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कांग्रेस अपने 'विफल नेता' को थोपे रखने के लिए बार-बार चुनाव आयोग को बना रही निशाना - अरविन्द सिसोदिया ECI BJP

कांग्रेस अपने 'विफल नेता' को थोपे रखने के लिए बार-बार चुनाव आयोग को बना रही निशाना - अरविन्द सिसोदिया कोटा 28 सितंबर । भारतीय जनता पार्टी, कोटा संभाग के मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग पर किए जा रहे बेबुनियाद हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुये कहा हे कि " कांग्रेस पार्टी अपने "विफल नेता"  के नेतृत्व को बार-बार पार्टी,कार्यकर्ताओं और देश पर थोपे रखने के लिए देश की निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, झूठ फैलाने और भ्रम उत्पन्न करने की नौटंकी करती रहती है। जिसे भारत की जनता भी अच्छी तरह समझ चुकी है।" भाजपा संभाग संयोजक सिसोदिया ने कहा कि " आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को अपनी जमीन खिसकती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है। पार्टी को अपनी करारी हार का पूरा अंदेशा हो चुका है, इसलिए संभावित हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ने के लिए अभी से चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है। यह विपक्ष की हताशा और राजनीतिक नौटंकी के अलावा कुछ नहीं है।"  भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि " जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, ...

कोटा संभाग निकाय चुनाव परिणाम

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कोटा संभाग (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) क -  1- कोटा नगर निगम -  obc महिला / 100 वार्ड /57  महापौर - भाजपा - अनुसूईया गोस्वामी, उपमहापौर - भाजपा - विवेक राजवंशी  2- रामगन्जमंडी   सामान्य /40/ सभापति - भाजपा - नरेंद्र काला  उप सभापति - भाजपा - महेंद्र सामरिया  3- सांगोद    सामान्य /35 अध्यक्ष - भाजपा - चंद्रप्रकाश सोनी  उपाध्यक्ष - भाजपा - महेंद्र शर्मा  4-सुल्तानपुर   सामान्य sc/25 अध्यक्ष - भाजपा - अनीता मेघवाल  उपाध्यक्ष - भाजपा - नरेश शर्मा  5-इटावा  सामान्य महिला /35 अध्यक्ष - भाजपा समर्थित - निर्मला नागर  उपाध्यक्ष - दीपक उपाध्याय  6- सुकेत  सामान्यobc /25 अध्यक्ष - भाजपा - जितेंद्र चोपड़ा  उपाध्यक्ष - भाजपा - विकास चौहान  ..... ख - बूँदी  1- बूँदी / सामान्य  चेयरमेन - भाजपा -भरत शर्मा  उपाध्यक्ष - संजय भूटानी  2- के पाटन / सामान्य  अध्यक्ष - भाजपा - अनुराधा मालिक  उपाध्यक्ष आदर्श मालवीय  3- कापरेन / सामान्य महिला...

भारत का निर्वाचन आयोग विश्व में सर्वश्रेष्ठ, ज्ञानेश कुमार को सम्मानीत किया जाना चाहिए — अरविन्द सिसोदिया

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भारत का निर्वाचन आयोग विश्व में सर्वश्रेष्ठ, ज्ञानेश कुमार को सम्मानीत किया जाना चाहिए — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 26 सितंबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन न्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि, “भारत का निर्वाचन आयोग विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्था है। पूरा विश्व इसकी प्रशंसा करता है तथा इससे मार्गदर्शन और प्रशिक्षण लेता है। वहीं, राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर विदेशी घुसपैठियों द्वारा भारत की मतदाता सूचियों में जो घुसपैठ की गई थी, उससे सूची को मुक्त कराने का साहसी और चुनौतीपूर्ण कार्य, तमाम दबावों और धमकियों से डरे बिना, निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में बहुत ही अच्छी प्रकार से किया गया है। जिसके लिए उन्हें सम्मानीत किया जाना चाहिए।” सिसोदिया नें कहा कि "भारत की मतदातासूची में जिस तरह से गैर भारतीय नागरिकों की घुसपैठ हुई और उसे परोक्ष अपरोक्ष कुछ दलों का समर्थन रहा वह भारत पर अप्रत्यक्ष आक्रमण ही कहा जायेगा और उसे विफल करने के साहसपूर्ण कार्य को तमाम धमकियों और दबाबों के बीच सही तरीके से सम्पन्न करना, किसी युद्ध...

