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कांग्रेस और राहुल गाँधी के चीन में हुए समझौते पर संसद में चर्चा एवं जांच हो, इससे भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है – अरविन्द सिसोदिया

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कांग्रेस और राहुल गाँधी के चीन में हुए समझौते पर संसद में चर्चा एवं जांच हो, इससे भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 8 फरवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविंद सिसोदिया ने लोकसभा में हाल ही में हुए दुर्भाग्यापूर्ण घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " संसद में किया गया सुनियोजित हंगामा, अव्यवस्थित गतिविधियाँ, भ्रामक नारेबाज़ी तथा प्रधानमंत्री की कुर्सी को संसदीय मर्यादा भंग करते हुए घेरे में लेना, संसदीय परंपराओं के विपरीत है और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है।" सिसोदिया ने कहा कि " संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्था है, जिसे जनता अपने मताधिकार से गठित करती है। यह वह मंच है जहाँ देश के नियम, कानून और व्यवस्था से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा और समाधान होता है। विपक्ष का दायित्व है कि वह तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात सदन में रखे, न कि सुनियोजित ढंग से कार्यवाहीयां बाधित कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को विफल करे। " उन्होंने कहा कि " यह त...

कविता - सत्य सनातन नित्य नूतन की जननी, भारतमाता की जय हो

🌺 सत्य सनातन नित्य नूतन की जननी, भारत माता की जय हो  जय जय भाव भारती भारत माता की जय हो जय जय वातसल्य भारती, भारत माता की जय हो। सत्य सनातन नित्य नूतन की जननी, भारत माता की जय हो ॥ ===1=== वेदों की शाश्वत धारा यह, ऋषियों की तपोभूमि यह, जिसकी ज्ञान ज्योति से जग में उजियारा, करुणा की अनुपम कोख भूमि यह ॥ जय जय भाव भारती, भारत माता की जय हो॥ ===2=== ब्रह्मा विष्णु महेश की धारण धरा यह, दुर्गा काली लक्ष्मी सरस्वती, स्वरूपा अनंतशक्ति धरा यह ॥ करुणा, दया भक्ति शक्ति और ममता की छाया, जय जय भाव भारती, भारत माता की जय हो॥ ===3=== श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम, कृष्ण प्रेम रसधारी, नृसिंह बन अधर्म हर, बुद्ध करुणा अपारी । महावीर सत्य पथिक, जग को दिखलाया, जय जय भाव भारती, भारत माता की जय हो॥ ===4=== अयोध्या मथुरा काशी द्वारका, पुरी, रामेश्वर धाम, केदार बद्री कैलास बसे, शंकर नगरी का मान ॥ गंगा यमुना गोदावरी , चरणों को नहलाएँ, हिमगिरि मुकुट सुशोभित, सागर शीश झुकाएँ॥ जय जय भाव भारती, भारत माता की जय हो॥ ===5=== धर्म ध्वजा नभ में फहराए, गूँजे हरि हर नाम, यज्ञ हवन आरती गूँजे, पावन हो हर धाम॥ वीर प्रसूता...

कविता - संसद में राष्ट्र विरोधी पागलपन पर रोक होनी चाहिए

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कविता – संसद में राष्ट्र विरोधी पागलपन पर रोक होनी चाहिए संसद में राष्ट्र विरोधी पागलपन पर रोक होनी चाहिए, कोई पागल घुस आए तो, उसे बाहर करने की ताकत होनी चाहिए। अब लिहाज़ों के लबादों को उतार फेंको, शत्रुता को सबक सिखाने का पुरुषार्थ होना चाहिए। ===1=== यह कैसी गुंडागर्दी है, यह कैसी मक्कारी है, यह कैसी निर्ममता है, यह कैसी गद्दारी है, अपने ही लोकतंत्र से, अपने ही संविधान से, यह कैसी धोखाधड़ी है, यह कैसी गुंडागर्दी है। ===2=== जनमत को पैरों तले रौंद रहे, संसद को सदन दंगल बना रहे, सत्ता के काम में बाधा डाल रहे,  देश विरोधी शोर-शराबा फैला रहे है। ===3=== व्यवस्था को लात, मर्यादा की हत्या, संविधान को खुलेआम लजाया है, जनता के धैर्य को ललकार रहे, अराजकता का अरमान सजाया है। ===4=== देश की अस्मिता बेतार कर रहे, विदेशी आँगन में सिर झुका रहे, शत्रु को खुश करने के बीन बजाते, अपने ही देश का चीर-हरण कर रहे हैं। ===5=== माँ भारती के माथे पर, कलंक का टीका लगाते हैं, फिर कैमरों के सामने आकर, झूठ और भ्रम की नदियाँ बहाते हैं। ===6=== संविधान की किताब उठाकर, उसी की ही हत्या करते हैं, लोकत...

