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वामपंथी अधिनायकवादी विचारधारा : तियानमेन चौक नरसंहार

तियानमेन चौक नरसंहार  (वामपंथी खूनी इतिहास एवं संविधान विरोधी कृत्यों के सन्दर्भ में)  तियानमेन चौक नरसंहार (3–4 जून 1989) वामपंथी अधिनायकवादी विचारधारा की अमानवीय प्रवृत्तियों और उसके छिपे हुए कुटिल उद्देश्यों का एक ज्वलंत प्रतीक है। इस दौरान न केवल हजारों निर्दोष नागरिकों, विशेषकर छात्रों और श्रमिकों, का निर्मम दमन किया गया, बल्कि करोड़ों चीनी नागरिकों के मौलिक संवैधानिक अधिकारों को भी रौंद दिया गया। यह घटना दिखाती है कि जब सत्ता जनभावनाओं से कटकर केवल दमन के बल पर शासन करती है, तो वह रक्तपात और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को कुचलने में भी नहीं चूकती। दरअसल, तियानमेन नरसंहार वामपंथी विचारधारा के चरित्र का कोई अपवाद नहीं था, बल्कि उसकी सतत अमानवीय प्रवृत्तियों की ही एक कड़ी थी। इतिहास के पन्ने पलटने पर स्पष्ट होता है कि वामपंथी अधिनायकवाद का पूरा इतिहास ऐसे ही संविधान-विरोधी अत्याचारों और दमन की घटनाओं से अटा पड़ा है। लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक क्रांति के बाद लाखों विरोधियों का दमन, स्टालिन के Great Purge के दौरान अनुमानित दो करोड़ से अधिक लोगों की हत्याएँ, और माओत्से तुंग के ...

कविता - बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया

कविता -  बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया, आजादी पर कब्जा किए, अघोषित लीग से मुक्त किया, महानायक भी, देवता भी, ईश्वर जैसा काम किया। बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया। सदियों से जो घाव मिले थे, उन पर मरहम लगवाया, टूटे हुए जनमन में फिर नवविश्वास जगाया, विश्व मंच पर भारत माता का ऊँचा नाम किया। बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया। काशी का वैभव लौटाया, अयोध्या का सम्मान बढ़ाया, सोमनाथ की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुँचाया, सांस्कृतिक चेतना को फिर से जन-अभियान किया। बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया। सीमा पर दुश्मन को उसके घर में जाकर समझाया, भारत अब कमजोर नहीं है, यह दुनिया को बतलाया, सेना के शौर्य और साहस का सदा गुणगान किया। बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया। गरीबों को घर, गैस, शौचालय, सम्मानित जीवन दिया, नारी शक्ति को आगे बढ़ने का नया अभियान दिया, वंचित, शोषित, पीड़ित जन को नव-अधिकार प्रदान किया। बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया। विश्वगुरु बनने की राहों ...

कांग्रेस राहुल गांधी को भी कोटा-बूंदी से लडाये, तो भी भाजपा ही जीतेगी – अरविन्द सिसोदिया

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कांग्रेस राहुल गांधी को भी कोटा-बूंदी से लडाये, तो भी भाजपा ही जीतेगी – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 4 जून। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के कोटा में दिए गए बयानों के उत्तर में भाजपा कोटा संभाग मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने करारा जबाब देते हुये कहा है कि, " राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा की किसी बात को जनता गंभीरता से नहीं लेती, क्योंकि वे राजस्थान की जनता द्वारा कान पकड़कर सिंहासन से उतारे गए गहलोत मंत्रिमंडल के नौकरी चोर मंत्री रहे हैं।" संभाग संयोजक सिसोदिया नें कहा कि " डोटासरा उसी कांग्रेस से हैँ जिसकी गहलोत सरकार लोकभवन के बजाएँ फाइव स्टार होटल के बंद कमरों से चलती थी, जिसके विधायक इस्तीफे देकर अपने ही आलाकमान का बहिस्कार और ब्लेकमेल करते थे। यह उसी कांग्रेस से हैँ जिसमें उपमुख्यमंत्री को नाकारा और निकम्मा कहा जाता था। इन्हें इनके अजूबेपन के कारण ही जनता नें सत्ता से बाहर कर राजनीती में उल्टा लटका दिया। अब इन्हें हर चीज उल्टी दिखती है।"  सिसोदिया ने कहा कि, "कांग्रेसजन हाइकमान में अपने नंबर बढ़ाने ...

