मामला हो ,  चाहे सुरेश कलमाड़ी की लूट में मणिशंकर अय्यर का प्रधानमंत्री को पत्र द्वारा सचेत करने का मामला हो या थामस साहब की गलत नियुक्त का मामला हो ..!! प्रधानमंत्री जी  स्वंय और उनका कार्यालय पाप का स्थापक रहा है | वे करें भी तो क्या ..? वे तो रिमोट प्रधान मंत्री हैं ..!!! लूट की हो या पी ए सी में हंगामें की बात हो .., असल कर्ता धर्ता तो कांग्रेस और यू पी ए का नेतृत्व है जिसके इशारे के बिना यह संभव ही नहीं !!!!! इस नेतृत्व को कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष सीताराम केसरी को लात मार कर हटाने का अनुभव है !!! यह फासिस्ट मानसिकता भी इटली में ही जन्मी है , फासिस्ट गतिविधियों का अनुभव भी वहीं से आया है !!!  यह इतिहास है जब जब कांग्रेस पर बात आती है तब तब वह आक्रमण पर उतर आती है , विपक्ष की आवाज बंद

२ जी - खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे .....

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- अरविन्द सिसोदिया      २ जी स्पेक्ट्रम घोटाले में प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह का परोक्ष अपरोक्ष सहयोग से पूरा देश सहमत है ..., देश को लूटनें वाले दल और लोग ( इनमें कांग्रेस के 7 और द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के 2 सदस्यों के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) के रेवती रमण सिंह तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बलिराम कश्यप भी शामिल थे।  ).., लोक लेखा समिति (पीएसी) में   सबूतों के बजाये बहुमत के आधार पर जिन्दा मक्खी निगलनें में लगे हैं ..,हाला गुल्ला निर्ल्लज हरकतों की  इस पूरी नौटंकी से देश में आक्रोश  ही व्याप्त होगा ..! कांग्रेस सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली जैसा बर्ताव देश के साथ कर रही है !  स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय को आड़े हाथों लेने और प्रधानमंत्री पर परोक्ष आक्षेप करने वाली लोक लेखा समिति (पीएसी) की रिपोर्ट पर आज जमकर हंगामा हुआ और समिति की बैठक में नाटकीय घटनाक्रम के बाद उसे स्वीकार नहीं किया जा सका। केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के खेमे का दावा है कि रिपोर्ट के मसौदे को बहुमत से खारिज कर दिया गया। लेकिन विपक्षी खेमे के मुताबिक मसौदा

जब नेता बेईमान हो जाता है .....

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- अरविन्द सिसोदिया  कविता भी है व्यंग भी है .... .... जब नेता बेईमान हो जाता है ..... ==१== जब नेता बेईमान हो जाता है , निति मर जाती है न्याय मर जाता है , जिधर  देखो ; उधर शैतान नजर आता है , विश्वाश में विष ;आशीर्वाद में आघात , हमदर्दी में दर्द ही दर्द ; मिठास में मधुमेह , पावनता में पाप ही पाप ,और... इमानदारी में महा बेईमान घटित हो जाता है ..! ==२== भगवान भी जिसके भय से कांपने लगता है , राष्ट्र धर्म भी प्राण बचा कर भागनें लगता है , सूरज भी पश्चिम से उगता है यारों .., जब राज सिंहासन बेईमान हो जाता है ..! लोगों का जीवन नर्क बन जाता है , बातों की नकाबों में ,इन शैतानों में , सम्पत्ति की होड़ में - धन की लूट में  .., बीस साल पहले जिस पर कौड़ी भी नहीं ..? वह करोड़ पतियों में भी सिरमौर नजर आता है ..! ==३== गले में महानता के उसूल टांगे, वाणी में संतों के स्वर साधे, जो मिले उसे लूट लेना है मकशद , लगे हैं अपनी हवस मिटानें , असल इंतजाम तो ..., अगली अस्सी पीढ़ी का कर के जाना है यारों ...!! ==४== जो मिले..,जितना मिले.., जहाँ मि

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस

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- अरविन्द सिसोदिया     नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन से जुड़े रहस्य को उजागर करते मेरे चार  लेखों की लिंक ..... --- सोमवार, २५ अक्तूबर २०१० नेताजी सुभाषचन्द्र बोस , मास्को जेल में..? http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2010/10/blog-post_25.html ---------- सोमवार, १७ जनवरी २०११ सुभाष जिनकी मृत्यु भी रहस्यमय है .. http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2011/01/blog-post_4862.html ---------- शनिवार, २२ जनवरी २०११ सुभाष जी का सच, सामने आना चाहिए ....!! http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2011/01/blog-post_22.html   ---------- रविवार, २३ जनवरी २०११ किन किन भारतीय नेताओं ने सुभाष बाबू को सोंपनें का सौदा किया था http://arvindsisodiakota.blogspot.com/2011/01/blog-post_23.html

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भ्रष्टाचार के आरोप....

