नवसंवत् 2083 के स्वागत-अभिनंदन हेतु पंचदिवसीय कार्यक्रम

प्रेसनोट -1

पत्रकार वार्ता / 16 मार्च

”अपना नववर्ष : अपना उत्सव“

नवसंवत् 2083 के स्वागत-अभिनंदन हेतु पंचदिवसीय कार्यक्रम

हिंदू मातृशक्ति रैली आज ( 17 मार्च को )

आज से ( 17 मार्च से ) हिंदू नववर्ष के स्वागत अभिनन्दन कार्यक्रम प्रारंभ 

कोटा 16 मार्च।ब्रह्माजी के द्वारा सृष्टि के सृजन दिवस हमारा संवत्सर प्रारंभ होता है। नवसंवत् के प्रथम सूर्योदय की तिथि चैत्र शुक्ल एकम् को “वर्ष प्रतिपदा” कहा जाता है और यह अनादिकाल से चली आ रही हमारी कालगणना और पंचांग का प्रारंभ दिवस है। हम सभी के लिये प्राकृतिक, सांस्कृतिक, पौराणिक, वैज्ञानिक एवं राष्ट्रीय गौरव की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण, पवित्र एवं पुण्यमयी यह तिथि है। यह इस वर्ष हमारे बीच 19 मार्च, गुरुवार को आ रही है। हिंदू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर की और से सोमवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में यह बताया।

पत्रकारवार्ता में मंचस्थ महानगर अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल, महामंत्री ड़ा बाबूलाल भाट, भगवा रैली संयोजक युधिष्टर सिंह हाड़ा, मातृशक्ति वाहन रैली संयोजक रेणु मिश्रा,स्वदेशी मेला समिति संयोजक प्रमोद राठौर, भजन संध्या समिति अध्यक्ष पंकज मेहता, कोषाध्यक्ष रामकुमार मेहता, सह कोषाध्यक्ष महेश विजय मां भारती और मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया रहे। संचलान अरविन्द सिसोदिया नें किया और धन्यवाद ज्ञापन महेश विजय मां भारती ने किया।

वार्ता में अध्यक्ष अग्रवाल नें बताया की गत हिंदू नववर्ष पर 51 हजार मातृशक्ति की कलश यात्रा भारत में अभी तक की सबसे बड़ी रही है। वहीं कोटा में ही सबसे पहले हिंदू नववर्ष पर पहला पंचदिवसीय कार्यक्रम हो रहा है। जो 17 मार्च मातृशक्ति दो पहिया वाहन रैली, 18 मार्च वर्तमान संवत की बिदाई पर महाआरती और दीपदान, 19 मार्च नवसंवत शुभारंभ पर दो दिवसीय स्वदेशी मेले का आयोजन, 20 मार्च को अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गीता रेबारी की भजन संध्या और 21 मार्च को विशाल भगवा रैली का आयोजन होगा।"

उन्होंने बताया कि " समिति के प्रयासों से हिंदू समाज स्वस्फूर्त रूप से अपने नववर्ष के प्रति जागृत हुआ है। प्रिंट मीडिया, चैनल्स एवं सोशल मीडिया के माध्यम से यह जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। हम अपने नववर्ष को पहचानें और उसे उसी गरिमा और महत्व से घर घर मनाएं यही प्रयास समिति लगातार कर रही है। "

समिति के महामंत्री ड़ा बाबूलाल भाट नें बताया कि " हम भारतीय संस्कृति की कालगणना की गौरवशाली को भूल गये, इसको पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से समिति अपना नव वर्ष - अपना उत्सव थीम पर आयोजन करती है। "

उन्होंने हिंदू नववर्ष की जानकारी देते हुए बताया कि " चैत्र शुक्ल एकम् अर्थात वर्ष प्रतिपदा अत्यंत महत्व की तिथि है। इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी तथा प्रथम सूर्योदय भी इसी तिथि को हुआ था। शक्ति की अवतारी नवदुर्गा की घटस्थापना भी इसी तिथि से प्रारंभ होती है। इसी तिथि को भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार हुआ था। भगवान श्रीराम का भी राज्याभिषेक इसी तिथि को माना जाता है। भगवान वरुणदेवता झूलेलाल का जन्म, महर्षि गौतम का जन्म, युधिष्ठिर जी का राजतिलक भी इसी तिथि को हुआ। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा शकों से भारत को मुक्त करवाकर इसी दिन से विक्रम संवत् प्रारंभ किया गया। महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना भी इसी तिथि को की थी। विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परमपूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्मदिवस तिथि अनुसार यही है और राजस्थान प्रांत की स्थापना भी इसी तिथि को हुई थी। वहीं यह तिथि प्राकृतिक वर्ष के शुभारंभ का भी संकेत देती है।" 


मातृशक्ति रैली संयोजिका रेणु मिश्रा नें बताया कि =
17 मार्च, मंगलवार को मातृशक्ति दोपहिया वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा। नयापुरा स्टेडियम परिसर में हिंदू मातृशक्ति अपने-अपने दोपहिया वाहनों के साथ एकत्र होंगी और दोपहर 3 बजे से यह रैली नयापुरा स्टेडियम से अग्रसेन चौराहा, किशोरसागर तालाब की पाल, गीता भवन के सामने से गुजरते हुए गुमानपुरा नहर की पुलिया से टीलेश्वर चौराहा होते हुए गोदावरी धाम पहुंचकर सम्पन्न होगी।

