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आपातकाल बाद दूसरा टर्निग पॉइंट हैं विधानसभा चुनाव : आडवाणी

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2013 के चुनाव परिणाम आपातकाल बाद दूसरा टर्निग पॉइंट हैं विधानसभा चुनाव : आडवाणी  Saturday, December 14, 2013, Read more at: http://hindi.oneindia.in/news/bhopal/assembly-elections-2013-are-like-emergency-lal-krishan-advani-277211.html भोपाल। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी ने मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ ग्रहण समारोह में कहा कि विधानसभा चुनाव 2013 देश की राजनीति का दूसरा टर्निंग प्‍वाइंट हैं जबकि पहला टर्निंग प्‍वाइंट आपातकाल के बाद हुए चुनाव थे। उन्‍होने उम्‍मीद जताई है कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सफाया हो जाएगा क्‍योंकि देश की जनता कांग्रेस की न‍ीतियों के खिलाफ है। उन्‍होने कहा कि आपातकाल के बाद देश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी थी तब सभी दलों ने मिलकर कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ा था। आडवाणी ने उम्‍मीद जताई कि विधानसभा में जो चुनाव परिणाम आये हैं उनका असर लोकसभा के चुनाव में भी पड़ेगा। गौर हो कि आठ दिसंबर को घोषित हुए चुनाव नतीजों में तीन राज्‍यों में भाजपा को बहुमत मिल गया है जबकि दिल्‍ली में भाजपा को 32 सीटें मिली और पार्टी सर

अंग्रेजी केलेण्डर की कहानी

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अंग्रेजी केलेण्डर की कहानी  Baba Ramdev दुनिया का लगभग प्रत्येक कैलेण्डर सर्दी के बाद बसंत ऋतू से ही प्रारम्भ होता है , यहाँ तक की ईस्वी सन बाला कैलेण्डर ( जो आजकल प्रचलन में है ) वो भी मार्च से प्रारम्भ होना था . इस कलेंडर को बनाने में कोई नयी खगोलीये गणना करने के बजाये सीधे से भारतीय कैलेण्डर ( विक्रम संवत ) में से ही उठा लिया गया था . आइये जाने क्या है इस कैलेण्डर का इतिहास - ------------------------------------------------------------------------------------------------ दुनिया में सबसे पहले तारो, ग्रहों, नक्षत्रो आदि को समझने का सफल प्रयास भारत में ही हुआ था, तारो , ग्रहों , नक्षत्रो , चाँद , सूरज ,...... आदि की गति को समझने के बाद भारत के महान खगोल शास्त्रीयो ने भारतीय कलेंडर ( विक्रम संवत ) तैयार किया , इसके महत्त्व को उस समय सारी दुनिया ने समझा . भारतीय महीनों के नाम जिस महीने की पूर्णिमा  जिस नक्षत्र में पड़ती है उसी के नाम पर पड़ा। जैसे इस महीने की पूर्णिमा चित्रा नक्षत्र में हैं इस लिए इसे चैत्र महीनें का नाम हुआ। श्रीमद भागवत के द्वादश स्कन्ध के द्वितीय अध्याय के अनुस

भारतीयाें का कमाल, बैतूल में हाइवे सड़क पर उतरा हवाई जहाज

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भारतीयाें का कमाल  बैतूल में हाइवे सड़क पर उतरा  हवाई जहाज टीम डिजिटल/ मंगलवार, 31 दिसंबर 2013 / अमर उजाला, भोपाल मध्‍यप्रदेश के बैतूल में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मंगलवार सुबह खराब मौसम की वजह से हाइवे पर प्लेन की इमरजेंसी लैडिंग करानी पड़ी। जानकारी के अनुसार अप्रवासी भारतीय सेम वर्मा का प्लेन पायलट कैप्टन जेकब द्वारा शहर में भ्रमण के बाद उतारा जा रहा था। लेकिन हवाई पट्टी पर हवा का दबाव अधिक होने से उसे इमरजेंसी में हवाई पट्टी के नजदीक बने फोरलेन हाईवे पर प्लेन की लैडिंग करना पड़ी। जानकारी लगते ही बैतूल बाजार पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बताया गया कि हाइवे पर प्लेन उतरने के बाद खराब हो गया। सुबह लगभग 8 .30 बजे से 11 बजे तक प्लेन फोरलेन पर ही खड़ा रहा। जिसकी वजह से दूसरे तरफ से ट्रैफिक निकालना पड़ा। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराने में पायलट की सूझबूझ और हौसला काबिले तारीफ रहा। पायलट ने बहुत ही समझदारी से काम लेते हुए हवाई जहाज को सड़क पर उतारा। लैंडिंग के बाद नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए।

