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कांग्रेस सरकारों के हिंदू विरोधी निर्णय...

प्रेस विज्ञप्ति रामजी भी हँस रहे है, तुष्टिकरणवादियों की नौटंकी पर - अरविन्द सिसोदिया  रामजन्मभूमि की भव्यता और हिंदुत्व की एकता, प्रबल विरोधीयों को पच नहीं रही है, इसीलिए हिंदू बांटो षड्यंत्र – अरविन्द सिसोदिया कोटा 10 जुलाई। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " रामजन्मभूमि मंदिर की भव्यता और हिंदुत्व की एकता, प्रबल हिंदुत्व विरोधीयों को पच नहीं रही है। इसीलिए विराट संघर्ष से पाई सफलता को तिलभर की चूक के बहाने लांक्षित करने के षड्यंत्र चल रहे है। सर्व हिंदू समाज को इस हेतु सावचेत रहते हुये, षड्यंत्र को पराजित करना है। " सिसोदिया नें कहा कि " अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण भारत की लाखों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना, करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था तथा अनेक पीढ़ियों के संघर्ष, तप, त्याग और बलिदान का प्रतिफल है।"  उन्होंने कहा कि " यह आंदोलन सम्पूर्ण हिन्दू समाज के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आंदोलन रहा है,  जिसकी अगुवाई परमपवित्र हिंदू संगठ...

भाजपा संगठन BJP

भारतीय जनता पार्टी (BJP) दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक है, जो एक कैडर-आधारित (Cadre-based) संगठन संरचना पर काम करती है। यह पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा और अनुशासन से प्रेरित है।  भाजपा के संगठनात्मक सिस्टम की मुख्य रूपरेखा और स्तर इस प्रकार हैं:- 1. जमीनी स्तर (Grassroots Level): * प्राथमिक सदस्य: भाजपा में शामिल होने वाला कोई भी 18 वर्ष से अधिक आयु का भारतीय नागरिक इसका सदस्य बन सकता है।  * बूथ समिति (Booth Level): संगठन की सबसे छोटी इकाई बूथ है। प्रत्येक बूथ पर अध्यक्ष और सदस्यों की एक टीम होती है जो सीधे मतदाताओं के संपर्क में रहती है। * मंडल समिति (Mandal Level): कई बूथों को मिलाकर एक 'मंडल' बनता है। 2. मध्यवर्ती स्तर (Intermediate Levels): * जिला समिति: मंडलों के ऊपर जिला स्तर की कार्यकारिणी होती है। * प्रदेश समिति: राज्य स्तर पर एक प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी होती है, जो राज्यों की राजनीति और चुनावों का प्रबंधन करती है。  3. राष्ट्रीय स्तर (National Level): * राष्ट्रीय अध्यक्ष: भाजपा में 'राष्ट्रीय अध्यक्ष' का पद सर्...

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसदीय गरिमा, सुधार और ऐतिहासिक उपलब्धियों का नया अध्याय- अरविन्द सिसोदिया

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आलेख  लोकसभा अध्यक्ष के रुप में लगातार सात वर्ष पूर्ण होनें पर आलेख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसदीय गरिमा, सुधार और ऐतिहासिक उपलब्धियों का नया अध्याय - अरविन्द सिसोदिया  विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की संसद के लोकसभा सदन के माननीय अध्यक्ष ओम बिरला, अध्यक्ष के रूप में सफल 7 साल पूर्ण कर चुके हैँ। बिरला भारत के सफल और गंभीर राजनेताओं में सुमार होते हैँ। वे विनम्रता की प्रतिमूर्ति और जन सरोकारों के लिए निरंतर प्रयत्नरत, मधुर व्यवहार और अत्यंत मिलनसार व्यक्तित्व के धनी है। वे तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा चुनाव जीत कर, लगातार दूसरी बार निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष हैँ। उनके नाम दर्ज यह उपलब्धियां, यह सम्मान, उनके विराट व्यक्तित्व का परिचय देतीं है। भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्था संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संवाद और जवाबदेही का प्रतीक भी है। ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष का दायित्व केवल सदन का संचालन करना नहीं, बल्कि संसदीय मर्यादाओं को सुदृढ़ करना, सभी पक्षों को समान अवसर देना और विधायी ...

