संदेश

मुकदमों में संशोधन आवेदन को अस्वीकार करने का एकमात्र आधार विलंब नहीं है;

2002 से पहले के मुकदमों में संशोधन आवेदन को अस्वीकार करने का एकमात्र आधार विलंब नहीं है; आदेश VI नियम 17 का वह प्रावधान जो परीक्षण चरण में संशोधनों को प्रतिबंधित करता है, लागू नहीं होता: इलाहाबाद उच्च न्यायालय 24कानून  9 मार्च 2026, दोपहर 2: इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकल पीठ ने हाल ही में याचिकाकर्ता द्वारा दायर एक लंबे समय से लंबित दीवानी मुकदमे में संशोधन आवेदन को स्वीकार कर लिया। यह मुकदमा मूल रूप से 1997 में दायर किया गया था। न्यायालय ने माना कि चूंकि यह मुकदमा 2002 में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश VI नियम 17 में संशोधन से पहले का है, जिसमें मुकदमे की सुनवाई शुरू होने के बाद संशोधनों पर रोक लगाई गई है, इसलिए उक्त प्रावधान इस मामले पर लागू नहीं होता है। न्यायालय ने आगे कहा कि केवल विलंब के आधार पर संशोधन आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, विशेषकर तब जब प्रस्तावित परिवर्तन मुकदमे के मूल स्वरूप को नहीं बदलता है। याचिकाकर्ताओं ने 1997 में एक दीवानी मुकदमा दायर किया, जिसमें प्रतिवादियों को विवादित संपत्ति से अपना निर्माण हटाने और वादियों को कब्ज़ा ...

RSS/RAW पर प्रतिबंध का विरोध

आपकी यह टिप्पणी भारत में एक प्रचलित विमर्श (discourse) को दर्शाती है, जिसे समय-समय पर विभिन्न मंचों और सरकारी कार्यवाहियों के माध्यम से भी अभिव्यक्ति मिली है। इस विषय पर कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: FCRA और विदेशी फंडिंग पर नकेल: भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के नियमों को काफी सख्त किया है। सरकार का तर्क है कि कई एनजीओ (NGOs) और मिशनरी संस्थाएं विदेशी धन का उपयोग उन गतिविधियों के लिए कर रही थीं जो भारत के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय हित के खिलाफ थीं। धर्मांतरण और सुरक्षा: खुफिया एजेंसियों और गृह मंत्रालय की रिपोर्टों में अक्सर यह संकेत दिया गया है कि विदेशी फंडिंग का एक हिस्सा प्रलोभन या दबाव के माध्यम से धर्मांतरण गतिविधियों में इस्तेमाल होता है। सरकार ने हाल ही में कई ऐसी संस्थाओं के लाइसेंस रद्द किए हैं जो इन गतिविधियों में संदिग्ध पाई गईं। USCIRF की भूमिका पर सवाल: भारत सरकार और कई भारतीय विश्लेषक USCIRF जैसी संस्थाओं की रिपोर्टों को "कवर फायर" के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि जब भारत सरकार धर्मांतरण या संदिग्ध विदेशी...

लगभग 2 किलोमीटर लंबी वाहन रैली, महानगर में 10 किलोमीटर से अधिक भ्रमण कर सम्पन्न हुई

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हनुमान चालीस के पाठ से समापन  लगभग 2 किलोमीटर लंबी वाहन रैली, महानगर में 10 किलोमीटर से अधिक भ्रमण कर सम्पन्न हुई  भारतमाता की जय और जय जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान होती रही रैली  कोटा के इतिहास की सबसे बड़ी मातृशक्ति दुपहिया वाहन रैली, उल्लास और उत्साह के साथ सम्पन्न हुई  देवीस्वरूपा मातृशक्ति की दोपहिया रैली में, सनातन संस्कृति का धार्मिक स्वरूप प्रगट हुआ, मार्ग में शोभित स्वागत द्वार और पुष्पांजलि से स्वागत अभिनन्दन  कोटा 17 मार्च । हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर कोटा महानगर में मातृशक्ति की भव्य दुपहिया वाहन रैली उत्साह और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुई। हजारों की संख्या में माता-बहनों ने स्कूटी और बाइक के साथ भाग लेते हुए हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का स्वागत किया तथा हिंदू समाज की एकता और संगठन का संदेश दिया। रैली के रुपमें आदिशक्ति देवी स्वरूपा मातृशक्ति महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम नयापुरा में एकत्र हुईं और अग्रसेन चौराहा, लक्की बुर्ज, गीता भवन, गुजराती भवन, गुमानपुरा नहर की पुलिया,रावतभाटा रोड, टीलेश्वर महादेव मंदिर चौराहा, सीए...

