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हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है - शिवराज सिंह चौहान

  प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु:  माननीय केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री शिवराज सिंह चौहान /  12-10-2026      केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु ****************** कांग्रेस अपनी चुनावी हार के लिए संवैधानिक संस्थाओं को दोषी ठहरा रही है, जबकि असली वजह उसका नेतृत्व है, जो विचारों से रहित है। **************************** हताश और हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता फैलाकर और जनता को गुमराह करके सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है। ******************** कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के कारण, कांग्रेस क्षेत्रीय दलों पर निर्भर एक कनिष्ठ सहयोगी और एक परजीवी दल बनकर रह गई है। **************************** कांग्रेस नेता इसे “शिव जी की बारात” बता रहे हैं, जबकि यह भगवान शिव की शोभायात्रा नहीं, बल्कि बदमाशों का एक समूह है जो सड़कों पर अव्यवस्था फैला रहा है। **************************** कांग्रेस और भारत-भारत गठबंधन अब विदेशी शक्तियों क...

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है — अरविन्द सिसोदिया

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भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की अनिवार्य जबाबदेही है  — अरविन्द सिसोदिया विपक्ष की गैर-जिम्मेदार राजनीति और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर अनुचित प्रहार वर्तमान कांग्रेस और उसके ही प्रतिस्पर्धी कुछ दलों में इस समय असंवैधानिक और झूठ पर आधारित नौटंकी खड़ी करने की प्रतिस्पर्धा चल रही है, इन दलों को जनता नें सिरे से नकार दिया है और ये बिना वोट से ही जीते शासक बनना चाहते हैँ। इनकी इस बेतुकी जिद पर, पूरे देश में ही नहीं, विश्व में भी भारतीय विपक्ष मज़ाक बनकर रह गया है।  नेता प्रतिपक्ष की फ्रंट पेज पर छपने की इस बीमारी में देश के दिन-प्रतिदिन के ज़रूरी कार्यों सहित देश का विकास बाधित हो रहा है, वहीं देश की गरिमा और संवैधानिक संस्थाओं का निहित स्वार्थों हेतु मानमर्दन किया जा रहा है। इसलिए देश की सभी ज़िम्मेदार व जवाबदेह संस्थाओं सहित नागरिकों को भी लोकतंत्र की रक्षा हेतु प्रबलता से सक्रिय रहना होगा। इक्कीसवीं सदी का नया युद्ध : हाइब्रिड वॉरफेयर और छद्म सूचना तंत्र आज इक्कीसवीं सदी का विश्व एक अदृश्य, जटिल और अत्यंत ख़तरनाक युद्ध के दौर से गुज़र रहा है।...

एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों में भी हैँ बहुतसारी भिन्नतायें

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एक ईसा, एक बाइबल, लेकिन ईसाइयों के कितने मजहब (संप्रदाय)❓ ईसाइयत दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समुदायों में से एक माना जाता है। लेकिन सभी ईसाई एक ही चर्च या धार्मिक संगठन से जुड़े नहीं हैं। ईसाइयत के भीतर रोमन कैथोलिक, ईस्टर्न ऑर्थोडॉक्स, ओरिएंटल ऑर्थोडॉक्स और प्रोटेस्टेंट जैसे प्रमुख मजहब हैं। इनके अतिरिक्त अनेक स्वतंत्र चर्च और छोटे-बड़े संप्रदाय भी मौजूद हैं। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ग्लोबल क्रिश्चियनिटी और वर्ल्ड क्रिश्चियन डेटाबेस से जुड़े अनुमानों में दुनिया भर में ईसाई संप्रदायों की संख्या लगभग 47,000 से अधिक बताई गई है। कुछ अनुमानों में यह संख्या 2025 ईस्वी तक लगभग 49,000 तक पहुँचती है। हालाँकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि ईसाइयत के भीतर लगभग 49,000 ऐसे समूह हैं जिनकी धार्मिक मान्यताएँ एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। इस संख्या की गणना में अलग-अलग देशों में मौजूद स्वतंत्र चर्चों और संस्थागत रूप से अलग इकाइयों को भी अलग संप्रदायों के रूप में गिना जा सकता है। इसलिए वास्तविक संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि मजहब (संप्रदाय) की परिभाषा क्या रखी गई है। ईसाइयत में इतने सारे संप्रदाय ...