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- अरविन्द  सिसोदिया   राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पोजीसन का फायदा , उनके  पुत्र और पुत्री ने उठाया है | यह आरोप भाजपा ने लगाया है | इसका खंडन भी  मुख्यमंत्री गहलोत ने किया मगर .., वे जबाव भी उन आरोपों की पुष्ठी ही करते प्रतीत हो रहे हैं ..!! इस हफ्ते के इडिया टुडे ( ४ मई २०११ ) के मुख्य पृष्ठ पर अशोक गहलोत का चित्र छपा है , " घोटालों का अशोक चक्र " शीर्षक दिया गया है | नीचे लिखा है 'राजस्थान सरकार से बड़े ठेके हथियाने वाली तीन कंपनियों से गहलोत की संतानों के आर्थिक रिश्ते उजागर ' इस आवरण कथा को रोहित परिहार और शफी रहमान ने लिखा है | इस संदर्भ में कुछ विवरण नीचे है जो विषय पर रोशनी डालनें के लिए पर्याप्त है ---- बहुजन समाज पार्टी        कांग्रेस के एक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। एक तरफ जहां अपने बेटे के हित साधने के चक्कर में निजी निवेशकर्ताओं को फायदा पहुंचाने के आरोप लग रहे है। वहीं दूसरी तरफ अजमेर संभाग में करीब दो सौ करोड़ रुपयेके भूमि घोटाले की लपटें गहलोत सरकार तक पहुंच रही हैं। आरोप कि जयपुर की ओम मेटल्स को गहलोत सरकार

सुनील जोशी हत्याकाड की साजिश में दिग्विजय सिंह की भूमिका है-साध्वी प्रज्ञा

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खुद को बेकसूर बताया साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर नें  26 अप्रेल 2011   इंदौर। मालेगांव बम धमाके और पूर्व संघ प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड में संगीन आरोपों का सामना कर रही मंगलवार को और दावा किया कि उन्हें विधर्मियों ने साजिश के तहत फंसाया है। साध्वी ने कथित साजिश के संबंध में काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह, मुंबई आतंकी हमले में शहीद एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार का नाम लिया। प्रज्ञा को जोशी हत्याकाड में पेशी के लिए सोमवार को मुंबई से देवास लाया गया था। पीठ दर्द के चलते उन्हें सोमवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल भेज दिया गया। उन्हें मंगलवार सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 38 वर्षीय साध्वी ने मालेगाव बम विस्फोट और जोशी हत्याकाड में उनकी कथित संलिप्तता पर कहा कि यह विधर्मियों की चाल है और इसमें हमारे तथाकथित सत्ताधारी शामिल हैंउन्होंने कहा कि मैं संन्यासिन हूं और मैंने कोई साजिश नहीं की। मैं राष्ट्रप्रेमी और राष्ट्रभक्त हूं, देश के लिए जीना और मरना जानती हूं। । इस बात के जिक्र पर कि मध्यप्रदेश पुलिस ने सुनील जोशी हत्याकाड

सत्य साई : नाशवान शरीर छोड़ना ही होगा .....

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- अरविन्द सिसोदिया   भारतीय मान्यताओं में विलक्ष्ण शक्ति से युक्त अवतार होनें की पुष्ठी अनेकों  अवसरों पर की है और अन्तः यह नाशवान शारीर छोड़े ने के  भी प्रमाण है ..! श्री कृष्ण ने भी अपना शरीर छोड़ दिया था ..!! सांई ने भी शरीर छोड़ दिया है .., हिदू दर्शन आत्मा को अमर होने और स्थूल शरीर का सूक्ष्म शरीर होनें की बात पहले से ही कहता आया है ! सत्य साई को भी जाना ही था .., सभी को मरना और फिरसे आना है ..! हमारी सच्ची सद्भावना यही हो की हम .., दृश्य जगत के अतिरिक्त अदृश्य जगत के अस्तित्व को स्वीकार करें और समय समय पर उन परम शक्तियों  के द्वारा दिखाए मार्ग पर चलें .., सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माता एक है .., उसको अलग अलग नाम हमनें ही दिए हैं और हम ही बेकार में आपस में लड़ते रहते हैं ..! उसके लिए हर जीव उसकी संतान है ..! सच्ची भक्ति भी यही है कि समाज में सुधार के प्रयत्न करें ..!! एकता  सदभाव और समन्वय के प्रयत्न करें ..!!! ------ आजतक कि अभिव्यक्ति  http://aajtak.intoday.in/story आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक उनके भक्तों में शामिल रहे हैं, लेकिन पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा के आध्यात्मिक प्रभाव