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भजनलाल शर्मा सरकार पर जनता की संतुष्टि की मोहर — अरविन्द सिसोदिया

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भजनलाल शर्मा सरकार पर जनता की संतुष्टि की मोहर — अरविन्द सिसोदिया  कोटा, 15 सितंबर । भाजपा मीडिया विभाग के कोटा संभाग संयोजक एवं राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया नें कहा कि "राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली शानदार सफलता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों तथा मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के सुशासन, विकास और जनहितकारी कार्यों पर जनता के विश्वास की स्पष्ट अभिव्यक्ति है।" उन्होंने कहा कि " यह विजय भाजपा की कार्यशैली और सरकार की उपलब्धियों पर जनता की संतुष्टि की मोहर है।"  भाजपा के वरिष्ठ नेता सिसोदिया ने निकाय चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " राजस्थान की जनता ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की राजनीति के साथ खड़ी है। निकाय चुनावों में भाजपा का मजबूत प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकास की गारंटी और मुख्यमंत्री भज...

India's 'Path of Peace' Amid Global Conflicts: The Historic Success of the BRICS Summit

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India's 'Path of Peace' Amid Global Conflicts: The Historic Success of the BRICS Summit - Arvind Sisodia 9414180151 Amid global geopolitical turmoil, wars, and serious diplomatic confrontations, the 18th BRICS Summit held in New Delhi, India, has made history under the leadership of Prime Minister Narendra Modi. The simultaneous presence of Russian President Putin and Chinese President Xi Jinping conveyed several diplomatic messages to the world. While the world appeared divided into blocs due to the West Asian crisis (the Israel–Iran war) and the Russia–Ukraine conflict, India, through its diplomatic acumen, succeeded in bringing countries with opposing ideologies together on the “New Delhi Declaration.” The summit proves that, even in an era of deep differences, India’s initiative to build a bridge of global unity is its greatest strategic and diplomatic achievement. Consensus Amid Conflicts  The Greatest Test of Indian Diplomacy The road to this s...

मोदी मैजिक से चौंकी दुनिया, ब्रिक्स सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता

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वैश्विक टकराव के बीच भारत का 'शांति पथ', ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता - अरविन्द सिसोदिया  मोदी मैजिक नें पूरे विश्व को चोंकाया, ब्रिक्स  सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता - अरविन्द सिसोदिया  मोदी मैजिक से चौंकी दुनिया, ब्रिक्स सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता - अरविन्द सिसोदिया  वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल, युद्ध और गंभीर कूटनीतिक टकरावों के बीच भारत के नई दिल्ली में आयोजित18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के नेतृत्व में इतिहास रच दिया है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की एक साथ मौजूदगी, विश्व को कई कूटनीति संदेश देती है। जहाँ एक ओर पश्चिमी एशिया के संकट (इजरायल-इरान युद्ध) और रूस-यूक्रेन संघर्ष के चलते दुनिया गुटों में बंटी हुई नजर आ रही थी, वहीं भारत ने अपनी कूटनीतिक कुशलता के दम पर सभी विरोधी विचारधारा वाले देशों को 'नई दिल्ली घोषणापत्र'  पर एक सुर में लाकर खड़ा कर दिया। यह सम्मेलन यह साबित करता है कि गहरे मतभेदों के दौर में भी वैश्विक एकता का सेतु बनाने की पहल केवल और केवल भारत की सबसे बड़ी रणनीतिक और क...

मंथन....

