भू-अभिलेख के स्तर पर रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा सकता है


मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड (अधिकार अभिलेख) वितरण में गड़बड़ी, गलत नाम दर्ज होने या सीमांकन में त्रुटि के मामलों के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (MP Land Revenue Code), 1959 के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान और प्रक्रिया निर्धारित है।

स्वामित्व योजना में हुई गड़बड़ी के संबंध में प्रमुख रूलिंग और सुधारात्मक उपाय इस प्रकार हैं:-

1. आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया (Legal Remedies):
अंतिम प्रकाशन से पूर्व: जब ड्रोन सर्वे के बाद गांव का मानचित्र (Map) तैयार किया जाता है, तो उसे ग्राम पंचायत में प्रदर्शित किया जाता है। यदि संपत्ति कार्ड में नाम, रकबा (क्षेत्रफल) या सीमा में गलती है, तो ग्रामीण प्रकाशन की तिथि से एक निर्धारित समय के भीतर (आमतौर पर 30 दिन) अपनी आपत्ति राजस्व विभाग (पटवारी या तहसीलदार) को दे सकते हैं।

अंतिम प्रकाशन के बाद: यदि कार्ड वितरित हो चुके हैं, तो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 115 या 116 के तहत तहसीलदार के समक्ष "अभिलेखों में सुधार" के लिए आवेदन किया जा सकता है। 

2. विवादों के निराकरण के लिए रूलिंग (Dispute Resolution):
जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर की अंतिम भूमिका: यदि स्वामित्व योजना के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड से जुड़ा कोई विवाद ग्राम स्तर पर नहीं सुलझता है, तो अंतिम निर्णय का अधिकार District Magistrate (कलेक्टर) या उनके द्वारा नामित राजस्व अधिकारी (SDO/Tehsildar) के पास होता है।

सामूहिक सहमति: योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, संपत्ति कार्ड के डेटा को अंतिम रूप देने से पहले ग्राम सभा में परामर्श और सामूहिक सहमति का प्रावधान है। 

3. प्रक्रियात्मक गड़बड़ी पर कार्यवाही:
यदि संपत्ति कार्ड में सर्वे के दौरान गलत सीमांकन हुआ है, तो 'भू-सर्वेक्षण और भू-अभिलेख नियम-2020' के अंतर्गत राजस्व अधिकारी पुनः सीमांकन (Re-survey) का आदेश दे सकते हैं।
स्वामित्व योजना के लिए नियुक्त विशेष सर्वे अधिकारी/कमिश्नर भू-अभिलेख के स्तर पर रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा सकता है। 

4. विशेष टिप:
यदि आपका संपत्ति कार्ड में नाम या जमीन गलत है, तो आपको तहसील कार्यालय में 'स्वामित्व योजना के तहत जारी संपत्ति कार्ड में सुधार' के लिए आवेदन करना चाहिए। इसके लिए आधार कार्ड, पुराना पट्टा, या रजिस्ट्री (यदि हो) के साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

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मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड (अधिकार अभिलेख) वितरण में गड़बड़ी, गलत नाम दर्ज होने या सीमांकन में त्रुटि के मामलों के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (MP Land Revenue Code), 1959 के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान और प्रक्रिया निर्धारित है।

स्वामित्व योजना में हुई गड़बड़ी के संबंध में प्रमुख रूलिंग और सुधारात्मक उपाय इस प्रकार हैं:-

1. आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया (Legal Remedies):
अंतिम प्रकाशन से पूर्व: जब ड्रोन सर्वे के बाद गांव का मानचित्र (Map) तैयार किया जाता है, तो उसे ग्राम पंचायत में प्रदर्शित किया जाता है। यदि संपत्ति कार्ड में नाम, रकबा (क्षेत्रफल) या सीमा में गलती है, तो ग्रामीण प्रकाशन की तिथि से एक निर्धारित समय के भीतर (आमतौर पर 30 दिन) अपनी आपत्ति राजस्व विभाग (पटवारी या तहसीलदार) को दे सकते हैं।

अंतिम प्रकाशन के बाद: यदि कार्ड वितरित हो चुके हैं, तो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 115 या 116 के तहत तहसीलदार के समक्ष "अभिलेखों में सुधार" के लिए आवेदन किया जा सकता है। 


2. विवादों के निराकरण के लिए रूलिंग (Dispute Resolution):
जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर की अंतिम भूमिका: यदि स्वामित्व योजना के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड से जुड़ा कोई विवाद ग्राम स्तर पर नहीं सुलझता है, तो अंतिम निर्णय का अधिकार District Magistrate (कलेक्टर) या उनके द्वारा नामित राजस्व अधिकारी (SDO/Tehsildar) के पास होता है।
सामूहिक सहमति: योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, संपत्ति कार्ड के डेटा को अंतिम रूप देने से पहले ग्राम सभा में परामर्श और सामूहिक सहमति का प्रावधान है। 

3. प्रक्रियात्मक गड़बड़ी पर कार्यवाही:
यदि संपत्ति कार्ड में सर्वे के दौरान गलत सीमांकन हुआ है, तो 'भू-सर्वेक्षण और भू-अभिलेख नियम-2020' के अंतर्गत राजस्व अधिकारी पुनः सीमांकन (Re-survey) का आदेश दे सकते हैं।
स्वामित्व योजना के लिए नियुक्त विशेष सर्वे अधिकारी/कमिश्नर भू-अभिलेख के स्तर पर रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा सकता है। 

4. विशेष टिप:
यदि आपका संपत्ति कार्ड में नाम या जमीन गलत है, तो आपको तहसील कार्यालय में 'स्वामित्व योजना के तहत जारी संपत्ति कार्ड में सुधार' के लिए आवेदन करना चाहिए। इसके लिए आधार कार्ड, पुराना पट्टा, या रजिस्ट्री (यदि हो) के साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।








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