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अंतिम यात्रा में "राम नाम सत्य है " क्यों...

🔥 अंतिम यात्रा में "राम नाम सत्य है" क्यों बोला जाता है? जानिए इसका अद्भुत रहस्य! 🙏🏽 🍂 "राम नाम सत्य है" - एक अंतिम यात्रा का मंत्र या जीवन का परम सत्य? 🔥🙏🏽 हम सभी ने अंतिम यात्रा के दौरान "राम नाम सत्य है" का उद्घोष सुना है। आखिर यह परंपरा कब और क्यों शुरू हुई? इसके पीछे गोस्वामी तुलसीदास जी से जुड़ी एक अद्भुत कथा प्रचलित है। 📜 एक प्रचलित कथा के अनुसार: एक समय की बात है, जब गोस्वामी तुलसीदास जी अपने गाँव में रहते थे। वे सदैव प्रभु राम की भक्ति में लीन रहते। उनकी अनन्य भक्ति को देखकर घरवालों और गाँववालों ने उन्हें 'ढोंगी' कहकर घर से निकाल दिया। तुलसीदास जी गंगा तट पर रहने लगे और वहीं प्रभु की आराधना करने लगे। यह वही समय था जब वे 'रामचरितमानस' की रचना आरंभ कर रहे थे। उसी दिन उनके गाँव में एक युवक का विवाह हुआ। वह अपनी नई-नवेली दुल्हन को लेकर घर आया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसी रात किसी कारणवश उस युवक की मृत्यु हो गई। घर में कोहराम मच गया। सुबह जब लोग युवक की अर्थी सजाकर श्मशान घाट ले जाने लगे, तो उसकी दुल्हन भी सती होने की इच्छा से अर्थी क...

कविता - गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी

कविता - गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी, रूह को खोखला कर जाती है, इंसान के वजूद से खेलकर, उसकी पहचान मिटा जाती है। ये दुश्मन से भी खतरनाक होती, क्योंकि अपना बनकर आती है, पीठ में छुरा, होंठों पर हँसी, यही इसकी सबसे बड़ी साजिश कहलाती है। जो खुलकर दुश्मनी निभा जाए, उससे फिर भी निपट सकते हो, पर जो गले लगकर ज़हर दे, उससे बचना ही सबसे बड़ा युद्ध हो। सबसे पहले गद्दार को पहचानो, हर मुस्कान को सच मत मानो, कुछ चेहरे नकाबों में जीते हैं, उनकी फितरत को तुम जानो। मीठे बोलों की मिठास में, कई बार मौत घुली होती है, जो हर वक्त तुम्हारी खुशहाली से जले, समझो वही गद्दारी बोती है। जब तक ऐसे लोग साथ रहेंगे, हर कदम पर चोट लगेगी भारी, इन्हें जड़ से उखाड़ फेंको, क्योंकि गद्दारी सबसे बड़ी बीमारी।

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

कैंसर का 'झाड़ा' और आस्था राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव है। पारंपरिक उपचार: देवमाली में स्थित देवनारायण मंदिर में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के 'झाड़े' (पारंपरिक उपचार) के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं। कैंसर का ‘झाड़ा’ और आस्था देवमाली में परंपरा, विश्वास और आधुनिक चिकित्सा के बीच खड़ा सवाल राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित एक छोटा-सा गांव देवमाली आज देश-दुनिया में अपनी अनोखी आस्था के लिए जाना जाता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस गांव में स्थित देवनारायण मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां कैंसर, गंभीर बीमारियों और असाध्य रोगों के ‘झाड़े’ के लिए भी लोग दूर-दराज़ से पहुंचते हैं। आस्था का केंद्र: देवनारायण मंदिर देवनारायण भगवान को राजस्थान और गुजरात के कई समुदायों में लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। देवमाली स्थित मंदिर को उनका प्रमुख धाम माना जाता है। मान्यता है कि यहां की गई प्रार्थना और झाड़ा अनेक गंभीर बीमारियों से राहत दिला सकता है। मंदिर परिसर में रोज़ाना ऐसे मरीज देखे जा सकते हैं, जो कैंसर, लकवा, मानसिक रोग, त्वचा रोग और अन्य ज...

