राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2025
राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2025 (Rajasthan Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act, 2025) राज्य में धोखाधड़ी, प्रलोभन, बल, या विवाह के माध्यम से होने वाले जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए एक सख्त कानून है। 8 अक्टूबर 2025 को अधिसूचित इस कानून के तहत, दोषियों को 20 वर्ष तक की जेल या आजीवन कारावास तथा भारी जुर्माने का प्रावधान है।
अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं:
1- निषेध: प्रलोभन, बल प्रयोग, अनुचित प्रभाव, दबाव, विवाह या किसी भी कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराना अवैध है।
2- सजा का प्रावधान:
सामान्य मामला: 7 से 14 वर्ष की कारावास और ₹5 लाख तक का जुर्माना।
3- महिला, नाबालिग, SC/ST, दिव्यांग: 10 से 20 वर्ष की जेल और ₹10 लाख तक का जुर्माना।
सामूहिक धर्मांतरण: 20 वर्ष से आजीवन कारावास और ₹25 लाख तक का जुर्माना।
4- दोबारा अपराध करने पर: आजीवन कारावास और ₹50 लाख तक का जुर्माना।
5- विवाह: केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया विवाह अमान्य घोषित किया जा सकता है।
6- पूर्वानुमति: धर्म बदलने से पहले जिला मजिस्ट्रेट को 60 दिन पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।
7- जांच और कार्रवाई: सभी अपराध संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-bailable) होंगे, और जांच के दौरान संपत्ति ज़ब्त या ध्वस्त की जा सकती है।
8- विशेष नियम: स्वयं की इच्छा से मूल धर्म में वापसी (घर वापसी) को इस कानून के तहत अपराध नहीं माना गया है
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