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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर NSA लगाया जाये

सेवा में, श्रीमान गृह मंत्री महोदय, भारत सरकार, नई दिल्ली। द्वारा – जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट महोदय, कोटा (राजस्थान)। विषय: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा माननीय इंद्रेश कुमार जी के विरुद्ध लगाए गए भ्रामक, असत्य, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले एवं सांप्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न करने वाले आरोपों के संबंध में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980’ एवं ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ के अंतर्गत विधिसम्मत कार्यवाही हेतु ज्ञापन। महोदय, हम, अधोहस्ताक्षरी, ‘भारत तिब्बत सहयोग मंच’ (चित्तौड़ प्रांत इकाई) के पदाधिकारी/सदस्य, इस ज्ञापन के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत गंभीर विषय की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द एवं महिलाओं की गरिमा से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। यह अवगत कराना है कि विगत दिनों ज्योतिष्पीठ से संबद्ध स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा एक सार्वजनिक मंच/माध्यम से माननीय इंद्रेश कुमार जी (वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के विरुद्ध यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने “10 लाख हिंदू लड़कियों का निकाह मुस्लिम परिव...

हिंदू और हिंदुत्व की सुरक्षा, अस्तित्व का यक्ष-प्रश्न; इसे नकारा नहीं जा सकता - अरविन्द सिसोदिया

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गहलोत तुष्टिकरणवादी राजनीति के "नो चांस" राजनेता हैं - अरविन्द  सिसोदिया  हिंदू और हिंदुत्व की सुरक्षा, अस्तित्व का यक्ष-प्रश्न; इसे नकारा नहीं जा सकता - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 30 मार्च। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस नेता अशोक  गहलोत के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “हिंदू और हिंदुत्व की सुरक्षा कोई वैकल्पिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र और संस्कृति के अस्तित्व का यक्ष-प्रश्न है। हिंदू अपने राजनैतिक और सामाजिक अधिकारों और सुरक्षा के लिए जागरूक हो रहा है। हिंदू युवाशक्ति अपनी एकजुटता के प्रति दृढ़ हुई है।अब फूट डालो राज करो का छल कपट नहीं चलेगा। ” उन्होंने कहा कि “जिस तरह से बाहरी घुसपैठ और जनसंख्या विस्फोट के माध्यम से क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन के प्रयास हो रहे हैं, ये हिंदुत्व के विरुद्ध ही षड्यंत्रपूर्ण हमला है। किंतु कांग्रेस और उसके नेता इस सच्चाई को जानबूझकर वोट बैंक को खुश करने के लिए नकारते रहते हैं, क्योंकि उनकी राजनीति ही हिंदू विरोध और तुष्टिकरण पर टिकी हुई है।” सिसोदिया ...

मीडिया,सोशल मीडिया, आई टी और ए आई

प्रिय साथियों, नमस्कार 🙏 आज हम एक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर बात करने के लिए यहाँ एकत्र हुए हैं— मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी और एआई पहले राजनीति का तरीका अलग था। नेता लोगों तक पहुँचने के लिए सभा, रैली और घर-घर संपर्क करते थे। आज भी ये जरूरी है, लेकिन अब समय बदल गया है। 👉 आज का जमाना डिजिटल जमाना है। अब मोबाइल ही सबसे बड़ा मंच बन चुका है। 📰 1. मीडिया का महत्व साथियों, मीडिया क्या है? मीडिया वो माध्यम है जिससे हमारी बात जनता तक पहुँचती है। जैसे—टीवी, अखबार, न्यूज़ चैनल 👉 अगर आपकी बात मीडिया में आती है, तो लाखों लोग आपको जानते हैं। उपयोग: आपकी पहचान बनती है आपकी बात दूर-दूर तक जाती है जनता का विश्वास बढ़ता है 👉 सरल शब्दों में: “मीडिया आपकी आवाज़ को ताकत देता है” 📱 2. सोशल मीडिया का महत्व अब बात करते हैं सबसे ताकतवर चीज की— सोशल मीडिया पहले हमें 1000 लोगों तक पहुँचने के लिए रैली करनी पड़ती थी। आज एक मोबाइल से हम लाखों लोगों तक पहुँच सकते हैं। उदाहरण: WhatsApp पर मैसेज भेजो Facebook पर पोस्ट डालो YouTube पर वीडियो डालो उपयोग: जनता से सीधा संपर्क अपनी बात तुरंत पहुँचाना प्रचार करना आसान 👉 ...

सिरेंडर कांग्रेस...

