चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता
प्रेस विज्ञप्ति ‘वोट चोरी’ का झूठा आरोप देश, जनादेश और पूरे जवाबदेह प्रशासनिक तंत्र की दक्षता को अपमानित करना है — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 9 अक्टूबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ चलाए जा रहे कथित झूठे ‘वोट चोरी’ आरोप अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " जनता जिन्हें वोट देने लायक नहीं समझती, वे अपनी राजनीतिक असफलता को चुनाव आयोग के माथे मढ़ने की जबरन कोशिश कर रहे हैं और ‘वोट चोरी-वोट चोरी’ का ढिंढोरा पीट रहे हैं। चुनाव आयोग को ‘वोट चोर’ कहना देश, जनादेश और प्रशासनिक तंत्र का अपमान है, जिसे भारत का जनमत कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।" सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस सहित तुष्टिकरणवादी विपक्ष दलों को यह समझना चाहिए कि भारत में चुनाव केवल दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के अधिकारी मात्र नहीं कराते, बल्कि प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रत्येक बूथ पर तैनात बीएलओ से प्रारंभ होती है। मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, शिक्षक, अन्य सहायक ...