ईश्वरीय डिजिटलाइजेशन ही वास्तविक सृजन है - अरविन्द सिसोदिया
ईश्वरीय डिजिटलाइजेशन ही वास्तविक सृजन है लेखक: अरविन्द सिसोदिया प्रस्तावना: अक्सर हम पुनर्जन्म को केवल एक धार्मिक मान्यता मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन यदि हम इसे आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान और डेटा मैनेजमेंट की दृष्टि से देखें, तो यह एक अत्यंत सटीक ईश्वरीय व्यवस्था सिद्ध होती है। यह सच है कि इसके तमाम संकेत सनातन हिंदू धर्म में मिलते हैँ। मुख्य विचार: आत्मा: एक अमर सॉफ्टवेयर: शरीर मात्र एक नाशवान 'हार्डवेयर' है। आत्मा वह ऑपरेटिंग सिस्टम है जो शरीर को संचालित करती है। हार्डवेयर के खराब होने पर सॉफ्टवेयर नष्ट नहीं होता, बल्कि एक नए सिस्टम (नए जन्म) में स्थानांतरित हो जाता है। अचानक मृत्यु और डेटा रिकवरी: सामान्य मृत्यु एक 'सिस्टम शटडाउन' है जहाँ डेटा व्यवस्थित रूप से सेव हो जाता है। लेकिन अचानक या हिंसक मृत्यु एक 'सिस्टम क्रैश' की तरह है। जैसे क्रैश हुए कंप्यूटर को दोबारा चालू करने पर पुरानी 'अनसेव्ड' फाइलें (स्मृतियाँ) खुली मिल जाती हैं, वैसे ही पुनर्जन्म में कुछ लोगों को पिछले जन्म की यादें 'खुली फाइल' की तरह मिल जाती हैं। मस्तिष्क का स्टोरेज (95% रहस्...