पोस्ट

मार्च, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राजनाथ सिंह की नई टीम

इमेज
नई दिल्ली। राजनाथ सिंह की नई टीम का ऐलान हो गया है, बीजेपी की नई टीम इस प्रकार है.... संसदीय बोर्ड: राजनाथ सिंह, अटल बिहार वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, वेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, रामलाल, अनंत कुमार , थावर चंद गहलोत और नरेंद्र मोदी। महासचिव: रामलाल (संगठन), अनंत कुमार, थावर चंद गहलोत, जेपी नड्डा, तापिर गाव, धर्मेंद्र प्रधान, अमित शाह, राजीव प्रताप रूडी, वरुण गांधी और मुरलीधर राव। उपाध्यक्ष: सदानंद गौड़ा, मुख्तार अब्बास नकवी, डॉ. सीपी ठाकुर, जुएल उरांव, एस. एस. अहलूवालिया, बलबीर पुंज, सतपाल मलिक, प्रभात झा, उमा भारती, बिजॉय चक्रवर्ती, लक्ष्मीकांत चावला, किरण माहेश्वरी, स्मृति ईरानी। सचिव: श्याम जाजू, भूपेंद्र यादव, कृष्णा दास, अनिल जैन, विनोद पांडेय, त्रिवेंद्र रावत, रामेश्वर चौरसिया, आरती मेहरा, रेणु कुशवाहा, सुधा यादव, सुधा मलैया, पूनम महाजन, लुईस मरांडी, डॉ तमिल एसाई, वाणी त्रिपाठी। मोर्चाओं के अध्यक्ष: महिला मोर्चा: सरोज पांडेय, युवा मोर्चा: अनुराग ठाकुर, एससी मोर्चा: संजय पासवान, एसटी मोर्चा: फग्गन सिंह कुलस्ते, अल्पसंख्यक मोर्चा: अब्दि

India celebrates Holi

इमेज
    Nation celebrates Holi, President, PM greet people New Delhi: The nation on Wednesday celebrated Holi with people greeting each other with colours and sweets. President Pranab Mukherjee, Prime Minister Manmohan Singh and UPA Chairperson Sonia Gandhi greeted people on Holi and expressed hope that the festival of colours will strengthen faith in national values and promote oneness and harmony. "On the joyous occasion of Holi, I convey my greetings and good wishes to all my fellow countrymen. This festival which marks the advent of spring, is a harbinger of joy, hope and fulfilment for all," the President said in his greetings. "The myriad colours of Holi are a reflection of our diversity and multi-cultural heritage. May this festival of colours strengthen faith in our cherished national values and promote oneness, harmony and the good of all," he said in a Rashtrapati Bhawan statement.

होली हिन्दुओँ का वैदिक कालीन पर्व

इमेज
 Friday, March 22, 2013 holi mahotsav par vishesh होली महोत्सव ,होली विषय पर जानकारी परक लेख होली का त्यौहार है ,प्यार और मनुहार का, रंगों का साथ है ,अबीर और गुलाल का । होली हिन्दुओँ  का वैदिक कालीन पर्व है । इसका प्रारंभ कब हुआ , इसका कहीं उल्लेख  या कोई आधार नहीं मिलता है । परन्तु वेदों एवं पुराणों  में भी इस त्यौहार के प्रचलित होने का उल्लेख मिलता है । प्राचीन काल में होली की अग्नि में हवन  के समय वेद मंत्र  " रक्षोहणं बल्गहणम " के  उच्चारण का वर्णन आता है । होली पर्व को भारतीय तिथि पत्रक के अनुसार वर्ष का अन्तिम  त्यौहार कहा जाता है । यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा को संपन्न होने वाला सबसे बड़ा त्यौहार है ।  इस अवसर पर बड़े -बूढ़े ,युवा -बच्चे, स्त्री-पुरुष सबमे ही जो उल्लास व उत्साह होता है, वह वर्ष भर में होने वाले किसी भी उत्सव में दिखाई नहीं देता है ।  कहा जाता है कि  प्राचीन काल में इसी फाल्गुन पूर्णिमा से प्रथम चातुर्मास सम्बन्धी "वैश्वदेव " नामक यज्ञ का प्रारंभ होता था, जिसमे लोग खेतों में तैयार हुई नई  आषाढी फसल के अन्न -गेहूं,चना आद