भारत की सफल विदेशनीति का सुखद परिणाम, टैरिफ घटा, विश्वास बड़ा - अरविन्द सिसोदिया

भारत की सफल विदेशनीति का सुखद परिणाम,  टैरिफ घटा, विश्वास बड़ा - अरविन्द सिसोदिया  अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा आगे होकर भारत के प्रधानमंत्री से बात करना और टेरिफ़ कम करने की जानकारी देना, शुभ समाचार है, भारत की सफल विदेशनीति का प्रमाण है।  भारत परोक्ष अपरोक्ष अमरीका का रणनीतिक मित्र है, दोनों ही देशों की आर्थिक और समरिक जरूरतें एक दूसरे पर निर्भर हैँ, यह कई कई दसकों के व्यवहार से था, इसे एक झटके में तोड़ा या समाप्त नहीं किया जा सकता घा। यह भारत के संयम, सहनशिलता और गंभीर व्यवहार का परिणाम है।  प्रधानमंत्री ने क्या कहा? मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आज बात करना अद्भुत रहा. यह जानकर बेहद खुशी हुई कि भारत में बने उत्पादों (Made in India products) पर अब टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है. इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का बहुत-बहुत धन्यवाद. जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और पारस्परिक सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं. विश्व शांति, स्थिरता और समृद्...

कविता - सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा

कविता : सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा प्रथम चेतना के अधिष्ठाता,सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा, ज्ञान–विज्ञान के अनुसंधान का, प्रारंभ ही प्रारब्ध है मेरा। हम विशुद्ध ज्ञान के ज्ञाता, सत्य की अमर पिपासा, सदैव के अस्तित्व की शौर्य-गाथा, नूतन की नित्य अभिलाषा। प्रथम चेतना के अधिष्ठाता, सत्य सनातन सभ्यता है नाम मेरा। (1) कैलाश कोई आसान नहीं, गंगा कोई सामान्य नहीं, त्रिदेवों से त्रिकाल तक, जिसका बोध है असाधारण सही। धर्म धारण कर सत्य खोजता, युग-युग से अविचल हूँ, मैं सनातन हूँ, मैं सनातन हूँ— नित्य नवीन, नित्य नूतन हूँ। (2) प्रथम चेतना के अधिष्ठाता, सनातन सभ्यता है नाम मेरा, ज्ञान–विज्ञान के अनुसंधान का, प्रारंभ ही प्रारब्ध है मेरा। ऋषि-दृष्टि में प्रश्न जगे, अनुभव से उत्तर आकार लिए, श्रुति में ब्रह्म स्वयं बोला, स्मृति ने काल से सार खोला । (3) हम विशुद्ध ज्ञान के ज्ञाता, सत्य की अनंत पिपासा, न जड़ में विश्वास हमारा, न मिथ्या में कोई आशा। वेदों में नाद बना चेतन, उपनिषद् में मौन विचार, जहाँ आत्मा ही प्रयोगशाला, जीवन स्वयं प्रमाण-सार। (4) सदैव के अस्तित्व की शौर्य-गाथा, नूतन की अभिलाषा, क्षण में ...

ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21% की उल्लेखनीय वृद्धि - शिवराज सिंह चौहान

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय azadi ka amrit mahotsav बजट 2026‑27 ऐतिहासिक और अभूतपूर्व- श्री शिवराज सिंह चौहान  यह विकसित भारत का डायनामिक बजट है- केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21% की उल्लेखनीय वृद्धि- श्री शिवराज सिंह चौहान कृषि बजट 1.32 लाख करोड़ रु., किसानों की प्रगति और विकास का बजट 1.70 लाख करोड़ रु. से अधिक उर्वरक सब्सिडी, किसानों की लागत में राहत प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 i केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बजट बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह 12वीं बार बजट प्रस्तुत हुआ है और श्रीमती निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश करने वाली पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जो देश के लिए गर्व की बात है। श्री चौहान ने कहा, “यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने का महाकाव्य है। यह समाज की समृद्धि और संकल्पो...

रक्षा बजट 15 प्रतिशत बड़ा

रक्षा मंत्रालय रक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2026-27 में 7.85 लाख करोड़ रुपये का सर्वकालिक उच्च आवंटन किया, जो वित्त वर्ष 2025-26 के बजटीय अनुमानों से 15 प्रतिशत अधिक है पूंजी शीर्ष के तहत रिकॉर्ड 2.19 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए; पूंजी अधिग्रहण बजट में 24 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि निजी कंपनियों सहित घरेलू उद्योगों के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये आवंटित संचालन तत्परता कोबनाए रखने हेतु उच्च बजटीय आवंटन पूर्व सैनिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वा स्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने में सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत; ईसीएचएस के लिए 12,100 करोड़ रुपये आवंटित,वित्त वर्ष 2025-26 के BE से 45.49% अधिक रक्षा मंत्री के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करेगा प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 3:42PM by PIB Delhi ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्रीय बजट में, रक्षा सेवाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये की अभूतपूर्व राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है। यह आवंटन अगले वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित जीडीपी का 2% है और वित्त वर्ष 2025-26 के बजटीय अन...