मिशनरी और नेहरू परिवार

मिशनरी और नेहरू परिवार  17 अक्टूबर 1952 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक परिपत्र (पत्र) लिखा था। इसमें उन्होंने निर्देश दिया था कि भारतीय और विदेशी ईसाई मिशनरियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए। पत्र के मुख्य बिंदु:भेदभाव पर चिंता: नेहरू ने कहा कि उन्हें ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ राज्यों में ईसाई मिशनरियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। सेवा कार्यों की सराहना: उन्होंने जोर देकर कहा कि मिशनरियों द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे निस्वार्थ सेवा कार्यों में अनावश्यक बाधा उत्पन्न नहीं की जानी चाहिए।पुराने पूर्वाग्रहों को छोड़ना: नेहरू ने स्वीकार किया कि औपनिवेशिक काल में मिशनरियों का विदेशी ताकतों से जुड़ाव होने के कारण लोगों के मन में उनके प्रति कुछ पूर्वाग्रह थे। लेकिन, स्वतंत्र भारत में इस तरह की पुरानी सोच को खत्म किया जाना चाहिए। ======1======= नहीं, इस संदर्भ में ईसाई मिशनरियों के साथ भारत सरकार या जवाहरलाल नेहरू का कोई आधिक...

कविता - मोदीजी के शासन में नया सवेरा आया है,

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मोदीजी के भारत में नया सवेरा आया है, — अरविन्द सिसोदिया मोदीजी के भारत में नया सवेरा आया है, नारी शक्ति को देवी दुर्गा बनाया है। हर संकट से मुक्त किया, सच्चा रक्षाबंधन निभाया है। मोदीजी के भारत में नया सवेरा आया है। — अरविन्द सिसोदिया 9414180151 भारत की धरती गाती है,नारी का अब सम्मान हुआ, मोदीजी के स्वर्ण प्रभात से,नारी वंदन निर्माण हुआ। जो नारी घर की सीमा में सदियों तक सीमित रहती थी, आज वही रणचंडी बनकर विश्व विजय की बात कहती है। =====1===== मोदीजी ने नई सोच से देश को यह संदेश दिया, “मातृशक्ति नेतृत्व विकास ” का नवशक्ति मंत्र प्रदान किया। नारी शक्ति वंदन से फिर लोकतंत्र मुस्काया है, संसद से लेकर विधानसभाओं तक नारी ने अधिकार पाया है। =====2===== मुद्रा योजना के पंख लगाकर सपनों ने उड़ान भरी, लखपति दीदी बन गांवों में नारी ने पहचान गढ़ी। उज्ज्वला ने धुएं से मुक्ति, घर-घर खुशहाली लहराई  स्वच्छ भारत के अभियान ने नारी की गरिमा बढ़ाई। =====3==== तीन तलाक की बेड़ियां टूटीं, अन्याय का अंधकार मिटा, मुस्लिम बहनों के जीवन में न्याय का नया सूरज खिला। अब बेटियां सीमा पर जाकर रण म...