Hindu Festival : Holika Dahan

इमेज
BY  - Neena Sharma  Holika Dahan, Kathamandu, Nepal--Holika-26-03-2013 Holika (Sanskrit: होलिका) was a good demoness in Hindu scripture who was burnt to death with help of God Brahma by Prahlad. She was the sister of King Hiranyakashipu. The story of Holika's conflict signifies the triumph of good over evil, and death of Holika is celebrated as Holi. Mythology According to Hindu scripture, there was a king named Hiranyakashipu whose desire was to be seen as a great man. To fulfill his desire he did the required Tapas (penance) and was granted a boon by Brahma. Once Brahma was pleased by devotion of Hiranyakashyapu, he granted the king wishes that the king will not be killed by human being or an animal, he will not die either in his home or outside the home, he will not die in the day or at night, he will not die either by astra or shastra, and that he will not die either on land or in the sea or in the air. As this wish was granted, it was completely impossible

होली और होली गीत

इमेज
फाग के भीर अभीरन में गहि गोविन्दै लै गई भीतर गोरी। भाई करी मन की 'पद्माकर' ऊपर नाई अबीर की झोरी। छीन पिताम्बर कम्मर ते सु बिदा दई मीड़ कपालन रोरी। नैन नचाइ, कही मुसकाइ लला फिरी अइयो खेलन होरी। --------------------- होली होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। रंगों का त्योहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से 5 दिन मनाया जाता है। पहले दिन को होलिका जलायी जाती है, जिसे होलिका दहन भी कहते है। दूसरे दिन, जिसे धुरड्डी, धुलेंडी, धुरखेल या धूलिवंदन कहा जाता है, लोग एक दूसरे पर रंग, अबीर-गुलाल इत्यादि फेंकते हैं, ढोल बजा कर होली के गीत गाये जाते हैं, और घर-घर जा कर लोगों को रंग लगाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि होली के दिन लोग पुरानी कटुता को भूल कर गले मिलते हैं और फिर से दोस्त बन जाते हैं। एक दूसरे को रंगने और गाने-बजाने का दौर दोपहर तक चलता है। इसके बाद स्नान कर के विश्राम करने के बाद नए कपड़े पहन कर शाम को लोग एक दूसरे के घर मिलने जाते हैं, गले मिलते हैं और मिठाइया

भगवान नृसिंह जयंती

इमेज
हिन्दू पंचांग के अनुसार नृसिंह जयंती का व्रत वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. पुराणों में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी पावन दिवस को भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह रूप में अवतार लिया था. जिस कारणवश यह दिन भगवान नृसिंह के जयंती रूप में बड़े ही धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है. भगवान नृसिंह जयंती की व्रत कथा इस प्रकार से है -------- नृसिंह जयंती पर लें शुभ संकल्प ( नृसिंह जयंती ) http://www.ashram.org/Publications/ArticleView/tabid/417/ArticleId/1326/.aspx भगवान नृसिंह की कथा में तीन प्रतीक मिलते हैं। ये तीन पात्रों से जुड़े हैं – हिरण्यकशिपु अहंकार से भरी बुराई का प्रतीक है, प्रह्लाद विश्वास से भरी भक्ति का प्रतीक है और दुष्ट का वध करने वाले भगवान नृसिंह भक्त के प्रति प्रेम का प्रतीक हैं। अब सवाल यह है कि हम अपने जीवन को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं ? यदि अहंकार और बुराई की ओर ले जायेंगे तो निश्चित ही अंत बुरा है। इसलिए विश्वास से भरे भक्तिरूप प्रह्लाद को जीवन में उतारना होगा। प्रह्लाद से होते हुए आस्था व विश्वास का रास

अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करूंगी - श्रीमती वसुंधरा राजे

इमेज
किसी के दवाब में उम्मीदवार का चयन नहीं: राजे भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कहा है कि आगामी विधान सभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार का चयन किसी दबाव में नहीं किया जायेगा. राजे ने शनिवार (२३  मार्च २ ० १ ३) को राजस्थान भाजपा कार्यसमिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि टिकट वितरण प्रक्रिया में मतदान केन्द्र के नीचे तक की जानकारी, कार्यकर्ताओं की राय और सर्वे के आधार पर जनाधार, निष्पक्षता, पारदर्शिता, प्रमाणिकता के मापदंड वाले व्यक्ति ही उम्मीदवार बनायेंगे. उन्होने कहा कि किसी के कहने, दबाव या किसी प्रकार के लोभ से उम्मीदवार का चयन नहीं होगा. पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि मेरे या अन्य किसी नेता के नजदीक होने के आधार पर किसी को उम्मीदवारी नहीं मिलेगी. उन्होने कहा कि पार्टीजन संगठन के दिशा निर्देशों का पालन करें. उन्होने कहा कि राज्य की आर्थिक, कानून व्यवस्था बिगडी हुई है मंहगाई से आम आदमी परेशान है.भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा अरूण चतुर्वेदी ने कार्यसमिति की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि कार्यसमिति ने प्रदेश की आर्थिक, कानून एवं व्यवस्था की स्थिति

Congress had always "misused" the central investigating agency - Anna Hazare

इमेज
Anna Hazare slams CBI raid at Stalin's house,  says Cong misusing the agency   PTI  Pune, March 23, 2013   Social activist Anna Hazare on Saturday said it was wrong to presume that the CBI acts of its own volition and alleged that Congress had always "misused" the central investigating agency. Asked about the CBI raid on DMK leader M K Stalin's residence immediately after the party withdrew its support to the UPA government, Hazare told reporters, "Everybody knows that the CBI is under government's control. If it is brought under the Lokpal's control, it would help in curbing corruption." Hazare alleged that Congress had always "misused" the agency, even though it has some good officers in its fold. "It is not that all people with the CBI are bad. But they are subjected to pressure as they have their jobs to protect. Congress has always misused it," he alleged. When asked to comment on the UPA allies leaving Congress,

कांग्रेस ने हमेशा से सीबीआई का दुरुपयोग किया है : अन्ना हजारे

इमेज
कांग्रेस ने हमेशा से CBI का दुरुपयोग किया है : अन्ना Saturday, March 23, 2013 http://zeenews.india.com/hindi/news पुणे : सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने आज कहा कि यह मान लेना गलत होगा कि सीबीआई अपनी इच्छा से काम करती है और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा से ही केंद्रीय जांच एजेंसी का ‘गलत इस्तेमाल’ किया है। संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने के तुरंत बाद सीबीआई द्वारा द्रमुक नेता एमके स्टालिन के आवास पर छापा मारे जाने पर हजारे ने संवाददाताओं से कहा, ‘हर कोई जानता है कि सीबीआई सरकार के अधीन है । यदि इसे लोकपाल के नियंत्रण में लाया जाता है तो इससे भ्रष्टाचार के खात्मे में मदद मिलेगी।’ हजारे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा से ही एजेंसी का ‘गलत इस्तेमाल’ किया है, फिर भी इसमें कुछ अच्छे अधिकारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘ऐसा नहीं है कि सीबीआई में सभी लोग खराब हैं। लेकिन उन पर दबाव बनाया जाता है जबकि उन्हें अपनी नौकरी बचानी होती है। कांग्रेस ने हमेशा से ही इसका गलत इस्तेमाल किया है।’ कांग्रेस का साथ छोड़ रहे संप्रग सहयोगियों पर हजारे ने कहा कि पार्टी लोगों की सहानुभूति खो रही है