बजट 2025-26

वित्‍त मंत्रालय वर्ष 2026-2027 के केंद्रीय बजट की मुख्‍य बातें  01 FEB 2026 भाग – 1 केंद्रीय वित्‍त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आज संसद में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्‍तुत किया। बजट की मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं:- कर्तव्‍य भवन में तैयार किया गया पहला बजट तीन कर्तव्‍यों से प्रेरित है:- पहला कर्तव्‍य – उत्‍पादकता और प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्‍य में लचीलापन लाकर आर्थिक विकास को तेज करना और उसकी गति बनाए रखना दूसरा कर्तव्‍य- भारत की समृद्धि के पथ में सशक्‍त साझेदार बनाने के लिए लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और उनकी क्षमता बढ़ाना तीसरा कर्तव्‍य - सरकार की सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुकूल- यह सुनिश्चित करना कि सार्थक भागीदारी के लिए प्रत्‍येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच उपलब्‍ध हो। बजट अनुमान गैर ऋण प्राप्तियां और कुल व्‍यय क्रमश: 36.5 लाख करोड और 53.5 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है। सकल बाजार उधारी 17.2 ल...

कविता: धैर्य बनाए रखना,इसमें बड़ी ताकत है

कविता: धैर्य बनाए रखना,इसमें बड़ी ताकत है धैर्य बनाए रखना, इसमें बड़ी ताकत है, शालीनता बनाए रखना, इसमें बड़ी ताकत है। सागर की तरह शांत रहना, इसमें बड़ी ताकत है, हवा की तरह निर्मल रहना, इसमें बड़ी ताकत है। हर क्षण स्वयं से संवाद करना, इसमें बड़ी ताकत है। === 1 === जब जीवन की आँधियाँ सब कुछ तोड़ने आएँ, जब अपने ही प्रश्न बनकर रास्ते रोकने आएँ, तब टूटकर भी न बिखरना, अंधकार में भी दिशा खोजना, एक क्षण ठहर जाना, खूब सोचना, समझना, मौन में छिपे उत्तर सुन लेना— इसमें बड़ी ताकत है। === 2 === अपमान को अनुभव बना लेना, हार को सीख समझकर आगे बढ़ जाना, गिरकर फिर उठने का साहस जुटाना, हर परिस्थिति में उम्मीद को थामे रखना— इसमें अपार ताकत है। === 3 === भीड़ में भी स्वयं से जुड़े रहना, खुद से, खुद की बात करना, अकेलापन कमजोरी नहीं, खुद से मिलने का अवसर मानना। आत्मचिंतन से भीतर विश्वास का दीप जलाए रखना, यही आत्मबल, परम शक्ति का विस्फोट करता, जीवन को सच्ची ताकत से भरता— इसी ताकत को बनाए रखना। === 4 === सागर सब कुछ सहकर भी अपनी गहराई नहीं खोता, गहराई बड़ी सयानी है, उथले को कर देती पानी-पानी। हवा सबको छूकर भी क...

भजनलाल शर्मा सरकार सुशासन का मॉडल बनी, राजस्व घाटे में कमी और भ्रष्टाचार पर सख़्त नियंत्रण - अरविंद सिसोदिया

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भजनलाल शर्मा सरकार सुशासन का मॉडल बनी, राजस्व घाटे में कमी और भ्रष्टाचार पर सख़्त नियंत्रण - अरविंद सिसोदिया कोटा, 31 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविंद सिसोदिया ने कहा है कि " मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन के ज़रिये सुशासन का प्रभावी मॉडल स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य के राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसकी सराहना भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में भी की गई है। " सिसोदिया ने बताया कि " वर्ष 2023-24 में प्रदेश का राजस्व घाटा रूपये 38,954 करोड़ था, जिसे 2024-25 के संशोधित अनुमानों में घटाकर रूपये 31,939 करोड़ कर दिया गया है। बजट 2025-26 में सरकार ने राजस्व घाटे को जीएसडीपी के मात्र 1.6 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है, जो राज्य की बेहतर वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि "राज्य के स्वयं के कर राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार ने लीकेज रोकी हैं और व्यय को नियंत्रित किया है, जिससे विकास कार्यों क...