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद 54 भारतीय सैनिक लापता हैं, जिन्हें अक्सर 'मिसिंग 54' (Missing 54) कहा जाता है। माना जाता है कि ये सैनिक पाकिस्तानी जेलों में युद्धबंदी (PoW) के रूप में बंद हैं। वर्षों के बीत जाने और परिजनों के संघर्ष के बावजूद, इन सैनिकों की वापसी अब भी एक अनसुलझी पहेली और बड़ा कूटनीतिक मुद्दा है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के गुमनाम नायकों में से एक, मेजर अशोक कुमार सूरी (Major Ashok Kumar Suri) की कहानी वीरता, बलिदान और अंतहीन इंतज़ार की एक मार्मिक गाथा है। वे उन 54 भारतीय युद्धबंदियों (POWs) में से एक थे, जो युद्ध के बाद भी पाकिस्तान की जेलों में रह गए, लेकिन भारत कभी वापस नहीं लौटे। मेजर अशोक कुमार सूरी हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले थे। वे 5 असम बटालियन (Assam Regiment) में कमीशंड ऑफिसर थे और बेहद बहादुर और खेल प्रेमी (विशेषकर हॉकी) अधिकारी थे। 1971 के युद्ध के दौरान, वे चम्ब सेक्टर (पश्चिमी मोर्चे) में तैनात थे। बटालियन क्वार्टर मास्टर के रूप में, उन्होंने मुन्नवर और तवी नदी के पास 191 इन्फैंट्री ब्रिगेड की अग्रिम रक्षा पंक्तियों में गोला-बारूद और ...

भू-अभिलेख के स्तर पर रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा सकता है

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड (अधिकार अभिलेख) वितरण में गड़बड़ी, गलत नाम दर्ज होने या सीमांकन में त्रुटि के मामलों के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (MP Land Revenue Code), 1959 के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान और प्रक्रिया निर्धारित है। स्वामित्व योजना में हुई गड़बड़ी के संबंध में प्रमुख रूलिंग और सुधारात्मक उपाय इस प्रकार हैं:- 1. आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया (Legal Remedies): अंतिम प्रकाशन से पूर्व: जब ड्रोन सर्वे के बाद गांव का मानचित्र (Map) तैयार किया जाता है, तो उसे ग्राम पंचायत में प्रदर्शित किया जाता है। यदि संपत्ति कार्ड में नाम, रकबा (क्षेत्रफल) या सीमा में गलती है, तो ग्रामीण प्रकाशन की तिथि से एक निर्धारित समय के भीतर (आमतौर पर 30 दिन) अपनी आपत्ति राजस्व विभाग (पटवारी या तहसीलदार) को दे सकते हैं। अंतिम प्रकाशन के बाद: यदि कार्ड वितरित हो चुके हैं, तो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 115 या 116 के तहत तहसीलदार के समक्ष "अभिलेखों में सुधार" के लिए आवेदन किया जा सकता है।  2. विवादों के निराकरण के लिए रूलिंग (Dispute Resolut...

कविता - भारत की जान मोदी,

भारत की जान मोदी, भारत का मान मोदी, भारत का सम्मान मोदी, मोदी भारत की शान है। सीना तान विश्व मंचों पर, भारत की पहचान है, हर राष्ट्र संग बढ़ता रिश्ता, यह उनकी उड़ान है। कूटनीति की धार से जीता, हर दिल और हर देश, मित्रता का दीप जलाकर, मिटा दिए संशय-लेश। अमेरिका से अरब धरा तक, गूंजा भारत नाम, शांति, शक्ति और सहयोग का, फैला दिव्य पैगाम। सीमा से सागर तक फैली, विश्वासों की डोर, मोदी के नेतृत्व में चमका, भारत हर एक छोर। दुश्मन भी अब सोच में डूबे, कैसी यह हुंकार, शब्दों में भी शक्ति दिखे जब, हो सच्चा व्यवहार। विश्व गुरु बनने की राहें, अब हुईं आसान, नीति, नीयत, और नायक—तीनों का संगम महान। संकट में भी साथ निभाया, मानवता का मान, वैक्सीन से लेकर मदद तक, बढ़ाया देश सम्मान। हर मंच पर भारत बोले, साहस की जुबान, मोदी के इस युग में जग में, ऊँचा हिन्दुस्तान। भारत की जान मोदी, भारत का मान मोदी, भारत का सम्मान मोदी, मोदी भारत की शान है।

हिंदू नववर्ष 2083 कोटा महानगर के आयोजन

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----18  -----  मार्ग और चौराहे भगवा स्वरूप में सजाए गए   स्वागत द्वारों और पुष्पांजलियों द्वारा रैली का अभिनंदन हुआ  हनुमान चालीसा और भारतमाता की आरती से सम्पन्न हुई जड़ के बालाजी की एक वर्ष में मंदिर निर्माण की चेतावनी दी  कोटा के इतिहास की ऐतिहासिक और सबसे बड़ी भगवा रैली  सैकड़ों रैलियों से कोटा भगवामय हुआ, हजारों हिंदू युवाओं ने सम्मिलित होकर निकाली विराट भगवा रैली  कोटा, 21 मार्च। हिंदू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर के तत्वावधान में आयोजित पंचदिवसीय कार्यक्रमों के समापन पर शनिवार को कोटा महानगर में विराट भगवा वाहन रैली निकली। रैलियों में डीजे की धुन, भारत माता, भगवान श्री राम, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, बाबा साहब अंबेडकर और लव जिहाद सहित अनेकों झांकियां रहीं और हिंदू सहभागी भगवा दुपट्टा, भगवा झंडी और भगवा साफा धारण कर सम्मिलित हुए। भगवा रैली संयोजक युधिष्ठर सिंह नें बताया कि कोटा की 500 से अधिक छोटी-बड़ी बस्तियों से सर्व हिंदू समाज के नागरिक अपने-अपने वाहनों से निकले और अपने नगर की टोलियों में सम्मिलित ...