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God does exist

God does exist — whether you believe it or not. God’s own system continues to function eternally — whether you believe it or not. God is the greatest scientist — whether you believe it or not. God’s government continues to operate constantly — whether you believe it or not. God is the creator, sustainer, and dissolver of this universe — whether you believe it or not. Human existence is limited, but creation is infinite. Human knowledge is limited, but the mystery of the universe is endless. Man may take pride in his science, intellect, and achievements, yet even today he has not fully understood the essence of life. He still cannot completely explain where consciousness comes from, what the soul truly is, what lies beyond death, or where the ultimate boundary of this vast cosmos ends. It is here that the realization of God begins. God is not merely an imagination or an idea; He is the Supreme Consciousness that pervades all existence. Just as air cannot be seen but can be experienced, ...

सोसल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिंकजा कसा जाये (Blocking)

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि भारत में बेरोजगारी और युवाओं की अनदेखी के खिलाफ शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक (satirical) ऑनलाइन आंदोलन है। इसे भारत सरकार के विरुद्ध एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय या विदेशी षड्यंत्र के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि कुछ राजनेताओं ने पाकिस्तान और अमेरिका जैसे देशों से इसे समर्थन मिलने का दावा किया है। [1, 2, 3, 4]  यह पूरा मामला संक्षेप में इस प्रकार है: 1. शुरुआत और विवाद इस डिजिटल आंदोलन की शुरुआत मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं और आलोचकों की तुलना "कॉकरोच" से की थी। इसके जवाब में राजनीतिक संचार रणनीतिकार 'अभिजीत दीपके' ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक अभियान शुरू किया। [3, 5, 6, 7]  2. सोशल मीडिया पर भारी समर्थन इस अनोखे नाम और कटाक्ष के कारण युवा तेजी से इससे जुड़े और कुछ ही दिनों में इसके इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो गए। इसके सदस्य खुद को बेरोजगार, आलसी और सिस्टम पर तंज कसने वाले बताते हैं। [1, 2, ...

गंगा : सनातन चेतना की पावन और मोक्षदायिनी धारा Ganga

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गंगा : सनातन चेतना की पावन और मोक्षदायिनी धारा गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा, सनातन चेतना की जीवनरेखा और मानवीय गरिमा का परम प्रतीक है। कल-कल निनादिनी गंगा मात्र जल की धारा नहीं, अपितु सनातन संस्कृति के अंतःकरण की पावन चेतना है। भगीरथ के तप की यह जाज्वल्यमान परिणति, स्वर्ग के ऐश्वर्य को समेटे मृत्युलोक को पवित्र करने उतरी देवतुल्य करुणा है। इसके पावन तटों पर ऋषियों का चिंतन अंकुरित हुआ और वेदों की ऋचाएं गूंजीं। ये विचार *समुत्कर्ष समिति* द्वारा भारतीय संस्कृति की अक्षय धरोहर वेदों के सन्दर्भ में *'गंगा नदी : आस्था आध्यात्म एवं मोक्ष की धारा'* विषयक 146 वीं समुत्कर्ष विचार गोष्ठी में बोलते हुए विज्ञ वक्ताओं ने व्यक्त किए l समुत्कर्ष समिति के समाज जागरण के ऑनलाइन प्रकल्प *समुत्कर्ष विचार गोष्ठी* में वक्ताओ ने 25 मई से राजस्थान में प्रारम्भ हो रहे *वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान-2026* का उल्लेख करते हुए एक सुर में कहा कि गंगा का प्रत्येक बिंदु आस्था का महासागर और आध्यात्म का साक्षात आलोक है, जो सांसारिक कलुषता को धोकर आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। जनजन के दुखों को ह...

विचार परिवार

विचार परिवार भाजपा के 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026' में 'विचार परिवार' का मुख्य विषय भारतीय जनता पार्टी को मात्र एक राजनीतिक दल न मानकर उसे एक विस्तृत वैचारिक परिवार के रूप में प्रस्तुत करना है।इस विषय के अंतर्गत कार्यकर्ताओं को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया जाता है: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विचारधारा: भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि, जैसे कि 'राष्ट्र प्रथम' का संकल्प, अंत्योदय और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'एकात्म मानववाद'। परिवार के रूप में संगठन: पार्टी को महज एक दल न मानकर एक ऐसा 'विचार परिवार' समझना, जो भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़ा हुआ है और आपसी सहयोग पर आधारित है। विचारधारा के प्रति निष्ठा: कार्यकर्ताओं को पार्टी की मूल कार्यपद्धति, अनुशासन और विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना। विभिन्न संगठनों का समन्वय: इस सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अन्य अनुषंगी संगठनों को एक 'परिवार' के रूप में जोड़कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने पर जोर दिया जाता है।पार्टी के स...

आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारत का युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारतीय युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया आराजकतावादियों का नया टूलकिट भारत के युवाओं का उद्घोष भारत माता की जय, वन्देमातरम् और जय श्रीराम है - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 23 मई। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने हाल ही में सोशल मीडिया पर उत्पन्न मज़ाकिया पार्टी को आराजकतावादियों का नया “विदेशी टूलकिट षड्यंत्र” बताते हुए कहा कि “विदेशी ताकतों के सहयोग से भारतीय युवाओं को भड़काने की कोशिशें लंबे समय से हो रही हैं। यह प्रयोग भी उसी क्रम में है। इसके पीछे भी भारत की राजनीति में विफल राजनैतिक षड्यंत्रकारी हैं और इनकी अभी तक तमाम कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती रही हैं तथा इस तरह की कोशिशें आगे भी विफल ही होनी हैं। क्योंकि भारतीय युवाओं का उद्घोष ‘भारत माता की जय, वन्देमातरम् और जय श्रीराम’ है। भारतीय युवा शक्ति अपनी मातृभूमि का भला-बुरा जानती है। वह देश के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री मोदीजी को दिलोजान से चाहती है।” सिसोदिया ने कहा कि “भारत...

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अनुशासन, सावधानी और नियंत्रण राष्ट्रीय आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अनुशासन, सावधानी और नियंत्रण  राष्ट्रीय आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया  आज का युग सूचना और संचार का युग है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने दुनिया को एक छोटे से मंच में बदल दिया है, जहाँ कोई भी व्यक्ति कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक अपनी बात पहुँचा सकता है। यह तकनीकी क्रांति मानव जीवन के लिए जितनी उपयोगी सिद्ध हुई है, उतनी ही विद्ववंशक और चुनौतीपूर्ण भी बनती जा रही है। विशेष रूप से राजनीति, समाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, सत्य और अनुशासन के लिए। वर्तमान सोशल मीडिया का प्रभाव अत्यंत गहरा हो चुका है। किन्तु उसके अनुरूप नियंत्रण प्रणाली पर्याप्त व सक्षम नहीं है। ऐसे समय में अनुशासन, सावधानी और नियंत्रण का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इसलिए केंद्र सरकार और अंतर्राष्ट्रीय मंचों को नियंत्रण प्रणाली पर पर्याप्त ध्यान देना होगा। सोशल मीडिया का मूल उद्देश्य लोगों को जोड़ना, विचारों का आदान-प्रदान करना और सूचना उपलब्ध कराना था, किंतु आज अनेक अवसरों पर इसका उपयोग दुष्प्रचार, भ्रम फैलाने और समाज में वैमनस्य उत्पन्न करने के लिए भी होने लगा है। संगठित प्रचार, फर्जी ...

मोदीजी की गगनचुंबी लोकप्रियता से कांग्रेस राजकुमार का मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है — अरविन्द सिसोदिया

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मोदीजी की गगनचुंबी लोकप्रियता से कांग्रेस राजकुमार का मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 21 मई । भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह-संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी द्वारा देश के संवैधानिक एवं जनता द्वारा निर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध की गई निम्नस्तरीय बयानबाजी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कांग्रेस नेता के गिरे और बिगड़े हुये मानसिक संतुलन का परिचायक है। सिसोदिया ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के प्रति विश्वभर में सम्मान और समर्थन लगातार बढ़ रहा है। वे विषम परिस्थितियों को संभालने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि वे जिस देश में जाते हैं, वहाँ उन्हें नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जाता है। वे 32 सर्वोच्च नागरिक सम्मान एवं संयुक्त राष्ट्र संघ की समिति से सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय राजनेता हैं। उनके सम्मान से देश का मस्तक ऊँचा होता है। यह भारत की जनता के प्रधानमंत्री मोदीजी में अटूट विश्वास और आशीर्वाद का ही परिणाम है।” सिसोदिया ने कहा...

