महाराजश्री गोमतिदास जी ने खेला वर्ल्ड कप मैच



- अरविन्द सिसोदिया 
पिछले दो क्रिकेट मैच बहुत ही , टफ थे ,
पाकिस्तान से सेमी फ़ाइनल और श्री लंका से फ़ाइनल ,
जब पाकिस्तान से मैच चल रहा था तब उनके खिलाडियों की वेटिंग से भय था,
* जब जब भी वे जमने लगते में गोमतिदास जी महाराज का स्मरण करता और कहता देश की इज्जत बचाओ ..!
मुझे आभास होता की कोई शक्ति कह रही है ..आज तो सारे देवता मैदान में हैं .., सब भारत को जितानें में लगे हैं .., 
और ताज्जुब कोई न कोई विकेट गिरता गया और पाकिस्तान जैसी टीम हार गई !!!
* में फ़ाइनल में गोमतिदास महाराज को कष्ट नहीं देना चाहता था ! में ने उन्हें स्मरण नहीं किया और मन से कहा की अपना वर्ल्ड कप तो पाकिस्तान से जीत  में आगया ..! अब जीते या हारे...! मगर जैसे ही सचिन आउट हुआ तो में परेशान हो गया !! विराट  के आउट होते ही पुनः मुझे गोमतिदास जी महाराज का स्मरण हो आया ..!! इतनें में ही गंभीर भी शतक बनाये बिना आउट हो गए ..! फिर से देवी देवता याद आ गए ..!!
में वार वार गोमतिदास जी महाराज का स्मरण करता और देश की इज्जत बचानें का आग्रह करता ..,
युवराज और धोनी में कुछ गलत फहमियां हुई और आउट होते होते बचे तब तो हर बाल पर मुझे गोमतिदास जी याद आरहे थे .. मगर चौके भी आने लगे और अंततः छक्के से हम जीते ..! 
आप सभी को वर्ल्ड कप की जीत की बहुत बहुत बधाई ..
मेरे जैसे कई लाख लोग अपने अपने इष्ट से देश के जीत की प्रार्थना कर रहे होंगे ..! उन सभी को जीत का प्रशाद मिला ..! इसी को कहते हैं दुआ , आशीर्वाद ..!
मैच में जो खिलाडी खेल रहे थे वे तो इस जीत के श्रेय के असली हक़दार हैं ही ..! मगर देवों के आशीर्वाद को भी नाकारा नहीं जा सकता ..!!

   

टिप्पणियाँ

  1. आदरणीय श्री अरविन्द सिसोदिया जी आपने तो हर एक भारतीय के दिल की बात कह दी. अमूमन प्रत्येक भारतीय का उस दिन ये हाल रहा होगा. सब अपने अपने इष्ट देव से प्रार्थना कर रहे थे. सचिन के आउट होने के बाद मैंने तो टीवी बंद ही कर दिया था. इसका कारण यह नहीं था की मुझे लग रहा था की हम हार जायेंगे किन्तु मानसिक अवसाद बहुत अधिक हो रहा था. किन्तु वह सर्व शक्तिमान उस दिन हमारे साथ था. इस स्थिति में हमें उसका धन्यवाद देने से नहीं चूकना चाहिए. और अंत में मेरे सभी भारतीय भाई बहनों को विश्व कप जीतने की हार्दिक शुभकामनाये

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