यूजीसी विवाद, विदेशी षड्यंत्र के आधार पर खड़ा किया गया फूट डालो राज करो अभियान - अरविन्द सिसोदिया
2014 में जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने, भाजपा के पूर्ण बहुमत की सरकार के प्रधानमंत्री का पद संभाला, तब ब्रिटेन की एक अखबार में बड़े दुखी मन से लिखा जिसका भाव था कि आज भारत ब्रिटेन की छाया से भारत मुक्त हो गया है। क्योंकि हमें इतिहास में ठीक से यह नहीं बताया गया कि कांग्रेस मूलतः ब्रिटेन के अंग्रेजों द्वारा स्थापित की गई, ब्रिटिश हितों की शुभचिंतक पार्टी है, पाश्चात्य जगत उसे ही भारत की सत्ता पर इसलिए देखना चाहता है कि इतनी बड़ी जनसंख्या वाला देश उनका ग्राहक, उनका उपभोक्ता बना रहे. उन्हें लाभ कमाने देनें वाला अपरोक्ष गुलाम जैसा रहे। इसीलिए कभी-कभी ब्रिटिश न्यूज़ एजेंसी बीबीसी भी सामान्य तौर पर राष्ट्रवादी भाजपा सरकार के खिलाफ रिपोर्टिंग करता हुआ पाया जाता है। भारत परोक्ष गुलाम रहे, उसके हिंदू कमजोर रहे, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद कमजोर रहे, यह वैज्ञानिक और विकसित न बने, और कुल मिलाकर आने वाली इस सहस्त्रवदी में भारत और एशिया ईसा मसीह के नाम के नीचे खडे हो जाए । इस तरह के षड्यंत्र के विरुद्ध सबसे बड़ी बाधा है। भारत में जागृत होता राष्ट्रवाद, जागृत होता हिंदुत्व...