सामाजिक जीवन में गिरते मूल्य और बढ़ते अपराध : केवल कानून नहीं, समग्र प्रशासनिक व्यवस्था पर चिंतन आवश्यक— अरविन्द सिसोदिया

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सामाजिक जीवन में गिरते मूल्य और बढ़ते अपराध : केवल कानून नहीं, समग्र प्रशासनिक व्यवस्था पर चिंतन आवश्यक — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 1 जुलाई। देश में पारिवारिक और सामाजिक अपराधों की बढ़ती घटनाएँ केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं हैं, बल्कि यह समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और मानसिक स्वास्थ्य में आई गिरावट का संकेत भी हैं। संपत्ति विवादों में पिता की हत्या, दादा की हत्या, पति द्वारा पत्नी और बच्चों की हत्या, महिलाओं एवं बुजुर्गों पर अत्याचार जैसी घटनाएँ यह बताती हैं कि समाज के भीतर संवाद, संयम, सहिष्णुता और संतोष जैसे जीवन-मूल्य कमजोर पड़ रहे हैं। भारत का संविधान लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था स्थापित करता है। लोकतंत्र और चुनी हुई सरकारों का दायित्व केवल शासन चलाना, कर वसूलना, सड़कें बनाना और कानून लागू करना भर नहीं है। उनका व्यापक दायित्व ऐसी सामाजिक व्यवस्था का निर्माण करना भी है, जिसमें नागरिक सुरक्षित हों, अनुशासित हों, समन्वय की भावना हो, परस्पर विश्वास बना रहे, परिवार मजबूत हों, समाज संतुष्ट रहे और प्रत्येक व्यक्ति सम्मानपूर्वक, सुखपूर्वक तथा शांति से जीवन जी सके। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक ...

सोनिया बनाम सोनाली

वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल (इटली) और नागरिकता को लेकर सबसे पहली और प्रमुख कानूनी आपत्ति दर्ज कराई थी। [ इसी आपत्ति और राजनीतिक दबाव के बाद ही सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद की दौड़ से खुद को पीछे हटा लिया था और डॉ. मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे।  सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा उठाई गई मुख्य कानूनी आपत्तियां और पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:- ## 1. पारस्परिक कानून (Reciprocity Clause) की आपत्ति सुब्रमण्यम स्वामी ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को पत्र लिखकर [भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5](http://bharatkalyan97.blogspot.com/2012/04/citizenship-act-sonia-gandhi-dr.html) का हवाला दिया था। स्वामी का तर्क था: - * भारत के नागरिकता कानून में 'पारस्परिक व्यवहार' (Reciprocity) का एक नियम है। इसके तहत, यदि किसी विदेशी देश के कानून में भारतीय मूल के नागरिकों को वहां का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री बनने की अनुमति नहीं है, तो उस देश का नागरिक भी भारत की नागरिकता लेकर यहाँ का प्रधानमंत्री नहीं बन सकता।  * चूंकि इटली ...

कविता - जो स्वयं चढ़ गए राष्ट्रवेदी पर, उन्हें क्या तौलोगे चढ़ावे से

चढ़ावे की चोरी का आरोप हर हिंदू का मस्तक स्वाभिमान से ऊँचा जिस बलिदानी संघर्ष से, उसी गौरव को रामजन्मभूमि कहता हिंदुस्तान गर्व से। क्या तुच्छ चढ़ावे की चोरी का आरोप लगाते हो ? जो स्वयं चढ़ गए राष्ट्रवेदी पर, उन्हें क्या तौलोगे चढ़ावे से! ====1==== जिनकी साँसों में राम बसे, जिनके प्राणों में देश रहा, जिनका जीवन धर्म, समाज और संस्कृति का संदेश रहा। जिनके त्याग ने युगों की पीड़ा को सम्मान दिलाया, उनके माथे कलंक लिखना, खुद के पतन का काम किया। ====2==== जिन्होंने अपना तन अर्पित किया, मन अर्पित किया, सम्मान दिया, पीढ़ियों के स्वाभिमान को जीवन भर नया अभियान दिया। जो अपना सर्वस्व राम के चरणों में समर्पित कर आए, उन पर चढ़ावे का दोष लगानें में तुम्हे लज्जा न आये। ====3==== इतिहास साक्षी है, बलिदानों का मूल्य कभी धन से नहीं होता, श्रद्धा का मोल किसी दान, किसी आभूषण से नहीं होता। जो राष्ट्र और राम के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दें, उनका आकलन तुच्छ चढ़ावे की गिनती से नहीं होता। ====4==== रामजन्मभूमि केवल मंदिर नहीं, युगों के संकल्प का मान है, यह असंख्य कारसेवकों,तपस्वियों और संघर्षों का सम्मान है...

