कांग्रेस अमेरिकी और चीनी कंपनियों की संरक्षक है इसलिए अंबानी अडानी विरोधी है - अरविन्द सिसोदिया
मनमोहन सिंह सरकार (2004–2014) के दौरान भारत में अमेरिकी और चीनी कंपनियों का बढ़ता प्रभाव डॉ. मनमोहन सिंह का प्रधानमंत्री कार्यकाल (2004–2014) भारत की अर्थव्यवस्था के वैश्वीकरण का महत्वपूर्ण दौर माना जाता है। इस अवधि में भारत ने लगातार उच्च आर्थिक वृद्धि दर्ज की, विदेशी निवेश (FDI) बढ़ा और भारत विश्व की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया। लगभग 120 करोड़ की आबादी, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग और आईटी क्षेत्र के विस्तार ने भारत को वैश्विक कंपनियों के लिए अत्यंत आकर्षक बाज़ार बना दिया। इस दौर में विशेष रूप से अमेरिका और चीन की कंपनियों ने भारत में अपने व्यापार का व्यापक विस्तार किया। 1. अमेरिकी कंपनियों का तेज़ विस्तार इस अवधि में अनेक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत को केवल उपभोक्ता बाज़ार ही नहीं बल्कि तकनीकी विकास, अनुसंधान और सेवा केंद्र के रूप में भी विकसित किया। Google ने भारत में अपने संचालन और इंजीनियरिंग गतिविधियों का विस्तार किया। Microsoft ने भारत में अनुसंधान एवं विकास (R&D) तथा क्लाउड सेवाओं का विस्तार किया। IBM, Oracle, Cisco, Intel, Adobe जैसी कंपनियों ने हजारो...