राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'
कैंसर का 'झाड़ा' और आस्था राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव है। पारंपरिक उपचार: देवमाली में स्थित देवनारायण मंदिर में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के 'झाड़े' (पारंपरिक उपचार) के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं। कैंसर का ‘झाड़ा’ और आस्था देवमाली में परंपरा, विश्वास और आधुनिक चिकित्सा के बीच खड़ा सवाल राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित एक छोटा-सा गांव देवमाली आज देश-दुनिया में अपनी अनोखी आस्था के लिए जाना जाता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में स्थित देवनारायण मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां कैंसर, गंभीर बीमारियों और असाध्य रोगों के ‘झाड़े’ के लिए भी लोग दूर-दराज़ से पहुंचते हैं। आस्था का केंद्र: देवनारायण मंदिर देवनारायण भगवान को राजस्थान और गुजरात के कई समुदायों में लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। देवमाली स्थित मंदिर को उनका प्रमुख धाम माना जाता है। मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थना और झाड़ा अनेक गंभीर बीमारियों से राहत दिला सकता है। मंदिर परिसर में रोज़ाना ऐसे मरीज देखे जा सकते हैं, जो कैंसर, लकवा, मानसिक रोग, त्वचा रोग और अन्य ज...

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