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अहंकारी ट्रंप की तरह कांग्रेस का भी होगा राजनीतिक सफाया - अरविन्द सिसोदिया

राहुल और कांग्रेस को भी बदतमीजी और बड़बोलेपन की नकारात्मक राजनीति की सजा देगी भारत की जनता  - अरविन्द सिसोदिया अहंकारी ट्रंप की तरह कांग्रेस का भी होगा राजनीतिक सफाया -  अरविन्द सिसोदिया कोटा 6 नबंवर । भाजपा नेता अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि " जिस तरह अहंकारी ट्रंप को बदतमीजी और बड़बोलेपन की सजा वहाँ की जनता नें वोट के रास्ते दी है, ठीक उसी तरह भारत की जनता भी बदतमीजी, बड़बोलेपन, अनर्गल बयानबाजी और नकारात्मक राजनीति के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस को वोट के रास्ते सजा देगी। " उन्होंने कहा कि "  जिस तरह लगातार राहुल गांधी और कांग्रेस नें राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर केवल, अपमान, आरोप-प्रत्यारोप, भ्रम और विवाद की राजनीति कर रहे हैं, उसका जवाब देश की जागरूक जनता लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देगी।" सिसोदिया ने कहा कि " लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन विपक्ष का दायित्व केवल सरकार पर निराधार आरोप लगाना, संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करना और हर विषय पर राजनीतिक विवाद...

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) – क्यों - शिवप्रकाश

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 विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) – क्यों? विचार : शिवप्रकाश भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित ‘हम भारत के लोग’ अपने संविधान को आत्मार्पित करते हैं। भारत में जन्मे, भारत की एकता एवं अखंडता के प्रति निष्ठा रखने वाले और भारतीय संविधान में आस्था रखने वाले नागरिकों से ही ‘हम भारत के लोग’ का तात्पर्य है। चुनाव, प्रतिनिधित्व, नागरिक अधिकार और कानून का शासन लोकतंत्र का आधार है। भारत के प्रति समर्पित वयस्क नागरिकों को ही भारत में सरकार चुनने का अधिकार है। चुनाव के माध्यम से भारत में राज्य और केंद्र की सरकार चुनने का अधिकार विदेशी घुसपैठियों को देना कैसे संभव हो सकता है? इसी कारण संविधान में मतदाता शुद्धिकरण की व्यवस्था है। भारतीय संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) के अंतर्गत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने का अधिकार चुनाव आयोग को देता है। इसके अंतर्गत अब तक 13 बार मतदाता सूची के निरीक्षण का कार्य चुनाव आयोग द्वारा किया गया है। यह प्रक्रिया 1952–56, 1957, 1961, 1965, 1966, 1983–84, 1987–89, 1992, 1993, 1995, 2002, 2003 और 2004 में हुई...

‘फ्लॉप रैली’ की फजीहत से बचने को राहुल की बहस वाली नौटंकी: अरविंद सिसोदिया Rahul ki bahas

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प्रेस विज्ञप्ति ‘फ्लॉप रैली’ की फजीहत से बचने को राहुल कर रहे हैँ बहस की नौटंकी : अरविंद सिसोदिया कोटा, 5 नवंबर। भारतीय जनता पार्टी (राजस्थान) के कोटा संभाग मीडिया संयोजक एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी और राजनीतिक विश्लेषक अरविंद सिसोदिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि " राहुल गांधी द्वारा हाल ही में दी गई बहस की चुनौती पूरी तरह से फ्लॉप रैली की चर्चा से ध्यान हटाने की एक राजनीतिक नौटंकी मात्र है।" उन्होंने कहा कि " इंडी गठबंधन के 23 दलों की जिस कथित ‘महारैली’ को लेकर बड़े-बड़े दावे 15 दिन से किए जा रहे थे, वह मात्र 50 हजार की क्षमता वाले रामलीला मैदान तक को नहीं भर पाई। इस करारी नाकामी और मीडिया एवं जनता के सामने हुई भारी फजीहत से ध्यान भटकाने के लिए ही अब राहुल गांधी बहस का ड्रामा कर रहे हैं।" अरविंद सिसोदिया ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि " अगर राहुल गांधी में सचमुच दम है, तो उन्हें सड़कछाप नौटंकी करने के बजाय देश के सर्वोच्च अधिकृत मंच यानी संसद में बहस करनी चाहिए। वे खुद नेता प्रतिपक्ष हैं, ...

विदेशी संबंधों पर जबाब राहुल और कांग्रेस को ही देना है,भारत फिर किसी अंग्रेज का गुलाम नहीं बनेगा - अरविन्द सिसोदिया

