संदेश

त्रुटियों को दुरुस्त करने हेतु

ईमेल / स्पीडपोस्ट  दिनांक -  प्रति, श्रीमान प्रमुख सचिव महोदय   राजस्व विभाग, मध्य प्रदेश शासन, भूतल, वल्लभ भवन-2, मंत्रालय, अरेरा हिल्स, भोपाल, मध्य प्रदेश - 462011 ईमेल आईडी:  psrevenue@mp.gov.in ईमेल आईडी:  prirevcom@mp.gov.in विषय:- निम्नानुसार  1.  स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार किए जा चुके अधिकार अभिलेख/प्रॉपर्टी कार्ड में त्रुटिपूर्ण, अपूर्ण एवं विधि-विरुद्ध प्रविष्टियों के सुधार, वास्तविक उत्तराधिकारियों, संयुक्त सहस्वामियों के नाम सम्मिलित करने, पूर्व एवं वर्तमान धारकों के अधिकार की कड़ी स्पष्ट करने तथा आपत्तियों के समयबद्ध निराकरण हेतु प्रदेश-स्तरीय विशेष मार्गदर्शी परिपत्र जारी किए जाने बाबत। 2- विशेषकर ग्रामीण आबादी भू-अभिलेखों में संयुक्त परिवारों की पैतृक भूमि / कब्जा तथा उत्तराधिकारियों/संयुक्त स्वामित्व के नामों में हुई गंभीर त्रुटियों / विलोपन को दुरुस्त करने हेतु प्रदेश स्तर पर विशेष मार्गदर्शी दिशा-निर्देश (सर्कुलर) जारी करने बाबत। 3- गावों में आबादी भूमि पर बसावट सेंकड़ों वर्षों है, कई कई पीढ़ियों के निर्मित आवास हैँ, इसलिए इन्...

13 करोड़ नाम वापस जोड़ने की मांग कांग्रेस के दिमागी दिवालियेपन की निशानी, बीएलओ मृत और लापता लोगों को कहां से लाएगा - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति 13 करोड़ नाम वापस जोड़ने की मांग कांग्रेस के दिमागी दिवालियेपन की निशानी, बीएलओ मृत और लापता लोगों को कहां से लाएंगे — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 3 अक्टूबर। भाजपा कोटा संभाग के संभागीय मीडिया संयोजक, राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर 13 करोड़ से अधिक नाम वापस जोड़ने की मांग करने वाली कांग्रेस और इंडी गठबंधन की मांग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सिसोदिया ने कांग्रेस की इस मांग को पूरी तरह बेतुकी, गैरकानूनी और दिमागी दिवालियेपन का प्रतीक बताते हुए कहा, "कांग्रेस की इस मांग को तो स्वयं ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते। भारत का कोई भी कानून किसी मृत और लापता व्यक्ति को मतदाता बनाने की इजाजत नहीं देता।" उन्होंने कहा कि अपनी तय हार और गठबंधन की फूट से बौखलाई कांग्रेस जनता और सोसल मीडिया के बीच एक ऐसा सफेद झूठ परोस रही है, जो पूरी तरह देश के स्थापित कानूनों और संविधान के खिलाफ है। क्या कांग्रेस के पास बूथ स्तर पर बीएलए नहीं हैं? सिसोदिया ने कहा कि निर्वाचन आयोग प्रत्येक स्तर पर प्रमुख राजनीत...

कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी — अरविन्द सिसोदिया

प्रेस विज्ञप्ति कांग्रेस की बेतुकी मांग ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, अति तुष्टिकरण के कारण जनता की नजर से उतरी  — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 2 अक्टूबर। भाजपा के कोटा संभाग मीडिया संयोजक एवं राजनीतिक विश्लेषक और प्रखर विचारक अरविन्द सिसोदिया ने मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाने वाले कांग्रेस और विपक्ष के दावों पर करारा हमला बोला है। सिसोदिया ने कांग्रेस की मांगों को पूरी तरह अतार्किक और हास्यास्पद बताते हुए कहा, "कांग्रेस की मांग तो ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते, भला दुनिया से जा चुके 2 करोड़ मृत नागरिकों को मतदाता सूची में वापस कहाँ से लाया जाएगा?" उन्होंने सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया चैनलों पर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का पर्दाफाश करते हुए कहा कि अपनी चुनावी विफलताओं को छिपाने के लिए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का फर्जी नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। जबकि ये नाम मृत, निवास छोड़ चुके, दोहरे नाम वालों के हैं, जो बूथ स्तर पर बीएलओ के द्वारा निरीक्षण से कटे हैं। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त सीधे तौर पर कतई जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि कोई त्रुटि रही भी है तो उसके लिए कांग्र...

