चीनी वस्तुओं की जगह,अपने देश में बनी वस्तुएँ खरीदना सच्ची राष्ट्रसेवा है - पंकज गोयल

भारत तिब्बत सहयोग मंच, चित्तौड़ प्रान्त की प्रांतीय बैठक, 31 मई 2026 रविवार को कोटा राजस्थान में सम्पन्न हुई।
बैठक का प्रारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं ततपश्चात् वन्देमातरम से प्रारंभ हुआ। जिसमें मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज गोयल, राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र कामदार, उत्तर पश्चिम क्षेत्र प्रभारी दीपक शर्मा, उत्तर पश्चिम क्षेत्र संयोजक शशिप्रकाश शर्मा, चितौड़ प्रान्त अध्यक्ष अरविन्द कौशल, प्रान्त महामंत्री अरविन्द सिसोदिया एवं प्रान्त महामंत्री विजय श्रीवास्तव एवं कोटा जिला अध्यक्ष कुंजबिहारी गौतम नें भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुये मुख्यअतिथि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पंकज गोयल नें अपने सम्बोधन कहा कि "हमारे देश के बाजार में चीन सस्ता और खराब गुणवत्ता वाला माल बेचकर पैसा कमाता है और उसी पैसे हथियार बना कर पाकिस्तान को देता है। पाकिस्तान उन हथियारों का इस्तेमाल हमारे सैनिकों के खिलाफ करता है। इसलिए यह हम सभी का कर्तव्य बनता है कि हम इस चक्र को तोड़ें।"
" चीन भारतीय माल भी खरीदता है और भारत चीनी माल भी खरीदता है, यह सब अंतर्राष्ट्रीय नीतियों व सन्धियों से होता है, इसलिए हमें समाजस्तर पर कुछ संकल्प कुछ अनुशासन अपनाने चाहिए। अर्थात हमें चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए। जितना हो सके, हमें चीनी सामान नहीं खरीदना चाहिए। इसके बजाय हमें हर संभव वस्तु का स्वदेशी विकल्प चुनना चाहिए। अपने देश में बनी वस्तुएँ खरीदना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।"

प्रधानमंत्री हमारे देश के लिए 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत' का आव्हान कर रहे हैं। यदि हम अपने स्तर पर यह कदम उठाते हैं, अपने रोजमर्रा के निर्णयों में स्वदेशी वस्तुओं के क्रय का विकल्प चुनते हैं, तो इससे हमारा देश मजबूत और आत्मनिर्भर बनेगा। यही हमारा योगदान है – बड़ा या छोटा, हर व्यक्ति की जागरूकता और निर्णय राष्ट्रनिर्माण में योगदान देता है।"
"देशभक्ति केवल बड़े भाषणों या नारों में नहीं, बल्कि अपने छोटे-छोटे रोजमर्रा के फैसलों में भी दिखाई देती है। और इस समय, देशभक्ति का सबसे मजबूत तरीका है – अपने देश की बनी वस्तुएँ खरीदना और चीनी सामान से अधिकतम दूरी बनाना।"

आदरणीय गोयल नें तवांग यात्रा में सम्मिलित होनें का आव्हान करते हुये कहा कि " चीन भारत के अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम को अपना हिस्सा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बताता है और भारत तिब्बत सहयोग मंच इसका जबाब तबाँग यात्रा के द्वारा देता है। प्रतिवर्ष नबंवर माह में मंच के सेंकड़ों कार्यकर्ता गोहाटी में एकत्र होकर,चीन बॉर्डर पर तबाँग तक की यात्रा करते हैँ और चीन को संदेश देते हैँ कि अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है। वहीं अरुणाचल और सिक्किम के लोगों के साथ मिल बैठ कर आपसी परिचय द्वारा अपनी एक जुटता को अधिक मजबूत करते हैँ।

चीन के क्षेत्र में हमारे भगवान शंकरजी का निवास कैलाश मानसरोवर है, इसे चीन से मुक्त करवाना हम सभी का कर्तव्य है। इस हेतु निरंतर जनजागरण करते हैँ, श्रावण मास में पूरे देश में श्रावण संकल्प के आयोजन आयोजित करते हैँ। इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का नवाचार भी मंच प्रारंभ करेगा।

राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र कामदार नें मंच के उद्देश्यों और कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये बताया कि " भारत तिब्बत सहयोग मंच एक अंतराष्ट्रीय जागरण संस्था है। हमारा मानना है की तिब्बत से चीन का कब्जा हटते ही भारत सुरक्षित हो जायेगा। हिमालय भारत की सुरक्षा दीवार है। इसलिए मंच का पहला उद्देश्य चीन के अवैध कब्जे से तिब्बत को आजाद करवानें हेतु निरंतर जनजागरण करना। मंच का विश्वास है कि एक दिन तिब्बत आजाद होगा, भारत से संचालित होनें वाली तिब्बत सरकार तिब्बत में शासन करेगी।
मंच हिमालय को भारत की सुरक्षा दीवार मानता व इसके पर्यावरण सुरक्षा हेतु निरंतर सक्रिय रहता हैँ।

मंच भगवान शंकर जी के निवास कैलाश मानसरोवर की चीन से मुक्ती के लिए संकल्पबद्ध है, कालक्रम में स्थिति परिस्थिति इस तरह की अवश्य इसलिए तरह की आएगी और हमारा कैलाश मानसरोवर हमारा होगा। जब तक यह मुक्ती नहीं मिल जाती तब तक हम विविध प्रकार के जनजागरण अभियान और संकल्प द्वारा निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
 
उन्होंने बताया कि मंच का प्रमुख उद्देश्य चीनी वस्तुओं के बहिस्कार का अभियान चलाते रहना है। हमारी मान्यता है कि चीन की आर्थिक स्थिति जिस दिन गिर जायेगी उसी दिन चीन से तिब्बत भी मुक्त हो जायेगा, कैलाश मानसरोवर हमको मिल जायेगा और भारत सर्वाधिक सुरक्षित हो जायेगा।
उत्तर पश्चिम क्षेत्र प्रभारी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दीपक शर्मा नें बताया कि अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम स्थित चीनी बॉर्डर पर भारतीय स्वाभिमान को गौवन्वित करने वाली तवांग यात्रा का रजिस्ट्रेशन बहुत जल्द प्रारंभ हो जायेगा। यात्रा बहुत ही रोमांचक और अपने देश के पूर्वी सीमा को देखने का अवसर प्रदान करती है। जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी ज्ञानबर्धक होती है इसमें हमें अवश्य सम्मिलित होना चाहिए।

संयोजक शशिप्रकाश शर्मा नें मंच के विविध प्रकार के कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की और तवांग यात्रा हेतु तैयारी संबंधी जानकारी प्राप्त की और चितोड़ प्रान्त को तवांग यात्रा हेतु 108 यात्रियों का लक्ष्य दिया। मंच के संकल्प को उपस्थित सदस्यों को दिलाया। उन्होंने बताया कि मंच 11 क्षेत्रों 47 प्रान्त और 300 से अधिक जिला इकाईयों में संगठन रचना प्राप्त लाखों राष्ट्रभक्त कार्यकर्ताओं का संगठन है। 

मंच का कार्य ईश्वरीय कार्य है, करोड़ों लोगों में हम वह भग्यशाली हैँ जिन्हे ईश्वर नें इस महान कार्य हेतु चुना है। हम सभी को पूर्ण मनोयोग से अपने संगठन कार्यक्रमों को जन जन तक लेकर जाना चाहिए।
प्रान्त अध्यक्ष अरविन्द कौशल नें चितौड़ प्रान्त अध्यक्ष अरविन्द कौशल नें मंच की गतिविधियों का वृत्त प्रस्तुत करते हुये कहा कि " भारत तिब्बत सहयोग मंच की चित्तौड़ प्रान्त की प्रांतीय इकाई एवं 12 जिलों में से 9 जिलों का गठन हो चुका है, मंच तवांग यात्रा, श्रावण मास संकल्प सहित 12 बड़े कार्यक्रमों को आयोजन सहित चीनी वस्तुओं के बहिस्कार का व्यापक जनजागरण करता है। " 