कविता - कभी पूछना भारत माँ से बँटवारे में क्या-क्या हुआ

कविता - कभी पूछना भारत माँ से बँटवारे में क्या-क्या हुआ कभी पूछना भारत माँ से बँटवारे में क्या-क्या हुआ..? रो बैठेगी मानवता, इंसानियत सिसकारेगी..! “क्या-क्या न हुआ?” यह कह कर भारत मां आंसू बहा बैठेगी। सिंध कहेगा, पंजाब कहेगा, बंगाल कहेगा, कहेगी उस सदी की सारी गाथाएँ। हम हिंदू हैँ हिंदुस्तान हमारा,  हम पर क्यों हैवानियत नें डाका डाला। ===1=== उस वक़्त का मंजर कितना विभत्स था, धरती पर इंसान नहीं, लाशों का बोझा था। कुओं में भरे गए शव, गलियाँ ख़ून से भरी थीं, माँ की गोद में कटा बच्चा और आँखें खुली थीं। रेलें चलीं तो ज़िंदा नहीं, सिर्फ़ लाशें पहुँचीं, हर डिब्बे से इंसानियत की साँसें टूटीं थीं। मां बहने लूटी गईं, काटी गईं और बाँटी गईं, हैवानियत को छूट मिली, सरकारें चुप्पी साधे थीं। ===2=== आजादी के कतरे-कतरे पर लिखा है बलिदान, क्यों अब भी बहलाते हो लेकर अहिंसा का नाम। दस - बीस लाख मरे, पर कोई युद्ध न था, डेढ़ करोड़ उजड़े, घर छूटे कोई दुश्मन नहीं बंटवारा था। हिंदू कटा, हिंदुस्तान टूटा, भारत माँ का आँचल लहूलुहान हुआ था। ===3=== ये दंगे नहीं थे, ये उन्माद नहीं था, ये सत्ता के लिए किया गया य...

कविता - शून्य से मत डरो,यह अस्तित्व की पहचान है।

कविता - शून्य से मत डरो शून्य से मत डरो, यह अस्तित्व की पहचान है। पुरुषार्थ के लिए प्रेरणा , सफलता के लिए संघर्ष का नाम है। ===1=== यहीं से उठती है कोशिशों की पहली आहट, यहीं जन्म लेता है खुद को साबित करने का साहस। अंधेरों को चीरती हुई विकास की यह किरण भरती उड़ान है  ===2=== जो शून्य में खड़ा रह सका, वही ऊँचाइयों का अर्थ जानता है। जो हार से आँख मिला सका, वही जीत की भाषा पहचानता है। याद रखो हर सफर शून्य से प्रारंभ होकर, एक एक नया कीर्तिमान रचता है। ===3=== शून्य से मत डरो, यह गिरने का नहीं, उठने का नाम है। शून्य से मत डरो, यह अंत नहीं, अस्तित्व की अनुसंधान है। === समाप्त===  

हिंदू बांटो राज करो, यह सदियों की परिपाटी है

कविता - हिंदू बांटो राज करो, यह सदियों की परिपाटी है  हिंदू बांटो राज करो यही तो सदियों से होता आया, अब तो संभलो हिंदूँ वर्ना पूरी तरह दफन हो जाओगे। इतिहास कोई कथा नहीं, यह खुली हुई चेतावनी है, जो कल हुआ, वही क्या फिर दोहराओगे। === 1 === ताज नहीं टूटा पहले, पहले टूटी थी एकता, जब भीतर आग लगी, तब  जीती बाहरी सत्ता। तक्षशिला से तराइन तक, एक ही दोष दिखा, शत्रु सामने खड़ा रहा, भाई भाई से ही लड़ा। === 2 === तलवारें कम नहीं थीं, साहस भी था अपार, पर अहंकार की दीवारों ने खोल दिया हर द्वार। कोई धर्म बचाने नहीं आया था बाहर से, कोई न्याय दिलाने नहीं उतरा था सागर पार से। हमने ही बुलाया था, स्वार्थ के निमंत्रण पर, और फिर रोते रहे बेड़ियों के बंदीपन पर। === 3 === अंग्रेज़ आया चाल लेकर, काग़ज़ और कानून, पहले बाँटा सोच को, फिर लूटा आत्मसम्मान और जूनून। जाति में बाँटो, भाषा में बाँटो, इतिहास बदल दो, लड़ते रहो आपस में—राज हमें करने दो! आज भी वही पटकथा है, बस चेहरे बदल गए, लड़ाने वाले मुस्कुराते हैं, हम फिर बहक गए। === 4 === जो सवाल सत्ता से होना था, वो पड़ोसी से कर रहे, और जो जोड़ने की बात थी, उसे...