मोदीजी ने भारत में नया सवेरा ला दिया, नारीशक्ति को देवी दुर्गा बना दिया"— अरविन्द सिसोदिया

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आलेख  मोदीजी के प्रधानमंत्री के रूप में बारह वर्ष पूर्ण करने के अवसर पर "मोदीजी ने भारत में नया सवेरा ला दिया, नारीशक्ति को देवी दुर्गा बना दिया" — अरविन्द सिसोदिया भारत की संस्कृति में नारी को सदा शक्ति, सृजन और संस्कार का प्रतीक माना गया है। सनातन संस्कृति में भगवान शिव को अर्धनारीश्वर स्वरूप में स्वीकार कर नारीशक्ति को बराबरी का दर्जा दिया गया है। सनातन संस्कृति में देवी दुर्गा, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती महिला स्वरूप होकर समाज का आधारभूत अस्तित्व हैँ। यह विश्व की किसी भी अन्य संस्कृति और सभ्यता में देखने को नहीं मिलता। इसी सम्मान को प्रधानमंत्री मोदीजी ने सबसे अधिक बढ़ाया और महिलाओं को नई गरिमा प्रदान की है। अवसर में महिलाओं को प्राथमिकता  इतिहास गवाह है कि जब-जब महिलाओं को अवसर, सम्मान और अधिकार मिले हैं, तब-तब राष्ट्र और समाज ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को केवल एक सरकारी योजना या राजनीतिक नारा नहीं माना गया, बल्कि उसे राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स...

मोदीजी के 12 वर्ष 12 काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल (2014 से 2026) की 12 सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:  ## 1. आर्थिक महाशक्ति बनना (4th Largest Economy) भारत 2014 में दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के चलते दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। देश की जीडीपी लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है।  ## 2. डिजिटल क्रांति और UPI का वैश्विक नेतृत्व भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए डिजिटल लेनदेन में ऐतिहासिक उछाल आया है। देश में सालाना 100 बिलियन से अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं, जिससे भारत वैश्विक डिजिटल भुगतान में नंबर वन बन गया है।  ## 3. अनुच्छेद 370 का खात्मा (Abrogation of Article 370)  वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त कर राज्य को पूरी तरह से भारत की मुख्यधारा और संवैधानिक ढांचे में शामिल किया गया, जिससे वहां विकास और शांति के नए रास्ते खुले।  ## 4. भव्य राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में सदियों पुराने विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कर जनवरी 2...

Diclofenac

हाँ, आपकी जानकारी बिल्कुल सही है।  गिद्धों की लगभग पूरी आबादी (तकरीबन 95% से अधिक) के विलुप्त होने का सबसे मुख्य कारण डाइक्लोफेनाक (Diclofenac) नामक दर्द निवारक दवा ही है।  इस पूरी त्रासदी की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार थी: * दवा का उपयोग: यह दवा मवेशियों (गाय, भैंस) को दर्द, बुखार या सूजन से राहत देने के लिए पशु चिकित्सा में उपयोग की जाती थी।  * गिद्धों तक पहुंच: जब ऐसे मवेशियों की मृत्यु हो जाती थी और उनके शवों (कर्कश) को गिद्ध खाते थे, तो यह दवा उनके शरीर में पहुंच जाती थी।  * किडनी फेल होना और मौत: गिद्धों के शरीर में इस दवा को पचाने वाले एंजाइम नहीं होते हैं। इसके प्रभाव से कुछ ही दिनों में गिद्धों की किडनी फेल हो जाती है।  * विसेरल गाउट (Visceral Gout): किडनी खराब होने के कारण गिद्धों के शरीर में यूरिक एसिड जमा होने लगता है, जिसे विसेरल गाउट कहते हैं, और अंततः उनकी दर्दनाक मौत हो जाती है। [ प्रतिबंध और वर्तमान स्थिति: इस गंभीर खतरे को देखते हुए, भारत सरकार ने 2006 में पशुओं के इलाज में डाइक्लोफेनाक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बजाय, गिद्ध...

रमन मैग्सेसे पुरस्कार

आपके द्वारा उल्लेखित चारों नामों—अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, तीस्ता सीतलवाड़ और सोनम वांगचुक—का विदेशी सम्मान, रमन मैग्सेसे पुरस्कार (जिसे एशिया का नोबेल माना जाता है), या विदेशी धन (FCRA) के नियमों के उल्लंघन के आरोपों से सीधा संबंध रहा है। इन चारों के मामलों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है: ## 1. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया (विदेशी सम्मान और फंड) * रेमन मैग्सेसे पुरस्कार: अरविंद केजरीवाल को राजनीति में आने से पहले, वर्ष 2006 में उनके सामाजिक कार्यों (सूचना का अधिकार आंदोलन - RTI) के लिए प्रतिष्ठित [रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (Ramon Magsaysay Award)](https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6_%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2) से सम्मानित किया गया था। [1, 2]  * फंडिंग और कोर्ट केस: शुरुआती दिनों में इनके एनजीओ (जैसे 'कबीर') को फोर्ड फाउंडेशन जैसी विदेशी संस्थाओं से अनुदान मिलने के आरोप लगे थे। बाद में, दिल्ली की शराब नीति को लेकर सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) ने इन पर विदेशी व घरेलू स्तर पर भ्रष्टा...

चीनी वस्तुओं की जगह,अपने देश में बनी वस्तुएँ खरीदना सच्ची राष्ट्रसेवा है - पंकज गोयल

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भारत तिब्बत सहयोग मंच, चित्तौड़ प्रान्त की प्रांतीय बैठक, 31 मई 2026 रविवार को कोटा राजस्थान में सम्पन्न हुई। बैठक का प्रारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं ततपश्चात् वन्देमातरम से प्रारंभ हुआ। जिसमें मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज गोयल, राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र कामदार, उत्तर पश्चिम क्षेत्र प्रभारी दीपक शर्मा, उत्तर पश्चिम क्षेत्र संयोजक शशिप्रकाश शर्मा, चितौड़ प्रान्त अध्यक्ष अरविन्द कौशल, प्रान्त महामंत्री अरविन्द सिसोदिया एवं प्रान्त महामंत्री विजय श्रीवास्तव एवं कोटा जिला अध्यक्ष कुंजबिहारी गौतम नें भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुये मुख्यअतिथि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज गोयल नें अपने सम्बोधन कहा कि "हमारे देश के बाजार में चीन सस्ता और खराब गुणवत्ता वाला माल बेचकर पैसा कमाता है और उसी पैसे हथियार बना कर पाकिस्तान को देता है। पाकिस्तान उन हथियारों का इस्तेमाल हमारे सैनिकों के खिलाफ करता है। इसलिए यह हम सभी का कर्तव्य बनता है कि हम इस चक्र को तोड़ें।" " चीन भारतीय माल भी खरीदता है और भारत चीनी माल भी खरीदता है, यह सब अंतर्राष...

गंदी जुबान बोलकर राजस्थान को लज्जित करना बंद करें बेनीवाल - अरविंद सिसोदिया

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गंदी जुबान बोलकर राजस्थान को लज्जित करना बंद करें बेनीवाल - अरविंद सिसोदिया कोटा, 29 मई। भारतीय जनता पार्टी कोटा संभाग के मीडिया संयोजक अरविंद सिसोदिया ने सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा सस्ती लोकप्रियता हेतु सार्वजनिक मंचों पर की जा रही अभद्र एवं अमर्यादित बयानबाजी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि " बेनीवाल को गंदी जुबान बोलकर सुसभ्य राजस्थान की संस्कृति, मर्यादा और जनप्रतिनिधि दायित्व का अपमान करना तुरंत बंद करना चाहिए। इस तरह की निर्लज्ज और जलील भाषा का भारतीय संविधान व्यवस्था में कोई स्थान नहीं है।" उन्होंने कहा कि, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर गंदी, भद्दी, अशोभनीय भाषा, व्यक्तिगत कटाक्ष और अपशब्दों का प्रयोग किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। इस प्रकार की बयानबाजी बेनीवाल की धूर्त मानसिकता, राजनीतिक हताशा एवं मानसिक पतन को दर्शाती है।” अरविंद सिसोदिया ने कहा कि, “लोकतांत्रिक पद्धति से चुनी गई राज्य सरकार एवं मंत्रिमंडल के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग केवल सरकार का नहीं, बल्कि राजस्थान की जनता द्वारा दिए ग...

कविता - थोड़ा सा बड़ा बनते ही बेईमान हुआ

अच्छे से वह दिन जब घास की रोटी भी मिलबाँट के खाते थे, आधे पेट सो जाते थे फिर भी, एक-दूसरे के दुःख सहलाते थे। जब से थोड़ीसी जायदाद आई, छिना झपटी की सौगात लाई, कहीं कोई रिश्ता ना बचा, नहीं कोई लिहाज बचा पाई, सारे कसमे वादे झूठे हुये,थोड़ा सा बड़ा बनते ही बेईमान हुआ। ना ऊँची दीवारें थीं, ना मन में कोई फासला था, छोटे से आँगन में ही, पूरा संसार रचता बसता था। माँ के हाथों की वो खुशबू,अब नोटों में खो जाती है, बाप के माथे की शिकन भी, औलाद कहाँ पढ़ पाती है। भाई अब भाई से डरता है, बहन भी दूरी रखती है, रिश्तों की गर्मी जाने कहाँ,ठंडी साँसों में सिमटती है। पहले दुख भी अपने लगते थे, अब सुख भी बाँटे नहीं जाते, लोग घर तो बड़े बना लेते हैं, पर दिल छोटे छोटे होते जाते । वो मिट्टी के चूल्हे अच्छे थे, जहाँ प्रेम धुएँ सा उठता था, आज महलों की चमक में भी, मन भीतर से सूना रहता है। काश फिर वही दौर लौट आए, जहाँ अपनापन जिंदा हो, ना दौलत से इंसान तौला जाए, ना रिश्ता कोई शर्मिंदा हो। फिर कोई भूखा सो जाए तो, पूरा गाँव बेचैन रहे, और किसी के आँख के आँसू पर, हर अपना हैरान रहे।

वीर सावरकर का सम्मान

🔥 वीर सावरकर का सम्मान 🔥 राष्ट्राग्नि के अमर पुजारी, वीर सावरकर का सम्मान, राणा, शिवा, लक्ष्मी, दुर्गा, सुभाष, भगत जैसा महान। भारत माँ को जिन पर गौरव, राष्ट्र करे प्रणाम, सावरकर तो सावरकर ही थे, तेजस्वी सूर्य के समान। =====1===== जिनकी लेखनी में ज्वाला थी, शब्दों में तूफान, जिनके स्वर से काँप था अंग्रेजी सिंहासन तमाम । जिनकी आँखों में जलता था स्वतंत्रता का स्वाभिमान , क्रांति-पथ के अमर पुरोधा, आजादी के अमर प्राण। =====2===== अंडमान की काल-कोठरी भी जिनसे हार गई, लोहे की हर जंजीर उनके आगे बेकार गई। तन पर कोड़े बरसाए गए, मन फिर भी अडिग रहा, भारत माता का वह सपूत,हर जुल्म सह कर अटल रहा। =====3===== दासता की काली रातों में स्वाधीनता की मशाल जली, जहाँ-जहाँ अन्याय दिखा, वहाँ-वहाँ हुंकार भरी। वीरों के उस रक्त से ही आज तिरंगा लहराता है, उनके तप और त्याग से ही,भारत का मस्तक ऊँचा उठ जाता है। =====4===== राणा का रण, शिवा का साहस, लक्ष्मीबाई की तलवार, दुर्गावती का तेज प्रखर, सुभाष की साहसी हुँकार। भगत सिंह की ज्वाला लेकर जो बढ़ा प्रलय समान, ऐसे ही अमर क्रांतिवीर थे अपने वीर सावरकर महान। =====5...