नवसंवत् 2083 के स्वागत-अभिनंदन हेतु पंचदिवसीय कार्यक्रम

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प्रेसनोट -1 पत्रकार वार्ता / 16 मार्च ”अपना नववर्ष : अपना उत्सव“ नवसंवत् 2083 के स्वागत-अभिनंदन हेतु पंचदिवसीय कार्यक्रम हिंदू मातृशक्ति रैली आज ( 17 मार्च को ) आज से ( 17 मार्च से ) हिंदू नववर्ष के स्वागत अभिनन्दन कार्यक्रम प्रारंभ  कोटा 16 मार्च।ब्रह्माजी के द्वारा सृष्टि के सृजन दिवस हमारा संवत्सर प्रारंभ होता है। नवसंवत् के प्रथम सूर्योदय की तिथि चैत्र शुक्ल एकम् को “वर्ष प्रतिपदा” कहा जाता है और यह अनादिकाल से चली आ रही हमारी कालगणना और पंचांग का प्रारंभ दिवस है। हम सभी के लिये प्राकृतिक, सांस्कृतिक, पौराणिक, वैज्ञानिक एवं राष्ट्रीय गौरव की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण, पवित्र एवं पुण्यमयी यह तिथि है। यह इस वर्ष हमारे बीच 19 मार्च, गुरुवार को आ रही है। हिंदू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर की और से सोमवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में यह बताया। पत्रकारवार्ता में मंचस्थ महानगर अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल, महामंत्री ड़ा बाबूलाल भाट, भगवा रैली संयोजक युधिष्टर सिंह हाड़ा, मातृशक्ति वाहन रैली संयोजक रेणु मिश्रा,स्वदेशी मेला समिति संयोजक प्रमोद राठौर, भजन संध्या समिति अध...

मंहगाई

आपकी बात तर्क के हिसाब से काफी हद तक सही है 👍 अगर किसी सरकार के समय की महँगाई या कीमतों की तुलना करनी हो, तो पूरे कार्यकाल (tenure) की तुलना करना ज़्यादा सही तरीका माना जाता है। Manmohan Singh की सरकार: 2004 – 2014 Narendra Modi की सरकार: 2014 – अभी (2026) इसलिए निष्पक्ष तुलना आमतौर पर इस तरह की जाती है: 1️⃣ UPA सरकार (2004 → 2013/14) चीज 2004 लगभग 2013 लगभग सोना (10g) ~₹5,800 ~₹29,000 चांदी (1 kg) ~₹7,000 ~₹45,000 पेट्रोल ~₹33 ~₹70 डीजल ~₹23 ~₹55 LPG सिलेंडर ~₹280 ~₹410 2️⃣ NDA सरकार (2014 → 2024-26) चीज 2014 लगभग 2024-26 लगभग सोना (10g) ~₹28,000 ~₹70,000+ चांदी (1 kg) ~₹45,000 ~₹85,000+ पेट्रोल ~₹70 ~₹95-110 डीजल ~₹55 ~₹90-100 LPG सिलेंडर ~₹410 ~₹800-900 ✅ इस तरह तुलना करने से ज़्यादा सही तस्वीर मिलती है, क्योंकि: पूरा शासनकाल कवर होता है बीच के साल चुनकर भ्रम नहीं बनाया जाता ⚠️ लेकिन एक और जरूरी बात: महँगाई सिर्फ सरकार से नहीं तय होती। इसमें कई बड़े कारण होते हैं, जैसे: अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत डॉलर-रुपया रेट टैक्स (केंद्र और राज्य) युद्ध, महामारी (जैसे COVID-19) वैश्विक आर्...