कविता - वीर शिरोमणि राणा सांगा

कविता - वीर शिरोमणि राणा सांगा तन पर अस्सी घाव सजे थे, पर मन में डर का नाम न था, कट गया हाथ, गईं एक आँखें, फिर भी रण से विराम न था। लहू बहा पर तेज न टूटा, सिंह गर्जना गरजती थी, राणा सांगा के नाम मात्र से, शत्रु की काया कंपती थी। जहाँ-जहाँ तलवार उठी, स्वाभिमान का दीप जला, तोपों से नहीं, साहस से युद्धों का मोल बढ़ा। अपने ही लहू से उसने मातृभूमि को तौल दिया, वीरता ही उसकी रणभूमि थी, राष्ट्रधर्म ही उसकी बलिवेदी थी । खानवा की धरा साक्षी है, लहू से लिखे इतिहास की, एकाकी सिंह डटा रहा, आँधी आई विश्वासघात की। देह भले ही टूट गई, पर वचन नहीं टूटा आन का, राणा सांगा नाम नहीं था, वह प्रतीक था स्वाभिमान का। राष्ट्रधर्म मेवाड़ की आन था, सूर्यवंशी तेज की शान था, राजपूताना  स्वाभिमान था, हर रण जिसका इम्तिहान था। मर कर भी जो अमर हुआ, वह सच्चा सपूत महान था , राष्ट्रधर्म के पथ पर चलकर, इतिहास में वह देदीपयमान था. आओ शीश झुकाएँ आज, उस रणबांकुरे के चरणों में, प्रेरणापाएं मातृभूमि के लिए मर मिटने की, वही ज्वाला फिर जीवित हो, हर युवा के मन मस्तिष्क में। शौर्य को हो जागरण ,फिर उठे सिंह समान समाज, राणा सांगा...

मोदीजी के नेतृत्व में भारत आर्थिक मोर्चे पर मजबूत - अरविन्द सिसोदिया

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अमरीकी टैरिफ युद्ध से उत्पन्न वैश्विक अस्थिरता के बीच मोदीजी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा है — अरविन्द सिसोदिया मोदीजी के नेतृत्व में भारत आर्थिक मोर्चे पर मजबूत - अरविन्द सिसोदिया  कोटा 30 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने भारत सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा बजट-पूर्व प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " गत वर्ष से पूरी दुनिया एक प्रकार के अपरोक्ष आर्थिक विश्वयुद्ध से ग्रस्त है। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था टैरिफ युद्ध, आर्थिक राष्ट्रवाद और भू - राजनीतिक तनाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूती, स्थिरता और आत्मविश्वास के रूप में देशवासियों के साहस को दृढ़ करता है।" सिसोदिया नें कहा कि " पूरी दुनिया अस्थिरता और अंध चुनौतीयों के दौर में है, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदीजी का कुशल नेतृत्व, संयम, समन्वय और बदलते तौर तरीकों के बीच कुटनीतिक कुशलता, भारत को एक आर्थिक ताकत के रूप में ...

कविता - देश का मस्तिष्क है संसद,हुडदंग का दंगल मत बनाओ

कविता - देश का मस्तिष्क है संसद,हुडदंग का दंगल मत बनाओ देश का मस्तिष्क है संसद,हुडदंग का दंगल मत बनाओ, गरिमा बाँटो, गरिमा अपनाओ और गरिमा बढ़ाओ  ! शांतचित्त और सत्यनिष्ठ इसे बना कर,देश की क्षमता बढ़ाओ। विश्व के आँगन में समन्वय की अनुकरणीयता बनाओ । ===1=== यहाँ शब्द हों सेतु, शस्त्र नहीं,  तर्क हो दीप, अंधड़ नहीं, विचार टकराएँ, मर्यादा न टूटे, लोकतंत्र कहीं शर्मसार न हो जाए। जन-आकांक्षाओं की यह चौपाल है, हर आवाज़ का हक सवाल है, हर सवाल का जबाब जायज अधिकार है, किन्तु, निज स्वार्थ छोड़, राष्ट्र को देखा जाये। ===2=== शोर नहीं, समाधान गूंजे,कटुता नहीं, संवाद सहेजें, राजनीती नीति हो, आपस में न कुनीति हो, राष्ट्र एक परिवार है, इसमें सिर फुटब्बल नहीं, आपस में एक बनों, मधुर रिश्ते रखो, संसद एक परिवार है, कोई घात प्रतिघात नहीं, देश का वर्तमान रचें और भविष्य गढ़े। यही जनसेवा का असली कमाल है। राष्ट्र चिंतन की मिशाल बनें। === समाप्त ===

UGC के पीछे कौन...

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सबसे बड़ा खेल हो गया इसके साथ ये है इंदिरा जय सिंह ये गई सुप्रीम कोर्ट और पहले से एक तरफा यूजीसी गाइड्लाइन को और सख्त बनवाने के मकसद से वैसे इसके एक एनजीओ को सरकार पहले ही FCRA licence रद्द कर चुकी है विदेशी सीक्रिट एजेंसी से जुड़े संस्थानों से फन्डिंग लेने और उसका सही हिसाब जमा ना करने के लिए  अब इस मामले मे इसने रोहित वेमुला की मा और एक मुस्लिम महिला जिसके लड़के ने आत्महत्या की है उसको दोनों को याचिककर्ता बना के याचिका डाली की यूजीसी की गाइड्लाइन दुबारा बनाई जाए इसका तर्क था की उत्पीड़न के मामले 5 साल मे 182% बढ़ गए है और 125 के करीब से 5 साल मे 374 के करीब हो गए है यहा खेल खतरनाक था इसका इसकी मंशा थी एससी एसटी के साथ अल्पसंख्यक के नाम पे मुसलमानों को भी खास संरक्षण दे दिया जाए इस लिए एक मुस्लिम महिला की याचिका साथ लगाई....। अब सामान्य प्रोसेस मे कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया और सुनवाई हुई तो कोर्ट ने यूजीसी को निर्देश दिए की गाइड्लाइन को सुधार करे....। अब यहा खेल ये था की एक तरफ ये पक्ष था दूसरी तरफ सरकार थी तीसरा पक्ष यानि जनरल समाज की तरफ से कोई नहीं आया तो उनकी बात...

