नकदी की बड़ी मात्रा में उपलब्धता भ्रष्टाचार का बड़ा स्रोत - पीएम नरेंद्र मोदी




नकदी की बड़ी मात्रा में उपलब्धता भ्रष्टाचार का बड़ा स्रोत 

: पीएम नरेंद्र मोदी

भाषा की रिपोर्ट, अंतिम अपडेट: शुक्रवार दिसम्बर 2, 2016

खास बातें
01 - भ्रष्टाचार विकास की गति धीमी करता है
02 - नकदीरहित लेनदेन की ओर बदलाव करें
03 - प्रौद्योगिकी हमारे जीवन में गति और सुविधा ले कर आई

नई दिल्ली: अर्थव्यवस्था में नकदी की बहुतायत को भ्रष्टाचार और काले धन का बड़ा स्रोत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोगों से ‘‘नकदी रहित लेनदेन’’ (कैशलेस ट्रांजेक्शन) की ओर बदलाव की राह पकड़ने की अपील की ताकि ऐसे मजबूत भारत की नींव रखी जा सके जहां इस तरह की समस्या के लिए कोई जगह नहीं रहे.

प्रधानमंत्री ने लिंक्डइन डॉट कॉम पर पोस्ट किए गए एक लेख में लिखा है ‘‘21वीं सदी के भारत में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है. भ्रष्टाचार विकास की गति धीमी करता है और गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग के सपनों को तोड़ देता है.’’ भ्रष्टाचार और काले धन के खात्मे के उद्देश्य से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य करने के अपने आठ नवंबर के ‘‘ऐतिहासिक’’ फैसले का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा ‘‘अर्थव्यवस्था में बहुतायत में नकदी की उपलब्धता भ्रष्टाचार और काले धन का एक बड़ा स्रोत है.’’ इसके साथ ही मोदी ने एक बार फिर नकदीरहित लेनदेन पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मैं आप सबसे, खास कर अपने युवा मित्रों से नकदीरहित लेनदेन की ओर बदलाव करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का अनुरोध करता हूं. इससे एक ऐसे भारत की मजबूत नींव तैयार होगी जहां भ्रष्टाचार और काले धन के लिए कोई जगह नहीं होगी.’’

प्रधानमंत्री मोदी ने लेख में आगे कहा है ‘‘आज हम मोबाइल बैंकिंग और मोबाइल वालेट के दौर में रह रहे हैं। खाने का ऑर्डर देना हो, फर्नीचर खरीदना और बेचना हो, टैक्सी के लिए ऑर्डर देना हो .. यह सब कुछ तथा और भी बहुत कुछ आपके मोबाइल के माध्यम से संभव है। प्रौद्योगिकी हमारे जीवन में गति और सुविधा ले कर आई है।’’ अपने लेख के साथ मोदी ने क्रेडिट कार्ड जैसे नकदीविहीन विकल्पों के चित्र भी पोस्ट किए हैं।


उन्होंने कहा ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि आपमें से ज्यादातर लोग कार्ड और ई वालेट का नियमित उपयोग कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आपके साथ उन तरीकों को साझा करना चाहिए जिनसे नकदीविहीन लेनदेन में यथासंभव वृद्धि हुई है.’’ मोदी ने कहा कि आठ नवंबर को किए गए फैसले ने भारत के आर्थिक बदलाव में केंद्रीय भूमिका रखने वाले छोटे व्यापारियों को एक ‘‘दुर्लभ अवसर’’ दिया है.

उन्होंने कहा ‘‘आज, हमारे व्यापारी समुदाय के पास खुद को अद्यतन करने तथा और अधिक प्रौद्योगिकी अपनाने का ऐतिहासिक अवसर है जो उनके लिए अधिक समृद्धि लाएगा.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने नोटबंदी की घोषणा की, तब वह जानते थे कि भारतवासियों को असुविधा होगी लेकिन ‘‘मैंने भारतवासियों से अनुरोध किया कि दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त करें. मैं यह देख कर खुश हूं कि देशवासी दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पंजाब के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों का दौरा करने का अवसर मिला. ‘‘मैं जहां भी गया, मैंने लोगों से पूछा .. क्या भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म किया जाना चाहिए? क्या गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग को उनका हक मिलना चाहिए? हर जगह मुझे एक ही जवाब मिला और वह जवाब था ‘हां.’

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