इंडी गठबंधन राहुल नेतृत्व पर एकमत नहीं, बैठक में खुली एकता की पोल - अरविन्द सिसोदिया

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इंडी गठबंधन राहुल के नेतृत्व पर एकमत नहीं, बैठक में अनुपस्थिति से खुली एकता की पोल - अरविन्द सिसोदिया इंडी गठबंधन में राहुल की स्वीकार्यता को लेकर कसमकस कोटा, 1 अक्टूबर। राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद कांग्रेस आत्ममंथन करने के बजाय झूठे आरोप, भ्रम और बहानों की जोरजबरदस्ती की राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि जनता के दिल में प्रधानमंत्री मोदीजी का जो सम्मान है, उसे बकबास और गंदी भाषा से समाप्त नहीं किया जा सकता। सिसोदिया ने कहा कि जिस इंडी गठबंधन को एकजुट विपक्ष के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, उसकी बैठक में ही प्रमुख सहयोगी दलों की गैरमौजूदगी ने उसकी वास्तविक स्थिति सामने ला दी। यह राहुल गाँधी के प्रति अविश्वास का भी प्रगटीकरण है।  उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पहले यह स्पष्ट करें कि क्या वे वास्तव में राहुल गांधी को अपना निर्विवाद नेता स्वीकार करते हैं या उनसे कतरा रहे हैँ।...

कांग्रेस अपने 'विफल नेता' को थोपे रखने के लिए बार-बार चुनाव आयोग को बना रही निशाना - अरविन्द सिसोदिया

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कांग्रेस अपने 'विफल नेता' को थोपे रखने के लिए बार-बार चुनाव आयोग को बना रही निशाना - अरविन्द सिसोदिया कोटा 28 सितंबर । भारतीय जनता पार्टी, कोटा संभाग के मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर किए जा रहे बेबुनियाद हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये कहा हे कि " कांग्रेस पार्टी अपने "विफल नेता"  के नेतृत्व को बार-बार पार्टी,कार्यकर्ताओं और देश पर थोपे रखने के लिए देश की निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, झूठ फैलाने और भ्रम उत्पन्न करने की नौटंकी करती रहती है। जिसे भारत की जनता भी अच्छी तरह समझ चुकी है।" भाजपा संभाग संयोजक सिसोदिया ने कहा कि " आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को अपनी जमीन खिसकती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है। पार्टी को अपनी करारी हार का पूरा अंदेशा हो चुका है, इसलिए संभावित हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ने के लिए अभी से चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है। यह विपक्ष की हताशा और राजनीतिक नौटंकी के अलावा कुछ नहीं है।"  भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ...

देश को विभाजन कराने वाली कांग्रेस नें देश को इस्लामिस्तान बनाने की सुपारी ले रखी है, भारत को तुष्टिकरणवादी ताकतों से सावधान होने का वक़्त आगया - अरविन्द सिसोदिया

देश को विभाजन कराने वालों नें देश को इस्लामिस्तान बनाने की सुपारी ले रखी है, भारत को सावधान होने का वक़्त आगया - अरविन्द सिसोदिया यह कथन अरविन्द सिसोदिया द्वारा व्यक्त किए गए उनके व्यक्तिगत या राजनीतिक विचार हैं। सोशल मीडिया, ब्लॉग और विभिन्न राजनीतिक मंचों पर अक्सर देश के इतिहास, विभाजन और वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर इस तरह के तीखे बयान और टिप्पणियाँ देखने को मिलती हैं। भारत एक लोकतांत्रिक और विविधतापूर्ण देश है जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा, अखंडता और सामाजिक सद्भाव से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं और राजनेताओं के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण और बहसें चलती रहती हैं। =====2===== कांग्रेस के द्वारा लगातार इस्लामिकरण के पक्ष में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्यौरा चाहिए भारतीय राजनीति में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की नीतियों और निर्णयों को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं। जहाँ एक तरफ आलोचक और राजनीतिक विरोधी (जैसे भारतीय जनता पार्टी व अन्य दक्षिणपंथी विचारक) इन नीतियों को "अल्पसंख्यक तुष्टिकरण" या देश के "इस्लामीकरण" की दिशा में उठाए गए कदम बताते ...