कविता - कुर्सी पाने की खातिर देश बंट गया

कविता - कुर्सी पाने की खातिर देश बंट गया  आजादी के कतरे-कतरे पर लिखा है बलिदान, क्यों अब भी भरमाते हो लेकर अहिंसा का नाम। इक तरफ़ा हिन्दुओं का हुआ था कत्लेआम, लाखों लोगों को नसीब नहीं हुआ था शमशान। सारे महानायक तब मौन थे, ज़ख्मी था हिंदू और हिंदुस्तान थे। ===1=== कुर्सियों की भूख में , इंसान नहीं दिखे, महलों के सौदे हुए, गाँव-शहर खूब जले । नक्से पर एक लकीर से,ख़ून की नदियाँ बहाईं, सत्ता पाने की ख़ातिर असंख्य अनंत जानें गँवाईं। ===2=== वोट दिया बँटवारे को, पर गये नहीं देश बंटवा कर देश ! यह अधम पाप पाखंड तुम्हारे ही सर पर, हिंसा बेपरवाह हुई , पर कोई प्रतिकार नही,  ना लाशों की गिनती हुई, जो कट गया निर्दोष, उसकी कीमत का किसी को होश नहीं । ===3=== ट्रेनें लाशों से भरीं, फिर भी रूह नहीं काँपी, माताओं की चीख़ों पर भी अंतरात्मा नहीं जागी। जो बचा वो शरणार्थी, जो मरा वो मात्र आँकड़ा था , और जो ज़िम्मेदार थे, वो कहलाए देश के अधिपती। ===4=== अहिंसा का पाठ पढ़ाकर, भारत को संघर्ष विहीन किया , दया और करुणा के भारत को लहूलुहान किया । ये बँटवारा नहीं था, ये सत्ता के लिए हुआ नरसंहार था, कुर्सी ...

अशांत क्षेत्र अधिनियम भजनलाल शर्मा सरकार का स्वागतयोग्य, बहुआयामी एवं दूरदर्शी कदम — अरविन्द सिसोदिया

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अशांत क्षेत्र अधिनियम भजनलाल शर्मा सरकार का स्वागतयोग्य, बहुआयामी एवं दूरदर्शी कदम — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 29 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं भाजपा मीडिया विभाग, कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने राजस्थान के संवेदनशील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा राजस्थान में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि " मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राजस्थान में सामाजिक संतुलन, स्थायी सौहार्द एवं नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो उनकी दूरदर्शिता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।" सिसोदिया ने कहा कि "वर्तमान समय में यह अप्रत्यक्ष रूप से देखने में आ रहा है कि कुछ क्षेत्रों में भय, दबाव अथवा मजबूरी के कारण लोगों को अपनी संपत्ति कम कीमत पर बेचने और क्षेत्र छोड़ने के लिए विवश किया जाता है। अशांत क्षेत्र अधिनियम ऐसे ही मामलों में “डिस्ट्रेस सेल” एवं जबरन पलायन पर प्रभावी रोक लगाने का कार्य करेगा।" ...

UGC दिग्विजय सिंह

सवर्णों ने जिस भाजपाई को सत्ता पर बैठाया वो दिग्विजय सिंह जैसे congresi चमचा के झांसे में फंसकर धर्म द्रोह कर डाला है! किसी ने ठीक ही कहा कि congresi मुस्लिम लीग बन चुकी हैं और भाजपाई congresi  सवर्णों के विरुद्ध बनाए गए कानून यूजीसी में दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने की थी UGC रूल्स की सिफारिश, जिसमें भाजपा के 16 सदस्य, congres के 4 सदस्य, समाजवादी पार्टी के 3, तृणमूल के 2, सीपीएम के 1, डीएमके के 1, एनसीपी (अजीत गुट) के 1, एनसीपी (शरद गुट) के 1 और आम आदमी पार्टी की 1 पूर्व सदस्य हैं।  यानी total 29 धर्मद्रोहियो ने पक्ष हो या विपक्षी ने मिलकर सवर्ण विरोधी यूजीसी कानून बनाए! भाजपाइयों के सदस्यों की संख्या अधिक है, क्या भांग खाकर गए हुए थे ये मंदबुद्धि महामूर्ख अधर्मी भाजपाई ...? जो पाक प्रस्त अधर्मी कुकर्मी दिग्विजय सिंह बोलेगा वही करोगे ...? फिर तुमको सत्ता पर बैठाने का क्या औचित्य रहा हमारे ...? नागिन डांस देखने के लिए भाजपाई को सत्ता पर नही बैठाया गया था कि जो दिग्विजय सिंह चाहेगा उस पर नाचने लगों ! और दूसरी बात भाजपाई के ज्यादातर धर्म द्रोही सवर्णों ने ही ...