भाजपा का अखिल भारतीय कार्य २ ० १ ३

इमेज
भाजपा का अखिल भारतीय कार्य २ ० १ ३  भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रिय वृत्त , जो कि हाल  ही में जयपुर में प्रस्तुत किया गया है

मुंबई बम धमाकों के मामले में : संजय दत्त को : पांच साल के कठोर कारावास की सजा

इमेज
अब मेरा परिवार भी भुगतेगा सजा: संजय दत्त http://www.jagran.com/news/national नई दिल्ली [माला दीक्षित]। मुंबई में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त को अवैध हथियार रखने के जुर्म में पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए उन्होंने गुरुवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मैं भावनात्मक तनाव में हूं। पिछले 20 सालों तक मैंने इसे सहा है। 18 महीने जेल में भी रह चुका हूं। अगर वे चाहते हैं कि मैं और पीड़ा उठाऊं तो इसके लिए मुझे मजबूत होना पड़ेगा। फैसले के बाद उन्होंने आज मेरा दिल टूट गया क्योंकि अब मेरे साथ तीन बच्चे और पत्‍‌नी और मेरा परिवार भी सजा भुगतेगा। मेरी आंखों में आंसू हों तो भी मैंने हमेशा न्यायिक व्यवस्था का सम्मान किया है और करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री का काफी पैसा मुझपर लगा हुआ है। मैं अपनी सभी फिल्में पूरी करूंगा। किसी को निराश नहीं होने दूंगा। मैं अपने प्रशसंकों, मीडिया, बालीवुड के लोगों और शुभचिंतकों के समर्थन से अभिभूत हूं। वे हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं। मैं

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में पास हो गया है श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव

इमेज
श्री लंका में सिहल और तमिल दो बड़े जातीय समूह हें , तमिलों का विवाद राजनैतिक और ५ ० साल से है , इसी क्रम में यह मामला तमिल नर संहार तक आ पंहुचा ....जो अनुचित था ..! भारत ने दिया श्रीलंका के खिलाफ वोट, प्रस्ताव पास नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में पास हो गया है श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव. श्रीलंका में तमिलों के मानवाधिकार हनन के मुद्दे पर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ वोट दिया.संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में श्रीलंका के खिलाफ अमेरिका का लाया प्रस्ताव पास हो गया है. वोटिंग में कुल 25 देशों ने अमेरिका के प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया जबकि 13 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया. आठ देशों ने वोट नहीं डाला. ये प्रस्ताव श्रीलंका में एलटीटीई के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दौरान तमिलों के मानवाधिकार हनन से जुडा हुआ था. जिस पर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ वोट दिया है. खास बात ये है कि पाकिस्तान ने श्रीलंका के पक्ष में वोट दिया. भारत ने अमेरिका के लाए गए प्रस्ताव में एक भी संशोधन पेश नहीं किया. जेनेवा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद [यूएनएचआरसी] में गुरुवार को 24 अन्

नई प्रौद्योगिकी विश्व, संस्कृत से क्या क्या फायेदा उठा रहा है

इमेज
अत्यधिक गोपनीय जानकारियों का ताला(कोडवर्ड) खोल हम यह जानकारियाँ आपके सन्मुख लायें हैं, हम आज जिस अंग्रेजी की और बढ़ते जा रहे हैं उनके जनक देश हमारी संस्कृत से क्या क्या फायेदा उठा रहे हैं जानिये और शेयर कर दुनिया को बताइए, इस बात को हम एक श्रंखला से क्रमशः आपको अवगत कराएँगे, (नासा के पास 60,000 ताड़ के पत्ते की पांडुलिपियों है जो वे अध्ययन का उपयोग कर रहे हैं) (असत्यापित रिपोर्ट का कहना है कि रूसी, जर्मन, जापानी, अमेरिकी सक्रिय रूप से हमारी पवित्र पुस्तकों से नई चीजों पर शोध कर रहे हैं और उन्हें वापस दुनिया के सामने अपने नाम से रख रहे हैं। दुनिया के 17 देशों में एक या अधिक संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत के बारे में अध्ययन और नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करने के लिए है, लेकिन संस्कृत को समर्पित उसके वास्तविक अध्ययन के लिए एक भी संस्कृत विश्वविद्यालय इंडिया (भारत) में नहीं है।दुनिया की सभी भाषाओं की माँ संस्कृत है। सभी भाषाएँ (97%) प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस भाषा से प्रभावित है।संदर्भ: यूएनओ नासा वैज्ञानिक द्वारा एक रिपोर्ट है कि अमेरिका 6 और 7 वीं पीढ़ी के सुपर कंप्यूटर संस्कृत भा