आपके उठाए हुए प्रश्न वास्तव में तीन अलग-अलग ज्ञान-क्षेत्रों के संगम पर खड़े हैं—(1) सनातन दर्शन, (2) आधुनिक न्यूरोसाइंस/भौतिक विज्ञान, और (3) चेतना एवं मृत्यु का दार्शनिक प्रश्न। इनको अलग-अलग करके देखने के बजाय यदि साथ रखकर देखा जाए तो विषय बहुत रोचक हो जाता है। सबसे पहले एक सावधानी: “सनातन विज्ञान आधुनिक विज्ञान से ऊपर है” को यदि वैज्ञानिक तथ्य के रूप में कहा जाए तो उसे प्रमाणित करना कठिन होगा। लेकिन यह कहना अधिक सटीक है कि सनातन परंपरा ने चेतना, आत्मा, स्वप्न, मृत्यु और अस्तित्व के ऐसे प्रश्नों पर हजारों वर्षों से व्यवस्थित दार्शनिक चिंतन किया है, जिनमें आधुनिक विज्ञान अभी भी कई मूलभूत प्रश्नों के उत्तर खोज रहा है। दोनों की कार्य-पद्धति अलग है। 1. “मैं कौन हूँ?” — सनातन का मूल प्रश्न उपनिषदों में मनुष्य को केवल शरीर नहीं माना गया। विशेष रूप से आत्मा/आत्मन् को अनुभवों के पीछे स्थित चेतन सत्ता के रूप में विचार किया गया। बृहदारण्यक उपनिषद् में आत्मन् को देखने वाला, सुनने वाला, सोचने वाला और जानने वाला कहा गया है। क्लासिकल भारतीय दर्शन के आधुनिक अकादमिक अध्ययन भी बताते हैं कि ātman का अर...

The Scientific Inquiry into God is Sanatana Hindutva— Arvind Sisodia

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The Scientific Inquiry into God is Sanatana Hindutva — Arvind Sisodia 1- India’s extremely ancient culture and its rich knowledge are not opposed to modern scientific thought. In fact, it is a tradition of science that has reached far beyond the present limits of modern science. 2- Sanatana, which is presently also known as Hindu or Hindutva, is fundamentally a tradition of the search for Truth. Millions and billions of generations have been engaged in this search for Truth, and this continuous journey still exists today. 3- Modern science also holds that the Earth came into existence approximately 2 billion years ago, after which a process of natural development took place upon it. Through eighty-four lakh (8.4 million) types of bodies, this “natural world” is functioning in all its diversity. 4- The inhabitants of this Earth have attained the highest levels of development and prosperity many times, and have subsequently perished as well. This cycle of development, achieve...

ईश्वर के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनुसंधान ही सनातन हिंदुत्व है — अरविन्द सिसोदिया

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ईश्वर के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनुसंधान ही सनातन हिंदुत्व है  — अरविन्द सिसोदिया 1- भारत की अत्यंत प्राचीन संस्कृति और उसका समृद्ध ज्ञान, आधुनिक वैज्ञानिकता के विरोध में नहीं है। वस्तुतः वह ऐसे विज्ञान की परंपरा है, जो आधुनिक विज्ञान की वर्तमान सीमाओं से भी बहुत आगे तक पहुँच चुकी रही है । 2- सनातन, जिसे वर्तमान में हिंदू या हिंदुत्व के नाम से भी जाना जाता है, मूलतः सत्य की खोज की परंपरा है। इस सत्य की खोज में लाखों-करोड़ों पीढ़ियाँ लगीं और उसकी यह निरंतर यात्रा आज भी अस्तित्व में है। 3- आधुनिक विज्ञान भी यह मानता है कि लगभग 2 अरब वर्ष पूर्व पृथ्वी अस्तित्व में आई और इसके बाद इस पर प्राकृतिक विकास की प्रक्रिया हुई। चौरासी लाख प्रकार के शरीरों के माध्यम से यह " प्राकृतिक विश्व " अपनी विविधता के साथ संचालित हो रहा है। 4- इस पृथ्वी के निवासियों ने अनेकों बार उच्चतम विकास और वैभव को प्राप्त किया और फिर विनष्ट भी हुए। यह विकास, उत्कर्ष और विनाश की श्रृंखला सैकड़ों बार घटित हुई है। 5- आध्यात्मिकता भी विज्ञान की उच्चतम स्थिति और ज्ञान है। आज विज्ञान के कुछ कर्ता धर...