यूपी में 2017 से पहले का वो दौर up yogi

गलती तो आप से हुई है योगी जी. 👉जिस उम्र में लोग सिनेमा और क्रिकेट के मजे ले रहे होते हैं,, उस उम्र में उसने सब त्याग कर सन्यास की राह पकड़ी👇 हमने तो 2017 से पहले का वो दौर भी देखा है, जब सड़कों पर दौड़ा दौड़ा कर विधायक मार दिए जाते थे (राजू पाल), मां और बेटी को हाइवे से खींच कर एक साथ बलात्कार कर दिया जाता था(बुलंद शहर), एक पत्रकार को इसलिए जिंदा जला दिया गयो क्योंकि उनसे तत्कालीन सरकार के एक मंत्री के खिलाफ सच बोलने का साहस किया (शाहजहांपुर),, दो दलित बेटियों का सामूहिक बलात्कार कर के लाशों को दहशत फैलाने के लिए पेड़ो पर टांग दिया जाता था(बदायूं),, एक ब्राह्मण की बहु बेटियों किस तरह से सड़कों पर घुमाया गया कि रूह कांप जाए (इटावा) एक पुलिस वाले का कालर पकड़ कर जबरन घसीट कर जेल में ठूंस दिया गया क्योंकि उसने सरकार के एक पालतू कुत्ते को AK 47 के साथ गिरफ्तार किया था (शैलेन्द्र सिंह), एक विधायक की दिन दहाड़े 400 गोली मार कर उसकी चोटी तक काट ली गई (कृष्णानंद राय) एक गरीब की खाल उधेड़ कर थाने के सामने फेंक दिया (अतीक अहमद), लगातार 5 दिनों तक हिंदुओं का नरसंहार करवाता रहा एक विधायक(मुख्तार...

कविता - अगर तुमने वीरों का बलिदान छिपाया तो

कविता - अगर तुमने वीरों का बलिदान छिपाया तो - अरविन्द सिसोदिया  अगर तुमने भारत का सच्चा इतिहास भुलाया तो, अगर तुमने वीरों का बलिदान छिपाया तो, कहां से लाओगे नेताजी सुभाष, कहां से लाओगे वीर सावरकर, कहां से लाओगे भगत सिंह – चंद्रशेखर, कहां से लाओगे भावी वीर बलिदानी। जिनकी ललकार से कांपी थीं सल्तनतें जिनके स्वप्नों से जागा था सारा हिंदुस्तान, जिनका जीवन ही रणघोष बना, युद्धभूमि सा सजा, जिनका हर श्वास था राष्ट्र-प्राण। शौर्य को प्रणाम। जिन्होंने फांसी को फूल समझा, फंदों को मातृभूमि के लिए चूमा। जिन्होंने कारागार को तीर्थ बनाया, जिन्होंने यातनाओं को प्रसाद माना  जिन्होंने भारत माता के चरणों में, हँसते-हँसते शीश चढ़ाये, आओ उनके गीत गायें। यह केवल अतीत नहीं, यह चेतावनी भी है, यह हुंकार है, यह आव्हान है, यह भविष्य का प्रकाश है, अपने पुरषार्थ का स्मरण रहे राष्ट्र को, वर्ना भविष्य भी लहूलुहान है। अरे मत भुलाओ वीरों को, नमन करो शहीदों को, उनके त्याग को, उनके बलिदानों को, राष्ट्र जीवन में उन्हें उतारो, सम्मानों से। बताओ नई पीढ़ी को, कि आज़ादी उत्सव नहीं, भविष्य का रक्षण है, यह हर युग में र...

