हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान





**** हिन्द भूमि की हम संतान ----

हिन्दु भूमि की हम संतान नित्य करेंगे उसका ध्यान
नील गगन मे लहराएंगे भगवा अमर निशान ॥धृ॥

स्वार्थ छोड कर सब अपना माया ममता का सपना
नींद हमारी छोडे हम आगे कदम बढाए हम
कदम कदम पर हिल मिल गाए यह स्फूर्ती का गान ॥१॥


झगडे छोडे ऐक्य करे हम धर्म संस्कृती नही भूले हम
इतिहासो की साक्षी ले हम नर वीरो का स्मरण करे हम
विपद स्थिति से मातृभूमी का करना है उत्थान ॥२॥


संघ कार्य आसान नही है लेकिन डरना काम नही है
निशी दिन कष्ट उठाना है कार्य पूर्ती अब करनी है
मातृभूमी का मान बढाने होना है बलिदान ॥३॥


रामचन्द्र की भूमी यही है नन्दलाल की भूमी यही है
क्षात्र धर्म का तेज यही है मानवता का मोल यही है
देश भक्त और नर वीरो का प्यारा हिन्दुस्थान ॥४॥

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