चुनाव आयोग का आदेश, मतदान वाले दिन दिल्ली में रहेगी छुट्टी...!




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चुनाव आयोग का आदेश, मतदान वाले दिन रहेगी छुट्टी...!
कई लोग छुट्टी न होने की वजह से मतदान नहीं कर पाते हैं, लेकिन अब जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां के सरकारी और निजी सहित सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश मिलेगा।
चुनाव आयोग की ओर से चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए एक आदेश में कहा गया है कि जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 135 बी में मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश का प्रावधान है। आयोग ने कहा कि प्रावधान के तहत जिस क्षेत्र में आम चुनाव या उप चुनाव हो वहां के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रहना जरूरी है। उन संस्थानों का बंद होना भी जरूरी है जहां पाली आधार पर काम होता है।
हालांकि चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद उन लोगों के लिए समस्‍या आ सकती है जो वोटर तो दिल्‍ली के हैं, लेकिन एनसीआर में काम करते हैं। दिल्‍ली के ऐसे वोटर बुधवार वाले दिन कैसे मतदान करेंगे, यह बड़ा सवाल है।
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बुधवार को 1.19 करोड़ मतदाता दिल्ली का भाग्यविधाता तय करने के लिए वोट डाल पायेंगे। उनमें से 4.05 लाख पहली बार वोट वोट डालने जा रहे हैं। सत्तर सदस्यीय विधानसभा के लिए 810 उम्मीदवार चुनावी दंगल में हैं। भाजपा ने 66 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं जबकि कांग्रेस और आप सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बसपा ने 69, राकांपा ने 9 और सपा ने भी 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। कुल 224 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपना राजनीतिक भाग्य आजमा रहे हैं।
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कांग्रेस मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के लिए यह सबसे कठोर चुनावी मुकाबला है। सत्ताविरोधी लहर के अलावा उन्हें सब्जियों और फलों के दामों में पिछले दो महीने में तीव्र वृद्धि को लेकर लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ रही  है। बिजली के मंहगे बिल पहले से ही मुद्दा है । भाजपा और कांग्रेस के बीच अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितकरण, पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग, पानी और बिजली की ऊंची दरें जैसे स्थानीय मुद्दों पर आरोप-प्रत्योराप का दौर चला

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