कविता - जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ

कविता - जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ। - अरविन्द सिसोदिया  जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ। जागरूक रहते तो ना बंटता हिंदुस्तान, जागरूक रहते तो ना बनता पाकिस्तान, जागरूक होते तो अपना होता संविधान, जागरूक होते तो न होते तमाम व्यवधान, जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ। ===1=== दुश्मन आये बन आक्रमणकारी, आजादी में भी उन्होंने ही बाज़ी मारी, जान-बूझकर रखा हमें अपरोक्ष गुलाम, कुर्सी की खातिर गईं अखंडता, लालच में बेच दिया गया स्वाभिमान, सोता रहा जन जन, जागता रहा शैतान, जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ। ===2=== इतिहास बदला, सच को छुपाया, वीरों के बलिदान को झुठलाया, गुलामी की सोच को अमृत बताया, अपनों ने ही अपनों को भरमाया, धर्म, जाति में देश को बाँटा, सत्ता ने हर बार सच को काटा, जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ। ===3=== मंदिर टूटा, संस्कृति रोई, माँ भारती की आँखें धोईं, काग़ज़ों में न्याय सिमट गया, सच बोलने वाला ही मिट गया, शिक्षा से चेतना दूर की गई, पीढ़ी दर पीढ़ी भूल बोई गई, जागरूक बन जाओ भारत, जागरूक बन जाओ। ===4=== अब भी समय है आँख उठाने का, झूठे जाल से मन छुड़ाने का, न इतिहास से...

कविता - काश कोई, फिर से आदि शंकर बन जाता,

कविता - काश कोई, फिर से आदि शंकर बन जाता, काश कोई, फिर से आदि शंकर बन जाता, सत्य सनातन की ध्वजा को फिर लहराता। ज्ञान से विज्ञान, आध्यात्म से शास्त्रार्थ सिखलाता, हिंदू मानवता का मान फिर बढ़ाता, काश कोई फिर से आदि शंकर बन जाता। मिथ्या के अंधकार में विवेक का दीप जलाता, अद्वैत का अमृत जन-जन को पिलाता। जाति, पंथ, भेद की दीवारें गिराता, एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति समझाता, काश कोई फिर से आदि शंकर बन जाता। वेदों की वाणी को नव युग से मिलाता, उपनिषदों का सार सरल कर सुनाता। तर्क से भ्रम, श्रद्धा से अहं मिटाता, मनुष्य को स्वयं से साक्षात्कार कराता, काश कोई फिर से आदि शंकर बन जाता। जहाँ धर्म कर्मकांड में सिमट सा गया है, जहाँ अर्थ में ही जीवन उलझ सा गया है। वहाँ त्याग, तप और तत्वज्ञान सिखलाता, जीवन को ब्रह्म पथ की ओर मोड़ लाता, काश कोई फिर से आदि शंकर बन जाता। भारत की आत्मा को फिर से जगाता, विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम् सिखलाता। शब्द नहीं, आचरण से धर्म दिखलाता, मानव में नारायण का दर्शन कराता, काश कोई फिर से आदि शंकर बन जाता।

नितिनजी के नेतृत्व में नवीन क्षेत्रों में भाजपा नया परचम लहरायेगी — अरविन्द सिसोदिया

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नितिनजी के नेतृत्व में नवीन क्षेत्रों में भाजपा नया परचम लहरायेगी — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 20 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह-संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्विरोध निर्वाचन पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि " यह क्षण न केवल भाजपा संगठन के लिए, बल्कि देश की राजनीति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा, ऊर्जावान और दक्ष नेतृत्व को पार्टी की कमान सौंपना भाजपा की दूरदर्शिता और भविष्य की ठोस तैयारी को दर्शाता है।" अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " नितिन नबीन के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी देश की राजनीति के नवीन क्षेत्रों में सशक्त प्रवेश करेगी। उनका नेतृत्व संगठन को नई सोच, नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा। पार्टी वैचारिक स्पष्टता, अनुशासन और कार्यकर्ता-आधारित संरचना को और अधिक मजबूत करते हुए जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के अपने मूल संकल्पों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगी।" उन्होंने कहा कि " नव निर्वाचित राष्ट्रीय अ...

" हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की गारंटी है " - अरविन्द सिसोदिया

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" हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की गारंटी है " - अरविन्द सिसोदिया  “सर्वश्रेष्ठ सनातन को विभाजित करने का षड्यंत्र हो रहा है, हिंदू एकता को मजबूत बनाएं रखें " — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 23 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि “हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की गारंटी है।" उन्होंने कहा कि " जब से हिन्दुओं में एकता दृढ़ हो रही है, तभी से हिंदू विरोधी तुष्टिकरणवादी ताकतें, निरंतर कोई न कोई षड्यंत्र रचते रहते हैँ, इसलिए राष्ट्रहित में हिन्दुओं को निरंतर एक जुट रहना होगा। " सिसोदिया नें कहा कि " हाल ही में माघ मेला में अस्वीकृत एवं विवादस्पद कथित शंकराचार्य तथा उनकी आड़ लेकर तुष्टिकरणवादी राजनीतिक दलों द्वारा जिस प्रकार बग्गी पालकी हठधर्मिता की अव्यवस्था उत्पन्न की गईं, वह सोची समझी चाल है। उसकी ओट से उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कटघरे में खड़ा करने का कुप्रयास किया गया, वह एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जिसका उद्देश्य आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख...