UPA कार्यकाल में अमरीका से समझौते...
भारत अमेरिका परमाणु सन्धि क्या थी उसके लिए भारत ने क्या क्या संसोधन किया व तब सरकार कोई सी थी भारत-अमेरिका परमाणु समझौता (2008) एक ऐतिहासिक असैनिक परमाणु करार था, जिसने भारत को NPT (परमाणु अप्रसार संधि) पर हस्ताक्षर किए बिना वैश्विक परमाणु व्यापार करने की अनुमति दी। इसे डॉ. मनमोहन सिंह की यूपीए (UPA) सरकार ने किया था। भारत ने नागरिक और सैन्य परमाणु संयंत्रों को अलग करने व उन्हें IAEA की निगरानी में रखने के संशोधन किए। भारत-अमेरिका परमाणु संधि (123 समझौता) क्या थी? उद्देश्य: भारत को परमाणु ईंधन की आपूर्ति और तकनीक तक पहुँच सुनिश्चित करना। हस्ताक्षर: 2005 में आधारभूत समझौता, 2008 में अंतिम रूप से संपन्न। परिणाम: भारत को NSG (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) से विशेष छूट मिली, जिससे 34 वर्षों का परमाणु अलगाव समाप्त हुआ। सरकार और मुख्य भूमिका सरकार: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-1), प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह। बुश-मनमोहन समझौता: 18 जुलाई 2005 को मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसकी नींव रखी। भारत द्वारा किए गए मुख्य संशोधन (Separation Plan & IAEA) संयंत्रों क...