कालर ऊँची करके देश खड़ा होता जिसके नाम पर,

कालर ऊँची करके देश खड़ा होता जिसके नाम पर, वही मोदी हैं सबसे ऊँची पायदान पर। गर्व करती भारतमाता, गर्व करता देश सारा, उनके नेतृत्व में चमक रहा अपना भारत प्यारा। ======1====== हर गरीब के घर में नई उम्मीद जगाई है, मेहनतकश हाथों को नई राह दिखाई है। सेवा को ही जिन्होंने अपना धर्म बनाया, भारत को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र सिखाया। विश्व मंच पर भारत का सम्मान बढ़ाया है, हर भारतीय का सिर गर्व से उठाया है। दृढ़ संकल्प और साहस जिनकी पहचान है, राष्ट्रहित में समर्पित जिनका हर अभियान है। सीमा पर सैनिक का उत्साह बढ़ाते हैं, युवाओं के सपनों को पंख लगाते हैं। हर दिल में देशभक्ति की ज्योति जलाकर, नवभारत का स्वर्णिम भविष्य सजाते हैं। ना थकते हैं, ना रुकते हैं कठिन तूफ़ानों में, हमेशा खड़े रहते हैं देश के अरमानों में। जन-जन का विश्वास जिनकी ताकत बनकर, भारत आगे बढ़ रहा है उनके नेतृत्व पर। कालर ऊँची करके देश खड़ा होता जिसके नाम पर, वह मोदी हैं सबसे ऊँची pायदान पर। गर्व करती भारतमाता, गर्व करता देश सारा, उनके कारण जग में ऊँचा हुआ तिरंगा हमारा।

स्वयंसेवकों में संगठन कौशल विकसित करने का माध्यम है प्रशिक्षण वर्ग - निंबाराम जी

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स्वयंसेवकों में संगठन कौशल विकसित करने का माध्यम है प्रशिक्षण वर्ग - निंबाराम जी - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग का उद्घाटन जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम का राजापार्क, जयपुर में औपचारिक उद्घाटन हुआ।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और दायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्ग का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि स्वयंसेवकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। निंबाराम ने कहा कि शाखा संघ कार्य का आधार है तथा शाखा के माध्यम से व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और सामाजिक विकास होता है। शाखा व्यक्ति निर्माण का माध्यम है और व्यक्ति निर्माण से ही समाज एवं राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वयंसेवकों को समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ आत्मीयता और समरसता का भाव रखते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता का ज...

छोटी-छोटी बातों से ही व्यक्ति महान बनता हैं - मुरलीधर

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छोटी-छोटी बातों से ही व्यक्ति महान बनता हैं - मुरलीधर - चित्तौड़ में संघ शिक्षा वर्ग सामान्य (शालेय विद्यार्थी) का शुभारंभ  चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़ प्रांत द्वारा गांधी नगर में स्थित विद्या निकेतन विद्यालय मे संघ शिक्षा वर्ग सामान्य (शालेय विद्यार्थी) का शुभारंभ हुआ । यह वर्ग कक्षा 11 व 12 में अध्ययनरत स्वयंसेवकों हेतु आयोजित किया गया है, जो 1 जून 2026 तक चलेगा। मुख्य अतिथि डॉ हितेश शर्मा ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक समाज राष्ट्र हित व समाज राष्ट्र हित के लिए कार्य करते हैं । यह सर्वविध्दित तथ्य है कि राष्ट्र निर्माण में मुख्य भूमिका रहती हैं। प्रान्त प्रचारक मुरलीधर ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छोटी- छोटी बातों से ही व्यक्ति महान बनता है जैसे:- समय पालन, स्वच्छता,पानी बचाना और झूठन नहीं छोड़ना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है तथा स्वयंसेवकों के अथक परिश्रम से संघ नागपुर से निकलकर आज समाज के व्यापक क्षेत्रों तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि असंगठित हिंदू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से डॉक्टर साहब ने संघ की स्थापना क...