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की चुनावी व्यवस्था ने बनाया वैश्विक प्रभाव, ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देना चाहिए : अरविन्द सिसोदिया ECI

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भारत की चुनाव व्यवस्था : विज्ञान, प्रौद्योगिकी और लोकतांत्रिक प्रबंधन का विश्वव्यापी मॉडल विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की चुनावी व्यवस्था ने बनाया वैश्विक प्रभाव, ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देना चाहिए : अरविन्द सिसोदिया भारत केवल विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है, बल्कि करोड़ों मतदाताओं, लाखों मतदान केंद्रों, विशाल भौगोलिक विविधता और असाधारण प्रशासनिक जटिलताओं के बीच चुनाव कराने की अपनी क्षमता के कारण वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण चुनाव-प्रबंधन मॉडल भी प्रस्तुत करता है। भारतीय चुनाव व्यवस्था की विशेषता केवल मतदान कराने में नहीं, बल्कि मतदाता सूची के सतत पुनरीक्षण, फोटो पहचान, इलेक्ट्रॉनिक मतदान, VVPAT, डिजिटल प्रबंधन, बूथ-स्तरीय सत्यापन, पारदर्शिता, समावेशिता और त्वरित मतगणना जैसे अनेक स्तरों के समन्वय में दिखाई देती है। भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था के रूप में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों का संचालन करता है। आयोग की आधिकारिक व्यवस्था में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची की खोज, ई-EPIC, चुनावी शिकायतें और मतदाता सेवाओं के लिए ड...

निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम : अरविन्द सिसोदिया

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निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर विश्वास और आशीर्वाद का परिणाम : अरविन्द सिसोदिया निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड विजय कोटा, 21 सितंबर। भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने निकाय चुनाव परिणामों पर जारी विज्ञप्ति में कहा है कि, “राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में मेयर, सभापति और पालिका अध्यक्ष के चुनाव परिणामों के बाद 304 निकायों में से 301 की तस्वीर साफ हो गई है। आंकड़ों के अनुसार 197 निकायों में भाजपा, 94 में कांग्रेस, 7 में निर्दलीय तथा एक-एक निकाय में आम आदमी पार्टी, सीपीआईएम और आरएलपी के लगभग बोर्ड बने हैं। साथ ही, शेष तीन निकायों में 25 सितंबर को बोर्डों का गठन होगा, किंतु उनमें भी भाजपा की स्पष्ट विजय तय है। इस प्रकार राजस्थान में अब भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार भारी बहुमत से सेवारत हो गई है।” भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने इन परिणामों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोककल्याणकारी नीतियों, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसेवी सरकार के सुशासन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के कुशल संगठन नेतृत...

गाँधी परिवार की अस्वीकार्यता

1-गाँधी परिवार की अस्वीकार्यता से गिरती छवि की सुरक्षा का षड्यंत्र है चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाना चुनाव आयोग (Election Commission) पर वोट चोरी या ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी का आरोप लगाने और इसे गांधी परिवार या कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति से जोड़ने को लेकर भारतीय राजनीति में अलग-अलग दृष्टिकोण और बहसें मौजूद हैं। इस विषय पर विभिन्न पक्षों के मुख्य तर्क इस प्रकार हैं: ## आरोपों के आलोचकों और सत्तापक्ष का दृष्टिकोण * राजनीतिक जवाबदेही से ध्यान भटकाना: भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य आलोचकों का तर्क है कि जब भी कांग्रेस या विपक्षी दलों को चुनावों में हार का सामना करना पड़ता है, तो वे अपनी संगठनात्मक कमियों या नेतृत्व (विशेषकर गांधी परिवार) की स्वीकार्यता पर आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ देते हैं। * संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हमला: आलोचकों के अनुसार, चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था पर बार-बार सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता के विश्वास को कमजोर करने का एक प्रयास है। * चुनावी नतीजों में विरोधाभास: इस दृष्टिकोण के समर्थक यह भी तर्क देते हैं कि जब विपक...