कविता - बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया
कविता -
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया,
आजादी पर कब्जा किए, अघोषित लीग से मुक्त किया,
महानायक भी, देवता भी, ईश्वर जैसा काम किया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया।
सदियों से जो घाव मिले थे, उन पर मरहम लगवाया,
टूटे हुए जनमन में फिर नवविश्वास जगाया,
विश्व मंच पर भारत माता का ऊँचा नाम किया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया।
काशी का वैभव लौटाया, अयोध्या का सम्मान बढ़ाया,
सोमनाथ की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुँचाया,
सांस्कृतिक चेतना को फिर से जन-अभियान किया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया।
सीमा पर दुश्मन को उसके घर में जाकर समझाया,
भारत अब कमजोर नहीं है, यह दुनिया को बतलाया,
सेना के शौर्य और साहस का सदा गुणगान किया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया।
गरीबों को घर, गैस, शौचालय, सम्मानित जीवन दिया,
नारी शक्ति को आगे बढ़ने का नया अभियान दिया,
वंचित, शोषित, पीड़ित जन को नव-अधिकार प्रदान किया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया।
विश्वगुरु बनने की राहों पर भारत को अग्रसर किया,
युवा शक्ति के सपनों को नव अवसर से भर दिया,
आत्मनिर्भर भारत का जन-जन में संकल्प जिया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया।
इतिहास सुनाएगा युगों तक यह परिवर्तन की गाथा,
कैसे जागी सोई शक्ति और कैसे बदली परिभाषा,
जनता के विश्वास ने एक युग का निर्माण किया।
बारह वर्षों के शासन ने, मोदीजी ने भारत को स्वाभिमान दिया
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