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निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम : अरविन्द सिसोदिया

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निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम : अरविन्द सिसोदिया निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय कोटा, 21 सितंबर। भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने निकाय चुनाव परिणामों पर जारी विज्ञप्ति में कहा है कि, “राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में मेयर, सभापति और पालिका अध्यक्ष के चुनाव परिणामों के बाद 304 निकायों में से 301 की तस्वीर साफ हो गई है। आंकड़ों के अनुसार 197 निकायों में भाजपा, 94 में कांग्रेस, 7 में निर्दलीय तथा एक-एक निकाय में आम आदमी पार्टी, सीपीआईएम और आरएलपी के लगभग बोर्ड बने हैं। साथ ही, शेष तीन निकायों में 25 सितंबर को बोर्डों का गठन होगा, किंतु उनमें भी भाजपा की स्पष्ट विजय तय है। इस प्रकार राजस्थान में अब भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार भारी बहुमत से सेवारत हो गई है।” भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने इन परिणामों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोककल्याणकारी नीतियों, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसेवी सरकार के सुशासन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के कुशल संगठन नेतृत...

गाँधी परिवार की अस्वीकार्यता

1-गाँधी परिवार की अस्वीकार्यता से गिरती छवि की सुरक्षा का षड्यंत्र है चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाना चुनाव आयोग (Election Commission) पर वोट चोरी या ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी का आरोप लगाने और इसे गांधी परिवार या कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति से जोड़ने को लेकर भारतीय राजनीति में अलग-अलग दृष्टिकोण और बहसें मौजूद हैं। इस विषय पर विभिन्न पक्षों के मुख्य तर्क इस प्रकार हैं: ## आरोपों के आलोचकों और सत्तापक्ष का दृष्टिकोण * राजनीतिक जवाबदेही से ध्यान भटकाना: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य आलोचकों का तर्क है कि जब भी कांग्रेस या विपक्षी दलों को चुनावों में हार का सामना करना पड़ता है, तो वे अपनी संगठनात्मक कमियों या नेतृत्व (विशेषकर गांधी परिवार) की स्वीकार्यता पर आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ देते हैं। * संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हमला: आलोचकों के अनुसार, चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था पर बार-बार सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करने का एक प्रयास है। * चुनावी नतीजों में विरोधाभास: इस दृष्टिकोण के समर्थक यह भी तर्क देते हैं कि जब विपक...

यूपी और पंजाब के आगामी चुनावों में कांग्रेस की सुनिश्चित हार की जवाबदेही से बचने की नौटंकी, चुनाव आयोग पर झूठा दोषारोपण : अरविन्द सिसोदिया

यूपी और पंजाब के आगामी चुनावों में कांग्रेस की सुनिश्चित हार की जवाबदेही से बचने की नौटंकी, चुनाव आयोग पर झूठा दोषारोपण : अरविन्द सिसोदिया कोटा, 25 सितंबर। भाजपा कोटा संभाग के भाजपा मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस नेता राहुल गाँधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि, “यूपी और पंजाब में विधानसभा चुनाव हैं और वहाँ के चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में नहीं आने हैं। पूरे देश में कांग्रेस और राहुल गाँधी की अस्वीकार्यता बनी हुई है। इन परिणामों के आने से पहले ही कांग्रेस अपनी छवि बचाने में जुट गई है। इसीलिए कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर हमले की नौटंकी पुनः प्रारंभ कर दी है।” उन्होंने कहा कि, “कांग्रेस की देश में लगातार अस्वीकार्यता बनी हुई है, पश्चिम बंगाल और बिहार चुनाव से पहले भी इसी तरह के झूठ परोस कर कांग्रेस भाग गई थी। मूलतः अस्वीकार्यता से ध्यान हटाने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक रणनीति रही है, ताकि गाँधी परिवार की छवि को घटती लोकप्रियता से बचाए रखा जाए।” सिसोदिया ने कहा कि, “हाल ही में राजस्थान में निका...