कविता - कभी पूछना भारत माँ से बँटवारे में क्या-क्या हुआ

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कविता - कभी पूछना भारत माँ से बँटवारे में क्या-क्या हुआ कभी पूछना भारत माँ से बँटवारे में क्या-क्या हुआ..? रो बैठेगी मानवता, इंसानियत सिसकारेगी..! “क्या-क्या न हुआ?” यह कह कर भारत मां आंसू बहा बैठेगी। सिंध कहेगा, पंजाब कहेगा, बंगाल कहेगा, कहेगी उस सदी की सारी गाथाएँ। हम हिंदू हैँ हिंदुस्तान हमारा,  हम पर क्यों हैवानियत नें डाका डाला। ===1=== उस वक़्त का मंजर कितना विभत्स था, धरती पर इंसान नहीं, लाशों का बोझा था। कुओं में भरे गए शव, गलियाँ ख़ून से भरी थीं, माँ की गोद में कटा बच्चा और आँखें खुली थीं। रेलें चलीं तो ज़िंदा नहीं, सिर्फ़ लाशें पहुँचीं, हर डिब्बे से इंसानियत की साँसें टूटीं थीं। मां बहने लूटी गईं, काटी गईं और बाँटी गईं, हैवानियत को छूट मिली, सरकारें चुप्पी साधे थीं। ===2=== आजादी के कतरे-कतरे पर लिखा है बलिदान, क्यों अब भी बहलाते हो लेकर अहिंसा का नाम। दस - बीस लाख मरे, पर कोई युद्ध न था, डेढ़ करोड़ उजड़े, घर छूटे कोई दुश्मन नहीं बंटवारा था। हिंदू कटा, हिंदुस्तान टूटा, भारत माँ का आँचल लहूलुहान हुआ था। ===3=== ये दंगे नहीं थे, ये उन्माद नहीं था, ये सत्ता के लि...

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.

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डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल बोले- CM भजनलाल और पूर्व CM वसुंधरा राजे के बीच अच्छी सेटिंग, राहुल गांधी पर कसा तंज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल का तंज February 7, 2026  Choose ETV भारत कोटा : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल कोटा दौरे पर आए. उन्होंने बजट के संबंध में कोटा में मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को राम के मुद्दे पर घेरते हुए नेताओं को 'बेशर्म' बता दिया. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से संबंधित सवाल पर जवाब दिया कि वसुंधरा राजे सिंधिया भाजपा के कई कार्यक्रम में आती हैं. छोटे से लेकर बड़े कार्यक्रम में नजर आती हैं. उनकी कई जगह पर व्यस्तता रहती है. उन्होंने हाल ही में अंता के चुनाव को पूरे ताकत व मेहनत से लड़ा है. वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ उनकी अच्छी एडजस्टमेंट है और दोनों की अच्छी सेटिंग भी चल रही है. उन्होंने बजट पर कहा कि चीन में जीडीपी ...

अंतिम यात्रा में "राम नाम सत्य है " क्यों...

