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कोटा संभाग मीडिया

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संभाग प्रभारी - श्रीमती ज्योति जी खंडेलवाल 88754 44000 संभाग संयोजक - अरविन्द सिसोदिया 9414180151  1- कोटा शहर जिला प्रभारी - तन्मय जी शर्मा 96496 00006 2- कोटा देहात जिला प्रभारी - शलेश कौशिक 94133 09977 3- बारां जिला प्रभारी - पंकज मेहता 94141 87814 4- बूँदी जिला प्रभारी - शिवांगी सिकरवार 74130 00264 5- झालावाड़ जिला प्रभारी - मदन प्रजापत 96729 87799 ======= प्रदेश प्रवक्ता  1- पंकज मेहता 9414187814 2- लोकेन्द्र सिंह राजावत 9414100911 3- शिवांगी सिकरवार 7413000264 मोर्चो में  1- युवा मोर्चाआईटी में   प्रदेश संयोजक नमन शर्मा  70232 79935 2- युवा मोर्चा में  प्रदेश प्रवक्ता राहुल सिकरवार  8440837565 3- महिला मोर्चा में  प्रदेश प्रवक्ता रजनी सोनी 6350020814 इटावा  4- अनुसूचित जाती मोर्चा  प्रदेश प्रवक्ता बाबूलाल वर्मा बूँदी  आई टी गौरव गढ़वाल  ====== 1- जिला कोटा शहर - 13 प्रवक्ता:----- श्री प्रणय दुबे – 9829390009 श्री अशोक जैन – 9829618493 श्री महेश आइछुना – 9782888666 / 9829611668 श्री जगदीश सिंह मोहिल – 789195...

मोदीजी के बारह वर्षों में राष्ट्र स्वाभिमान से राष्ट्र उत्थान तक की ऐतिहासिक यात्रा - अरविन्द सिसोदिया

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मोदीजी के बारह वर्षों में राष्ट्र स्वाभिमान से राष्ट्र उत्थान तक की ऐतिहासिक यात्रा - अरविन्द सिसोदिया  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष केवल योजनाओं और उपलब्धियों का विवरण नहीं हैं, बल्कि यह भारत के आत्मविश्वास, जनभागीदारी और राष्ट्र स्वाभिमान के पुनर्जागरण की कहानी है। आज भारत विश्व मंच पर नई ऊर्जा, नई पहचान और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। यही विश्वास, विकास और जनकल्याण की वह यात्रा है जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र गौरव के अनेक नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक नेतृत्व तक, सामाजिक न्याय से लेकर आधुनिक आधारभूत संरचना तक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता सरकार ने अंत्योदय के मंत्र को आत्मसात करते हुए 81 करोड़ से अधिक लोगों को प्रतिमाह निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया। प्रधानमं...

कविता - मोदीजी के बारह वर्षों में,भारत को मिला स्वराष्ट्र का सम्मान,

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मोदीजी के बारह वर्षों में, भारत को मिला स्वराष्ट्र का सम्मान, पुरखों की थाती सनातन है, हो रहा अब पुनरोत्थान। मोदीजी के बारह वर्षों में  अंत्योदय संकल्प लिए  जनधन खाते घर-घर पहुँचे, खुला विकास का द्वार महान। शौचालय, उज्ज्वला, आवासों से बदला जनजीवन का विधान, जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥ सदियों की उलझी गाँठों को,  मिला समाधान और सम्मान, धारा 370 हटाकर गूँजा अखंड भारत का जयगान। एक संविधान, एक निशान का साकार हुआ स्वप्न महान, जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥ अयोध्या की पावन धरती पर, फिर लौटा संस्कृति का मान, श्रीराम मंदिर के निर्माण से खिला करोड़ों का अरमान। श्रद्धा, शौर्य और सभ्यता का जग में बढ़ा सम्मान, जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥ सीमा पार छिपे आतंक को, मिला करारा उत्तर महान, सर्जिकल स्ट्राइक और वायु प्रहार से बढ़ा देश का अभिमान। नवभारत ने जग को दिखलाया अपना दृढ़ स्वाभिमान, जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥ तीन तलाक की कुप्रथा टूटी, नारी को मिला अधिकार महान, तैंतीस प्रतिशत आरक्षण से बढ़ा नेतृत्व का अभियान। मातृशक्ति के सशक्त स्व...