भाजपा फिर जीत की हीरो, कांग्रेस फिर से जीरो पर - अरविन्द सिसोदिया

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भाजपा फिर जीत की हीरो, कांग्रेस फिर से जीरो पर - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 10 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस के कथित ‘वोट चोरी’ आंदोलन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि " कांग्रेस की जनता में कहीं भी कोई स्वीकार्यता नहीं बची है। 9 अक्टूबर को आये चुनाव परिणामों में वह फिरसे शून्य पर है।" उन्होंने कहा कि " ये चुनाव परिणाम इस बात के सबूत हैँ कि कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप जनता में पूरी तरह बेअसर हैँ। " सिसोदिया नें कहा कि " भारत की जनता नें कांग्रेस को अतितुष्टिकरण के चलते पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। परिवार उन्हे जनता पर जबरदस्ती थोप रहा है और जनता उन्हे लगातार दरकिनार कर रही है। कांग्रेस इस सच्चाई पर पर्दा डालने के लिए ‘वोट चोरी’ का शोर मचा कर ध्यान भटकाने की कोशिश करती रहती है।" सिसोदिया नें कहा कि "  चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर झूठा सवाल उठाकर व्यापक अभियान चलाने एवं सड़कों पर विरोध जताने के माहौल के बीच हुये इन छह सीटों के उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस सहित विपक्ष को गिरेवान में झाँक लेन...

स्टारलिंक Starlink

अतीत में कांग्रेस पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं ने [एलन मस्क] की स्टारलिंक (Starlink) के भारत प्रवेश को लेकर तीखा विरोध जताया था और इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा व अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे। हाल ही में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री [ज्योतिरादित्य सिंधिया] और भाजपा सांसद [तेजस्वी सूर्या] समेत कई आलोचकों ने कांग्रेस के पुराने बयानों को साझा करते हुए उनके "यू-टर्न" पर सवाल उठाए हैं।  विस्तार से जानें कि किस नेता ने क्या कहा था: ## 1. [जयराम रमेश] (वरिष्ठ नेता और महासचिव, कांग्रेस) कांग्रेस के संचार प्रभारी और वरिष्ठ नेता [जयराम रमेश] ने आधिकारिक तौर पर मीडिया के सामने स्टारलिंक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए थे। * क्या कहा था: उन्होंने स्टारलिंक की एंट्री को "फ्रेंडशिप-बाइंग मूव" (दोस्ती खरीदने की कोशिश) करार दिया था।  * तर्क: उनका आरोप था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश रखने के लिए एलन मस्क को भारत में अनुचित फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा था, "प्रधानमंत्री स्पष्ट रूप से यह उम्मीद ...

चुनाव आयोग को चोर कहना, पूरे शासनतंत्र को अपमानित करना है, संविधान विपक्ष को इस तरह की गिरी हुई हरकतों की अनुमति नहीं देता

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‘वोट चोरी’ का झूठा आरोप देश, जनादेश और पूरे जवाबदेह प्रशासनिक तंत्र की दक्षता को अपमानित करना है — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 9 अक्टूबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ चलाए जा रहे कथित झूठे ‘वोट चोरी’ आरोप अभियान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " जनता जिन्हें वोट देने लायक नहीं समझती, वे अपनी राजनीतिक असफलता को चुनाव आयोग के माथे मढ़ने की जबरन कोशिश कर रहे हैं और ‘वोट चोरी-वोट चोरी’ का ढिंढोरा पीट रहे हैं। चुनाव आयोग को ‘वोट चोर’ कहना देश, जनादेश और प्रशासनिक तंत्र का अपमान है, जिसे भारत का जनमत कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।" सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस सहित तुष्टिकरणवादी विपक्ष दलों को यह समझना चाहिए कि भारत में चुनाव केवल दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के अधिकारी मात्र नहीं कराते, बल्कि प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रत्येक बूथ पर तैनात बीएलओ से प्रारंभ होती है। मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी, शिक्षक, अन्...

भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी मेटा की पकड़ में है....?

मेटा (Meta) के विशाल यूजर बेस और भारत में इसके आर्थिक योगदान के साथ-साथ, इसका एक दूसरा पहलू भी है जो बेहद संवेदनशील है। चूंकि मेटा के ऐप्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) की पहुंच भारत की 80 करोड़ से अधिक आबादी तक है, इसलिए यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) के लिए एक बड़ा खतरा और चुनौती भी बन चुका है। यहाँ इस संपूर्ण जानकारी और सुरक्षा पहलुओं के आधार पर एक व्यापक और प्रमाणित लेख दिया गया है: ## खोजी विश्लेषण: मेटा का साम्राज्य और भारत के लिए छिपे हुए बड़े खतरे आज भारत मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms, Inc.) के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस (उपयोगकर्ता आधार) है। देश के 80 करोड़ से अधिक नागरिक रोज़ाना फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर अपना समय बिताते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, मेटा भारत से ₹36,000 करोड़ से अधिक का कुल राजस्व कमा रही है, जिसमें व्हाट्सएप बिजनेस और छोटे व्यापारियों के डिजिटल विज्ञापन सबसे बड़े माध्यम हैं। लेकिन इस अपार लोकप्रियता और आर्थिक प्रभाव के पीछे एक डरावना सच भी छिपा है। इतनी विशाल आबादी प...