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यह वीडियो उस समय की एक रिपोर्ट है, इसे अवश्य सुनें ======== भारत के इतिहास में सर्वाधिक विदेश घूमने वाले नेता प्रतिपक्ष और संदिग्ध व्यक्तियों से मिलकर भारत विरोधी बातें करने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मैं याद दिलाना चाहता हूँ कि मार्च 2023 में आपने लंदन जाकर यह कहा था, “Why are the defenders of democracy in Europe and America silent?” यानी लोकतंत्र के रक्षक यूरोप और अमेरिका चुप क्यों हैं? यानी आप यूरोप और अमेरिका से सीधे अपने लिए भारत के अंदर राजनीतिक मदद माँग रहे थे। यह सभी को पता है कि वास्तव में विदेशों से लिंक किसके जुड़े हुए हैं। इसलिए मैं यही कहना चाहूँगा कि आप और आपका खानदान कम से कम विदेशों के मामले पर तो न ही बोलें, तो बेहतर है। खुद मियाँ फ़ज़ीहत, दूसरों को नसीहत। ========== 1- भारत पर विदेशी अंग्रेज स्वतंत्रता के बाद भी माउन्टबेटन को शासक बनाये रखने का सवाल कांग्रेस से ही है ? 2- भोपाल गैस त्रासदी के मुख्यअभियुक्त एडरसन को भारत से सुरक्षित अमरीका पहुंचाने का सवाल कांग्रेस से ही है  3- भारत की संसद में अमेरिकी परमाणु सन्धि प...

घुसपैठ पर अंकुश, जनसांख्यिकीय असंतुलन की पहचान, मतदाता सूची में शुद्धता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए "एसआईआर" राष्ट्रहित में आवश्यक — अरविन्द सिसोदिया

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लेख  घुसपैठ पर अंकुश, जनसांख्यिकीय असंतुलन की पहचान, मतदाता सूची में शुद्धता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए "एसआईआर" राष्ट्रहित में आवश्यक — अरविन्द सिसोदिया  भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसकी वास्तविक शक्ति केवल समय पर चुनाव कराने में नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची की प्रमाणिकता और प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा में निहित है। मतदाता सूची लोकतंत्र का वह आधार स्तंभ है, जिसके माध्यम से जनता देश की राजनीतिक दिशा और दशा निर्धारित करती है। इसलिए इसका शुद्ध, त्रुटिहीन और अद्यतन होना केवल निर्वाचन आयोग का प्रशासनिक दायित्व भर नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता और लोकतांत्रिक भविष्य की सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य राष्ट्रीय कर्तव्य है।  इसी संदर्भ में निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर - स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न ) के महत्व को समझना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की व्यापक समीक्षा करना, अपात्र प्रविष्टियों को हटाना और हर वास्तविक भारतीय नागरिक का नाम सूची में सुनिश्...

कविता - मोदी कहीं नहीं जायेगा

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कविता -  मोदी कहीं नहीं जायेगा कविता - मोदी कहीं नहीं जायेगा ! - अरविन्द सिसोदिया 9414180151 दुश्मन चाहे जितना ज़ोर लगाए, भारत हर चुनौती से टकराएगा। राष्ट्रधर्म की ध्वजा लिए मोदी चलता जायेगा , लाख कोई षड्यंन्त्र करे,मोदी कहीं नहीं जायेगा ! ===1===  भारत की वीरभूमि  हिमालय की चोटियाँ गवाही देती हैं, भारत की वीर गाथाएँ सुनाई देती हैं। जिस मिट्टी ने वीरों को जन्म दिया, वह मिट्टी हर रण में इतिहास बनाएगी। गंगा की धारा सा शौर्य का प्रबल बेग है, हर भारतवाशी के दिल में देश धर्म संदेश है। यह देश न कभी झुका है, न कोई झुका पाएगा, भारत का परचम विश्व में लहर लहर लहराएगा। ===2 ===  राष्ट्रस्वाभिमान  आँखों में तूफान, बढ़ते कदमों में स्वाभिमान है, सीने में साहस, सुरक्षित हाथों में हिंदुस्तान है। निर्णयों में दृढ़ता, संकल्पों में जान है, राष्ट्रहित सर्वोपरि, यही नेतृत्व की पहचान है। बदला है भारत का अंदाज़ और सम्मान, विश्व पटल पर गूँज रहा जय जय हिंदुस्तान। जो भारत की ओर बुरी नज़र उठाएगा, वह भारत की शक्ति से परिचित हो जाएगा। === 3===  स्ट्राइक की हुंकार  उरी ...

'वोट बचाओ रैली' नहीं, बल्कि 'घुसपैठियों को बचाओ रैली' थी - अमित शाह

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भाषण की खास बातें: माननीय केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह हैदराबाद, तेलंगाना में 'लोकतंत्र बचाओ, बेरोजगारी हटाओ' पदयात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह द्वारा - 02-11-2026    प्रेस विज्ञप्ति   हैदराबाद में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, आरक्षण हटाओ' पदयात्रा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के भाषण की खास बातें ******************** कल दिल्ली में राहुल गांधी की रैली 'वोट बचाओ रैली' नहीं, बल्कि 'घुसपैठियों को बचाओ रैली' थी। ******************** कांग्रेस घुसपैठियों को बचाने के लिए SIR को रोकना चाहती है। राहुल जी, जितना दबाव डालना है, डालिए; BJP तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक हर एक घुसपैठिए को देश से बाहर नहीं निकाल दिया जाता। ******************** कांग्रेस SIR का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि घुसपैठिए उसका वोट बैंक हैं ******************** राहुल बाबा का दावा है कि 13 करोड़ वोट डिलीट कर दिए गए हैं। इन 13 करोड़ में से 3 करोड़ वोट ऐसे लोगों के हैं जो हैं ही नहीं; ये घुसपैठिए हैं। कांग्रेस बोगस ...