राजस्व राजस्व मालिकाना हक का प्रमाण नहीं
राजस्व राजस्व मालिकाना हक का प्रमाण नहीं; रीट कोर्ट आम संपत्ति के स्वामित्व का निर्णय नहीं कर सकता: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कानून का रुझान सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में 600 नॉके लैंड पर मालिकाना हक का दावा करने वाली एक सिविल अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने Read more: https://lawtrend.in/supreme-court-revenue-entries-not-title-writ-court-property-dispute/ ========== आपका कथन बिल्कुल सही और कानूनी रूप से सटीक है। संपत्ति के स्वामित्व (Title of Ownership) का अंतिम और वैधानिक निर्णय लेने का अधिकार केवल सक्षम सिविल अदालतों (Civil Courts) के पास है। [1, 2] इस संबंध में शीर्ष न्यायालयों के स्पष्ट दिशा-निर्देश और कानूनी स्थिति इस प्रकार है: * राजस्व रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी) का उद्देश्य: पटवारी, तहसीलदार या राजस्व न्यायालयों (Revenue Courts) का काम केवल राजस्व (कर/लगान) वसूलने और प्रशासनिक रिकॉर्ड अपडेट (नामांतरण/Mutation) करने तक ही सीमित होता है। राजस्व रिकॉर्ड मालिकाना हक का पक्का सबूत नहीं होते हैं。 * शीर्ष न्यायालय का रुख: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कई ऐतिहासिक फैसलों (जैसे - ...