वैश्विक अराजकता के दौर में भारत को प्रधानमंत्री मोदीजी के सशक्त नेतृत्व की और अधिक आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया
प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 12 वर्ष पूर्ण करने पर विशेष
वैश्विक अराजकता के दौर में भारत को प्रधानमंत्री मोदीजी के सशक्त नेतृत्व की और अधिक आवश्यकता - अरविन्द सिसोदिया
कोटा, 26 मई। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के लगातार 12 वर्ष पूर्ण होने पर राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी , वरिष्ठ चिंतक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि “आज जब पूरा विश्व सत्ता मद, अस्थिरता, युद्ध एवं भू-रणनीतिक स्वार्थों, आपूर्ति श्रृंखला संकट, आर्थिक अनिश्चितताओं और अनैतिक टकरावों के दौर से गुजर रहा है, तब भारत को प्रधानमंत्री मोदीजी जैसे सक्षम, दृढ़, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।”
उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में अनेक बड़े राष्ट्र आंतरिक संघर्षों, राजनीतिक अस्थिरता और वैचारिक टकरावों से जूझ रहे हैं। विश्व व्यवस्था लगातार बदल रही है और कई देशों में नेतृत्व का संकट स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ऐसे समय में भारत ने प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में न केवल स्थिरता बनाए रखी है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और प्रभाव को भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया है। भारत आज विश्व समुदाय के लिए समाधान, संतुलन और विश्वास का केंद्र बनकर उभरा है।”
अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदीजी ने पिछले 12 वर्षों में भारत को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। उन्होंने देश को केवल आर्थिक विकास की दिशा ही नहीं दी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान, वैज्ञानिक उन्नयन, सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और वैश्विक सम्मान को भी सुदृढ़ किया है। आज विश्व भारत की बात गंभीरता से सुनता है और अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत निर्णायक भूमिका निभा रहा है।”
सिसोदिया ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदीजी का नेतृत्व संकट के समय और अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ है। चाहे कोरोना महामारी का कठिन काल रहा हो, सीमाओं की सुरक्षा का विषय हो, आतंकवाद के विरुद्ध कठोर नीति हो अथवा वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ, हर परिस्थिति में उन्होंने मजबूत इच्छाशक्ति, त्वरित निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता का परिचय देकर देश को आत्मविश्वास से भर दिया है।”
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदीजी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के माध्यम से विकास को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग — सभी के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाओं एवं निर्णयों के माध्यम से विकास की नई धारा प्रवाहित हुई है। गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है।”
अरविन्द सिसोदिया ने आगे कहा कि “आज भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि विश्व में आशा, लोकतंत्र, शांति और संतुलित नेतृत्व का प्रतीक बनकर उभरा है। वैश्विक अराजकता और अनिश्चितता के इस दौर में प्रधानमंत्री मोदीजी का अनुभवी, स्थिर और राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने वाला नेतृत्व भारत के लिए सुरक्षा, विश्वास और प्रगति की सबसे बड़ी गारंटी है।”
अंत में अरविन्द सिसोदिया ने प्रधानमंत्री मोदीजी के 12 वर्षों के सफल नेतृत्व को भारत के आधुनिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि “आने वाले समय में भी देश को उनके मार्गदर्शन, निर्णायक नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की आवश्यकता बनी रहेगी।”
भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
9414180151
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