गहलोत-डोटासरा ने जिस राजस्थान को पेपर लीक प्रदेश बनाया था, भजनलाल शर्मा ने उसी राजस्थान को लीक-प्रूफ बनाया – अरविन्द सिसोदिया
गहलोत-डोटासरा ने जिस राजस्थान को पेपर लीक प्रदेश बनाया था, भजनलाल शर्मा ने उसी राजस्थान को लीक-प्रूफ बनाया – अरविन्द सिसोदिया
कोटा, 22 जून। भाजपा राजस्थान के कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने नीट री-एग्जाम के शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न संपन्न होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि " पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा के कार्यकाल में राजस्थान पूरे देश में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और परीक्षा माफिया की गतिविधियों का गढ़ बन गया था और पूरे देश में पेपरलीक के लिए बदनाम हो गया था, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वही राजस्थान आज परीक्षा सुरक्षा, पारदर्शिता और सुशासन का उदाहरण बन गया है।
सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस शासनकाल के पांच वर्षों में एक-दो नहीं बल्कि 19 बड़े पेपर लीक प्रकरण सामने आए। रीट, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती, पुलिस भर्ती सहित अनेक प्रतियोगी परीक्षाएँ विवादों में रहीं। लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया और राजस्थान की पहचान प्रतिभा और शिक्षा के बजाय पेपर लीक प्रदेश के रूप में होने लगी। उस दौर में भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए तथा परीक्षा माफिया के हौसले इतने बढ़ गए कि सरकारी तंत्र तक उनकी पहुँच की चर्चाएँ थीं।"
उन्होंने कहा कि " उस समय भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं, प्रभावशाली लोगों के परिजनों को लाभ पहुँचाने तथा नौकरी दिलाने वाले संगठित नेटवर्कों को लेकर व्यापक जनचर्चा रही। अनेक मामलों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की, गिरफ्तारियाँ हुईं और कई आरोपी जेल तक पहुँचे। भर्ती व्यवस्था से जुड़े ऐसे घटनाक्रमों ने युवाओं के मन में व्यवस्था के प्रति गहरा अविश्वास पैदा किया था।"
सिसोदिया ने कहा कि " सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पदभार संभालते ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। भर्ती अनियमितताओं, फर्जी डिग्री, डमी अभ्यर्थियों और पेपर लीक से जुड़े मामलों में 155 एफआईआर दर्ज हुईं तथा 515 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई केवल अपराधियों के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस पूरे तंत्र के विरुद्ध थी जिसने वर्षों तक युवाओं के अधिकारों का हनन किया।"
उन्होंने कहा कि " आज स्थिति यह है कि एसआईटी गठन के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन बोर्ड और अन्य एजेंसियों द्वारा 410 से अधिक छोटी-बड़ी परीक्षाएँ आयोजित की जा चुकी हैं और किसी बड़े पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है। यह रिकॉर्ड अपने आप में बताता है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो परीक्षा माफिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।"
सिसोदिया ने कहा कि " वर्तमान सरकार केवल भ्रष्टाचार रोकने तक सीमित नहीं रही, बल्कि रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी है। अब तक लगभग 1.25 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियाँ प्रदान की जा चुकी हैं तथा 1.45 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 के लिए 1.25 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि निजी क्षेत्र में भी 4.25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। जनवरी से दिसंबर तक 44 भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक रोडमैप घोषित कर युवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था का भरोसा दिया गया है।"
उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित नीट री-एग्जाम का बिना किसी व्यवधान के राजस्थान में भी सफल आयोजन यह प्रमाणित करता है कि राज्य सरकार परीक्षा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिन परिस्थितियों में कभी राजस्थान पेपर लीक और परीक्षा माफिया की खबरों के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहता था, आज वही राजस्थान पारदर्शी भर्ती और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था के लिए पहचाना जा रहा है।"
सिसोदिया ने कहा कि "कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली का अंतर भी यहीं दिखाई देता है। कांग्रेस के शासनकाल में पेपर लीक, भर्ती विवाद और प्रशासनिक अव्यवस्था चर्चा का विषय रहे, जबकि भाजपा सरकार ने कानून का राज स्थापित करते हुए परीक्षा माफिया पर नकेल कसने, दोषियों को जेल पहुँचाने और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने का काम किया है। राजस्थान के युवा आज इस बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि " किसी भी सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा होती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने यह साबित किया है कि सुशासन, पारदर्शिता और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के माध्यम से उन चुनौतियों पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। आज राजस्थान पेपर लीक की घटनाओं से नहीं, बल्कि परीक्षा सुधारों, भर्ती पारदर्शिता और युवाओं के विश्वास की पुनर्स्थापना के लिए पहचाना जा रहा है।
भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
9414180151
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