समाज में बढ़ती असहिष्णुता और घरेलू हिंसा : समस्या एवं समाधान
समाज में बढ़ती असहिष्णुता और घरेलू हिंसा : समस्या एवं समाधान आज समाज में बढ़ती असहिष्णुता, आक्रोश और पारिवारिक हिंसा की घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। लगभग प्रतिदिन ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, जिनमें पुत्र द्वारा पिता की हत्या, पति-पत्नी के बीच घातक हिंसा, मंगेतर द्वारा भावी जीवनसाथी की हत्या या पूरे परिवार की सामूहिक हत्या जैसी दुखद घटनाएँ शामिल हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और प्रशासनिक चुनौती भी है। समस्या कहाँ है? अनेक गंभीर अपराध अचानक नहीं होते, बल्कि उनसे पहले लंबे समय तक घरेलू विवाद, मारपीट, धमकियाँ, नशे की समस्या, मानसिक तनाव और हिंसक व्यवहार के संकेत दिखाई देते हैं। कई मामलों में प्रारंभिक शिकायतों को सामान्य पारिवारिक विवाद मानकर केवल समझाइश देकर छोड़ दिया जाता है। यदि ऐसे मामलों का समय रहते जोखिम मूल्यांकन और प्रभावी नियंत्रण किया जाए, तो कई गंभीर अपराध रोके जा सकते हैं। समाज में यह धारणा भी बन रही है कि अपराध दर्ज करने में अनावश्यक हिचकिचाहट, न्यायिक प्रक्रिया में विलंब तथा बार-बार जमानत मिलने जैसी परिस्थितियाँ कान...