हिन्दुत्व विशाल है

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Anshu Nawada https://www.facebook.com/anshu786?hc_location=timeline जिस हिन्दू ने नभ मे जाकर नक्षत्रो को दी है संज्ञा । जिसने हिमगिरि का वक्ष चीर ,भू को दी है पावन गंगा ।। जिसने सागर की छाती पर पाषाणो को तैराया है ।। हर वर्तमान की पीङा को हर ,जिसने इतिहास बतनाया है । जिसके आर्यों ने जयघोष किया कृण्वंतो विश्वमार्यम का । जिसका गौरव कम कर न सकी, रावण की स्वर्णमयी लंका ।। जिसके यज्ञों का एक हव्य, सौ-सौ पुत्रों का जनक रहा । जिसके आँगन में भयाक्रांत धनपति बरसाता कनक रहा ।। जिसके पावन बलिष्ठ तन की रचना तन दे दधीचि ने की । राघव ने वन मे भटक भटक ,जिस तन मे प्राण प्रतिष्ठा की ।। जौहर कुंडों में कूद-कूद, सतियों ने जिसे दिया सत्व । गुरुओं-गुरुपुत्रों ने जिसमें चिर बलिदानी भर दिया तत्व ।। वह शाश्वत हिन्दू जीवन क्या स्मरणीय मात्र रह जाएगा ? इसकी पावन गंगा का जल क्या नालो मे बह जाऐगा ?? इसके गंगाधर शिव शंकर क्या ले समाधि सो जाएंगे ? इसके पुष्कर इसके प्रयाग क्या गर्त मात्र हो जाएंगे ?? यदि तुम ऐसा नही चाहते ,तो फिर तुमको जगना होगा । हिन्दूराष्ट्र का बिगुल बजाकर ,दानव दल को दलना होगा ।।

30 दिसंबर 1943 को भारत कि प्रथम स्वतंत्रता

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http://arvindsisodiakota.blogspot.in/2013/10/blog-post_9547.html द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सन 1942 में भारत को अंग्रेजों के कब्जे से स्वतन्त्र कराने के लिये आजाद हिन्द फौज या इन्डियन नेशनल आर्मी (INA) नामक सशस्त्र सेना का संगठन किया गया। इसकी संरचना रासबिहारी बोस ने जापान की सहायता से टोकियो में की। आरम्भ में इस फौज़ में उन भारतीय सैनिकों को लिया गया था जो जापान द्वारा युद्धबन्दी बना लिये गये थे। बाद में इसमें बर्मा और मलाया में स्थित भारतीय स्वयंसेवक भी भर्ती किये गये। एक वर्ष बाद सुभाष चन्द्र बोस ने जापान पहुँचते ही जून 1943 में टोकियो रेडियो से घोषणा की कि अंग्रेजों से यह आशा करना बिल्कुल व्यर्थ है कि वे स्वयं अपना साम्राज्य छोड़ देंगे। हमें भारत के भीतर व बाहर से स्वतंत्रता के लिये स्वयं संघर्ष करना होगा। इससे गद्गद होकर रासबिहारी बोस ने 4 जुलाई 1943 को 46 वर्षीय सुभाष को इसका नेतृत्व सौंप दिया। 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने 'सुप्रीम कमाण्डर' के रूप में सेना को सम्बोधित करते हुए "दिल्ली चलो!" का नारा दिया और जापानी सेना के साथ मिलकर ब्रिट

कांग्रेस के राज में गरीब बढ़ते गए ....

