१५ मार्च २ ० १ ३ की, आज की प्रतिक्रियायें




१५  मार्च २ ० १ ३ की / आज की प्रतिक्रियायें
कमजोरों की नहीं जरूरत,
बल वैभव का विक्रम चाहिये।
बहुत हो चुकी जी हजूरी,
एक के बदले दस सर चाहिये।।
तुम तो चूडी लायक भी नहीं हो,
सैना को बदले का जिम्मा चाहिये।











टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

कविता - हिंदू एकता

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

Pandit Deendayal Upadhyaya : ' A Rashtra Dharmaa'

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

हमारा देश “भारतवर्ष” : जम्बू दीपे भरत खण्डे

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू