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अपने विचार को इतना फैलादो कि हर बूथ पर राष्ट्रवाद का परचम लहराता रहे - मदन राठौड़

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- अरविन्द सिसोदिया  भाजपा मीडिया संयोजक, कोटा संभाग  9414180151 भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड नें अपने संबोधन में जनसंघ के जन्म से लेकर भाजपा निर्माण तक की गाथा सुनाते हुये कहा कि आज भारत में प्रधानमंत्री मोदीजी के रूप में सक्षम नेतृत्व हमारे पास है। पूरी दुनिया जिन्हे गंभीरता से लेती है। हमारे देश में गैस है पेट्रोल है हम तो श्रीलंका और बांग्लादेश तक की मदद कर रहे हैँ। राठौड़ नें कांग्रेस को ओड़े हाथ लेते हुये कहा कि कांग्रेस देश का हित करने पर विचार नहीं करती बल्कि वह कई दसकों से क परिवार के हित मात्र तक सिमटी हुई है। अब तो वह हताशा और निराशा में निरंतर आराजकता फैलाने की कोशिश करती रहती है। यह देश के प्रति नकारात्मक रवैया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आव्हान किया कि वे पुरषोर्थी बनें तेजश्वी बनें उन्होंने आव्हान किया कि अपने विचार को इतना फैलादो कि हर बूथ पर भाजपा और राष्ट्रवाद का परचम लहराता रहे। देश में सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रहित की गूंज हो। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और कोटा से सांसद ओम जी बिरला को कोहनूर हीरा कह कर प्रशंसा की। ---------- कोटा में बोले म...

जनता दलबदलुओं को स्‍वीकार नहीं पाती

लोकसभा चुनाव परिणाम : इन दलबदलुओं को रास नहीं आई BJP, जानिए किस-किसको जनता ने नकारा अन्‍य पार्टियों से भाजपा में शामिल कई नेता चुनाव हार गए हैं। नई दिल्‍ली:- लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections 2024) के परिणाम कई राजनेताओं के लिए उम्‍मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं. खासकर बीजेपी के लिए दूसरी पार्टी से आने वाले नेताओं को टिकट देना जनता को रास नहीं आया है और ऐसे कई नेताओं को मुंह की खानी पड़ी है. एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ाव और उसकी विचारधारा की बात करने वाले नेता अचानक से पार्टी बदलते ही नई पार्टी और उसकी विचारधारा की बात करने लगते हैं, कई बार जनता ऐसे दलबदलुओं को स्‍वीकार नहीं पाती है. लोकसभा चुनाव से पहले अन्‍य पार्टियों से भाजपा में शामिल कई राजनेताओं को हार का सामना करना पड़ा है. इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं. इन राजनेताओं की भाजपा में शामिल होने की मजबूरियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन परिणाम एक ही रहा है और वो है हार.   कृपाशंकर सिंह  महाराष्‍ट्र के पूर्व मंत्री और मुंबई कांग्रेस के अध्‍यक्ष रह चुके कृपाशंकर सिंह 2021 में भाजपा में शामिल हो गए थे. भाजपा ने कृपाशंकर सिंह को ...

भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस: विचार से विस्तार तक की यात्रा

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भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस,विचार से विस्तार तक की यात्रा 6 अप्रैल भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना हुई थी। आज जब भाजपा अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है, तब यह केवल एक राजनीतिक दल का उत्सव नहीं, बल्कि एक दीर्घ वैचारिक यात्रा का स्मरण भी है—एक ऐसी यात्रा जिसकी जड़ें 1925 तक जाती हैं। इस विचारधारा का मूल 1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा है, जिसकी स्थापना परमपूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने की थी। संघ का उद्देश्य भारतीय समाज में सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभाव और सनातन परंपराओं के प्रति स्वाभिमान जागृत करना था। यह एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन के रूप में विकसित हुआ, जिसने राष्ट्र को सर्वोपरि मानने वाली सोच को मजबूत किया। स्वतंत्रता के बाद का कालखंड अनेक राजनीतिक और वैचारिक संघर्षों से भरा हुआ था। महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर आरोप लगाए गए और तत्कालीन नेहरू सरकार द्वारा उस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उस समय संघ के पक्ष में खड़े होने या उसे न्याय दिलाने के लिए...

Sangh Work is a Sacred Divine Mission; Whoever Obstructed It Was Reduced to Naught – Arvind Sisodia

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Press Release Sangh Work is a Sacred Divine Mission; Whoever Obstructed It Was Reduced to Naught – Arvind Sisodia Kota, April 5. Arvind Sisodia—Education Promotion Trustee of the Rajasthan State Textbook Board and a senior intellectual—has launched a sharp and scathing attack on the Congress party and its student wing regarding the unnecessary opposition and anarchic atmosphere they are fomenting against the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS). He stated, "The Rashtriya Swayamsevak Sangh is the staunch vanguard of *Satya Sanatan* (Eternal Truth) Hindutva. The work of the Sangh is a sacred, divine mission; whoever placed obstacles in its path was themselves reduced to naught. The entire Hindu society stands firmly with the Sangh. It is a revered organization that nurtures and preserves Indian culture and traditions, and is deeply connected to the very soul of the nation. Its volunteers are the standard-bearers of *Sanatan* Hinduism—a force that the 'non-Hi...

गॉड साइंस: ईश्वर स्वयं वैज्ञानिक है — एक विकास यात्रा

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गॉड साइंस: ईश्वर स्वयं वैज्ञानिक है : एक विकास यात्रा - अरविन्द सिसोदिया  - अरविन्द सिसोदिया 9414180151 मानव सभ्यता के आरंभ से ही मनुष्य ने इस प्रश्न पर विचार किया है कि इस ब्रह्मांड की रचना किसने की और यह किस नियम के अनुसार संचालित होता है। प्रारंभिक काल में जब मनुष्य की बुद्धि में विज्ञान का स्पष्ट विकास नहीं हुआ था, समझ कम थी, तब मनुष्य ने प्रकृति की शक्तियों— सूर्य, चंद्रमा, अग्नि, वायु और जल को ही ईश्वर के रूप में स्वीकार किया। अथवा यूँ समझें कि देवीय शक्तियों के रूप में अंगीकार किया। यह आस्था केवल गुणावगुणों के भय का परिणाम नहीं थी, बल्कि उसके भीतर एक गहरी जिज्ञासा और खोज की भावना भी निहित थी। धीरे-धीरे यह समझ विकसित हुई कि ब्रह्मांड किसी अव्यवस्था का परिणाम नहीं, बल्कि नियमों से संचालित एक सुव्यवस्थित तंत्र है—और उन नियमों का मूल स्रोत ही " ईश्वर " है। इसी विचार से “ईश्वर स्वयं वैज्ञानिक है” जैसी अवधारणा जन्म लेती है। वैदिक और प्राचीन भारतीय परंपरा में यह दृष्टिकोण अत्यंत स्पष्ट और गहन रूप में प्रकट होता है। ऋग्वेद में सृष्टि की उत्पत्ति को लेकर गूढ़ प्रश्न...

God Science: God as the Supreme Scientist — A Journey of Evolution

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God Science: God as the Supreme Scientist — A Journey of Evolution — Arvind Sisodia  India  (9414180151) Since the dawn of human civilization, mankind has continuously pondered a fundamental question: Who created this universe, and by what laws does it operate? In the earliest stages, when human intellect had not yet developed a clear understanding of science, people perceived the forces of nature—such as the sun, moon, fire, air, and water—as divine. In other words, these natural forces were accepted and revered as manifestations of divine power. This belief was not merely a product of fear or uncertainty; it was also rooted in deep curiosity and a desire to understand existence. Gradually, human understanding evolved, leading to the realization that the universe is not a product of chaos, but a well-ordered system governed by precise laws. The source of these laws came to be understood as “God.” From this realization emerged the profound idea that “God Himself is...

संघ का विचार भारत के सत्य सनातन का विचार है – मुरलीधर

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कोटा महानगर द्वारा शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के निमित्त शिक्षा क्षेत्र के प्रमुखजनों की प्रमुख जनगोष्ठी आयोजित संघ का विचार भारत के सत्य सनातन का विचार है – मुरलीधर कोटा, 3 अप्रैल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कोटा महानगर में शिक्षा क्षेत्र के प्रमुख जनों की एक प्रमुखजन गोष्ठी का आयोजन गुरुवार को कोटा महानगर में किया गया। कार्यक्रम में कोटा के प्रमुख शिक्षण संस्थानों—भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई आई टी ), राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आर टी यू ), कोटा विश्वविद्यालय , राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय , राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय , राजकीय एवं निजी महाविद्यालयों के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त आचार्य, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं अधिकारीगणों की सहभागिता रही। मंचस्थ मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तौड़ प्रान्त प्रचारक मुरलीधर जी, कोटा विभाग संघ चालक पन्नालाल शर्मा एवं कोटा महानगर संघचालक गोपाल गर्ग रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रचारक श्रीमान मुरलीधर जी थे। श्रीमान मुरलीधर जी न...