कांग्रेस ने 6,7 साल पहले एक सर्वे करावा । कि पता करो कि देश में सही में ग़रीबो की संख्या कितनी हैं ? ? ? क्यों कि पहले कोई कहता था कि 25 करोड- हैं ,कोई कहता था कि 35 करोड- हैं ,कोई कहता था कि 37 करोड- हैं , तो सर्वे कराया |सर्वे के लिये अर्जुन सेनगुप्ता को कहा गया ।अर्जुन सेनगुप्ता भारत के बहुत बड़े अर्थशास्त्री हैं । और इंदिरा गांधी के समय से भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार रहे हैं । तो उन्होने 3,4 साल कि मेहनत के बाद संसद मे एक रिपोर्ट प्रस्तुत की । रिपोर्ट कहती है देश कि कुल आबादी 115 करोड ।और एक 115 करोड मे से 84 करोड 30 लाख लोग ऐसे है । जो एक दिन 20 रुपये भी खर्च नहीं कर पाते । और 84 करोड 30 लाख में से 50 करोड लोग ऐसे हैं । जो एक दिन में 10 रुपये भी खर्च नहीं कर पाते ।और 15 करोड ऐसे है 5 रुपये भी रोज के नहीं खर्च कर पाते ।और 5 करोड ऐसे है 50 paise भी रोज के नहीं खर्च कर पाते । ये हमारे देश भारत की नंगी वास्विकता है कठोर सच्चाई है ! जब वो रिपोर्ट आई तो सब के रंग उड़ गये । कि आखिर 64 मे हमने किया क्या ? ? ? इतनी ग़रीबी इतनी बदहाली । सबसे अजीब बात ये हैं कि 1947 के बाद जब पंडित नेहर

सत्तारुढ़ पार्टी देश के लिए बोझ और संकट बन गयी है - नरेंद्र मोदी

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रांची में 'संसद' से कांग्रेस पर मोदी का हमला, 'आकाशवाणी करने वाले लोग देश का भला नहीं कर सकते' Sunday, December 29, 2013 मोदी को सुनने के लिए यहां जन सैलाब सा उमड़ पड़ा है। हालांकि गुजरात के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के लिए यहां सिर्फ तीन घंटे रुकेंगे। मोदी की रैली के लिए प्रदेश भाजपा ने जमकर तैयारी की है। रैली के लिए बनाए गए स्टेज को संसद का रूप दिया गया है। इससे पहले मोदी के छत्तीसगढ़ में एक रैली में बनाए गए स्टेज को लाल किला के रूप दिया गया था। इस बीच रैली के आयोजन स्थल धुर्वा में पूरे प्रदेश से लोगों के पहुंचने का तांता लगा हुआ है और बीती रात से ही यहां दूर दराज के जिलों से हजारों की संख्या में बसों और अन्य वाहनों से लोग पहुंचने लगे हैं। धुर्वा इलाके को सुबह देखने से लगता है जैसे यहां बड़ा जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवीन्द्र राय ने बताया कि दिन के दस बजते बजते पूरे क्षेत्र में तिल रखने की जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देश के अन्य हिस्सों की तरह नरेन्द्र मोदी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है और आज की रैली प्रदेश में ऐतिहासिक ह

मोदी की रांची रैली 29 दिसंबर को : जेवीएम नेता सहित दर्जनों भाजपा में शामिल

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मोदी की रांची रैली 29 दिसंबर को पहले जेवीएम नेता सहित दर्जनों भाजपा में शामिल  Sat, Dec 28th, 2013 रांची. नरेंद्र मोदी विजय संकल्प रैली को संबोधित करने 29 दिसंबर को रांची पहुंचेंगे. श्री मोदी का विशेष विमान सुबह 12.45 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट उतरेगा. यहां से वह हेलीकॉप्टर से सीधे जेएससीए स्टेडियम पहुंचेंगे. एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद हेलीकॉप्टर दो मिनट में जेएससीए स्टेडियम पहुंचेगा. इसके बाद मोदी व उनके साथ आये अतिथि कार से सभा स्थल पर पहुंचेंगे. इससे पहले जेवीएम नेता उदय भान सिंह समेत आदिवासी छात्र संघ के कई नेता शुक्रवार को भाजपा में शामिल हुए. प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष डॉ रवींद्र राय ने स्वागत किया. श्री राय ने बताया कि उदय भान सिंह का संबंध रामगढ़ के राजघराने से है. इनके आने से पार्टी और मजबूत होगी. इधर आदिवासी छात्र मोरचा के बेलरस कुजूर के नेतृत्व में ईसाई समुदाय के दर्जनों लोग पार्टी में शामिल हुए. श्री कुजूर इससे पहले चमरा लिंडा की पार्टी से जुड़े हुए थे. पार्टी की सदस्यता ग्रहण करनेवालों में सतीश एक्का, कुंदन टोप्पो, शेफाली खलखो समेत कई लोग शामिल हैं. सरकार ने

गुजरात दंगा : नरेंद्र मोदी ने किया दर्द बयां

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आईबीएन-7 | Dec 27, 2013 गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2002 दंगों पर 11 साल बाद सफाई दी है। बीते गुरुवार को उन्हें गुलबर्ग सोसायटी दंगा मामले में कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने मोदी को मिली एसआईटी की क्लीन चिट बरकरार रखी है। मोदी ने कोर्ट के फैसले को सत्य की जीत बताया, और आज उन्होंने दंगों पर विस्तार से सफाई दी है। उन दिनों को याद करते हुए मोदी ने कहा कि 2002 दंगों के बाद वे बेहद व्यथित और आहत थे। मोदी के मुताबिक दंगों ने उन्हें भीतर तक हिला दिया था, उस दुख को वो कभी साझा नहीं कर पाए। मोदी ने ब्लॉग पर लिखा है कि वो पहली बार गुजरात दंगों की व्यथा बयां कर रहे हैं। मोदी के मुताबिक उन्होंने दंगों के दौर की पीड़ा अकेले ही झेली। मोदी कहते हैं कि गुजरात दंगों जैसे क्रूर दिन किसी को देखने नहीं पड़े, और ईश्वर उन्हें ताकत दें इसकी वो कामना करते हैं। मोदी का दावा है कि गुजरात के दंगों के दौरान वो शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते रहे। उन्होंने माना कि शांति बनाए रखना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी थी। मोदी का दावा है कि उनकी सरकार ने दंगाइयों से कड़ाई से निपटने की कोशिश की। उसी वक्

महंगाई की मार से नहीं मिली राहत

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कांग्रेस भयानक महंगाई और मोदी के तूफान में अभी बुरी तरह चुनाव हारी है ,कांगेस शाषित दिल्ली और राजस्थान में वह एक बटा 10 के पास पहुच गई , कांग्रेस  मोदी को तो नहीं रोक सकती मगर महंगाई तो रोक सकती है ! मगर देश की जनता को वो अब भी महंगाई की चक्की में पीसे जा रही है । जिसका परिणाम उसे लोकसभा चुनावों में भुगतना होगा । महंगाई की मार से नहीं मिली राहत रणविजय प्रताप सिंह First Published:27-12-2013 http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/tayaarinews/article1-story-67-67-387862.html बढ़ती महंगाई ने इस साल उपभोक्ताओं की जेब हल्की करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई रिकॉर्ड गिरावट और आर्थिक वृद्धि दर में लगातार आती कमी पूरे साल परेशानी का सबब बनी रही। हालांकि इस साल आर्थिक जगत में कुछ अच्छे संकेत भी मिले। देश में पहले महिला बैंक की शुरुआत हुई और भारतीय स्टेट बैंक  (एसबीआई) की कमान पहली बार किसी महिला के हाथ में आई। साल 2013 की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों पर रणविजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट महंगाई से उपभोक्ता और सरकार परेशान खाने-पीने के सामान की कीमतें इस साल आसमान पर

राष्ट्रीय जांच एजेंसी : साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ केस वापस लेने की तैयारी में

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हिन्दू समाज के प्रखर और तेजस्वी व्यक्तित्व के खिलाफ किस तरह सरकारी एजेंसियों का दुरूपयोगह एवं आक्रमण हो रहा है इसका यह एक उदहारण है ! हिन्दू समाज को समझना चाहिए कि देश में उनके  खिलाफ कौन लोग षड़यंत्र रच रहे हें और किस निमित्त यह सब हो रहा है , इनका उत्तर खोजना ही चाहिए ताकी सच की  पहचान हो और समाधान को समाज जागृत हो ?  जोशी हत्‍याकांड: साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ केस वापस लेने की तैयारी में एनआईए आज तक वेब ब्‍यूरो [Edited by: बबिता पंत] | नई दिल्ली, 27 दिसम्बर 2013 http://aajtak.intoday.in आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी की हत्या के करीब छह साल बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने माना है कि मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कर गलती की है. साध्वी मालेगांव बम धमाके में भी आरोपी हैं. जोशी भी मालेगांव धमाके में आरोपी थे. इसके अलावा जोशी दिल्ली से लाहौर के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी, 2007 को हुए धमाके में संदिग्ध थे. जोशी की देवास में 29 दिसंबर, 2007 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. महाराष्ट्र में नासिक जिले के मा

