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कविता - सिस्टम का सच

सिस्टम का सच लोकतंत्र और संविधान को हर दिन निगल रहा सिस्टम, नेता मंचों पर लड़ते दिखते, पीछे साथ हँसता सिस्टम। जनता भूखी, जनता प्यासी, फिर भी जश्न मनाता सिस्टम, झूठ, दलाली और भ्रष्टाचार से अपना महल सजाता सिस्टम। मनमर्जी के कानूनों से देश चलाता बैठा है, कुर्सी पर चाहे कोई भी हो, असली राजा सिस्टम है। न्याय यहाँ नीलाम पड़ा है, सच को सूली चढ़ना पड़ता, जिसके पास पहुँच और पैसा, उसके आगे कानून झुकता। ईमानदार कुचले जाते, चोर यहाँ सम्मानित हैं, मेहनतकश की टूटी हड्डी, और महलों में दावतें हैं। हर चुनाव में सपने बाँटे, हर भाषण में झूठ परोसा, जनता को बस भीड़ समझकर हर अधिकार यहाँ है नोचा। अफसर, दलाल और नेताओं का गहरा काला गठबंधन, जनता की मेहनत लूट-लूटकर भरते अपना तिजोरी-वन। मंदिर-मस्जिद में उलझाकर रोटी का सवाल दबाया, धर्म के नामों की आग लगाकर सत्ता ने सिंहासन पाया। अब भी यदि तुम चुप बैठे, तो अपराधी तुम भी हो, जो अन्याय पर मौन खड़ा है, वो भी उतना दोषी हो। उठो, सवालों की मशालें अब हर गली में जलनी हों, टूटे झूठ का ये साम्राज्य, न्याय की सुबह निकलनी हो। सिंहासन अब न्याय करे, न कि धन का अभिमान, जनता फिर स...

यह निर्णय संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की ऐतिहासिक विजय - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति विपक्ष की झूठी नौटंकी औंधे मुंह गिरी - अरविन्द सिसोदिया यह निर्णय संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की ऐतिहासिक विजय - अरविन्द सिसोदिया  कोटा, 28 मार्च। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया को संवैधानिक और आवश्यक मानना भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है तथा निर्वाचन आयोग को यह अधिकार और दायित्व दोनों संविधान से प्राप्त हैं। " उन्होंने कहा कि " सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चुनाव आयोग के पक्ष में दिया गया यह निर्णय न केवल आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रमाणित करता है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को भी सुदृढ़ करता है। इस निर्णय से भारतीय लोकतंत्र और संविधान का सिर गर्व से ऊँचा हुआ है।"  सिसोदिया ने कहा कि " प्रधानमंत...

सोसल मीडिया के फर्जीवाड़े

कांग्रेस की गहलोत सरकार के समय के दो प्रशिद्ध प्रकरण जो सोसल मीडिया के फर्जीवाड़े की पोल खोलते हैँ.... 1- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने फॉलोवर्स बढ़ाने हेतु तुर्की से खरीद, भाजपा की प्रवक्ता ज्योति ने आरोप लगाये थे  2- गहलोत सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु डमी एकाउन्ट बनाने का मामला, इसमें किसी अधिकारी को निलंबित किया था। कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के समय के सोशल मीडिया से जुड़े वे दो प्रमुख प्रकरण ये हैं:- 1. तुर्की से फेसबुक लाइक्स खरीदने का आरोप जुलाई 2013 में, भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अपने फेसबुक फॉलोवर्स की कृत्रिम रूप से संख्या बढ़ाने का आरोप लगाया था. भाजपा प्रवक्ता ज्योति किरण (Jyoti Kiran) ने दावा किया था कि मात्र 30 दिनों में गहलोत के पेज के लाइक्स \(\approx 1.6\) लाख से बढ़कर \(\approx 2.14\) लाख हो गए, जिनमें अधिकांश फॉलोवर्स तुर्की के शहर इस्तांबुल (Istanbul) के थे。 भाजपा ने इसे आईटी (IT) फर्म के माध्यम से लाइक खरीदने का मामला बताया था。 2. सरकारी योजनाओं के प्रचार हेतु डमी अकाउंट्स का मामलाअगस्त 2022 में, राजस्थान सरकार के आर्थिक ...