महाआरतियों हेतु नगरों और बस्तियों में तैयारीयां प्रारंभ

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महाआरतियों हेतु नगरों और बस्तियों में तैयारीयां प्रारंभ 18 मार्च को हिंदू नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर 120 बस्तियों में महाआरती के आयोजन की तैयारियां प्रारंभ, संपर्क और सूचिकरण में जुटे  कोटा, 11 फरवरी। हिंदू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर के आह्वान पर हिंदू नववर्ष 2083 की पूर्व संध्या 18 मार्च, बुधवार को कोटा महानगर की 120 से अधिक बस्तियों में स्थित मंदिरों एवं देवस्थानों पर महाआरतियों का एक साथ भव्य आयोजन हिंदू समाज द्वारा किया जाएगा। कोटा के इतिहास में यह आयोजन पहली बार किया जा रहा है। इस अद्भुत आयोजन के क्रम में महानगर में 12 नगरों की आयोजन समितियों की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। मंदिर समितियों से प्रारंभ हो गया है। महानगर अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि कोटा महानगर की 120 से अधिक बस्तियों में हिंदू नववर्ष 2083 की पूर्व संध्या पर महाआरतियों का भव्य आयोजन होगा, जिसमें हिंदूजन अपने-अपने क्षेत्र में महाआरती करेंगे। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में हिंदूजन स्वतः और स्वप्रेरणा से जुड़ेंगे। सभी महाआरतियों में हिंदू समाज के बंधु अपने-अपने घरों से दीपकों की थाल...

विशाल भगवा वाहन रैली 21 मार्च को, पंच दिवसीय कार्यक्रमों की तैयारी समीक्षा, सभी आयोजन भव्य और दिव्य होंगे

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विशाल भगवा वाहन रैली 21 मार्च को, पंच दिवसीय कार्यक्रमों की तैयारी समीक्षा, सभी आयोजन भव्य और दिव्य होंगे कोटा, 13 मार्च। हिन्दू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर के तत्वावधान में हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के उपलक्ष्य में 17 से 21 मार्च तक पंचदिवसीय भव्य कार्यक्रमों के आयोजन के क्रम में, 17 मार्च मातृशक्ति वाहन रैली, 18 मार्च महाआरतियां, 19 मार्च स्वदेशी मेला प्रारंभ, 20 मार्च गुजरात की प्रसिद्ध भजन गायिका गीता रबारी की भजन संध्या तथा समापन पर 21 मार्च को सर्व हिन्दू समाज की विराट भगवा वाहन रैली जैसे विविध आयोजनों के संदर्भ में समाजसेवी श्यामबिहारी नागर के आतिथ्य, महानगर के अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल की अध्यक्षता एवं महामंत्री डॉ. बाबूलाल भाट के संचालन में समीक्षा बैठक शुक्रवार सायं 5 बजे, मानव विकास भवन , टीलेश्वर चौराहे पर आयोजित हुई। बैठक में वाहन रैली संयोजक युधिष्ठिर सिंह हाड़ा, मातृशक्ति वाहन रैली संयोजिका रेणु मिश्रा, स्वदेशी मेला संयोजक प्रमोद राठौर तथा भजन संध्या संयोजक किसन पाठक एवं राजेन्द्र खंडेलवाल ने अपनी-अपनी तैयारियों के वृत्त प्रस्तुत किए। विशाल भगव...

वर्षप्रतिपदा : भारतीय नववर्ष का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व– अरविन्द सिसोदिया

वर्षप्रतिपदा : भारतीय नववर्ष का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व– अरविन्द सिसोदिया भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इसी दिन से विक्रम संवत के अनुसार हिंदू नववर्ष का आरंभ होता है। भारतीय संस्कृति में इसे वर्षप्रतिपदा कहा जाता है। यह केवल नए वर्ष की शुरुआत भर नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक जीवन में नवचेतना का प्रेरक पर्व है, जो आत्मावलोकन और नए संकल्प का संदेश देता है। भारतीय परंपराओं और पुराणों के अनुसार इसी दिन सृष्टि की रचना का प्रारंभ हुआ था। मान्यता है कि सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने इसी तिथि से जगत की रचना आरंभ की। इसलिए वर्षप्रतिपदा को सृष्टि के प्रथम दिवस के रूप में भी स्मरण किया जाता है। इसी कारण भारतीय पंचांग का नया वर्ष भी इसी दिन से प्रारंभ माना गया है। इतिहास की दृष्टि से भी इस दिन का विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार महान पराक्रमी सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी विजय के उपलक्ष्य में विक्रम संवत का प्रारंभ किया, जो आज भी भारत की पारंपरिक कालगणना का महत्वपूर्ण आधार है। धार्मिक अनुष्ठानों, पर्वों और ...