महामंत्री बाबूलाल भाट ने बताया कि -

18 मार्च, बुधवार की संध्या में वर्तमान संवत् के अंतिम सूर्यास्त की विदाई पूरे कोटा महानगर में मंदिरों में महाआरती के माध्यम से दी जाएगी। यह कार्यक्रम कोटा महानगर के 12 नगरों में स्थित 120 से अधिक बस्तियों और उनकी उपबस्तियों में लगभग एक साथ आयोजित होगा।

स्वदेशी मेला संयोजक प्रदीप राठौर नें बताया -

19 मार्च, गुरुवार को प्रातः वर्ष प्रतिपदा की शुभकामनाओं के साथ भगवान सूर्य को जल अर्पण आदि से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। अपराह्न 3 बजे दशहरा मैदान में दो दिवसीय स्वदेशी मेले का शुभारंभ होगा। इसी स्थल पर रंगोली और मांड़ना प्रतियोगिता भी सुबह 11 बजे से प्रारंभ हो जाएगी।

भजन संध्या समिति के संयोजक पंकज मेहता नें बताया =

20 मार्च, शुक्रवार को मेला स्थल दशहरा मैदान में स्वदेशी मेले के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्ध भजन गायिका गीता रेबारी की भजन संध्या सायं 7 बजे से आयोजित होगी।

भगवा वाहन रैली संयोजक युधिष्ठर सिंह हाड़ा नें बताया - 

21 मार्च, शनिवार को विराट हिंदू भगवा रैली का आयोजन होगा। कोटा महानगर की 120 बस्तियों से भगवा रैलियाँ प्रारंभ होकर चार प्रमुख एकत्रीकरण स्थलों पर एकत्र होंगी और सायं 5 बजे टीलेश्वर चौराहे पर महासंगम करेंगी। इसके पश्चात यह रैली दशहरा मैदान स्थित जड़ के बालाजी पहुंचकर सम्पन्न होगी। उन्होंने बताया कि 120 बस्तीयों से लगभग 12 हजार की संख्या में भगवाधारी इसमें सम्मिलित होंगे।

पत्रकारवार्ता में महानगर अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल, महामंत्री ड़ा बाबूलाल भाट, भगवा रैली संयोजक युधिष्टर सिंह हाड़ा, मातृशक्ति वाहन रैली संयोजक रेणु मिश्रा,स्वदेशी मेला समिति संयोजक प्रमोद राठौर, भजन संध्या समिति अध्यक्ष पंकज मेहता, कोषाध्यक्ष रामकुमार मेहता, सह कोषाध्यक्ष महेश विजय मां भारती और मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया, भजन संध्या सहसंयोजक किसन पाठक एवं राजेंद्र खंडेलवाल, स्वदेशी मेला सहसंयोजक मुकेश विजय एवं सुनीता जौली, मातृशक्ति सह संयोजक चेतना मोरवाल, भगवा रैली सह संयोजक सुमेरसिंह, मीडिया सहसंयोजक रजनीश सिंह राणा, हुकमत सिंह झाला, सुनील पोकरा, पवन भटनागर सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।

------====-------

प्रेसनॉट -2 


हिंदू नववर्ष से स्वागत में आज (17 मार्च को) निकलेगी विशाल हिंदू "मातृशक्ति दोपहिया वाहन रैली"

कोटा 16 मार्च । हिंदू नववर्ष के स्वागत के पावन अवसर पर 17 मार्च मंगलवार को शहर में विशाल हिंदू मातृशक्ति दोपहिया वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर के तत्वावधान में आयोजित होगी।

मातृशक्ति संयोजिका रेणु मिश्रा एवं सहसंयोजिका चेतना मोरवाल ने बताया कि रैली दोपहर 3 बजे महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम (नयापुरा) से प्रारंभ होगी। रैली में शहर की मातृशक्ति बड़ी संख्या में अपने-अपने दोपहिया वाहनों (स्कूटी या बाइक) के साथ दो-दो के क्रम में सहभागी बनेगी तथा सभी वाहनों पर भगवा पताका लगाई जाएगी।

रैली नयापुरा स्टेडियम से प्रारंभ होकर अग्रसेन चौराहा, किशोर सागर तालाब की पाल, जयपुर गोल्डन, गीता भवन, गुजराती भवन, गुमानपुरा नहर पुलिया, रावतभाटा रोड होते हुए टीलेश्वर चौराहा से होकर गोदावरी धाम पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा।

रैली के लिए विशेष ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। प्रतिभागी महिलाएं लाल साड़ी या कुर्ता पहनकर, माथे पर तिलक लगाकर केसरिया साफा एवं केसरिया उपरना धारण करेंगी। समिति ने अधिक से अधिक महिलाओं से रैली में सहभागी बनने का आह्वान किया है। जिनके पास केसरिया साफा नहीं है, वे आयोजन स्थल पर ₹30 शुल्क में प्राप्त कर सकती हैं, जबकि केसरिया उपरना स्थल पर उपलब्ध रहेगा।


अरविन्द सिसोदिया 
9414180151

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

हमें वीर केशव मिले आप जबसे : संघ गीत

दशा माता पूजन Dasha Mata Puja

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

गणगौर : अखंड सौभाग्य का पर्व Gangaur - festival of good luck

शीतला माता Sheetla Mata शीतला अष्टमी ( बसौड़ा )

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

खींची राजवंश : गागरोण दुर्ग