कोटा संभाग निकाय चुनाव परिणाम

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कोटा संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) क -  1- कोटा नगर निगम -  obc महिला / 100 वार्ड /57  महापौर - भाजपा - अनुसूईया गोस्वामी, उपमहापौर - भाजपा - 2- रामगन्जमंडी   सामान्य /40/ सभापति - भाजपा - नरेंद्र काला  उप सभापति - भाजपा - महेंद्र सामरिया  3- सांगोद    सामान्य /35 अध्यक्ष - भाजपा - चंद्रप्रकाश सोनी  उपाध्यक्ष - भाजपा - महेंद्र शर्मा  4-सुल्तानपुर   सामान्य sc/25 अध्यक्ष - भाजपा - अनीता मेघवाल  उपाध्यक्ष - भाजपा - नरेश शर्मा  5-इटावा  सामान्य महिला /35 अध्यक्ष - भाजपा समर्थित - निर्मला नागर  उपाध्यक्ष - दीपक उपाध्याय  6- सुकेत  सामान्यobc /25 अध्यक्ष - भाजपा - जितेंद्र चोपड़ा  ..... ख - बूँदी  1- बूँदी / सामान्य  चेयरमेन - भाजपा -भरत शर्मा  उपाध्यक्ष - संजय भूटानी  2- के पाटन / सामान्य  अध्यक्ष - भाजपा - अनुराधा मालिक  उपाध्यक्ष आदर्श मालवीय  3- कापरेन / सामान्य महिला  अध्यक्ष - कांग्रेस - सुनीता अग्रवाल  उपाध्यक्ष ...

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की चुनावी व्यवस्था ने बनाया वैश्विक प्रभाव, ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देना चाहिए : अरविन्द सिसोदिया ECI

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भारत की चुनाव व्यवस्था : विज्ञान, प्रौद्योगिकी और लोकतांत्रिक प्रबंधन का विश्वव्यापी मॉडल विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की चुनावी व्यवस्था ने बनाया वैश्विक प्रभाव, ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देना चाहिए : अरविन्द सिसोदिया भारत केवल विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है, बल्कि करोड़ों मतदाताओं, लाखों मतदान केंद्रों, विशाल भौगोलिक विविधता और असाधारण प्रशासनिक जटिलताओं के बीच चुनाव कराने की अपनी क्षमता के कारण वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण चुनाव-प्रबंधन मॉडल भी प्रस्तुत करता है। भारतीय चुनाव व्यवस्था की विशेषता केवल मतदान कराने में नहीं, बल्कि मतदाता सूची के सतत पुनरीक्षण, फोटो पहचान, इलेक्ट्रॉनिक मतदान, VVPAT, डिजिटल प्रबंधन, बूथ-स्तरीय सत्यापन, पारदर्शिता, समावेशिता और त्वरित मतगणना जैसे अनेक स्तरों के समन्वय में दिखाई देती है। भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था के रूप में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों का संचालन करता है। आयोग की आधिकारिक व्यवस्था में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची की खोज, ई-EPIC, चुनावी शिकायतें और मतदाता सेवाओं के लिए ड...

प्रजनन दर (TFR) में ऐतिहासिक गिरावट

======1====== संयुक्त राष्ट्र की इन रिपोर्ट्स (विशेषकर [UNFPA की 'स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन Report'](https://www.drishtiias.com/hindi/daily-updates/daily-news-analysis/unfpa-state-of-world-population-report-2025)) में भारत की जनसांख्यिकीय स्थिति (Demographics) को लेकर कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारत के संदर्भ में मुख्य निष्कर्ष निम्नलिखित हैं: - ## 1. दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और 'पीक' का अनुमान * शीर्ष स्थान: भारत 1.47 अरब से अधिक आबादी के साथ दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है। यह वैश्विक आबादी का लगभग 17.8 प्रतिशत है।  * पीक पॉपुलेशन (Peak Population): रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आबादी अभी कुछ दशकों तक बढ़ती रहेगी और 2060 के दशक की शुरुआत में यह लगभग 170 करोड़ (1.7 बिलियन) के अपने उच्चतम स्तर (Peak) पर पहुंचेगी। इसके बाद, यानी आज से करीब 40 साल बाद भारत की आबादी में गिरावट शुरू होगी।  ## 2. प्रजनन दर (TFR) में ऐतिहासिक गिरावट * रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे: भारत का कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 1.9 पर आ गया है। यह आबादी को स्थिर रखने के लिए...