सोभ सिंह आपातकाल बंदी निर्णय...

राजस्थान उच्च न्यायालय - जोधपुर सोभ सिंह बनाम राजस्थान राज्य... 26 नवंबर, 2025 को लेखिका: नूपुर भाटी बेंच: नूपुर भाटी [2025:RJ-JD:51342]        राजस्थान उच्च न्यायालय,                         जोधपुर                   एसबी सिविल रिट याचिका संख्या 7071/2025  सोभ सिंह पुत्र श्री भीम सिंह, आयु लगभग 89 वर्ष,  निवासी ग्राम- हरसानी (तनु रावजी), तहसील- गडरा रोड,  जिला- बाड़मेर (राजस्थान)।                                                                       ----याचिकाकर्ता                                       बनाम  1. राजस्थान राज्य, सचिव,        ...

UPA कार्यकाल में अमरीका से समझौते...

भारत अमेरिका परमाणु सन्धि क्या थी उसके लिए भारत ने क्या क्या संसोधन किया व तब सरकार कोई सी थी भारत-अमेरिका परमाणु समझौता (2008) एक ऐतिहासिक असैनिक परमाणु करार था, जिसने भारत को NPT (परमाणु अप्रसार संधि) पर हस्ताक्षर किए बिना वैश्विक परमाणु व्यापार करने की अनुमति दी। इसे डॉ. मनमोहन सिंह की यूपीए (UPA) सरकार ने किया था। भारत ने नागरिक और सैन्य परमाणु संयंत्रों को अलग करने व उन्हें IAEA की निगरानी में रखने के संशोधन किए।  भारत-अमेरिका परमाणु संधि (123 समझौता) क्या थी? उद्देश्य: भारत को परमाणु ईंधन की आपूर्ति और तकनीक तक पहुँच सुनिश्चित करना। हस्ताक्षर: 2005 में आधारभूत समझौता, 2008 में अंतिम रूप से संपन्न। परिणाम: भारत को NSG (परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह) से विशेष छूट मिली, जिससे 34 वर्षों का परमाणु अलगाव समाप्त हुआ।  सरकार और मुख्य भूमिका सरकार: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-1), प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह। बुश-मनमोहन समझौता: 18 जुलाई 2005 को मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसकी नींव रखी।  भारत द्वारा किए गए मुख्य संशोधन (Separation Plan & IAEA) संयंत्रों क...

राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2025

विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन विधेयक विशेषांक का विमोचन धर्मांतरण कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने पर ही उसकी सार्थकता होगी — ललित शर्मा कोटा, 11 मार्च। श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति, कोटा जंक्शन से संचालित ‘श्रीराम ज्योति’ पत्रिका के “विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक” के विमोचन कार्यक्रम का आयोजन बुधवार सायंकाल माधव भवन, श्रीराम मंदिर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सेशन एवं सत्र न्यायाधीश, कोटा सत्यनारायण व्यास थे। मुख्य वक्ता क्षेत्रीय संयोजक, धर्म जागरण समन्वय, राजस्थान क्षैत्र ललित शर्मा तथा अध्यक्षता श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. सुधीर उपाध्याय ने की। प्रबंध समिति के सभापति महेश वर्मा एवं पत्रिका के संपादक चंद्रशेखर शर्मा मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल जैन ने किया। कार्यक्रम में श्रीराम मंदिर प्रबंध समिति, कोटा जंक्शन से प्रकाशित होने वाली ‘श्रीराम ज्योति’ पत्रिका के “विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक” विशेषांक का विमोचन मंचस्थ अतिथियों ने किया तथा अतिथियों को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य व...

कांग्रेस वोट बैंक को खुश करने के लिए हिंदुस्तान में आराजकता उत्पन्न करना चाहती है - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति कांग्रेस वोट बैंक को खुश करने के लिए हिंदुस्तान में आराजकता उत्पन्न करना चाहती है - अरविन्द सिसोदिया 8 मार्च, कोटा। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया नें विश्व में लगातार बढ़ते युद्ध और टकरावों से अस्थिर हालातों के बीच, कांग्रेस द्वारा नित नित नये नये झूठ फैलाने पर देश विरोधी और शत्रुहित की राजनीती करार देते हुये कहा है कि " कांग्रेस का असली देश विरोधी चेहरा भारत ही नहीं पूरी दुनिया के सामने बेनक़ाब हो रहा है। कांग्रेस ने वोट बैंक और शत्रुराष्ट्र को खुश करने हेतु हिंदुस्तान में संकट खडे कर रही है, उसने सभी नैतीकताओं को दरकिनार कर दिया है। " उन्होंने कहा कि " आज जब पूरा विश्व अनेक प्रकार के संघर्षों और संकटों से जूझ रहा है, तब भारत को एकजुट होकर अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए। लेकिन कांग्रेस अपनी संकीर्ण राजनीतिक सोच और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण देश में भ्रम और अस्थिरता का वातावरण बनाने में. लगी हुई है। यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विरुद्ध है।" अरविन्द सिसोदिया ...

मोदीजी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरी, कांग्रेस ने हमेशा हिंदुस्तान का अहित किया – अरविन्द सिसोदिया

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मोदीजी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरी, कांग्रेस ने हमेशा हिंदुस्तान का अहित किया – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 7 मार्च। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध और बढ़ते तनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि “भारत की मोदीजी सरकार के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरी है और वह दिन-प्रतिदिन बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संतुलित, दृढ़ और प्रभावी भूमिका का निर्वहन कर रही है।” उन्होंने कहा कि “वर्तमान अनिश्चित वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात अपने देश की अक्षुण्यता, नागरिकों की सुरक्षा, आर्थिक हितों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय संतुलन बनाए रखना है। इसी कारण भारत की विदेश नीति सतर्क, संयमित और स्पष्ट रूप से राष्ट्रहित आधारित दृष्टिकोण पर आगे बढ़ रही है।” सिसोदिया ने कहा कि “कांग्रेस नेतृत्व, तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में देश को पहले ही विभाजित करवा चुका है और उसने हिंदू तथा हिंदुस्तान के हितों को बड़े नुकसान पहुंचाए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ...

कोटा के इतिहास में पहली " हिन्दू मातृशक्ति वाहन रैली " 17 मार्च को, तैयारियां प्रारंभ

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विवेकानंद नगर में मातृशक्ति की बैठक, हिंदू नववर्ष की तैयारियों पर चर्चा कोटा के इतिहास में पहली " हिन्दू मातृशक्ति वाहन रैली " 17 मार्च को, तैयारियां प्रारंभ  कोटा 7 मार्च। हिन्दू नववर्ष 2083 के स्वागत अभिनंदन के पंच दिवसीय कार्यक्रमों का प्रारंभ 17 मार्च मंगलवार को हिन्दू मातृशक्ति वाहन रैली से हो रहा है। हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत का शुभारंभ देवीय शक्तियों के आगमन से होता है, संवत के प्रथम दिन वर्षप्रतिपदा को घट स्थापना होती है। इसी थीम पर हिन्दू नववर्ष आयोजन समिति कोटा महानगर के तत्त्ववधान में 17 मार्च मंगलवार से पंच दिवसीय कार्यक्रमों के क्रम में प्रथम कार्यक्रम देवीय स्वरूप मातृशक्ति की वाहन रैली से प्रारंभ होगा। रैली नयापुरा स्थित स्टेडियम में कोटा महानगर की देवी स्वरूपा मातृशक्ति अपने अपने वाहनों के साथ एकत्र होकर रैली के रूप में निकलेंगी यह रैली गोदावरी धाम पहुंच कर सम्पन्न होंगी। महानगर समिति की मातृशक्ति एवं वाहन रैली संयोजिका रेणु मिश्रा एवं सहसंयोजका चेतना मोरवाल की अगुवाई में टोली गठन किया गया है जिसमें रीना शुक्ला, श्वेता जैन, सोनम पुरोहित, सोनम गोयल...