जर्मनी नें आंतरिक सुरक्षा हेतु 10 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की

जर्मनी की संघीय कैबिनेट द्वारा 16 सितंबर 2026 को मंजूर किए गए 10-सूत्रीय कार्यक्रम ("सुरुक्षा बढ़ाना, स्वतंत्रता बनाए रखना, कट्टरपंथ रोकना") पर विस्तृत रिपोर्ट इस प्रकार है:  EU आतंकवाद के विरुद्ध उपाय ## 1. पृष्ठभूमि और तात्कालिक कारण (The Trigger) यह विस्तृत सुरक्षा पैकेज 25 जुलाई 2026 को बर्लिन में क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे (CSD) परेड (प्राइड इवेंट) पर हुए एक भीषण आतंकवादी हमले की सीधी प्रतिक्रिया के रूप में लाया गया है।  जर्मनी में आतंकियों के विरुद्ध नये उपाय * हमला: एक 21 वर्षीय इस्लामी चरमपंथी अब्दुल बी. (Abdul Ballout) ने प्राइड परेड की भीड़ में एक वैन घुसा दी थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे।  घुसपैठियों का तांडव * सुरक्षा चूक: बाद में पुलिस कार्रवाई में मारा गया यह हमलावर पहले से ही खुफिया एजेंसियों की रडार पर था और एक कट्टरपंथ-विरोधी (Deradicalization) कार्यक्रम का हिस्सा था। इस घटना ने जर्मन कानून और खुफिया तंत्र की कमियों को उजागर किया, जिसके बाद गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट (Alexander Dobrindt) और न्याय मंत्री स्टेफनी हुबिग (S...

7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण

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7 अक्टूबर: मोदीजी के शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण नवाचार, निर्णायक नेतृत्व और परिणामदायी शासन का ढाई दशक का अभूतपूर्व कीर्तिमान  — अरविन्द सिसोदिया भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में 7 अक्टूबर 2001 एक टर्निंग पॉइंट था। इसी दिन एक सामान्य परिवार से निकलकर नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से तब पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक पद की शपथ ली। वे उन विरले नेताओं में रहे, जिन्होंने लंबी चुनावी सत्ता-सीढ़ी चढ़े बिना अपनी संगठनात्मक क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और नेतृत्व के बल पर सीधे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में भारत नें आतंकवाद और शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियों का मुंहतोड़ जबाब दिया है। 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री और 2014 से निरंतर देश के प्रधानमंत्री के रूप में 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के शासन-प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। यह केवल सत्ता में बने रहने की 25 वर्ष की यात्रा नहीं है। यह भारत की शासन-व्यवस्था को पुराने ढर्रे, लालफीताशाही और प्रतिक्रियात्मक प्रशासन से निकालकर नवाचार, तकनीक, लक्ष्य-आधारित का...

13 करोड़ नाम वापस जोड़ने की मांग कांग्रेस के दिमागी दिवालियेपन की निशानी, बीएलओ मृत और लापता लोगों को कहां से लाएगा - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति 13 करोड़ नाम वापस जोड़ने की मांग कांग्रेस के दिमागी दिवालियेपन की निशानी, बीएलओ मृत और लापता लोगों  को कहां से लाएंगे — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 3 अक्टूबर। भाजपा कोटा संभाग के संभागीय मीडिया संयोजक, राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर 13 करोड़ से अधिक नाम वापस जोड़ने की मांग करने वाली कांग्रेस और इंडी गठबंधन की मांग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। सिसोदिया ने कांग्रेस की इस मांग को पूरी तरह बेतुकी, गैरकानूनी और दिमागी दिवालियेपन का प्रतीक बताते हुए कहा, "कांग्रेस की इस मांग को तो स्वयं ब्रह्मा भी पूरी नहीं कर सकते। भारत का कोई भी कानून किसी मृत और लापता व्यक्ति को मतदाता बनाने की इजाजत नहीं देता।" उन्होंने कहा कि अपनी तय हार और गठबंधन की फूट से बौखलाई कांग्रेस जनता और सोसल मीडिया के बीच एक ऐसा सफेद झूठ परोस रही है, जो पूरी तरह देश के स्थापित कानूनों और संविधान के खिलाफ है। क्या कांग्रेस के पास बूथ स्तर पर बीएलए नहीं हैं? सिसोदिया ने कहा कि निर्वाचन आयोग प्रत्येक स्तर पर ...