नालंदा विश्वविद्यालयन को क्यों जलाया गया था..?

इमेज
नालंदा विश्वविद्यालयन को क्यों जलाया गया था..? जानिए सच्चाई ...?? एक सनकी और चिड़चिड़े स्वभाव वाला तुर्क लूटेरा था....बख्तियार खिलजी. इसने ११९९ इसे जला कर पूर्णतः नष्ट कर दिया।उसने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था. एक बार वह बहुत बीमार पड़ा उसके हकीमों ने उसको बचाने की पूरी कोशिश कर ली ... मगर वह ठीक नहीं हो सका.किसी ने उसको सलाह दी...नालंदा विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग के प्रमुख आचार्य राहुल श्रीभद्र ,जी को बुलाया जाय और उनसे भारतीय विधियों से इलाज कराया जाय उसे यह सलाह पसंद नहीं थी कि कोई भारतीय वैद्य ... उसके हकीमों से उत्तम ज्ञान रखते हो और वह किसी काफ़िर से .उसका इलाज करवाए ,फिर भी उसे अपनी जान बचाने के लिए उनको बुलाना पड़ा, उसने वैद्यराज के सामने शर्त रखी... मैं तुम्हारी दी हुई कोई दवा नहीं खाऊंगा... किसी भी तरह मुझे ठीक करों ... वर्ना ...मरने के लिए तैयार रहो. बेचारे वैद्यराज को नींद नहीं आई... बहुत उपाय सोचा... अगले दिन उस सनकी के पास कुरान लेकर चले गए.. कहा...इस कुरान की पृष्ठ संख्या ... इतने से इतने तक पढ़ लीजिये... ठीक हो जाये

तमिल शरणार्थियों की समस्याओं पर गंभीरतापूर्वक ध्यान दे- संघ

इमेज
राष्टीय स्वंयसेवक संघ के  सरकार्यवाह श्री भैय्या जी जोशी का श्रीलंका के तमिल पीड़ितों की समस्याओं पर वक्तव्य 16 मार्च, 2013। जामडोली, जयपुर।                 गत वर्ष संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यू.एन.एच.आर.सी.) की जेनेवा बैठक से ठीक पहले हमने यह वक्तव्य प्रसारित किया था कि श्रीलंका सरकार को अपने देश के तमिलों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सक्रियतापूर्वक कदम उठा उनके उचित पुनर्वास, सुरक्षा एवं राजनैतिक अधिकारों को भी सुनिश्चित करे। मैं आज यह कहने को बाध्य हूँ कि एक वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी धरातल पर स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। इस कारण से वैश्विक जगत का श्रीलंका सरकार की मंशाओं के प्रति संदेह और गहरा हो गया है।                 मैं इस अवसर पर श्रीलंका सरकार को यह पुनर्स्मरण कराना चाहता हूँ कि वह 30 वर्ष के लिट्टे (एल.टी.टी.ई.) एवं श्रीलंका सुरक्षा बलों के मध्य हुए संघर्ष के परिणामस्वरूप हुई तमिलों की दुर्दशा पर आँख मुंदकर नहीं बैठ सकती, जिन्हें इस कारण अपने जीवन, रोजगार, घरों और मंदिरों को भी खोना पड़ा। एक लाख से अधिक तमिल आज अपने देश से पलायन कर तमिलनाडु के सम