कविता - मोदीजी के बारह वर्षों में,भारत को मिला स्वराष्ट्र का सम्मान,

मोदीजी के बारह वर्षों में,
भारत को मिला स्वराष्ट्र का सम्मान,
पुरखों की थाती सनातन है, हो रहा अब पुनरोत्थान।
मोदीजी के बारह वर्षों में 

अंत्योदय संकल्प लिए 
जनधन खाते घर-घर पहुँचे, खुला विकास का द्वार महान।
शौचालय, उज्ज्वला, आवासों से बदला जनजीवन का विधान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

सदियों की उलझी गाँठों को, 
मिला समाधान और सम्मान,
धारा 370 हटाकर गूँजा अखंड भारत का जयगान।
एक संविधान, एक निशान का साकार हुआ स्वप्न महान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

अयोध्या की पावन धरती पर,
फिर लौटा संस्कृति का मान,
श्रीराम मंदिर के निर्माण से खिला करोड़ों का अरमान।
श्रद्धा, शौर्य और सभ्यता का जग में बढ़ा सम्मान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

सीमा पार छिपे आतंक को,
मिला करारा उत्तर महान,
सर्जिकल स्ट्राइक और वायु प्रहार से बढ़ा देश का अभिमान।
नवभारत ने जग को दिखलाया अपना दृढ़ स्वाभिमान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

तीन तलाक की कुप्रथा टूटी,
नारी को मिला अधिकार महान,
तैंतीस प्रतिशत आरक्षण से बढ़ा नेतृत्व का अभियान।
मातृशक्ति के सशक्त स्वर से गूँजा सारा हिंदुस्तान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

कोरोना के भीषण संकट में,
दिखा सेवा का अनुपम दान,
वैक्सीन बनाकर भारत ने बचाए करोड़ों मानव प्राण।
संकट में भी अडिग रहा यह जनशक्ति का राष्ट्र महान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

अस्सी करोड़ जनों तक पहुँचा,
अन्न सुरक्षा का कल्याण,
कठिन समय में कोई भूखा न रहे, यही रहा अभियान।
सेवा, संवेदना और संकल्प का बना अमर प्रतिमान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

आत्मनिर्भर भारत के पथ पर,
बढ़ा स्वदेशी का अभियान,
मोबाइल से लेकर रक्षा तक बढ़ा उत्पादन और सम्मान।
नवाचार और उद्यमिता से सशक्त हुआ हिंदुस्तान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी शक्ति का,
उदित हुआ स्वर्णिम विहान,
मिसाइल, तोपें, युद्धपोत बने भारत की नई पहचान।
आयातक से निर्यातक बनने की बढ़ी नई उड़ान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

विश्व मंच पर भारत ने पाया,
विश्वास, मित्रता और मान,
जी-20 की सफल अध्यक्षता से बढ़ी देश की शान।
विश्वबंधुत्व और विकास का दिया नया संदेश महान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

युद्धों और वैश्विक संकटों में,
रखा अपने जन का ध्यान,
कूटनीति से सुरक्षित लौटे हर भारतीय के प्राण।
दृढ़ नेतृत्व ने सिद्ध किया राष्ट्र प्रथम का सम्मान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

बारह वर्षों की इस यात्रा में,
दिखता नवभारत का उत्थान,
विरासत, विकास और सुरक्षा का साकार हुआ अभियान।
संकल्पित, समर्थ, समृद्ध बने अपना प्रिय हिंदुस्तान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

बारह वर्ष नहीं, यह मानो,
युग परिवर्तन का उद्घोष महान,
जन-जन के विश्वास से लिखता भारत नया विधान।
अमृतकाल की ओर बढ़ रहा स्वाभिमानी राष्ट्र महान,
जय जय राष्ट्र निर्माण, जय जय भारत महान॥

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