साइबर हमले

======1====== भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की मतगणना के दिन चुनाव आयोग के मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (ECINET) और परिणाम पोर्टल पर 68 लाख से अधिक साइबर हमले (malicious hits) दर्ज किए गए थे, जिन्हें सुरक्षा प्रणालियों द्वारा सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया।  चुनाव आयोग के आधिकारिक बयानों के अनुसार इस घटना का मुख्य विवरण निम्नलिखित है:- ## साइबर हमलों का मुख्य विवरण * हमलों की संख्या: मतगणना के एकल दिन में 68 लाख से अधिक संदिग्ध और दुर्भावनापूर्ण साइबर हमले रिकॉर्ड किए गए।  * हमलों का स्रोत: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, ये साइबर हमले भारत और विदेशों (अंतरराष्ट्रीय स्तर) दोनों जगहों से उत्पन्न हुए थे। [3]  * मुख्य निशाना: हैकर्स का मुख्य उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग के महत्वपूर्ण चुनावी प्लेटफॉर्म और विशेष रूप से लाइव रिजल्ट्स (मतगणना परिणाम) दिखाने वाले पोर्टल को प्रभावित करना था।  ## डेटा ट्रैफ़िक और सुरक्षा प्रबंधन * रिकॉर्ड ट्रैफिक: मतगणना वाले दिन निर्वाचन आयोग के ECINET डिजिट...

कविता - दुनिया जिसको मोदीजी कहती, वह अपना राष्ट्र स्वाभिमान

कविता -  जनकल्याण – राष्ट्र स्वाभिमान मातृभूमि का चिंतन करता, रात-दिन अविराम, दुनिया जिसको मोदीजी कहती, वह अपना राष्ट्र स्वाभिमान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ =====1===== सेवा जिसका धर्म बना है, जनहित जिसका काम, गरीब, किसान, युवा, नारी को देता नया मुकाम। विकास की गंगा बहती है, गूँजे भारत नाम, विश्व पटल पर ऊँचा होता भारत का सम्मान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ =====2===== सीमा पर सजग जवान हैं, भीतर जागा मान, आतंकों को उत्तर मिलता, दृढ़ होता अभियान। नक्सलमुक्ति की राह पकड़कर बढ़ता हिंदुस्तान, सुरक्षित, सक्षम, आत्मनिर्भर बनता अपना देश महान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ =====3===== काशी, अयोध्या, महाकाल की फिर लौटी पहचान, विरासत का गौरव जगमग, बढ़ा संस्कृति का मान। रामलला के दिव्य धाम से पुलकित हुआ जहान, श्रद्धा और विकास साथ हैं, यही नया प्रतिमान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ =====4===== चंद्रयान की उड़ती आशा, गगन छूता विज्ञान, युवा शक्ति के नव सपनों को मिलता नया ...

यह निर्णय संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की ऐतिहासिक विजय - अरविन्द सिसोदिया

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प्रेस विज्ञप्ति विपक्ष की झूठी नौटंकी औंधे मुंह गिरी - अरविन्द सिसोदिया यह निर्णय संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की ऐतिहासिक विजय - अरविन्द सिसोदिया  कोटा, 28 मार्च। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि " सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया को संवैधानिक और आवश्यक मानना भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है तथा निर्वाचन आयोग को यह अधिकार और दायित्व दोनों संविधान से प्राप्त हैं। " उन्होंने कहा कि " सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चुनाव आयोग के पक्ष में दिया गया यह निर्णय न केवल आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रमाणित करता है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को भी सुदृढ़ करता है। इस निर्णय से भारतीय लोकतंत्र और संविधान का सिर गर्व से ऊँचा हुआ है।"  सिसोदिया ने कहा कि " प्रधानमंत...