संघकार्य पवित्र ईश्वरीय कार्य है, जिसने बाधा खड़ी की वह स्वयं शून्य हो गया – अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति स्वयंसेवक हिंदू सनातन का आदरणीय ध्वजवाहक है, अहिंदू कांग्रेस उसे रोकने की कल्पना भी न करें - अरविन्द सिसोदिया संघकार्य पवित्र ईश्वरीय कार्य है, जिसने बाधा खड़ी की वह स्वयं शून्य हो गया – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 5 अप्रैल। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस एवं उसके छात्र संगठन द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ खड़े किए जा रहे गैरज़रूरी विरोध और अराजकतापूर्ण माहौल पर तीखा और करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सत्य सनातन हिंदुत्व का प्रखर अग्रेसर है। संघ कार्य पवित्र ईश्वरीय कार्य है; जिसने इसके मार्ग में बाधा उत्पन्न की, वह स्वयं शून्य हो गया। संपूर्ण हिंदू समाज संघ के साथ खड़ा है। यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का पोषक एवं संरक्षक तथा देश की आत्मा से जुड़ा आदरणीय संगठन है। इसका स्वयंसेवक हिंदू सनातन का ध्वजवाहक है, जिसे रोकने की कल्पना भी अंग्रेजों की विरासत वाली अहिंदू कांग्रेस को नहीं करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि “अंग्रेजों, कांग्रेस सरकारो...

कविता - नरेंद्र मोदी हर संकट में बन जाते , भारत के हनुमान

⚔️ वीर रस – जोशीली ओजस्वी कविता ⚔️ जब-जब घिरी घटा संकट की, जब-जब अंधियारा छाया है, बन वीर पुरुषार्थी, मोदी जी ने ध्वज ऊँचा लहराया है। इतिहास गर्जना करता है, युग-युग तक गूँजेगा यह नाम,  नरेंद्र मोदी हर संकट में बन जाते , भारत के हनुमान। -----=---- न भूले घाटी की ज्वाला, न सीमाओं की वह पुकार, जहाँ लहू से लिखी वीरता, जहाँ शौर्य अपरंपार । सैनिक-सा संकल्प लिए वह, वज्र-हृदय, दृढ़ भुजा उठाए, भारत के स्वाभिमान हेतु, अग्नि-पथ पर बढ़ता जाए! लोहे-सा जिसका इरादा, पर्वत-सा अडिग जिसका मान, आंधी-तूफाँ भी झुक जाएँ, ऐसा उसका दृढ़ स्वाभियान। जनसेवा का जप करते-करते, बन गया वह राष्ट्र का मान, हर कण में है कर्म की गाथा, हर श्वास में भारत माता। गूँजा जब स्वच्छता का नाद, उठा जन-जन का अभिमान, गाँव-गाँव में दीप जले, जागा नवभारत का अरमान। कर्मवीर की गर्जना सुन, हर दिल में ज्वाला प्रज्वलित, अंधकार को चीर निकलता, उजियारा बन प्रखर, प्रबलित! कूटनीति के रण में जब भी, डगमग होता था संसार, सिंह-नाद कर आगे बढ़ा वह, लेकर साहस की तलवार। गूँज उठा फिर एक ही स्वर— “भारत पहले, भारत महान!” हर मंच पर लहराया उसने, राष्ट्रधर्...

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर NSA लगाया जाये

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स्थान - कोटा  दिनाँक - 2 अप्रैल 2026 सेवा में, महामहिम राष्ट्रपति महोदया  राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली। श्रीमान केंद्रीय गृह मंत्री महोदय, भारत सरकार, नई दिल्ली। श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय  उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ, यूपी  विषय: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा माननीय इंद्रेश कुमार जी के विरुद्ध लगाए गए भ्रामक, असत्य, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले एवं सांप्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न करने वाले आरोपों के संबंध में, उनके विरुद्ध ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980’ एवं ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ के अंतर्गत गिरफ्तारी की कार्यवाही हेतु। महोदय, हम, अधोहस्ताक्षरी, ‘भारत तिब्बत सहयोग मंच’ (चित्तौड़ प्रांत इकाई) के पदाधिकारी/सदस्य, इस ज्ञापन के माध्यम से आपका ध्यान एक अत्यंत गंभीर विषय की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द एवं महिलाओं की गरिमा से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। यह अवगत कराना है कि विगत दिनों ज्योतिष्पीठ से संबद्ध स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा एक सार्वजनिक मंच/माध्यम से माननीय इंद्रेश कु...