VHP का पत्र sit को

दिनांक: 04.07.2026 प्रति, श्री आशुतोष तिवारी डीएसपी, अयोध्या एवं विवेचक, एफआईआर संख्या 0090/2026 थाना राम जन्मभूमि, अयोध्या, उत्तर प्रदेश विषय: राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे (चढ़ावा) की कथित चोरी की जांच के संबंध में। महोदय, आप थाना राम जन्मभूमि, अयोध्या में दर्ज एफआईआर संख्या 0090/2026 की जांच कर रहे हैं, जो श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से संबंधित है। हमें विभिन्न सार्वजनिक व्यक्तियों के ऐसे बयान मिले हैं, जो टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए हैं और इस जांच से संबंधित हैं। इनमें निम्नलिखित व्यक्तियों के बयान शामिल हैं: प्रो. रामगोपाल यादव – उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में लगभग ₹20,000 करोड़ का घोटाला हुआ है तथा कई लोगों की संलिप्तता होने की बात कही। अरविंद केजरीवाल – उन्होंने कहा कि भगवान राम का धन, चांदी, सोना, आभूषण आदि की चोरी हुई है तथा लगभग ₹200 करोड़ या उससे अधिक की चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच निष्पक्ष हो तो सच्चाई सामने आ सकती है। संजय सिंह (सांसद) – उन्होंने कहा कि मंदिर बनने के बाद स...

प्रेस विज्ञप्ति

प्रेस विज्ञप्ति तुष्टिकरणवादी दलों द्वारा "चढ़ावा हेरफेर" को तिल का ताड़ बनाना, हिंदुत्व को बाँटने का सुनियोजित षड्यंत्र – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 6 जुलाई। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा हेरफेर प्रकरण को लेकर विपक्षी दलों द्वारा मचाए जा रहे राजनीतिक हो-हल्ले को " हिंदू आस्था को बदनाम करने, हिन्दुओं को विभाजित कर, राजनीतिक रोटियां सेंकने का सुनियोजित षड्यंत्र बताया है।" उन्होंने कहा कि " भारत में धर्मस्थलों पर अनियमितताओं की पहले भी अनेकों घटनायें घटित हुई हैँ, किन्तु विपक्ष हमेशा मौन रहा है, जबकि चढ़ावा चोरी की बहुत छोटी घटना से बिना किसी सबूत के निर्दोषों को आरोपित किया जा रहा है। जो स्वयं ही संदिग्धता प्रगट कर रही है। " सिसोदिया नें कहा कि "संपूर्ण राष्ट्र में जो फर्जी हो-हल्ला मचाया गया है, उससे इरादे साफ़ तौर पर हिंदू विभाजन कर राजनैतिक लाभ उठाना हैं।"  उन्होंनें कहा कि " जो रामभक्ति का पाठ पढ़ाने की बात कर रहे हैं, उन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चल...

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा

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भाग–1 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र प्रेस विज्ञप्ति जुलाई ६, २०२6 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के न्यासियों की बैठक आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष, २०८२, सोमवार, ६ जुलाई, २०२6 को अयोध्या में सम्पन्न हुई। इसमें प्रमुख रूप से दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना की प्रक्रिया में अनियमितता, उसकी जाँच और कार्यवाही, महामंत्री और एक न्यासी के न्यासी पद से त्यागपत्रों, मीडिया में चल रही चर्चाओं, भावी अंतरिम व्यवस्थाओं आदि विषयों पर विचार हुआ। २०२० में ट्रस्ट की स्थापना के पश्चात ६ वर्ष से कम के अल्पकाल में प्रभु श्री रामलला के भव्य और अप्रतिम मंदिर के निर्माण का ऐतिहासिक कार्य सम्पूर्ण हुआ। इसी अवधि में मुख्य मंदिर एवं परकोटे में बने समस्त मंदिरों में प्राण-प्रतिष्ठा, ध्वजारोहण और श्रीराम यंत्र की स्थापना के महती कार्य प्रभु कृपा से शास्त्रोक्त एवं शास्त्रीय विधि-विधान से सम्पन्न हुए। न्यास इस सांस्कृतिक धरोहर के निर्माण और अनेक धार्मिक उत्सवों में सहयोगी सम्पूर्ण हिन्दू समाज, श्रमिकों, अभियंताओं, शिल्पकारों, वास्तुविदों और केन्द्र एवं राज्य सरकारों का हार्दिक आभार मानता है। निधि...