कौशल नें कहा कि " चीन की अर्थ व्यवस्था जिस दिन गिर जायेगी उसी दिन तिब्बत आजाद हो जायेगा, चीन द्वारा जो हमारा 43 हजार वर्ग किलोमीटर भूभाग दबाया हुआ है, वह वापस प्राप्त कर लिया जायेगा, भगवान शिव का निवास कैलाश मानसरोवर हमें मिल जायेगा। 

संचालक प्रान्त महामंत्री अरविन्द सिसोदिया नें एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला अध्यक्ष कुंजबिहारी गौतम नें किया।
बैठक में मंचस्थ अतिथियों का कुम कुम रोली तिलक, मोती माला एवं पटका पहना कर सम्मान किया गया। मंच के नवनियुक्त पदाधिकारियों का अतिथियों द्वारा पटका व माला पहना कर अभिनन्दन किया गया। जिसमें प्रांतीय महामंत्री अरविन्द सिसोदिया कोटा, प्रांतीय महामंत्री विजय श्रीवास्तव राजसमंद , युवा विभाग राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमराज जिंदल कोटा , महिला विभाग राष्ट्रीय उपाध्याय मधु शर्मा,भीलवाड़ा, प्रांतीय मंत्री ओम सोनी मधुर,अंता, प्रांतीय मंत्री सुरेश वैष्णव,भीलबाड़ा, प्रांतीय कोषाध्यक्ष छूटनलाल शर्मा कोटा , प्रचार प्रमुख हुकमत सिंह कोटा महिला विभाग प्रान्त अध्यक्ष ड़ा राजेश शर्मा, कोटा, युवा विभाग प्रान्त अध्यक्ष मनोज शर्मा, भीलवाड़ा,युवा विभाग प्रांतीय महामंत्री दिनेश सनाढ़य, भीलवाड़ा,प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ प्रान्त संयोजक जटाशंकर शर्मा,कोटा, प्रकृति संरक्षण प्रकोष्ठ प्रान्त संयोजक विठ्ठल सनाढ़य बूँदी का अभिनंदन किया गया।
चित्तौड़ प्रांत महिला विभाग की प्रान्त अध्यक्ष डॉ राजेश शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं का अभिनंदन किया गया जिसमें मंजू शर्मा प्रांत कोषाध्यक्ष, हेमलता शर्मा प्रान्त मंत्री,इंदुवाला शर्मा जिला अध्यक्ष कोटा, कविता मालवीय जिला अध्यक्ष बूँदी, जिला अध्यक्ष डॉ उषा अग्रवाल प्रचार प्रमुख, रजनीबाल गौतम, हेमा जोशी, मनीष जोशी, रेणु मिश्रा, प्रीति दीक्षित, चेतन शर्मा, हेमलता शर्मा,   सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।

 बैठक में एचपी शुक्ला, महेंद्र कुमार गौतम, लोकेश शर्मा, हरीराज सिंह हाडा, कुंज बिहारी बील्या, अमर सिंह राणावत, रघुवीर सिंह, भंवर सिंह हाडा, लोकेश वशिष्ठ, दशरथ कुमार, सुनील हाडोती अरविंद जोहरी, डॉक्टर आरसी गौतम, डॉक्टर महेंद्र गर्ग,डॉक्टर आरके शर्मा, पंकज वात्स्य,कृष्णानंद सनाढ़य,विजय कुमार शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, रामस्वरूप शर्मा, गिरिराज गौतम, डॉक्टर नवल शर्मा, गिरिराज शर्मा, शशिकांत आर्य, राधेश्याम सैनी, राजेंद्र सिंह सोनारी, हरिओम गौतम, पार्थ गौतम, डॉक्टर वीरेंद्र बेरीवाल, जगमोहन गौतम, विष्णु शर्मा, डॉक्टर एल एन शर्मा, बृजमोहन सेन बृजमोहन, पूजा प्रकाश चंद्र,जगदीश कुमावत, बेणीराम कुमावत, गणेश पालीवाल, गिर्राज महावर,पुरुषोत्तम दाधीच, मयंक बैरागी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी सम्मिलित हुये।
मंच के चित्तौड़ प्रान्त में कोटा ,बारां, बूँदी, झालावाड़,अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद,उदयपुर, चितौड़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर आदि जिलों से 83 प्रतिनिधि व पदाधिकारी सम्मिलित हुये।

भवदीय 

अरविन्द सिसोदिया 
9414180151

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