कविता - दुनिया जिसको मोदी मोदी कहती, वह अपना राष्ट्र स्वाभिमान

जनकल्याण – राष्ट्र स्वाभिमान मातृभूमि का चिंतन करता, रात-दिन अविराम, दुनिया जिसको मोदीजी कहती, वह अपना राष्ट्र स्वाभिमान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ सेवा जिसका धर्म बना है, जनहित जिसका काम, गरीब, किसान, युवा, नारी को देता नया मुकाम। विकास की गंगा बहती है, गूँजे भारत नाम, विश्व पटल पर ऊँचा होता भारत का सम्मान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ सीमा पर सजग जवान हैं, भीतर जागा मान, आतंकों को उत्तर मिलता, दृढ़ होता अभियान। नक्सलमुक्ति की राह पकड़कर बढ़ता हिंदुस्तान, सुरक्षित, सक्षम, आत्मनिर्भर बनता अपना देश महान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ काशी, अयोध्या, महाकाल की फिर लौटी पहचान, विरासत का गौरव जगमग, बढ़ा संस्कृति का मान। रामलला के दिव्य धाम से पुलकित हुआ जहान, श्रद्धा और विकास साथ हैं, यही नया प्रतिमान। जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम, जय श्रीराम॥ चंद्रयान की उड़ती आशा, गगन छूता विज्ञान, युवा शक्ति के नव सपनों को मिलता नया विहान। रेल, सड़क, बंदरगाहों से जुड़ता हिन्दुस्तान, हर गाँव, हर जन तक पहुँचा विकास का अभियान। जय श्रीराम, जय श...

कांग्रेस खुद की गलती, निर्वाचन आयोग और सरकार के गले में नहीं डाल सकती - अरविन्द सिसोदिया

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कांग्रेस खुद की गलती, निर्वाचन आयोग और सरकार के गले में नहीं डाल सकती - अरविन्द सिसोदिया कोटा, 10 जून। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव में नामांकन फार्म की जाँच में, संलग्न शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिये जाने पर कांग्रेस के द्वारा फैलाये जा रहे झूठ पर, राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि " कांग्रेस झूठ के नैरेटिव फैलाने के बजाय अपनी गलती और कांग्रेस पार्टी के आंतरिक षड्यंत्रों को स्वीकार करे। " सिसोदिया नें कहा कि " मध्यप्रदेश कांग्रेस के अंदर राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर रहा असंतोष ही सुश्री नटराजन के नामांकन पत्र में त्रुटि का कारण बना है। जिसके चलते नामांकन रद्द हुआ। कांग्रेस को झूठे आधारों पर धरना प्रदर्शन के बजाय, अपने नामांकन पत्र भरने वाली टीम की गलती स्वीकार करनी चाहिए।" सिसोदिया ने कहा कि, “शपथपत्र प्रारूप में बहुत स्पष्टता से आपराधिक प्रकरणों की जानकारी मा...

मीडिया

एक राजनीतिक दल जिसके पास प्रवक्ता पैनलिस्ट मीडिया विभाग, सोशल मीडिया विभाग, आई टी विभाग, जिलाध्यक्ष विधायक सांसद हों, उसका आदर्श मीडिया प्रबंधन क्या हो सकता है  ? 1- एक आदर्श राजनीतिक मीडिया प्रबंधन रणनीति वह है जो सभी विभागों (प्रवक्ता, सोशल मीडिया, आईटी, और जनप्रप्रतिनिधियों) को एक साथ जोड़कर एक केंद्रीय संदेश (Central Message) जनता तक पहुंचाए। 2- इस प्रणाली में सभी की भूमिकाएं और कार्यप्रणाली स्पष्ट होती है।इन सभी इकाइयों के साथ एक आदर्श राजनीतिक मीडिया प्रबंधन की रूपरेखा इस प्रकार हो सकती है:- 1. केंद्रीय कमान और समन्वय (Central Command Center)दैनिक एजेंडा बैठक: मीडिया विभाग, सोशल मीडिया और आईटी सेल के प्रमुख हर सुबह एक बैठक करें।मुद्दों का चयन: दिन के मुख्य राजनीतिक मुद्दों, राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों पर चर्चा करें।संदेश (Core Message) तय करना: पार्टी का आधिकारिक रुख क्या होगा, यह तय करें। 2. प्रवक्ता और पैनलिस्ट प्रबंधन (Spokespersons & Panelists)मुद्दे आधारित ट्रेनिंग: प्रवक्ताओं को टीवी डिबेट्स के लिए डेटा, फैक्ट्स और पार्टी की नीतियों की ब्रीफिंग दें।रोस्टर प्रणाली: टी...

jaipur जयपुर 8 जून 2026

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परिवारवादी पार्टियों में टूटन और आंतरिक कलह की परंपरा का जन्म कांग्रेस से ही हुआ है

कांग्रेस : टूटन की राजनीति का प्रारंभिक अध्याय 1969 : जब इंदिरा गांधी ने ‘सिंडिकेट’ को चुनौती दी कांग्रेस का पहला बड़ा विभाजन और हाईकमान संस्कृति की शुरुआत। 1978 : आपातकाल की पराजय के बाद फिर टूटी कांग्रेस इंदिरा और संजय गांधी के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ असंतोष का विस्फोट। 1999 : सोनिया नेतृत्व पर सवाल और एनसीपी का जन्म विदेशी मूल विवाद के बहाने उभरा नेतृत्व केंद्रीकरण का विरोध। 2011 : जगन की बगावत और आंध्र में कांग्रेस का पतन उत्तराधिकार की आकांक्षा ने जन्म दिया वाईएसआर कांग्रेस को। 1998 : ममता बनर्जी का विद्रोह और तृणमूल का उदय केंद्रीय नेतृत्व से टकराव ने बंगाल में नया राजनीतिक विकल्प खड़ा किया। --- क्षेत्रीय दलों में परिवारवाद की परिणति : विरासत की जंग और विभाजन एनसीपी : चाचा-भतीजे की लड़ाई में बिखरी पवार विरासत शरद पवार के बाद उत्तराधिकारी कौन—यही सवाल बना विभाजन का कारण। शिवसेना : ठाकरे परिवार की विरासत पर दो दावेदार उद्धव और राज के मतभेदों ने जन्म दिया महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को। समाजवादी पार्टी : मुलायम परिवार में सत्ता संघर्ष चाचा शिवपाल और पुत्र अखिलेश के बीच वर्चस्व की खुली ज...

वामपंथी अधिनायकवादी विचारधारा : तियानमेन चौक नरसंहार

तियानमेन चौक नरसंहार  (वामपंथी खूनी इतिहास एवं संविधान विरोधी कृत्यों के सन्दर्भ में)  तियानमेन चौक नरसंहार (3–4 जून 1989) वामपंथी अधिनायकवादी विचारधारा की अमानवीय प्रवृत्तियों और उसके छिपे हुए कुटिल उद्देश्यों का एक ज्वलंत प्रतीक है। इस दौरान न केवल हजारों निर्दोष नागरिकों, विशेषकर छात्रों और श्रमिकों, का निर्मम दमन किया गया, बल्कि करोड़ों चीनी नागरिकों के मौलिक संवैधानिक अधिकारों को भी रौंद दिया गया। यह घटना दिखाती है कि जब सत्ता जनभावनाओं से कटकर केवल दमन के बल पर शासन करती है, तो वह रक्तपात और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को कुचलने में भी नहीं चूकती। दरअसल, तियानमेन नरसंहार वामपंथी विचारधारा के चरित्र का कोई अपवाद नहीं था, बल्कि उसकी सतत अमानवीय प्रवृत्तियों की ही एक कड़ी थी। इतिहास के पन्ने पलटने पर स्पष्ट होता है कि वामपंथी अधिनायकवाद का पूरा इतिहास ऐसे ही संविधान-विरोधी अत्याचारों और दमन की घटनाओं से अटा पड़ा है। लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक क्रांति के बाद लाखों विरोधियों का दमन, स्टालिन के Great Purge के दौरान अनुमानित दो करोड़ से अधिक लोगों की हत्याएँ, और माओत्से तुंग के ...