वैश्विक अराजकता के दौर में भारत को प्रधानमंत्री मोदीजी के सशक्त नेतृत्व की और अधिक आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया

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प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूर्ण करने पर विशेष वैश्विक अराजकता के दौर में भारत को प्रधानमंत्री मोदीजी के सशक्त नेतृत्व की और अधिक आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 26 मई। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के लगातार 12 वर्ष पूर्ण होने पर राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी , वरिष्ठ चिंतक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि “आज जब पूरा विश्व सत्ता मद, अस्थिरता, युद्ध एवं भू-रणनीतिक स्वार्थों, आपूर्ति श्रृंखला संकट, आर्थिक अनिश्चितताओं और अनैतिक टकरावों के दौर से गुजर रहा है, तब भारत को प्रधानमंत्री मोदीजी जैसे सक्षम, दृढ़, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।” उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में अनेक बड़े राष्ट्र आंतरिक संघर्षों, राजनीतिक अस्थिरता और वैचारिक टकरावों से जूझ रहे हैं। विश्व व्यवस्था लगातार बदल रही है और कई देशों में नेतृत्व का संकट स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में भारत ने प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में न केवल स्थिरता बनाए रखी है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिष्ठा, विश...

कविता - विश्व की आराजकता में देश का विश्वास है मोदी

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कविता -  विश्व की अराजकता में देश का विश्वास है मोदी हर कठिन समस्या में, उचित समाधान है मोदी - अरविन्द सिसोदिया   विश्व की आराजकता में देश का विश्वास है मोदी  हर कठिन समस्या में, उचित समाधान है मोदी  कविता -  विश्व की अराजकता में देश का विश्वास है मोदी हर कठिन समस्या में, उचित समाधान है मोदी - अरविन्द सिसोदिया  जब-जब संकट ने घेरा है, हर मन भीतर से डोला है, तब साहस बन कर , अडिग खड़ा अकेला मोदी है। विश्व मंच पर भारत की अब, नई अलग पहचान है मोदी, विश्व की अराजकता में, देश का विश्वास है मोदी। =====1===== सीमा पर जब संकट आये, दुश्मन जब जब आँख दिखाये , तब तब भारत माँ की रक्षा हेतु, जो दृढ़ हुंकार लगाये, शौर्य, नीति और संकल्पों का, जीवंत उजास है मोदी, हर कठिन समस्या में, उचित समाधान है मोदी। =====2===== गरीबों के घर दीप जले, युवा सपनों से आगे बढ़े, नारी शक्ति सम्मानित हो, किसानों के चेहरे फिर खिले। जनमन की हर आशा का, सच्चा विश्वास है मोदी, हर कठिन समस्या में, उचित समाधान है मोदी। =====3===== कोरोना जैसे कठिन समय में,जब दुनिया भय से काँप...

God does exist

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God does exist — whether you believe it or not. God’s own system continues to function eternally — whether you believe it or not. God is the greatest scientist — whether you believe it or not. God’s government continues to operate constantly — whether you believe it or not. God is the creator, sustainer, and dissolver of this universe — whether you believe it or not. Human existence is limited, but creation is infinite. Human knowledge is limited, but the mystery of the universe is endless. Man may take pride in his science, intellect, and achievements, yet even today he has not fully understood the essence of life. He still cannot completely explain where consciousness comes from, what the soul truly is, what lies beyond death, or where the ultimate boundary of this vast cosmos ends. It is here that the realization of God begins. God is not merely an imagination or an idea; He is the Supreme Consciousness that pervades all existence. Just as air cannot be seen but can be e...

