खुद मोदी जैसा बन करके , मातृभूमि का तेज बनें
कविता - खुद मोदी जैसा बन करके , मातृभूमि का तेज बनें - अरविन्द सिसोदिया 9414180151 चारों तरफ से संकटों नें,भारत मां को घेरा है, वो एक योद्धा रण में, सबसे लोहा लेता है, रात रात जाग कर, देश धर्म की सेवा करता है, इतिहासों में अमर रहेगा, येशा मोदी अलबेला है। आओ हम भी साथ चलें, राष्ट्र धर्म की बात करें, खुद मोदी जैसा बन करके , मातृभूमि का तेज बनें। ------=------ संकल्पों की ज्वाला लेकर, आगे पथ दिखलाता है, कठिन समय की आँधियों में, दीप सा जल जाता है। जन-जन के विश्वास से ही, शक्ति नई वह लाता है, भारत के हर कोने में, विश्वास का राग सुनाता है। -----=------ सीमा पर सतर्क खड़ा, वीरों का सम्मान बढ़ाता है, गाँव-गाँव की धड़कन में, नव निर्माण जगाता है। विश्व पटल पर भारत का, गौरव ऊँचा करता है, आत्मनिर्भर भारत का, स्वप्न साकार करता है। -----=------ स्वच्छता का संदेश लिए, जनमन को प्रेरित करता है, गरीबों के जीवन में , आशाओं का दीप बनता है। युवाओं के सपनों को, नई उड़ान दिलाता है, हर हृदय में राष्ट्र प्रेम का, दीप प्रखर जलाता है। -----=------ आओ हम भी आगे बढ़ें, कर्म पथ को अपनाएँ, त्याग, तपस्या, सेवा से, जी...