नरेंद्र मोदी को PM बनाने के लिए टीम का गठन, वसुंधरा राजे भी शामिल

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नरेंद्र मोदी को PM बनाने के लिए टीम का गठन, वसुंधरा राजे भी शामिल dainikbhaskar.com | Dec 26, 2013, जयपुर/नई दिल्ली। भाजपा के ‘मिशन 272 प्लस’ को जमीन पर उतारने के लिए राजनाथ सिंह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने तीन महारथियों का चयन किया है। लोकसभा चुनाव संपन्न होने तक तीनों को प्राथमिकता के आधार पर ‘मोदी फॉर पीएम’ के लिए पसीना बहाना होगा। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे  को यह जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा केंद्रीय चुनाव प्रबंधन समिति की हुई बैठक में इस बात का फैसला किया गया है। बैठक वसुंधरा राजे सिंधिया ने सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिए मतदाताओं तक कैसे पहुंच बनाई, इसका जिक्र किया। तोमर ने मध्य प्रदेश में भाजपा की जीत में संगठनात्मक पहलुओं का बिंदुवार प्रजेंटेशन दिया। इसके बाद रमन सिंह ने प्रजेंटेशन में यह बताया कि कैसे हारी हुई बाजी को जीत में बदला जा सकता है। कैसे उन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के चुनाव में पिछडऩे के बाद इसकी भरपाई दूसरे चरण के मतदान में की। सूत्रों का कहना है कि प्रजेंटेशन के बा

अदालत ने : गुजरात दंगा केस में मोदी को मिली क्लीन चिट

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2002 के साम्प्रदायिक दंगों के मामले में अहमदाबाद की एक अदालत से मिली क्लिन चिट के बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अंतत: सत्य की ही जीत होती है. गुजरात दंगा केस में मोदी को मिली क्लीन चिट नवभारतटाइम्स.कॉम | Dec 26, 2013 अहमदाबाद 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए गुजरात दंगा मामले में बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी को बड़ी राहत मिली है। अहमदाबाद मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई क्लीन चिट के खिलाफ जकिया जाफरी की याचिका खारिज कर दी है। इसका मतलब यह माना जा रहा है कि मोदी पर अब दंगे का केस नहीं चलेगा। याचिकाकर्ता जकिया जाफरी ने कहा है कि वह इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगी। उन्होंने कहा कि उनकी बात कोई न कोई कोर्ट तो सुनेगा। मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट बीजे गणत्र ने खुली अदालत में फैसला सुनाते हुए जकिया के वकील मिहिर देसाई से कहा कि उनकी याचिका खारिज की जाती है और उन्हें ऊपरी अदालत में जाने की आजादी है। फैसला सुनते ही वहां मौजूद जकिया रो पड़ीं। गौरतलब है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट में गुजरात के मुख्यम

भारत का अंतरिक्ष विज्ञान विदेशी निशाने पर - सुरेश चिपलूकर

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सुरेश चिपलूकर की कलम से Suresh Chiplunkar Monday, December 16, 2013 Indian Space Programme under Threat - Prof Nambi Narayan Case भारत का अंतरिक्ष विज्ञान विदेशी निशाने पर – प्रोफ़ेसर नम्बी नारायणन मामला... बहुत वर्ष पहले एक फिल्म आई थी,  “ “ एक डॉक्टर की मौत ” ” . इस फिल्म में पंकज कपूर का बेहतरीन अभिनय तो था ही, प्रमुखतः फिल्म की कहानी बेहतरीन थी. इस फिल्म में दर्शाया गया था कि किस तरह एक प्रतिभाशाली डॉक्टर, भारत की नौकरशाही और लाल-फीते के चक्कर में उलझता है, प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा उस डॉक्टर से सहानुभूति नहीं रखता और अंततः वह डॉक्टर आत्महत्या कर लेता है. एक और फिल्म आई थी गोविन्द निहलानी की, नाम था  “ “ द्रोहकाल ” ” , फिल्म में बताया गया था कि किस तरह भारत के शीर्ष प्रशासनिक पदों तथा सेना के वरिष्ठ स्तर तक भ्रष्टाचार और देश के दुश्मनों से मिलीभगत फ़ैली हुई है. दुर्भाग्य से दोनों ही फिल्मों की अधिक चर्चा नहीं हुई, दोनों फ़िल्में हिट नहीं हुईं. भारत के कितने लोग सचिन तेंडुलकर को जानते हैं, लगभग सभी. लेकिन देश के कितने नागरिकों ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक एस नम्बी नाराय