सोसल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिंकजा कसा जाये (Blocking)

किसी भी सोशल मीडिया साइट को भारत की संप्रभुता के विरुद्ध षड्यंत्र की अनुमति नहीं दी जा सकती, कॉकरोज पार्टी की फर्जी और अविश्वसनीय फॉलोवर में विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी सम्मिलित थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) इस मामले में पहले से ही सक्रिय भूमिका निभा रहा है और उसकी शुरुआती रिपोर्ट (इनपुट) के आधार पर ही भारत सरकार ने इस पर सख्त कदम उठाए हैं।  इस घटनाक्रम की सुरक्षा जाँच और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं:- * IB के इनपुट पर कार्रवाई: केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली खुफिया एजेंसी [इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ] ने ही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के खातों में देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा और भड़काऊ सामग्री (Inflammatory Content) होने का अंदेशा जताया था। इसी चेतावनी के बाद आईटी मंत्रालय (MeitY) ने इसके 'X' हैंडल को भारत में ब्लॉक किया था। * विदेशी ताकतों और बॉट्स की जाँच: सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस बात की गहनता से डिजिटल जाँच कर रही हैं कि क्या इस डिजिटल आंदोलन के पीछे कोई विदेशी ताकत, सुनियोजित टूलकिट, या पाकिस्तान और बांग्ल...

गंगा : सनातन चेतना की पावन और मोक्षदायिनी धारा Ganga

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गंगा : सनातन चेतना की पावन और मोक्षदायिनी धारा गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा, सनातन चेतना की जीवनरेखा और मानवीय गरिमा का परम प्रतीक है। कल-कल निनादिनी गंगा मात्र जल की धारा नहीं, अपितु सनातन संस्कृति के अंतःकरण की पावन चेतना है। भगीरथ के तप की यह जाज्वल्यमान परिणति, स्वर्ग के ऐश्वर्य को समेटे मृत्युलोक को पवित्र करने उतरी देवतुल्य करुणा है। इसके पावन तटों पर ऋषियों का चिंतन अंकुरित हुआ और वेदों की ऋचाएं गूंजीं। ये विचार *समुत्कर्ष समिति* द्वारा भारतीय संस्कृति की अक्षय धरोहर वेदों के सन्दर्भ में *'गंगा नदी : आस्था आध्यात्म एवं मोक्ष की धारा'* विषयक 146 वीं समुत्कर्ष विचार गोष्ठी में बोलते हुए विज्ञ वक्ताओं ने व्यक्त किए l समुत्कर्ष समिति के समाज जागरण के ऑनलाइन प्रकल्प *समुत्कर्ष विचार गोष्ठी* में वक्ताओ ने 25 मई से राजस्थान में प्रारम्भ हो रहे *वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान-2026* का उल्लेख करते हुए एक सुर में कहा कि गंगा का प्रत्येक बिंदु आस्था का महासागर और आध्यात्म का साक्षात आलोक है, जो सांसारिक कलुषता को धोकर आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। जनजन के दुखों को ह...

विचार परिवार

विचार परिवार भाजपा के 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026' में 'विचार परिवार' का मुख्य विषय भारतीय जनता पार्टी को मात्र एक राजनीतिक दल न मानकर उसे एक विस्तृत वैचारिक परिवार के रूप में प्रस्तुत करना है।इस विषय के अंतर्गत कार्यकर्ताओं को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया जाता है: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विचारधारा: भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि, जैसे कि 'राष्ट्र प्रथम' का संकल्प, अंत्योदय और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'एकात्म मानववाद'। परिवार के रूप में संगठन: पार्टी को महज एक दल न मानकर एक ऐसा 'विचार परिवार' समझना, जो भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़ा हुआ है और आपसी सहयोग पर आधारित है। विचारधारा के प्रति निष्ठा: कार्यकर्ताओं को पार्टी की मूल कार्यपद्धति, अनुशासन और विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना। विभिन्न संगठनों का समन्वय: इस सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अन्य अनुषंगी संगठनों को एक 'परिवार' के रूप में जोड़कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम करने पर जोर दिया जाता है।पार्टी के स...

आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारत का युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति आराजकतावादियों का नया विदेशी टूलकिट षड्यंत्र फैल, भारतीय युवा जिम्मेदार नागरिक - अरविन्द सिसोदिया आराजकतावादियों का नया टूलकिट भारत के युवाओं का उद्घोष भारत माता की जय, वन्देमातरम् और जय श्रीराम है - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 23 मई। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने हाल ही में सोशल मीडिया पर उत्पन्न मज़ाकिया पार्टी को आराजकतावादियों का नया “विदेशी टूलकिट षड्यंत्र” बताते हुए कहा कि “विदेशी ताकतों के सहयोग से भारतीय युवाओं को भड़काने की कोशिशें लंबे समय से हो रही हैं। यह प्रयोग भी उसी क्रम में है। इसके पीछे भी भारत की राजनीति में विफल राजनैतिक षड्यंत्रकारी हैं और इनकी अभी तक तमाम कोशिशें पूरी तरह नाकाम होती रही हैं तथा इस तरह की कोशिशें आगे भी विफल ही होनी हैं। क्योंकि भारतीय युवाओं का उद्घोष ‘भारत माता की जय, वन्देमातरम् और जय श्रीराम’ है। भारतीय युवा शक्ति अपनी मातृभूमि का भला-बुरा जानती है। वह देश के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री मोदीजी को दिलोजान से चाहती है।” सिसोदिया ने कहा कि “भारत...

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अनुशासन, सावधानी और नियंत्रण राष्ट्रीय आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अनुशासन, सावधानी और नियंत्रण  राष्ट्रीय आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया  आज का युग सूचना और संचार का युग है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने दुनिया को एक छोटे से मंच में बदल दिया है, जहाँ कोई भी व्यक्ति कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक अपनी बात पहुँचा सकता है। यह तकनीकी क्रांति मानव जीवन के लिए जितनी उपयोगी सिद्ध हुई है, उतनी ही विद्ववंशक और चुनौतीपूर्ण भी बनती जा रही है। विशेष रूप से राजनीति, समाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, सत्य और अनुशासन के लिए। वर्तमान सोशल मीडिया का प्रभाव अत्यंत गहरा हो चुका है। किन्तु उसके अनुरूप नियंत्रण प्रणाली पर्याप्त व सक्षम नहीं है। ऐसे समय में अनुशासन, सावधानी और नियंत्रण का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इसलिए केंद्र सरकार और अंतर्राष्ट्रीय मंचों को नियंत्रण प्रणाली पर पर्याप्त ध्यान देना होगा। सोशल मीडिया का मूल उद्देश्य लोगों को जोड़ना, विचारों का आदान-प्रदान करना और सूचना उपलब्ध कराना था, किंतु आज अनेक अवसरों पर इसका उपयोग दुष्प्रचार, भ्रम फैलाने और समाज में वैमनस्य उत्पन्न करने के लिए भी होने लगा है। संगठित प्रचार, फर्जी ...

मोदीजी की गगनचुंबी लोकप्रियता से कांग्रेस राजकुमार का मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है — अरविन्द सिसोदिया

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मोदीजी की गगनचुंबी लोकप्रियता से कांग्रेस राजकुमार का मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 21 मई । भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह-संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी द्वारा देश के संवैधानिक एवं जनता द्वारा निर्वाचित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध की गई निम्नस्तरीय बयानबाजी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कांग्रेस नेता के गिरे और बिगड़े हुये मानसिक संतुलन का परिचायक है। सिसोदिया ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के प्रति विश्वभर में सम्मान और समर्थन लगातार बढ़ रहा है। वे विषम परिस्थितियों को संभालने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि वे जिस देश में जाते हैं, वहाँ उन्हें नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जाता है। वे 32 सर्वोच्च नागरिक सम्मान एवं संयुक्त राष्ट्र संघ की समिति से सम्मान प्राप्त करने वाले पहले भारतीय राजनेता हैं। उनके सम्मान से देश का मस्तक ऊँचा होता है। यह भारत की जनता के प्रधानमंत्री मोदीजी में अटूट विश्वास और आशीर्वाद का ही परिणाम है।” सिसोदिया ने कहा...