कविता - हर मुश्किल के सामने साहस अभी से,

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हर मुश्किल के सामने साहस अभी से, भारत नहीं डरता किसी चुनौती से। मोदीजी की अगुवाई में, हमेशा सफलता पाई है, इधर उधर की बात न कर, पूरा देश मोदीजी की अंगड़ाई है। भारत नहीं डरता किसी चुनौती से। =====1===== सीमा पर जब संकट आया, वीरों ने ललकारा है, दुश्मन की हर चाल को, भारत ने घुस कर मारा है। विश्व मंच पर आज तिरंगा ऊँचा लहराता है, मोदीजी के नेतृत्व में भारत ने गौरव पाया है। भारत नहीं डरता किसी चुनौती से। =====2===== आत्मनिर्भर भारत का अब हर सपना साकार हुआ, गाँव-गाँव तक विकास पहुँचा, जन-जन का उद्धार हुआ। चंद्रयान से लेकर सेना के पुरषार्थ तक दुनिया ने सम्मान किया, भारत माता के सपूतों ने परम पुरषार्थ से नव इतिहास रचा। भारत नहीं डरता किसी चुनौती से। =====3===== राम मंदिर की पावन ध्वनि, संस्कृति का अभिमान बनी, काशी, केदार, महाकाल की फिर से नई पहचान बनी। हर हिन्दुस्तानी के मन में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला है, मोदीजी के संकल्पों ने भारत को संभाला है। भारत नहीं डरता किसी चुनौती से। =====4===== युवा शक्ति अब जाग उठी है, नया सवेरा आया है, विश्वगुरु बनने का सपना भारत ने अपनाया है। हर दिल में अब...

कविता - आओ एकजुट हो जाएंगे

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कविता - आओ एकजुट हो जाएं दुश्मन चारों ओर खड़े हैं,अपनी-अपनी जाल बिछाये , देश धर्म की सावधानी से, हर जाल को काट दिखाना है। आओ एकजुट हो जाएं,भारत को हम फौलादी बनाएं। =====1==== स्वदेशी का दीप जलाएं हम, अपने श्रम का मान बढ़ाएं हम, घर-घर आत्मनिर्भरता लाकर, भारत का गौरव लाएं हम। झूठ, फरेब और भ्रमों से, सजग विवेक जगाएं हम, सोशल मीडिया के रण में भी,सत्य का ध्वज लहराएं हम। =====2==== जाति-पंथ के विषयों से ऊपर, राष्ट्र प्रथम अपनाएं हम, भाषा, प्रांत, विचार भिन्न हों,फिर भी राष्ट्र एक हमारा । सीमा पर जो प्रहरी जाग रहे,उनके परिवारों को दुलार हमारा, सेना, किसान और श्रमिक मिलकर, राष्ट्र स्वाभिमान बन जाएँ. =====3==== कर का ईमानदारी से भुगतान, कर्तव्य मार्ग अपनाएं हम, भ्रष्ट आचरण छोड़-छाड़ कर,नवभारत का मान बढ़ाएं हम। स्वच्छता को संस्कार बनाकर, नदियों का श्रृंगार करें, जल, जंगल और धरती माता का,मिलकर सब उद्धार करें। =====4==== नारी का सम्मान सुरक्षित हो, ऐसा समाज बनाएं हम, बेटी को शिक्षा, शक्ति देकर,नवयुग का दीप जलाएं हम। अनुशासन को शक्ति बनाकर,समय का मूल्य समझायें हम, योग, संयम और सदाचार से...

पेट्रोल डीजल रसोई गैस आदि विदेशी ऊर्जा के स्वदेशी विकल्पओं पर व्यापक शोध जरूरी है

पेट्रोल डीजल रसोई गैस आदि विदेशी ऊर्जा के स्वदेशी विकल्पओं पर व्यापक शोध जरूरी है बिल्कुल, आपकी बात एकदम सही है। विदेशी तेल और गैस पर निर्भरता कम करने के लिए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के स्वदेशी व नवीकरणीय विकल्पों पर व्यापक शोध और उनका तेजी से क्रियान्वयन वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। भारत में इस दिशा में हो रहे प्रमुख स्वदेशी और हरित विकल्पों की स्थिति इस प्रकार है:- 1. पेट्रोल और डीजल के विकल्प (स्वदेशी ईंधन) एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol): भारत सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल के मिश्रण को तेजी से बढ़ाया है। वर्तमान में देश में E20 (पेट्रोल में 20% एथेनॉल) ईंधन व्यापक रूप से उपलब्ध है और सरकार इसे E85 या फ्लेक्स-फ्यूल तक ले जाने के लिए शोध कर रही है। बायो-डीजल (Bio-diesel): गैर-खाद्य तेलों (जैसे जेट्रोफा), इस्तेमाल हो चुके खाना पकाने के तेल (Used Cooking Oil), और कृषि अपशिष्ट (पराली) से बायो-डीजल विकसित करने के प्लांट देश के विभिन्न हिस्सों में लगाए जा रहे हैं। बायो-सीएनजी (Bio-CNG): कचरे, गोबर और कृषि कचरे से बायो-सीएनजी बनाई जा रही है। आप अपने नजदीकी प्लांट या सी...