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UCC

राजस्थान में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) को लागू करने और सामाजिक तालमेल बनाए रखने के लिए निम्नलिखित प्रमुख सुझाव दिए जा सकते हैं: ## 1. कानूनी और प्रशासनिक सुधार * विवाह पंजीकरण अनिवार्य: सभी धर्मों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन विवाह पंजीकरण को पूरी तरह अनिवार्य बनाना। * तलाक के नियम समान: सभी नागरिकों के लिए तलाक के आधार, प्रक्रिया और भरण-पोषण (Alimony) के नियम एक जैसे तय करना। * उत्तराधिकार में लैंगिक समानता: पैतृक और अर्जित संपत्ति में बेटियों और पत्नियों को बेटों के बराबर कानूनी अधिकार देना। * गोद लेने का अधिकार: बिना किसी धार्मिक भेदभाव के सभी नागरिकों को बच्चा गोद लेने (Adoption) का कानूनी अधिकार मिलना। * लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण: सुरक्षा और विवादों से बचने के लिए लिव-इन जोड़ों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन लागू करना।  *  ## 2. जनजातीय और क्षेत्रीय छूट * जनजातीय परंपराओं का संरक्षण: राजस्थान की भील, मीणा, गरासिया और सहरिया जैसी जनजातियों की अनूठी प्रथाओं को UCC के दायरे से बाहर रखना या विशेष छूट देना। * कस्टमरी लॉ का सम्मान: संविधान की धारा 342 के तहत आने वाले ...

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसदीय गरिमा, सुधार और ऐतिहासिक उपलब्धियों का नया अध्याय- अरविन्द सिसोदिया

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आलेख  लोकसभा अध्यक्ष के रुप में लगातार सात वर्ष पूर्ण होनें पर आलेख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसदीय गरिमा, सुधार और ऐतिहासिक उपलब्धियों का नया अध्याय - अरविन्द सिसोदिया  विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की संसद के लोकसभा सदन के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला, अध्यक्ष के रूप में सफल 7 साल पूर्ण कर चुके हैँ। बिरला भारत के सफल और गंभीर राजनेताओं में सुमार होते हैँ। वे विनम्रता की प्रतिमूर्ति और जन सरोकारों के लिए निरंतर प्रयत्नरत, मधुर व्यवहार और अत्यंत मिलनसार व्यक्तित्व के धनी है। Veb तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा चुनाव जीत कर, लगातार दूसरी बार निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष हैँ। उनके नाम दर्ज यह उपलब्धियां, यह सम्मान, उनके विराट व्यक्तित्व का परिचय देता है। भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्था संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संवाद और जवाबदेही का प्रतीक भी है। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष का दायित्व केवल सदन का संचालन करना नहीं, बल्कि संसदीय मर्यादाओं को सुदृढ़ करना, सभी पक्षों को समान अवसर देना और विधायी प्रक्रिया को...

माननीय जिला कलेक्टर महोदय, स्वामित्व योजना

माननीय जिला कलेक्टर महोदय,  जिला - गुना  जिला कलेक्ट्रेट परिसर, गुना। विषय - 1.स्व भूपेंद्र सिंह सिसोदिया पुत्र स्व समंदर सिंह जी के प्लाट क्रमांक- 32 .ग्राम - मोड़का, ग्राम पंचायत - सूजाखेड़ी, तहसील बमोरी, जिला गुना मप्र स्थित पुस्तेनी आवासीय परिसर के स्वामित्व सर्वेक्षण में तैयार किए गये खसरे में त्रुटि सुधार कर सभी उत्तराधिकारीयों के नाम दर्ज किए जानें के संदर्भ में। 2. त्रुटि सुधार निर्णय होनें तक उपरोक्त संपत्ति के सभी आठ सह स्वामियों के हितों की रक्षा करने वर्तमान आदेश को स्थगित किसी भी प्रकार के क्रय विक्रय एवं किसी भी प्रकार के हस्तानांतरण रोक एवं यथास्थिति बनाये रखने के संदर्भ में। वादी  अरविन्द सिंह सिसोदिया पुत्र भूपेंद्र सिंह सिसोदिया जाति राजपूत आयु 69 वर्ष निवासी ग्राम मोड़का जिला गुना हाल निवास - बेकरी के सामने, राधाकृष्ण मंदिर रोड़, डडवाड़ा, कोटा जंक्शन राज पिनकोड - 324002 मोबाईल - 9414180151 प्रतिवादी 1- पटवारी ग्राम मोड़का  2- सचिव ग्राम पंचायत सूजाखेड़ी  3- सरपंच ग्राम पंचायत सूजाखेड़ी  1- माननीय न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त फतेहगढ़, तहसील बमोरी ज...

चंदा चोरी प्रकरण एक राजनैतिक टूलकिट भी है, हिन्दुओं को एक जुट रहना होगा - अरविन्द सिसोदिया

चंदा चोरी प्रकरण एक टूलकिट भी है, हिन्दुओं को एक जुट रहना होगा - अरविन्द सिसोदिया  राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण एक आपराधिक कृत्य है, रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास से चूक हुई, उन्होंने विश्वास किया और टूलकिट में फंस गये। यह टूलकिट स्क्रिप्ट उत्तरप्रदेश चुनाव को लेकर लिखी गई है। उत्तरप्रदेश चुनाव के बाद कोई इसका नाम भी नहीं लेगा कि कोई चंदा चोरी हुई है। ठीक उसी तरह जिस तरह किसान आंदोलन प्रायोजित था और उत्तर प्रदेश चुनाव सम्पन्न होते ही खत्म हो गया था। भारत को अंदर से कमजोर करने लिए विदेशी फंडिंग से बड़े बड़े अभियान चल रहे हैँ, निरंतर चल रहे हैँ। इसलिए देश के जनमत को एकजुट रहना होगा। बाँटने के सभी षड्यंत्र एकता से विफल करने होंगे। विभिन्न धर्मों के धर्मस्थल, चंदा, दान, जनसहयोग, संपत्ति की आय से ही चलते हैँ और दानदाता यह अपने अपने ईश्वर को अर्पित करता है, इसलिए उसे इस बात से कोई मतलब नहीं कि उसके अर्पण का क्या हुआ।  भारत में इससे पहले भी धर्मस्थल प्रबंधन में आर्थिक घोटाले, अनियमिततायें सामने आती रहीं हैँ और उनकी जाँच सरकारी एजेंसी से हुई हैँ। रामजन्मभूमि चंदा चोरी मामला बहुत छोटा है...

हिंदू एकता तोड़ने के षड्यंत्र सक्रिय हो गये, सर्वहिंदू समाज सावधान रहे - अरविन्द सिसोदिया

बंगाल चुनाव परिणाम के बाद,बढ़ रही छदम रामभक्ति से हिंदू सावधान रहें - अरविंद सिसोदिया हिंदू एकता तोड़ने के षड्यंत्र सक्रिय हो गये, सर्वहिंदू समाज सावधान रहे - अरविन्द सिसोदिया  कोटा 1 जुलाई । राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्याशी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने हिंदू विरोधी और तुष्टिकरणवादी राजनेताओं में अचानक हिंदुत्व के प्रति उत्पन्न आस्था पर,एक बयान जारी कर दावा किया कि " बंगाल चुनाव के बाद अधिकांश विपक्षी दलों के कई नेताओं द्वारा हिंदुत्व, भगवान श्रीराम और राम मंदिर के प्रति दिखाई जा रही आस्था, राजनीतिक स्वार्थ की रणनीति का हिस्सा मात्र है। वें हिंदूँ वोटों की ठगी करने की मानसिकता यह दिखावा कर रहे हैँ। इस झूठे आचरण का कोई वास्तविकता से कोई सरोकार नहीं है। " उन्होंने आरोप लगाया कि " जो राजनेता बंगाल चुनाव से पहले तक हिंदुत्व और राम मंदिर का विरोध करते थे, उपेक्षा करते थे और खुल्लेआम तुष्टिकरण की राजनीती करते थे। वे ही चुनावी फायदे के लिए अब हिंदुत्व और रामभक्ति का दिखावा कर रहे हैँ। " सिसोदिया नें कहा की " चंदा चोरी षड्यंत्...

भजनलाल शर्मा शुभ मुख्यमंत्री, राजस्थान बड़े बड़े कामों से विकसित हो रहा है - अरविन्द सिसोदिया

प्रेस विज्ञप्ति  भजनलाल शर्मा शुभ मुख्यमंत्री, राजस्थान बड़े बड़े कामों से विकसित हो रहा है - अरविन्द सिसोदिया  कोटा , 4 जुलाई 2026। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया नें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी द्वारा राजस्थान को दी सौगातों का स्वागत करते हुये कहा कि " डबल इंजन सरकार का लाभ राजस्थान को उच्चस्तरीय विकास के रुपमें देखने को मिल रहा है। जो भावी पीढ़ियों का भविष्य संवारने का लोककल्याणकारी महा अभियान है। "  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने राजस्थान दौरे के दौरान प्रदेश को ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की विशाल विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगातें दी हैं। जोधपुर और बालोतरा (पचपदरा) में आयोजित भव्य कार्यक्रमों में बुनियादी ढांचे, विमानन, शहरी परिवहन और रोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।  आज दी गई प्रमुख सौगातों का पूरा ब्योरा निम्नलिखित है: ## 1. पचपदरा रिफाइनरी का राष्ट्र को समर्पण (₹79,450 करोड़) * देश का पहला ग्रीनफील्ड पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स: पीएम मोदी ने बालोतरा जिले के पचपदरा...

सामाजिक जीवन में गिरते मूल्य और बढ़ते अपराध : केवल कानून नहीं, समग्र प्रशासनिक व्यवस्था पर चिंतन आवश्यक— अरविन्द सिसोदिया

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सामाजिक जीवन में गिरते मूल्य और बढ़ते अपराध : केवल कानून नहीं, समग्र प्रशासनिक व्यवस्था पर चिंतन आवश्यक — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 1 जुलाई। देश में पारिवारिक और सामाजिक अपराधों की बढ़ती घटनाएँ केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं हैं, बल्कि यह समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और मानसिक स्वास्थ्य में आई गिरावट का संकेत भी हैं। संपत्ति विवादों में पिता की हत्या, दादा की हत्या, पति द्वारा पत्नी और बच्चों की हत्या, महिलाओं एवं बुजुर्गों पर अत्याचार जैसी घटनाएँ यह बताती हैं कि समाज के भीतर संवाद, संयम, सहिष्णुता और संतोष जैसे जीवन-मूल्य कमजोर पड़ रहे हैं। भारत का संविधान लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था स्थापित करता है। लोकतंत्र और चुनी हुई सरकारों का दायित्व केवल शासन चलाना, कर वसूलना, सड़कें बनाना और कानून लागू करना भर नहीं है। उनका व्यापक दायित्व ऐसी सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना भी है, जिसमें नागरिक सुरक्षित हों, अनुशासित हों, समन्वय की भावना हो, परस्पर विश्वास बना रहे, परिवार मजबूत हों, समाज संतुष्ट रहे और प्रत्येक व्यक्ति सम्मानपूर्वक, सुखपूर्वक तथा शांति से जीवन जी सके। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ...

स्वस्मित्व योजना बनाम स्वामित्व का कोई प्रश्न सिविल मुकदमे द्वारा तय होगा

  मध्यप्रदेश राजस्व न्यायालयों को बंटवारे का अधिकार  मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय नागजीराम बनाम मांगीलाल एवं अन्य। 21 अप्रैल, 1976 को समतुल्य उद्धरण: एआईआर 1977 एमपी 8 लेखक: एस दयाल बेंच: एसडी वर्मा, बी दुबे निर्णय शिव दयाल, सी.जे 1. एक डिवीजन बेंच ने पैत्रम बनाम राजस्व बोर्ड (1968 जब एलजे 304) और गंगाराम बनाम कन्हैयालाल (1971 जब एलजे 819) के बीच 'विवाद को सुलझाने' के लिए इस मामले को हमारे पास भेजा है। उन मामलों का निर्णय दो अलग-अलग खंडपीठों द्वारा किया गया। उन दोनों में सवाल यह था कि तहसीलदार क्या कर सकता है और उसे मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता की धारा 178 (1) के तहत उसके समक्ष किए गए विभाजन के आवेदन पर कैसे आगे बढ़ना चाहिए। 1959 (इसके बाद संहिता के रूप में संदर्भित) जब स्वामित्व का कोई प्रश्न उठाया जाता है। संहिता की धारा 178 इस प्रकार है:-- " धारा 178 जोत का विभाजन:-- (1) यदि धारा 59 के तहत कृषि के प्रयोजन के लिए मूल्यांकन की गई किसी भी जोत में एक से अधिक भूमिस्वामी हैं, तो ऐसा कोई भी भूमिस्वामी जोत में अपने हिस्से के विभाजन के लिए तहसीलदार को आवेदन कर सकता है: बशर्ते कि ...