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कविता - मन की संसद से सीखो देश की संसद चलाना

शीर्षक: मन की संसद से सीखो देश की संसद चलाना  आँखें बंद कीं तो एक विचार आया, मन के भीतर संवाद छाया, तर्क - वितर्क हुए, समझ बनी, निर्णय पाया, ईश्वर ने कहा, मेरे बनाये मन से सीखो भाई, क्यों संसद को तमाशा बनाते, क्यों करते हो जग हँसाई। ===1=== मन की संसद में न शोर होता है, न कोई ऊँचा-नीचा होता है, सच बोलता है, सच सुनता है, हर तर्क अपने दोष चुनता है। वहाँ न लालच की कोई कुर्सी, न झूठ की कोई तैयारी, बस आत्मा की सच्ची आवाज़, जो दिखाए जीवन की राह हमारी। अगर बाहर की संसद से पहले, हम भीतर की संसद सुन लें, तो झगड़े कम, प्यार ज़्यादा हो, और इंसान बेहतर बन जाएँ हम। इसलिए रोज़ खुद से बात करो, अपने मन को साफ़ करो, यही ईश्वर की सबसे बड़ी सीख है, मन की संसद से सीखो।

लोकसभा अध्यक्ष के एआई (AI) जनरेटेड 'डीपफेक' वीडियो पर कांग्रेस संचार विभाग के 9 प्रमुख नेताओं को विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना (Contempt of House) का नोटिस जारी

लोकसभा सचिवालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के एक एआई (AI) जनरेटेड 'डीपफेक' वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है।  इस संदर्भ में हुई मुख्य कार्रवाई निम्नलिखित है:- नेताओं को नोटिस: सचिवालय ने कांग्रेस के संचार विभाग के 9 प्रमुख नेताओं को विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना (Contempt of House) का नोटिस जारी किया है। नामजद नेता: नोटिस पाने वालों में जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, और संजीव सिंह (चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर) जैसे नाम शामिल हैं। समय सीमा: इन नेताओं से 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके खिलाफ संसदीय कार्रवाई क्यों न की जाए। वीडियो का विषय: यह विवाद एक डीपफेक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष को 'आर्थिक सहायता स्वावलंबन योजना' के तहत गरीब परिवारों को ₹12,000 देने की झूठी घोषणा करते दिखाया गया था। पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक में यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी पाया गया था।  सचिवालय ने इस कृत्य को सदन के सदस्यों की गरिमा का उल्लंघन माना है।  -----=---- लोकसभा सचिवालय द्...