कविता - सिस्टम का सच

सिस्टम का सच लोकतंत्र और संविधान को हर दिन निगल रहा सिस्टम, नेता मंचों पर लड़ते दिखते, पीछे साथ हँसता सिस्टम। जनता भूखी, जनता प्यासी, फिर भी जश्न मनाता सिस्टम, झूठ, दलाली और भ्रष्टाचार से अपना महल सजाता सिस्टम। मनमर्जी के कानूनों से देश चलाता बैठा है, कुर्सी पर चाहे कोई भी हो, असली राजा सिस्टम है। न्याय यहाँ नीलाम पड़ा है, सच को सूली चढ़ना पड़ता, जिसके पास पहुँच और पैसा, उसके आगे कानून झुकता। ईमानदार कुचले जाते, चोर यहाँ सम्मानित हैं, मेहनतकश की टूटी हड्डी, और महलों में दावतें हैं। हर चुनाव में सपने बाँटे, हर भाषण में झूठ परोसा, जनता को बस भीड़ समझकर हर अधिकार यहाँ है नोचा। अफसर, दलाल और नेताओं का गहरा काला गठबंधन, जनता की मेहनत लूट-लूटकर भरते अपना तिजोरी-वन। मंदिर-मस्जिद में उलझाकर रोटी का सवाल दबाया, धर्म के नामों की आग लगाकर सत्ता ने सिंहासन पाया। अब भी यदि तुम चुप बैठे, तो अपराधी तुम भी हो, जो अन्याय पर मौन खड़ा है, वो भी उतना दोषी हो। उठो, सवालों की मशालें अब हर गली में जलनी हों, टूटे झूठ का ये साम्राज्य, न्याय की सुबह निकलनी हो। सिंहासन अब न्याय करे, न कि धन का अभिमान, जनता फिर स...

यह निर्णय संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की ऐतिहासिक विजय - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति विपक्ष की झूठी नौटंकी औंधे मुंह गिरी - अरविन्द सिसोदिया यह निर्णय संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की ऐतिहासिक विजय - अरविन्द सिसोदिया  कोटा, 28 मार्च। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया को संवैधानिक और आवश्यक मानना भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है तथा निर्वाचन आयोग को यह अधिकार और दायित्व दोनों संविधान से प्राप्त हैं। " उन्होंने कहा कि " सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चुनाव आयोग के पक्ष में दिया गया यह निर्णय न केवल आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रमाणित करता है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को भी सुदृढ़ करता है। इस निर्णय से भारतीय लोकतंत्र और संविधान का सिर गर्व से ऊँचा हुआ है।"  सिसोदिया ने कहा कि " प्रधानमंत...

सोसल मीडिया के फर्जीवाड़े

कांग्रेस की गहलोत सरकार के समय के दो प्रशिद्ध प्रकरण जो सोसल मीडिया के फर्जीवाड़े की पोल खोलते हैँ.... 1- मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अपने फॉलोवर्स बढ़ाने हेतु तुर्की से खरीद, भाजपा की प्रवक्ता ज्योति ने आरोप लगाये थे  2- गहलोत सरकार द्वारा सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु डमी एकाउन्ट बनाने का मामला, इसमें किसी अधिकारी को निलंबित किया था। कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के समय के सोशल मीडिया से जुड़े वे दो प्रमुख प्रकरण ये हैं:- 1. तुर्की से फेसबुक लाइक्स खरीदने का आरोप जुलाई 2013 में, भाजपा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अपने फेसबुक फॉलोवर्स की कृत्रिम रूप से संख्या बढ़ाने का आरोप लगाया था. भाजपा प्रवक्ता ज्योति किरण (Jyoti Kiran) ने दावा किया था कि मात्र 30 दिनों में गहलोत के पेज के लाइक्स \(\approx 1.6\) लाख से बढ़कर \(\approx 2.14\) लाख हो गए, जिनमें अधिकांश फॉलोवर्स तुर्की के शहर इस्तांबुल (Istanbul) के थे。 भाजपा ने इसे आईटी (IT) फर्म के माध्यम से लाइक खरीदने का मामला बताया था。 2. सरकारी योजनाओं के प्रचार हेतु डमी अकाउंट्स का मामलाअगस्त 2022 में, राजस्थान सरकार के आर्थिक ...