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान विपक्षी सांसद—हिबी ईडन, प्रशांत पडोले, डीन कुरियाकोस, सुप्रिया सुले और अन्य—1 अप्रैल 2026 को विरोध प्रदर्शन करते हुए। फोटो: पीटीआई  विदेशी फंड वाले NGOs पर सरकार ने कसा शिकंजा,चुनावी मौसम में नए विधेयक पर बढ़ा विवाद नए नामित प्राधिकरण को बिना स्वतंत्र समीक्षा या तय समयसीमा के विदेशी फंड से बने संपत्तियों को जब्त, ट्रांसफर या बेचने का अधिकार दिया गया है।  मार्च को लोकसभा में चुपचाप पेश किया गया एक विधेयक कुछ ही दिनों में चुनावी मौसम के सबसे तीखे राजनीतिक विवादों में से एक बन गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 यह तय करता है कि भारत में NGOs और सिविल सोसायटी संगठन विदेशी फंड कैसे प्राप्त और खर्च करेंगे। कागजों पर यह एक नियामक सुधार जैसा दिखता है, लेकिन व्यवहार में यह केंद्र सरकार को हजारों संगठनों—जिनमें स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थल शामिल हैं—की उन संपत्तियों पर व्यापक अधिकार देता है, जो दशकों में विदेशी फंड से बनाई गई हैं।  केरल में बढ़ा सियासी तापमान इस विधेयक को ले...

हनुमान ग्यारसा और हनुमान बीसा

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🌺 हनुमान ग्यारसा (मंदिर पाठ भजन स्वरूप) 🌺 प्रारंभ की अर्चना... हनुमानजी सिखाते हैँ हमको क्या करना है, कैसे जीना है और कैसा बनना है। (मुखड़ा, जिसे हर पद के बाद दोहराएँ) हनुमान सा जीवन जीना, संकट में साहस दिखाना । पुण्य प्रताप जगाना, धर्म भाव प्रगटाना।। 1 गिरते का हाथ थाम लेना, हर मन में ज्योति जलाना॥ सत्य मार्ग पर अडिग रहना, धैर्य से आगे बढ़ते जाना॥ (मुखड़ा) 2 निर्बलजन का बल बनना, चुनौतीयों से ना घबराना॥ भय को मन से दूर भगाना , आत्मबल को अपनाना॥ (मुखड़ा) 3 जैसे सागर लांघा उनने, वैसे ही विजय को पाना॥ ईश्वर  का ध्यान लगाना, हर क्षण बढ़ते जाना॥ (मुखड़ा) 4 ज्ञान, विनय और बल लेकर, जीवन पथ को सजाना॥ क्रोध त्याग संयम अपनाकर, मन को शांत बनाना॥ (मुखड़ा) 5 मित्रता में सच्चाई रखना, हर संबंध निभाना॥ भटके जन को राह दिखाना , सत्य पथ पर लाना॥ (मुखड़ा) 6 सेवा को ही धर्म बनाकर, जग में यश फैलाना॥ स्वस्थ तन और दृढ़ मन से, हर संकट को हरते जाना॥ (मुखड़ा) 7 मोह के जंजाल से बचकर, सत्य मार्ग अपनाना॥ माया से दूर रहकर, जीवन सरल बनाना॥ (मुखड़ा) 8 कर्तव्य को सर्वोपरि मान, हर कर्म को निभाना॥ भक्ति,...

हिंदू और हिंदुत्व की सुरक्षा, अस्तित्व का यक्ष-प्रश्न; इसे नकारा नहीं जा सकता - अरविन्द सिसोदिया

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गहलोत तुष्टिकरणवादी राजनीति के "नो चांस" राजनेता हैं - अरविन्द  सिसोदिया  हिंदू और हिंदुत्व की सुरक्षा, अस्तित्व का यक्ष-प्रश्न; इसे नकारा नहीं जा सकता - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 30 मार्च। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस नेता अशोक  गहलोत के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “हिंदू और हिंदुत्व की सुरक्षा कोई वैकल्पिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र और संस्कृति के अस्तित्व का यक्ष-प्रश्न है। हिंदू अपने राजनैतिक और सामाजिक अधिकारों और सुरक्षा के लिए जागरूक हो रहा है। हिंदू युवाशक्ति अपनी एकजुटता के प्रति दृढ़ हुई है।अब फूट डालो राज करो का छल कपट नहीं चलेगा। ” उन्होंने कहा कि “जिस तरह से बाहरी घुसपैठ और जनसंख्या विस्फोट के माध्यम से क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन के प्रयास हो रहे हैं, ये हिंदुत्व के विरुद्ध ही षड्यंत्रपूर्ण हमला है। किंतु कांग्रेस और उसके नेता इस सच्चाई को जानबूझकर वोट बैंक को खुश करने के लिए नकारते रहते हैं, क्योंकि उनकी राजनीति ही हिंदू विरोध और तुष्टिकरण पर टिकी हुई है।” सिसोदिया ...