🔥 अंतिम यात्रा में "राम नाम सत्य है" क्यों बोला जाता है? जानिए इसका अद्भुत रहस्य! 🙏🏽 🍂 "राम नाम सत्य है" - एक अंतिम यात्रा का मंत्र या जीवन का परम सत्य? 🔥🙏🏽 हम सभी ने अंतिम यात्रा के दौरान "राम नाम सत्य है" का उद्घोष सुना है। आखिर यह परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? इसके पीछे गोस्वामी तुलसीदास जी से जुड़ी एक अद्भुत कथा प्रचलित है। 📜 एक प्रचलित कथा के अनुसार: एक समय की बात है, जब गोस्वामी तुलसीदास जी अपने गाँव में रहते थे। वे सदैव प्रभु राम की भक्ति में लीन रहते। उनकी अनन्य भक्ति को देखकर घरवालों और गाँववालों ने उन्हें 'ढोंगी' कहकर घर से निकाल दिया। तुलसीदास जी गंगा तट पर रहने लगे और वहीं प्रभु की आराधना करने लगे। यह वही समय था जब वे 'रामचरितमानस' की रचना आरंभ कर रहे थे। उसी दिन उनके गाँव में एक युवक का विवाह हुआ। वह अपनी नई-नवेली दुल्हन को लेकर घर आया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसी रात किसी कारणवश उस युवक की मृत्यु हो गई। घर में कोहराम मच गया। सुबह जब लोग युवक की अर्थी सजाकर श्मशान घाट ले जाने लगे, तो उसकी दुल्हन भी सती होने की इच्छा से अर्थी क...

कविता - गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी

कविता - गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी, रूह को खोखला कर जाती है, इंसान के वजूद से खेलकर, उसकी पहचान मिटा जाती है। ये दुश्मन से भी खतरनाक होती, क्योंकि अपना बनकर आती है, पीठ में छुरा, होंठों पर हँसी, यही इसकी सबसे बड़ी साजिश कहलाती है। जो खुलकर दुश्मनी निभा जाए, उससे फिर भी निपट सकते हो, पर जो गले लगकर ज़हर दे, उससे बचना ही सबसे बड़ा युद्ध हो। सबसे पहले गद्दार को पहचानो, हर मुस्कान को सच मत मानो, कुछ चेहरे नकाबों में जीते हैं, उनकी फितरत को तुम जानो। मीठे बोलों की मिठास में, कई बार मौत घुली होती है, जो हर वक्त तुम्हारी खुशहाली से जले, समझो वही गद्दारी बोती है। जब तक ऐसे लोग साथ रहेंगे, हर कदम पर चोट लगेगी भारी, इन्हें जड़ से उखाड़ फेंको, क्योंकि गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी।

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

कैंसर का 'झाड़ा' और आस्था राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव है। पारंपरिक उपचार: देवमाली में स्थित देवनारायण मंदिर में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के 'झाड़े' (पारंपरिक उपचार) के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं। कैंसर का ‘झाड़ा’ और आस्था देवमाली में परंपरा, विश्वास और आधुनिक चिकित्सा के बीच खड़ा सवाल राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित एक छोटा-सा गांव देवमाली आज देश-दुनिया में अपनी अनोखी आस्था के लिए जाना जाता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में स्थित देवनारायण मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां कैंसर, गंभीर बीमारियों और असाध्य रोगों के ‘झाड़े’ के लिए भी लोग दूर-दराज़ से पहुंचते हैं। आस्था का केंद्र: देवनारायण मंदिर देवनारायण भगवान को राजस्थान और गुजरात के कई समुदायों में लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। देवमाली स्थित मंदिर को उनका प्रमुख धाम माना जाता है। मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थना और झाड़ा अनेक गंभीर बीमारियों से राहत दिला सकता है। मंदिर परिसर में रोज़ाना ऐसे मरीज देखे जा सकते हैं, जो कैंसर, लकवा, मानसिक रोग, त्वचा रोग और अन्य ज...

भारत की सफल विदेशनीति का सुखद परिणाम, टैरिफ घटा, विश्वास बड़ा - अरविन्द सिसोदिया

भारत की सफल विदेशनीति का सुखद परिणाम,  टैरिफ घटा, विश्वास बड़ा - अरविन्द सिसोदिया  अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा आगे होकर भारत के प्रधानमंत्री से बात करना और टेरिफ़ कम करने की जानकारी देना, शुभ समाचार है, भारत की सफल विदेशनीति का प्रमाण है।  भारत परोक्ष अपरोक्ष अमरीका का रणनीतिक मित्र है, दोनों ही देशों की आर्थिक और समरिक जरूरतें एक दूसरे पर निर्भर हैँ, यह कई कई दसकों के व्यवहार से था, इसे एक झटके में तोड़ा या समाप्त नहीं किया जा सकता घा। यह भारत के संयम, सहनशिलता और गंभीर व्यवहार का परिणाम है।  प्रधानमंत्री ने क्या कहा? मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आज बात करना अद्भुत रहा. यह जानकर बेहद खुशी हुई कि भारत में बने उत्पादों (Made in India products) पर अब टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है. इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का बहुत-बहुत धन्यवाद. जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और पारस्परिक सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं. विश्व शांति, स्थिरता और समृद्...

कविता - सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा

कविता : सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा प्रथम चेतना के अधिष्ठाता,सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा, ज्ञान–विज्ञान के अनुसंधान का, प्रारंभ ही प्रारब्ध है मेरा। हम विशुद्ध ज्ञान के ज्ञाता, सत्य की अमर पिपासा, सदैव के अस्तित्व की शौर्य-गाथा, नूतन की नित्य अभिलाषा। प्रथम चेतना के अधिष्ठाता, सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा। (1) कैलाश कोई आसान नहीं, गंगा कोई सामान्य नहीं, त्रिदेवों से त्रिकाल तक, जिसका बोध है असाधारण सही। धर्म धारण कर सत्य खोजता, युग-युग से अविचल हूँ, मैं सनातन हूँ, मैं सनातन हूँ— नित्य नवीन, नित्य नूतन हूँ। (2) प्रथम चेतना के अधिष्ठाता, सनातन सभ्यता है नाम मेरा, ज्ञान–विज्ञान के अनुसंधान का, प्रारंभ ही प्रारब्ध है मेरा। ऋषि-दृष्टि में प्रश्न जगे, अनुभव से उत्तर आकार लिए, श्रुति में ब्रह्म स्वयं बोला, स्मृति ने काल से सार खोला । (3) हम विशुद्ध ज्ञान के ज्ञाता, सत्य की अनंत पिपासा, न जड़ में विश्वास हमारा, न मिथ्या में कोई आशा। वेदों में नाद बना चेतन, उपनिषद् में मौन विचार, जहाँ आत्मा ही प्रयोगशाला, जीवन स्वयं प्रमाण-सार। (4) सदैव के अस्तित्व की शौर्य-गाथा, नूतन की अभिलाषा, क्षण में ...

ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21% की उल्लेखनीय वृद्धि - शिवराज सिंह चौहान

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय azadi ka amrit mahotsav बजट 2026‑27 ऐतिहासिक और अभूतपूर्व- श्री शिवराज सिंह चौहान  यह विकसित भारत का डायनामिक बजट है- केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21% की उल्लेखनीय वृद्धि- श्री शिवराज सिंह चौहान कृषि बजट 1.32 लाख करोड़ रु., किसानों की प्रगति और विकास का बजट 1.70 लाख करोड़ रु. से अधिक उर्वरक सब्सिडी, किसानों की लागत में राहत प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 i केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह 12वीं बार बजट प्रस्तुत हुआ है और श्रीमती निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जो देश के लिए गर्व की बात है। श्री चौहान ने कहा, “यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने का महाकाव्य है। यह समाज की समृद्धि और संकल्पो...

रक्षा बजट 15 प्रतिशत बड़ा

रक्षा मंत्रालय रक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2026-27 में 7.85 लाख करोड़ रुपये का सर्वकालिक उच्च आवंटन किया, जो वित्त वर्ष 2025-26 के बजटीय अनुमानों से 15 प्रतिशत अधिक है पूंजी शीर्ष के तहत रिकॉर्ड 2.19 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए; पूंजी अधिग्रहण बजट में 24 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि निजी कंपनियों सहित घरेलू उद्योगों के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये आवंटित संचालन तत्परता कोबनाए रखने हेतु उच्च बजटीय आवंटन पूर्व सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वा स्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने में सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत; ईसीएचएस के लिए 12,100 करोड़ रुपये आवंटित,वित्त वर्ष 2025-26 के BE से 45.49% अधिक रक्षा मंत्री के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करेगा प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 3:42PM by PIB Delhi ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्रीय बजट में, रक्षा सेवाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये की अभूतपूर्व राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है। यह आवंटन अगले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित जीडीपी का 2% है और वित्त वर्ष 2025-26 के बजटीय अन...

बजट 2025-26

वित्‍त मंत्रालय वर्ष 2026-2027 के केंद्रीय बजट की मुख्‍य बातें  01 FEB 2026 भाग – 1 केंद्रीय वित्‍त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आज संसद में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्‍तुत किया। बजट की मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं:- कर्तव्‍य भवन में तैयार किया गया पहला बजट तीन कर्तव्‍यों से प्रेरित है:- पहला कर्तव्‍य – उत्‍पादकता और प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्‍य में लचीलापन लाकर आर्थिक विकास को तेज करना और उसकी गति बनाए रखना दूसरा कर्तव्‍य- भारत की समृद्धि के पथ में सशक्‍त साझेदार बनाने के लिए लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और उनकी क्षमता बढ़ाना तीसरा कर्तव्‍य - सरकार की सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुकूल- यह सुनिश्चित करना कि सार्थक भागीदारी के लिए प्रत्‍येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच उपलब्‍ध हो। बजट अनुमान गैर ऋण प्राप्तियां और कुल व्‍यय क्रमश: 36.5 लाख करोड और 53.5 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है। सकल बाजार उधारी 17.2 ल...

कविता: धैर्य बनाए रखना,इसमें बड़ी ताकत है

कविता: धैर्य बनाए रखना,इसमें बड़ी ताकत है धैर्य बनाए रखना, इसमें बड़ी ताकत है, शालीनता बनाए रखना, इसमें बड़ी ताकत है। सागर की तरह शांत रहना, इसमें बड़ी ताकत है, हवा की तरह निर्मल रहना, इसमें बड़ी ताकत है। हर क्षण स्वयं से संवाद करना, इसमें बड़ी ताकत है। === 1 === जब जीवन की आँधियाँ सब कुछ तोड़ने आएँ, जब अपने ही प्रश्न बनकर रास्ते रोकने आएँ, तब टूटकर भी न बिखरना, अंधकार में भी दिशा खोजना, एक क्षण ठहर जाना, खूब सोचना, समझना, मौन में छिपे उत्तर सुन लेना— इसमें बड़ी ताकत है। === 2 === अपमान को अनुभव बना लेना, हार को सीख समझकर आगे बढ़ जाना, गिरकर फिर उठने का साहस जुटाना, हर परिस्थिति में उम्मीद को थामे रखना— इसमें अपार ताकत है। === 3 === भीड़ में भी स्वयं से जुड़े रहना, खुद से, खुद की बात करना, अकेलापन कमजोरी नहीं, खुद से मिलने का अवसर मानना। आत्मचिंतन से भीतर विश्वास का दीप जलाए रखना, यही आत्मबल, परम शक्ति का विस्फोट करता, जीवन को सच्ची ताकत से भरता— इसी ताकत को बनाए रखना। === 4 === सागर सब कुछ सहकर भी अपनी गहराई नहीं खोता, गहराई बड़ी सयानी है, उथले को कर देती पानी-पानी। हवा सबको छूकर भी क...

भजनलाल शर्मा सरकार सुशासन का मॉडल बनी, राजस्व घाटे में कमी और भ्रष्टाचार पर सख़्त नियंत्रण - अरविंद सिसोदिया

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भजनलाल शर्मा सरकार सुशासन का मॉडल बनी, राजस्व घाटे में कमी और भ्रष्टाचार पर सख़्त नियंत्रण - अरविंद सिसोदिया कोटा, 31 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविंद सिसोदिया ने कहा है कि " मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन के ज़रिये सुशासन का प्रभावी मॉडल स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य के राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसकी सराहना भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में भी की गई है। " सिसोदिया ने बताया कि " वर्ष 2023-24 में प्रदेश का राजस्व घाटा रूपये 38,954 करोड़ था, जिसे 2024-25 के संशोधित अनुमानों में घटाकर रूपये 31,939 करोड़ कर दिया गया है। बजट 2025-26 में सरकार ने राजस्व घाटे को जीएसडीपी के मात्र 1.6 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है, जो राज्य की बेहतर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि "राज्य के स्वयं के कर राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार ने लीकेज रोकी हैं और व्यय को नियंत्रित किया है, जिससे विकास कार्यों क...

कविता - शून्य से मत डरो,यह अस्तित्व की पहचान है।

कविता - शून्य से मत डरो शून्य से मत डरो, यह अस्तित्व की पहचान है। पुरुषार्थ के लिए प्रेरणा , सफलता के लिए संघर्ष का नाम है। ===1=== यहीं से उठती है कोशिशों की पहली आहट, यहीं जन्म लेता है खुद को साबित करने का साहस। अंधेरों को चीरती हुई विकास की यह किरण भरती उड़ान है  ===2=== जो शून्य में खड़ा रह सका, वही ऊँचाइयों का अर्थ जानता है। जो हार से आँख मिला सका, वही जीत की भाषा पहचानता है। याद रखो हर सफर शून्य से प्रारंभ होकर, एक एक नया कीर्तिमान रचता है। ===3=== शून्य से मत डरो, यह गिरने का नहीं, उठने का नाम है। शून्य से मत डरो, यह अंत नहीं, अस्तित्व की अनुसंधान है। === समाप्त===  

हिंदू बांटो राज करो, यह सदियों की परिपाटी है

कविता - हिंदू बांटो राज करो, यह सदियों की परिपाटी है  हिंदू बांटो राज करो यही तो सदियों से होता आया, अब तो संभलो हिंदूँ वर्ना पूरी तरह दफन हो जाओगे। इतिहास कोई कथा नहीं, यह खुली हुई चेतावनी है, जो कल हुआ, वही क्या फिर दोहराओगे। === 1 === ताज नहीं टूटा पहले, पहले टूटी थी एकता, जब भीतर आग लगी, तब  जीती बाहरी सत्ता। तक्षशिला से तराइन तक, एक ही दोष दिखा, शत्रु सामने खड़ा रहा, भाई भाई से ही लड़ा। === 2 === तलवारें कम नहीं थीं, साहस भी था अपार, पर अहंकार की दीवारों ने खोल दिया हर द्वार। कोई धर्म बचाने नहीं आया था बाहर से, कोई न्याय दिलाने नहीं उतरा था सागर पार से। हमने ही बुलाया था, स्वार्थ के निमंत्रण पर, और फिर रोते रहे बेड़ियों के बंदीपन पर। === 3 === अंग्रेज़ आया चाल लेकर, काग़ज़ और कानून, पहले बाँटा सोच को, फिर लूटा आत्मसम्मान और जूनून। जाति में बाँटो, भाषा में बाँटो, इतिहास बदल दो, लड़ते रहो आपस में—राज हमें करने दो! आज भी वही पटकथा है, बस चेहरे बदल गए, लड़ाने वाले मुस्कुराते हैं, हम फिर बहक गए। === 4 === जो सवाल सत्ता से होना था, वो पड़ोसी से कर रहे, और जो जोड़ने की बात थी, उसे...

कविता - वीर शिरोमणि राणा सांगा

कविता - वीर शिरोमणि राणा सांगा तन पर अस्सी घाव सजे थे, पर मन में डर का नाम न था, कट गया हाथ, गईं एक आँखें, फिर भी रण से विराम न था। लहू बहा पर तेज न टूटा, सिंह गर्जना गरजती थी, राणा सांगा के नाम मात्र से, शत्रु की काया कंपती थी। जहाँ-जहाँ तलवार उठी, स्वाभिमान का दीप जला, तोपों से नहीं, साहस से युद्धों का मोल बढ़ा। अपने ही लहू से उसने मातृभूमि को तौल दिया, वीरता ही उसकी रणभूमि थी, राष्ट्रधर्म ही उसकी बलिवेदी थी । खानवा की धरा साक्षी है, लहू से लिखे इतिहास की, एकाकी सिंह डटा रहा, आँधी आई विश्वासघात की। देह भले ही टूट गई, पर वचन नहीं टूटा आन का, राणा सांगा नाम नहीं था, वह प्रतीक था स्वाभिमान का। राष्ट्रधर्म मेवाड़ की आन था, सूर्यवंशी तेज की शान था, राजपूताना  स्वाभिमान था, हर रण जिसका इम्तिहान था। मर कर भी जो अमर हुआ, वह सच्चा सपूत महान था , राष्ट्रधर्म के पथ पर चलकर, इतिहास में वह देदीपयमान था. आओ शीश झुकाएँ आज, उस रणबांकुरे के चरणों में, प्रेरणापाएं मातृभूमि के लिए मर मिटने की, वही ज्वाला फिर जीवित हो, हर युवा के मन मस्तिष्क में। शौर्य को हो जागरण ,फिर उठे सिंह समान समाज, राणा सांगा...